Tuesday, 16 September 2014

Gentle mind, knowledge stock

उम्र 6 वर्ष। जानकारी 12वीं के स्तर की। सुनकर लगता है कि ऐसा कैसे संभव है, पर बात करने पर दातों तले अंगुली दबा लेंगे। इलाके में तो सबकी जुबां पर इसका नाम है। विलक्षण प्रतिभा का धनी यह बालक शिक्षक व स्कूल के छात्र-छात्रओं समेत बड़े-बुजुर्गो का भी प्यारा है। प्रतिभा से हर किसी को प्रभावित करनेवाला नन्हा बालक अनघ अनन्य स्कूल में दूसरी कक्षा का छात्र है, लेकिन सीनियर छात्रों के साथ भी जब किसी विषय पर बात करता है तो सब नतमस्तक हो जाते हैं। कई छात्र-छात्रा तो गणित या विज्ञान संबंधी बहुत सारी जानकारी उससे हासिल करते हैं। शिक्षक भी कहते हैं कि वह पढ़ाई शुरू करने के साथ ही गुरु बन गया है। अनघ के मुखमंडल पर तेज, पढ़ाई में प्रवीणता व अन्य गतिविधियों में भी निपुणता उसे खास बनाती है।

ऐसे शुरू हुआ सफर

अनघ मोतिहारी के प्रसिद्ध चिकित्सक चांदमारी मोहल्ला निवासी स्व. अशोक श्रीवास्तव का पौत्र है। शिक्षक पिता अतुल प्रकाश व मां प्रीति श्रीवास्तव का कहना है कि दो वर्ष पांच दिन की उम्र में उसने विज्ञान व गणित की पढ़ाई शुरू कर दी। तन्मयता देख वे कुछ-कुछ बताने लगे। अनघ उसे आत्मसात करने लगा। एक वर्ष में उसका प्रोग्रेस देखने लायक था। उसके बाद तो हर आनेवाला वर्ष मील का पत्थर साबित हुआ। अब तो वह जीनियस है।

इन सबमें महारत

अनघ भौतिकी व रसायन में लेंथ, वाल्यूम, घनत्व, वेट, मोशन, 2डी-3डी, लॉ ऑफ न्यूटन, वेक्टर फॉर्मूला, फ्रिक्शन, परमाणु संरचना, गणित में आकार, त्रिकोण, वर्ग, रेफ्रेंस फ्रेम, बायोलॉजी में लीविंग-नन लीविंग, सेल एंड टिश्यू, लाइफ साइकल समेत 12वीं कक्षा तक लगभग हर चैप्टर से भिा है। संस्कृत के कई श्लोक कंठस्थ तो ब्रिटिश टोन में अंग्रेजी सीख रहा है।

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