Showing posts with label Film. Show all posts
Showing posts with label Film. Show all posts

Tuesday, 5 November 2013

BSP MP Dhananjay Singh’s wife Detained following Maid's Death


BSP MP

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के जौनपुर से बाहुबली बसपा सांसद धनंजय सिंह और उनकी पत्नी डॉक्टर जागृति सिंह को दिल्ली पुलिस ने घरेलू सहायिका की हत्या मामले में गिरफ्तार किया है। जागृति पर 35 वर्षीय घरेलू सहायिका राखी को पीटकर मार डालने और सांसद पर सुबूत नष्ट करने का आरोप है।

घटना नई दिल्ली के साउथ एवेन्यू स्थित सांसद के सरकारी आवास की है। दीपावली के दिन जागृति की पिटाई से घायल घरेलू सहायिका को समय रहते अस्पताल नहीं पहुंचाया गया। घर पर ही उसका इलाज किया जाता रहा। रविवार रात उसकी मौत हो गई। घर के एक नाबालिग घरेलू सहायक ने भी जागृति पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है। सोमवार शाम जौनपुर से दिल्ली पहुंचे धनंजय ने घटना की जानकारी पुलिस को दी।
चाणक्यपुरी थाना पुलिस ने हत्या, हत्या के प्रयास, नाबालिग को बंधक बनाकर जबरन काम कराने व जुवेनाइल एक्ट धाराओं में मामला दर्ज कर सांसद को पत्नी समेत गिरफ्तार कर लिया। पुलिस सूत्रों का कहना है कि धनंजय ने घर में लगे सीसीटीवी कैमरे की रिकार्डिग की डीवीडी हटा कर छिपा दी थी। 

पुलिस को दिए बयान में जागृति व सांसद ने पिटाई से इन्कार किया है। उन्होंने सफाई दी कि राखी सफाई के दौरान छत से गिर गई थी। पुलिस ने राखी के शव को पोस्टमार्टम के लिए राम मनोहर लोहिया अस्पताल भेज दिया है। वह कोलकाता की रहने वाली थी। मूलरूप से गोरखपुर की रहने वालीं डॉ. जागृति सांसद की दूसरी पत्नी हैं। बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी की डिग्री हासिल कर चुकी जागृति राम मनोहर लोहिया अस्पताल में सीनियर रेजिडेंट हैं। उनके पिता परियोजना अधिकारी हैं। पुलिस सूत्रों की मानें तो जागृति के खिलाफ साउथ एवेन्यू पुलिस चौकी में नौकरों की पिटाई की शिकायतें पहले भी मिलती रही हैं, लेकिन मामला हाई प्रोफाइल होने के कारण कार्रवाई नहीं हो पाती थी।

पुलिस उपायुक्त एसबीएस त्यागी ने बताया कि राखी बॉबी प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से पिछले आठ-दस माह से सांसद के सरकारी आवास पर काम कर रही थी। घर में दो अन्य नाबालिग लड़के भी काम करते हैं। राखी के शव पर गंभीर चोट के निशान थे। नाबालिग घरेलू सहायक के शरीर पर भी जगह-जगह प्रेस से जलाए जाने के निशान मिले। उसका पूरा शरीर सूजा हुआ था। उसने बताया कि दीपावली की रात जागृति ने खाने को लेकर हुए विवाद में उसकी और राखी की जमकर पिटाई की थी। जागृति ने राखी को प्रेस और घर में सजावट के लिए रखे बारहसिंगा के सिर व छड़ी से जमकर पीटा था।

घरेलू सहायकों की गतिविधियों पर नजर बनाए रखने के लिए जागृति ने घर में 20 सीसीटीवी कैमरे लगवाए हैं। वह चुनाव में भी अपना भाग्य आजमा चुकी हैं। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में जब धनंजय सिंह एक आपराधिक मामले में जेल गए तो मल्हनी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव की कमान जागृति ने ही संभाली। वह निर्दल उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरीं। सपा के उम्मीदवार पारसनाथ यादव के मुकाबले उन्हें लगभग 50 हजार मत हासिल हुए। 

मालूम हो कि पिछले एक महीने के दौरान दिल्ली में घरेलू सहायिकाओं के उत्पीड़न से संबंधित यह तीसरा मामला है। इसके पहले नोएडा स्थित एक मल्टीनेशनल कंपनी की वरिष्ठ महिला अधिकारी और एयर इंडिया की एयर होस्टेस को गिरफ्तार किया जा चुका है। 

जागृति से चल रहा मनमुटाव
सूत्रों के मुताबिक पिछले कुछ महीनों से सांसद और जागृति के रिश्ते अच्छे नहीं चल रहे थे। दोनों की तलाक की प्रक्रिया आरंभ हो चुकी थी। सांसद समीप की एक अन्य कोठी में रहते हैं। छात्र राजनीति के जरिये राजनीति में कदम रखने और दोहरे हत्याकांड समेत दो मामलों में फंसे धनंजय सिंह ने 2006 में मीनू नाम की युवती से विवाह किया था। लेकिन शादी के एक साल बाद ही लखनऊ स्थित गोमती नगर में मीनू की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। 

बताया जाता है कि उसने इसलिए खुदकुशी की थी क्योंकि उस दौरान धनंजय का जागृति से प्रेम-संबंध चल रहा था। धनंजय उस समय विधायक थे। मीनू की मौत के बाद 2009 में सांसद ने जागृति से प्रेम विवाह कर लिया था। धनंजय सिंह उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री राजा भइया के नजदीकी हैं। उन पर कुल 30 मुकदमे दर्ज थे, जिनमें 28 जैसे-तैसे खत्म किए जा चुके हैं। गैंगस्टर मामले में वह पहले भी गिरफ्तार हो चुके हैं।
''मुझे तीन नवंबर की रात पत्नी ने फोन कर बताया कि राखी घायल हो गई है। इस पर मैंने प्लेसमेंट एजेंसी को सूचना देने की बात कही। वह घर पर ही उसका इलाज करती रही। सोमवार सुबह जब उन्होंने बताया कि राखी की मौत हो गई है तब मैं दिल्ली आ गया।''
-धनंजय सिंह, बसपा सांसद 

Source- News in Hindi

Friday, 1 November 2013

खूब खनके सोने-चांदी के सिक्के, पतंग की तरह उड़े रुपये

 

जागरण प्रतिनिधि,बांका : धनतेरस पर जिले में सोने-चांदी के सिक्के खूब खनके। ज्वेलर्स की दुकान पर ग्राहकों की भीड़ देखते ही बनती थी। रुपया तो बस पंतग बनी हुई थी जो उड़ती जा रही थी। बांका, अमरपुर में तो सोना व चांदी के सिक्के चार बजते-बजते आउट आफ मार्केट हो गया। कई ग्राहकों के सिक्के खरीदने की ललक मन में ही रह गई। वहीं इलेक्ट्रानिक्स दुकान व बाइक की खरीदारी भी खूब हुई। शहर में दिन भर एलइडी, मोबाइल आदि की खरीदारी के लिए दुकानों में भीड़ लगी रही। जिले में सिर्फ सोने व चांदी की खरीदारी पर लगभग आठ करोड़ से अधिक खर्च किये गए। वहीं करीब ढाई सौ मोटर साइकिल की भी खरीद हुई। जबकि मोबाइल व एलईडी, फ्रीज, वाशिंग मशीन व गोदरेज की बिक्री भी खूब हुई। जबकि बर्तन के दुकानों पर तो जैसे मेला लगा हुआ था। बजाज शो रूप के प्रोपराइटर नवनीत कुमार ने बताया कि धनतेरस को लेकर 22 मोटर साइकिल की बिक्री हुई। वहीं मोबाइल दुकानदार मयंक कुमार ने बताया कि एनड्रायड मोबाइल की बिक्री जमकर हुई। सीके स्टूडियो के कुन्दन कुमार ने बताया कि करीब 16 डिजीटल कैमरा की भी बिक्री हुई। कुल मिलाकर दिन भर बाजारों में मेले सा नजारा रहा। 

आठ घटे बाद मूलचंद ने लिया पानी का घूंट
धनतेरस पर बढ़ी बिक्री से मूलचंद भी काफी व्यस्त रहे। कई दुकानदारों ने तो आठ घंटे बाद पानी का घूंट पिया। व्यस्तता ऐसी कि बोलते-बोलते उनका गला जबाब देने लगा। फिर भी ग्राहकों को संतुष्ट करने के लिए सब कुछ भूल बैठे थे। एक इलेक्ट्रानिक दुकानदार ग्राहकों को एलइडी की खूबियां बता रहा था। इतने में दो ग्राहक और आ धमके। दोनों को वाशिंग मशीन चाहिए था। इतने में टीवी के खरीदार भी पहुंच गए। ऐसे में दुकानदार कभी एलइडी तो कभी वाशिंग मशीन के बारे में बताता। लेकिन उसकी मनोदशा बता रही थी कि वह सभी को संतुष्ट कर दे। जब दुकानदार से पूछा गया कि कैसे वे कई घंटे से खड़े होकर कार्य में लगे हुए हैं तो उन्होंने जवाब दिया - रोज-रोज धनतेरस थोड़े ही होता है। एक दिन थोड़ा सा अधिक मेहनत करने से अधिक फायदा होता है तो क्या हर्ज है। एक दुकानदार ने कहा एक घंटे से प्यास लगी है लेकिन ग्राहकों के भीड़ के कारण पानी नहीं पी पा रहा हूं। बाजारों में सबसे अधिक भीड़ बर्तन दुकानों पर रही। 

खत्म हुए सिक्के, हाथ लगी निराशा
फोटो नंबर - 01 बीएएन 76 जिप। 
धनतेरस ने ज्वेलर्स के अंदाजा को धोखा दिया। सभी ने अंदाज के हिसाब से दुकान में स्टाक किया था। लेकिन ग्राहकों का रूझान सोने व चांदी पर अधिक रहने के कारण बांका व अमरपुर में सोने के सिक्के खत्म हो गए। कई ग्राहकों को निराशा हाथ लगी। यद्यपि उन्होंने सिक्के के बदले अन्य सामान खरीदे। ग्राहकों ने बताया कि धनतेरस पर सोने व चांदी की खरीदारी से लक्ष्मी घर आती है। वहीं धन भी बढ़ती है। 

बैकों से जमकर निकले रुपये, एटीएम में लगी रही भीड़
धनतेरस को लेकर बैंकों से भी खूब रुपये निकले। रुपया निकासी की रफ्तार अन्य दिनों की तुलना में तीन से चार गुणा अधिक रहा। बौंसी से अमूमन 25 से 30 लाख होने वाली निकासी शुक्रवार को सवा करोड़ तक पहुंच गयी। यही हाल अमरपुर व बांका का भी रहा। बैंक अधिकारियों ने बताया कि आज रुपया निकासी की रफ्तार सचमुच अधिक रही। 

Source- News in Hindi