Friday, 1 November 2013

खूब खनके सोने-चांदी के सिक्के, पतंग की तरह उड़े रुपये

 

जागरण प्रतिनिधि,बांका : धनतेरस पर जिले में सोने-चांदी के सिक्के खूब खनके। ज्वेलर्स की दुकान पर ग्राहकों की भीड़ देखते ही बनती थी। रुपया तो बस पंतग बनी हुई थी जो उड़ती जा रही थी। बांका, अमरपुर में तो सोना व चांदी के सिक्के चार बजते-बजते आउट आफ मार्केट हो गया। कई ग्राहकों के सिक्के खरीदने की ललक मन में ही रह गई। वहीं इलेक्ट्रानिक्स दुकान व बाइक की खरीदारी भी खूब हुई। शहर में दिन भर एलइडी, मोबाइल आदि की खरीदारी के लिए दुकानों में भीड़ लगी रही। जिले में सिर्फ सोने व चांदी की खरीदारी पर लगभग आठ करोड़ से अधिक खर्च किये गए। वहीं करीब ढाई सौ मोटर साइकिल की भी खरीद हुई। जबकि मोबाइल व एलईडी, फ्रीज, वाशिंग मशीन व गोदरेज की बिक्री भी खूब हुई। जबकि बर्तन के दुकानों पर तो जैसे मेला लगा हुआ था। बजाज शो रूप के प्रोपराइटर नवनीत कुमार ने बताया कि धनतेरस को लेकर 22 मोटर साइकिल की बिक्री हुई। वहीं मोबाइल दुकानदार मयंक कुमार ने बताया कि एनड्रायड मोबाइल की बिक्री जमकर हुई। सीके स्टूडियो के कुन्दन कुमार ने बताया कि करीब 16 डिजीटल कैमरा की भी बिक्री हुई। कुल मिलाकर दिन भर बाजारों में मेले सा नजारा रहा। 

आठ घटे बाद मूलचंद ने लिया पानी का घूंट
धनतेरस पर बढ़ी बिक्री से मूलचंद भी काफी व्यस्त रहे। कई दुकानदारों ने तो आठ घंटे बाद पानी का घूंट पिया। व्यस्तता ऐसी कि बोलते-बोलते उनका गला जबाब देने लगा। फिर भी ग्राहकों को संतुष्ट करने के लिए सब कुछ भूल बैठे थे। एक इलेक्ट्रानिक दुकानदार ग्राहकों को एलइडी की खूबियां बता रहा था। इतने में दो ग्राहक और आ धमके। दोनों को वाशिंग मशीन चाहिए था। इतने में टीवी के खरीदार भी पहुंच गए। ऐसे में दुकानदार कभी एलइडी तो कभी वाशिंग मशीन के बारे में बताता। लेकिन उसकी मनोदशा बता रही थी कि वह सभी को संतुष्ट कर दे। जब दुकानदार से पूछा गया कि कैसे वे कई घंटे से खड़े होकर कार्य में लगे हुए हैं तो उन्होंने जवाब दिया - रोज-रोज धनतेरस थोड़े ही होता है। एक दिन थोड़ा सा अधिक मेहनत करने से अधिक फायदा होता है तो क्या हर्ज है। एक दुकानदार ने कहा एक घंटे से प्यास लगी है लेकिन ग्राहकों के भीड़ के कारण पानी नहीं पी पा रहा हूं। बाजारों में सबसे अधिक भीड़ बर्तन दुकानों पर रही। 

खत्म हुए सिक्के, हाथ लगी निराशा
फोटो नंबर - 01 बीएएन 76 जिप। 
धनतेरस ने ज्वेलर्स के अंदाजा को धोखा दिया। सभी ने अंदाज के हिसाब से दुकान में स्टाक किया था। लेकिन ग्राहकों का रूझान सोने व चांदी पर अधिक रहने के कारण बांका व अमरपुर में सोने के सिक्के खत्म हो गए। कई ग्राहकों को निराशा हाथ लगी। यद्यपि उन्होंने सिक्के के बदले अन्य सामान खरीदे। ग्राहकों ने बताया कि धनतेरस पर सोने व चांदी की खरीदारी से लक्ष्मी घर आती है। वहीं धन भी बढ़ती है। 

बैकों से जमकर निकले रुपये, एटीएम में लगी रही भीड़
धनतेरस को लेकर बैंकों से भी खूब रुपये निकले। रुपया निकासी की रफ्तार अन्य दिनों की तुलना में तीन से चार गुणा अधिक रहा। बौंसी से अमूमन 25 से 30 लाख होने वाली निकासी शुक्रवार को सवा करोड़ तक पहुंच गयी। यही हाल अमरपुर व बांका का भी रहा। बैंक अधिकारियों ने बताया कि आज रुपया निकासी की रफ्तार सचमुच अधिक रही। 

Source- News in Hindi

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