मौत, यह एक ऐसा शब्द है जिसे सुनकर अच्छे-अच्छों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं। अगर ये सामने दिख जाये फिर तो भले चंगे लोग भी दहशत में आ जाते हैं। लेकिन दुनिया में एक ऐसी जगह है जहां लोग मौत से डरते नहीं हैं बल्कि इसे एक अहम सच्चाई मान एंजोय करते हैं और अपनी मौत का सामान खुद ही खरीदते हैं।
डेली मेल के अनुसार जापान की राजधानी टोक्यो में शुकात्सु फेस्टा नाम का एक त्योहार मनाया जाता है। जापान में शुकात्सु का मतलब मौत के लिए तैयार होना है। इस फेस्टिवल को इसलिए आयोजित किया जाता है जिसमें लोग आएं और अपने मरने के बाद काम आने वाले सामान का इंतजाम खुद कर सकें। मौत के सामान की खरीदारी में लोग ताबूत में लेटकर देखते हैं। ताबूत खुबसूरत हो इसके लिए भी लुक डिजाइन सलेक्ट करते हैं। ताबूत में लेटते समय मेकअप क्या होगा और कपड़े कैसे होंगे उसकी शॉपिंग भी करते हैं। जिंदा आदमी खुद मेकअप भी करवाते हैं। ताबूत में खुद को कैसा देखना चाहेंगे, इसका भी इंतजाम करते हैं।
इस त्योहार के लिए देश की बड़ी-बड़ी 50 कंपनियां यहां आती हैं और कब्र के सामान की बिक्री करती हैं। इतना ही नहीं इस त्योहार में हर साल 5000 लोग आते हैं और ताबूतों की प्री-शॉपिंग करते हैं। इस त्योहार में आए लोगों को आजादी होती है कि वो अपने लिए पहले से ही कब्र चुन और खरीद सकें। वे ताबूतों में लेटकर लुक भी तय कर सकते हैं।
डेली मेल के अनुसार जापान की राजधानी टोक्यो में शुकात्सु फेस्टा नाम का एक त्योहार मनाया जाता है। जापान में शुकात्सु का मतलब मौत के लिए तैयार होना है। इस फेस्टिवल को इसलिए आयोजित किया जाता है जिसमें लोग आएं और अपने मरने के बाद काम आने वाले सामान का इंतजाम खुद कर सकें। मौत के सामान की खरीदारी में लोग ताबूत में लेटकर देखते हैं। ताबूत खुबसूरत हो इसके लिए भी लुक डिजाइन सलेक्ट करते हैं। ताबूत में लेटते समय मेकअप क्या होगा और कपड़े कैसे होंगे उसकी शॉपिंग भी करते हैं। जिंदा आदमी खुद मेकअप भी करवाते हैं। ताबूत में खुद को कैसा देखना चाहेंगे, इसका भी इंतजाम करते हैं।
इस त्योहार के लिए देश की बड़ी-बड़ी 50 कंपनियां यहां आती हैं और कब्र के सामान की बिक्री करती हैं। इतना ही नहीं इस त्योहार में हर साल 5000 लोग आते हैं और ताबूतों की प्री-शॉपिंग करते हैं। इस त्योहार में आए लोगों को आजादी होती है कि वो अपने लिए पहले से ही कब्र चुन और खरीद सकें। वे ताबूतों में लेटकर लुक भी तय कर सकते हैं।
Source: News in Hindi and Newspaper
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