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Thursday, 9 January 2014

Family left Delhi home fear after ball hit on rakhi birlas car

नई दिल्ली। दिल्ली सरकार में महिला एवं बाल विकास मंत्री राखी बिड़ला की कार का शीशा टूटने के मामले में मिल रही ताजा जानकारी के मुताबिक मंगोलपुरी इलाके में रहने वाले जिस 11 साल के बच्चे की गेंद से उनकी कार का शीशा चटका था, वह और उसके माता-पिता अपना घर छोड़कर कहीं चले गए हैं। परिवार के पड़ोस में रहने वाले लोगों ने इस जानकारी को पुख्ता करते हुए बताया कि यह सच है और वे बहुत डरे हुए थे। पड़ोसियों ने बताया कि हादसे के बाद से ही बच्चे ने दो दिन तक न ही खाना खाया और न ही सो पाया।

एक हिंदी समाचार पत्र में छपी रिपोर्ट के मुताबिक पड़ोसियों की मानें तो हादसे के बाद से ही सहमे परिवार के सदस्य बच्चे को लेकर शायद उसके नानी के घर चले गए हैं। हालांकि नानी का घर कहां है, यह जानकारी पड़ोसियों के पास नहीं है। पड़ोसियों ने बताया कि बच्चे के माता-पिता बुधवार सुबह ही कहीं चले गए। पड़ोसियों के अनुसार बच्चे के सामान्य होने के बाद वे लोग वापस लौट सकते हैं लेकिन कब यह पता नहीं।

इससे पहले 5 जनवरी की शाम करीब 6 बजे हुई इस घटना के बाद से बच्चे के परिजन पड़ोसियों से सारी बातें शेयर करते रहते थे। उन्होंने बताया था कि घटना के बाद बच्चा और उसके अभिभावक बेहद डर गए थे। बच्चे के पिता चप्पल फैक्ट्री में काम करते हैं। उनका यह अकेला बेटा है। पड़ोसियों ने बताया कि वे लोग तीसरी मंजिल पर किराए पर रहते हैं। वहां बच्चा अक्सर अकेले ही बॉल से खेलता रहता था। लेकिन घटना के बाद से उसने बॉल को देखा तक नहीं। 5-6 जनवरी को उसने कुछ नहीं खाया और रात को सोया भी नहीं। मां-बाप उसकी हालत देखकर उसके नानी के पास लेकर चले गए।

पड़ोसियों के मुताबिक, बच्चे ने अपनी मां को बताया कि वह गोल्फ बॉल से खेल रहा था कि अचानक बॉल नीचे गिर पड़ी और वह कार के शीशे पर जा लगी। उसकी मां ने यह बात पड़ोसियों को बताई। फिर बच्चे और उसकी मां ने नीचे आकर राखी बिड़ला से माफी मांगी थी। बच्चे और उसकी मां ने ईमानदारी से बिना डरे सचाई बताई।

उल्लेखनीय है कि इस घटना के तुरंत बाद पुलिस आ गई थी। जिसके बाद बच्चे और परिजनों के बयान दर्ज किया गया। आप के मंत्री की कार पर हमले की खबर फैलने के बाद सीनियर पुलिस अफसर भारी पुलिस बल के साथ वहां आए थे। जांच में साफ होने के बाद भी यह हमला नहीं था पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली। इस मामले की अभी तक जांच जारी है।

Source: Hindi News

Sunday, 5 January 2014

There was no attack on rakhi birla's car, car glass was broken by ball


नई दिल्ली [जासं]। मंगोलपुरी इलाके में रविवार शाम दिल्ली सरकार की महिला व बाल विकास राखी बिड़ला की कार पर हमला नहीं हुआ था, बल्कि क्रिकेट खेल रहे बच्चों की गेंद शीशे पर लगी थी। 

घटना के प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बच्चे क्रिकेट खेल रहे थे और वही बॉल राखी बिड़ला की कार के शीशे पर जा लगी और वह क्षतिग्रस्त हो गई। उन पर कोई हमला नहीं हुआ है। वह झूठ बोल रही हैं। लोगों ने बताया कि इसे लेकर बच्चे ने मंत्री से माफी भी मांगी, लेकिन उन्होंने थाने में एफआइआर दर्ज करा दी।

राखी ने मंगोलपुरी थाने में दर्ज शिकायत में कहा है कि वह शाम करीब छह बजे मंगोलपुरी के आर ब्लॉक स्थित संतोषी माता मंदिर परिसर में आयोजित स्वागत समारोह में भाग लेने गई थीं। समारोह के समापन के बाद वह अपने समर्थकों के साथ कार में सवार हुई। कार उनके किसी समर्थक की थी। कार के आसपास उनके समर्थक भी खड़े थे। तभी अचानक एक भारी वस्तु पीछे से कार पर आकर लगी। इससे कार का शीशा क्षतिग्रस्त हो गया। राखी जब तक कुछ समझ पाती, हमलावर मौके से फरार हो गए।

राखी ने पहले अपने स्तर से लोगों से पूछताछ कर हमलावरों के बारे में जानने की कोशिश की, लेकिन जब किसी ने कुछ नहीं बताया तो उन्होंने मंगोलपुरी थाने पहुंचकर लिखित रूप से घटना की जानकारी देते हुए शिकायत की।

मंत्री राखी ने बताया कि वह मामले को ज्यादा तूल नहीं देना चाहती थीं। उन्होंने पहले अपनी पार्टी मुख्यालय को मामले की जानकारी दी। वहां से थाने में शिकायत करने की सलाह दी गई। इसके बाद उन्होंने शिकायत दर्ज कराई है।

बता दें कि दिल्ली सरकार में शामिल आप मंत्रियों ने पुलिस सुरक्षा लेने से मना कर दिया है। घटना के समय भी राखी के साथ कोई सुरक्षाकर्मी साथ में नहीं था।

Source : Hindi News

Thursday, 26 December 2013

They don't wants to give birth of Rakhi




http://www.jagran.com/नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। अरविंद केजरीवाल के मंत्रिमंडल में शामिल होने जा रही मंगोलपुरी की विधायक राखी बिड़ला के माता-पिता नहीं चाहते थे कि वह इस दुनिया में आए। राखी जब अपनी मां की गर्भ में थीं तो मां ने चिकित्सक की सलाह पर गर्भपात कराने की दवा भी ली थी, लेकिन दवा अपना असर नहीं दिखा सकी। यह खुलासा खुद राखी के पिता भूपेंद्र सिंह बिड़ला ने किया है। उन्होंने बताया कि पहले से तीन संतान होने के चलते वह चौथी संतान नहीं चाहते थे।

घर की खराब माली हालत इसकी वजह थी। सबसे बड़ी बेटी सोनू, बेटे विरेंद्र, विक्रम के बाद राखी सबसे छोटी संतान है। लेकिन दवा ने जब असर नहीं किया तो वह दोबारा अपनी पत्‍‌नी को चिकित्सक के पास ले गए। चिकित्सक ने जांच करने के बाद जब यह कहा कि अब तो ऑपरेशन ही एक रास्ता है तो उन्होंने व उनकी पत्‍‌नी ने गर्भपात का फैसला टाल दिया। उन्होंने सोचा कि दवा लेने के बाद भी जब गर्भ में पल रहे बच्चे को दुनिया में आने से रोका नहीं जा सका तो अब उसे दुनिया में आना ही चाहिए।

भूपेंद्र कहते हैं कि राखी के जन्म के बाद उन्होंने उसके प्रति अपने प्यार में कोई कमी नहीं आने दी। उसके पालन -पोषण से लेकर शिक्षा-दीक्षा में कोई कसर बाकी नहीं रखी। कर्ज लेकर राखी की शिक्षा पूरी करवायी और आज राखी ने उनके परिवार का नाम रोशन कर दिया। दलित परिवार में पैदा हुई राखी का मूल गोत्र बिड़लान है। वह अपनी स्कूल की शिक्षक की गलती के कारण बिड़लान से बिड़ला हो गईं। दरअसल स्कूल के शिक्षक ने उनकी दसवीं कक्षा के प्रमाण पत्र में बिड़लान की जगह बिड़ला लिख दिया था। उसके बाद उनके नाम के आगे बिड़ला जुड़ गया। 

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