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Sunday, 17 November 2013

Sachin Tendulkar last speech after last Test

Sachin Tendulkar
दोस्तों प्लीज बैठ जाइए, मैं और भावुक हो जाऊंगा। पूरी जिंदगी मैंने यहीं बिताई है, यह सोचना मुश्किल है कि मेरे इस शानदार सफर का अंत हो रहा है। यूं तो मैं पढ़कर बोलना पसंद नहीं करता लेकिन आज मैंने एक लिस्ट तैयार की है कि मुझे किन लोगों का धन्यवाद करना है।

सबसे पहले मेरे पिता का नाम आता है, जिनकी मृत्यु 1999 में हो गई थी। उनकी सीख के बिना मैं आपके सामने खड़ा ना हो पाता। उन्होंने कहा था कि अपने सपनों के पीछे भागो, राह मुश्किल होगी लेकिन कभी हार मत मानना। आज मैं उनको बहुत मिस कर रहा हूं।

मेरी मां, मुझे नहीं पता कि मेरे जैसे शैतान बच्चे को उन्होंने कैसे संभाला। उन्होंने जबसे मैंने क्रिकेट शुरू किया है, तब से सिर्फ और सिर्फ प्रार्थना की है मेरे लिए।

स्कूल घर से दूर होने के कारण मैं चार साल तक अपने अंकल-आंटी के यहां रुका था। उन्होंने मेरे को खुद के बेटे की तरह संभाला।

मेरे बड़े भाई नितिन ज्यादा बोलना पसंद नहीं करते लेकिन उन्होंने मुझे इतना जरूर कहा कि 'मुझे पता है कि तुम जो भी करोगे उसमें 100 प्रतिशत ही दोगे।'
मेरा पहला बल्ला मेरे बहन सविता ने मुझे भेंट किया था। वो आज भी मेरे लिए व्रत रखती हैं जब मैं बल्लेबाजी कर रहा होता हूं।

मेरा भाई अजीत, हमनें इस सपने को साथ जिया था। उन्होंने मेरे लिए अपना करियर दांव पर लगा दिया जब वो पहली बार मुझे मेरे पहले कोच रमाकांत आचरेकर के पास ले गए। पिछली रात भी मेरे विकेट को लेकर उन्होंने फोन पर मुझसे बात की। जब मैं नहीं खेल रहा होता हूं तब भी हम खेलने की तकनीक के ऊपर बात कर रहे होते हैं। अगर यह ना होता तो मैं वो क्रिकेटर ना होता जो आज बन पाया हूं।

सबसे खूबसूरत चीज जो जीवन में हुई वो थी जब 1990 में मैं अंजलि से मिला। मुझे पता है कि एक डॉक्टर होने के नाते उसके सामने एक बड़ा करियर था लेकिन उसने फैसला लिया कि मैं क्रिकेट खेलता रहूं और वो बच्चों व घर का ध्यान रखेंगी। धन्यवाद अंजलि, हर उस अजीब बातों के लिए जो मैंने की।

फिर मेरे जीवन के दो अनमोल हीरे, सारा (बेटी) और अर्जुन (बेटा)। मैं तुम लोगों के कई जन्मदिन और छुंिट्टयों से चूक गया। मुझे पता है कि पिछले 14-16 सालों में मैं तुम लोगों को ज्यादा वक्त नहीं दे पाया, लेकिन वादा करता हूं कि अगले 16 तो जरूर तुम्हारे साथ रहूंगा हर पल।

मेरे ससुराल के लोग, मैंने उनके साथ काफी बातें साझा की हैं। जो एक चीज उन्होंने मेरे लिए सबसे खास की, वो थी मुझे अंजलि से शादी करने देना।

पिछले 24 सालों में मेरे दोस्तों का योगदान व समर्थन भी अद्भुत रहा। वो मेरे साथ हर वक्त थे जब मैं दबाव में था। वो मेरे साथ रात को 3 बजे भी थे जब-जब मुझे चोट लगी। मेरा साथ देने के लिए धन्यवाद।

मेरा करियर शुरू हुआ जब मैं 11 साल का था। मैं इस बार स्टैंड्स पर आचरेकर सर (पहले कोच) को देखकर बहुत खुश हुआ। मैं उनके साथ स्कूटर पर बैठकर दिन में दो-दो मैच खेला करता था। वह सुनिश्चित करते थे कि मैं हर मैच खेलूं। वो कभी मुझे यह नहीं कहते थे कि तुम अच्छा खेले क्योंकि वो नहीं चाहते थे कि मैं हवा में उड़ने लगूं। सर अब आप ऐसा कर सकते हैं क्योंकि अब मैं नहीं खेलने वाला।

मैंने अपने करियर की शुरुआत यहीं मुंबई से की थी। मुझे याद है न्यूजीलैंड से सुबह 4 बजे लौटकर अगले दिन यहां रणजी मैच खेलना कैसा अनुभव था। बीसीसीआइ भी मेरे करियर के शुरुआत से गजब की समर्थक रही और मैं अपने चयनकर्ताओं को भी धन्यवाद देना चाहता हूं। आप लोगों ने हमेशा सुनिश्चित किया कि मेरा पूरा ख्याल रखा जाए।

सभी सीनियर क्रिकेटरों को धन्यवाद जो मेरे साथ खेले। सामने स्क्रीन पर आप राहुल, वीवीएस और सौरव को देख सकते हैं, अनिल (कुंबले) यहां नहीं हैं अभी। सभी कोचों को भी धन्यवाद। मुझे हमेशा याद रहेगा वो पल जब इस मैच के शुरू होने से पहले एमएस धौनी ने मुझे 200वें टेस्ट की टोपी भेंट की।

मेरा टीम को एक संदेश भी था- हमें गर्व होना चाहिए कि हम भारत के लिए खेल रहे हैं। मैं चाहूंगा कि आप सम्मान के साथ देश को गौरवान्वित करते रहें। मुझे पूरा भरोसा है कि आप देश की सेवा सही भावना से हमेशा करते रहेंगे। 

मैं अपने फर्ज से चूक जाऊंगा अगर मैंने अपने डॉक्टरों को धन्यवाद नहीं किया। उन्होंने मुझे हमेशा फिट रखने की कोशिश की। मैंने बहुत चोटें खाईं लेकिन किसी भी समय वो मेरे लिए हाजिर रहे।
मैं अपने चहेते दोस्त स्वर्गीय मार्क मैस्करैन्हस को धन्यवाद कहना चाहता हूं। मैं उन्हें बहुत मिस करता हूं। मैं अपने मौजूदा मैनेजमेंट गु्रप को भी शुक्रिया कहूंगा जिन्होंने मार्क के काम को जारी रखा और मैं अपने दोस्त व मौजूदा मैनेजर विनोद नायुडू को भी धन्यवाद कहना चाहता हूं जो पिछले 14 सालों से लगातार मेरे साथ हैं।
मैं मीडिया को धन्यवाद कहना चाहता हूं, जिन्होंने मुझे मेरे स्कूल के दिनों से अब तक कवर किया। उन्होंने मुझे बहुत समर्थन दिया और आज भी कर रहे हैं। सभी फोटोग्राफर्स को धन्यवाद देता हूं जिन्होंने मेरे हर खास पल को कवर किया।

मुझे पता है मेरा भाषण कुछ ज्यादा लंबा हो गया है (फैंसने एक साथ चिल्लाते हुए कहा, नहीं, हमें और चाहिए)। मैं उन सभी लोगों को शुक्रिया कहना चाहता हूं जो दुनिया के हर कोने से आते हैं। मैं अपने दिल से सभी फैंस को धन्यवाद कहना चाहता हूं। एक चीज जो मेरी आखिरी सांसों तक मेरे कान में गूंजती रहेगी वो है 'सचिन, सचिन'।