Thursday, 18 September 2014

Indo-china talk continues, india to raise incursions issue

राजधानी के हैदराबाद हाउस में चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच अहम शिखर वार्ता जारी है। इस द्विपक्षीय वार्ता में भारत की तरफ से लद्दाख में चीनी सैनिकों द्वारा की गई घुसपैठ का भी मुद्दा उठाया जाएगा। इससे पहले कल शी चिनफिंग के साथ अहमदाबाद में हुई मुलाकात के दौरान भी मोदी ने इस मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठाया था। द्विपक्षीय वार्ता शुरू होने से पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने चीन के राष्ट्रपति से मुलाकात कर उनका स्वागत किया। उन्होंने चीनी भाषा में शी से कहा कि वह भारत आगमन पर उनका दिल से स्वागत करती हैं।

दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों के बीच आज होने वाली मुलाकात में रक्षा, उद्योग, विज्ञान व तकनीकी, ऊर्जा समेत दर्जन भर क्षेत्रों में करीब सौ से तीन सौ अरब डालर के समझौतों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। दोनों नेता द्विपक्षीय वार्ता के बाद एक साझा बयान भी जारी करेंगे।

इससे पूर्व शी चिनफिंग का राष्ट्रपति भवन में आधिकारिक स्वागत किया गया। इस मौके पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत उनकी कैबिनेट के सभी मंत्री मौजूद थे। यहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद शी ने कैबिनेट के सभी मंत्रियों से हाथ मिलाया। इस मौके पर चिनफिंग ने कहा कि बतौर राष्ट्रपति यह भारत की उनकी पहली यात्रा है। वह भारत की यात्रा से बेहद खुश हैं। उन्होंने कहा कि इस यात्रा से दोनों देशों के रिश्तों में और अधिक मजबूती आएगी। दोस्ती से दोनों देशों को फायदा होगा। दोनों देश मिलकर बहुत कुछ कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारत और चीन की हजारों वर्षो की साझा सांस्कृतिक विरासत है।

बाद में चीन के राष्ट्रपति राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि पर भी गए और श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर उनकी पत्नी पेंग लीयुआन भी साथ थीं।

गौरतलब है कि शी चिनफिंग बुधवार को तीन दिवसीय भारत यात्रा पर अहमदाबाद पहुंचे थे। यह पहला मौका था जब किसी देश के राष्ट्राध्यक्ष का स्वागत अहमदाबाद में किया गया था। 

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