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Monday, 2 December 2013

Vinod Kambli still in ICU

Vinod Kambli
मुंबई। पूर्व क्रिकेटर विनोद कांबली अब भी आइसीयू में हैं और डॉक्टरों की निगरानी में हैं। उन्हें शुक्रवार को दिल का दौरा पड़ने के बाद लीलावती अस्पताल में भर्ती किया गया था।
अस्पताल के सूत्र ने कहा कि कांबली अब भी आइसीयू में हैं। उनकी हालत स्थिर है और डॉक्टर उनकी हालत पर नजर रखे हैं। 41 वर्षीय कांबली शुक्रवार की सुबह अपनी कार से चेंबूर से बांद्रा जा रहे थे और इस दौरान उन्हें सीने में तकलीफ हुई, जिसके बाद उन्हें एक महिला ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने अस्पताल में भर्ती कराया। पिछले साल जुलाई में कांबली की दो धमनियां ब्लॉक होने के कारण उनकी एंजियोप्लास्टी की गई थी। अगले साल 18 जनवरी को 42 बरस के होने वाले कांबली ने भारत की ओर से 17 टेस्ट और 104 वनडे अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं।

Wednesday, 27 November 2013

Collector's items: Coins by Achrekar are priceless for Sachin

sachin tendulkar
मुंबई। अगर किसी व्यक्ति से पूछा जाए कि वह मुहम्मद अली के हस्ताक्षर वाले मुक्केबाजी ग्लव्स, मशहूर ब्रिटिश बैंड डायर स्ट्रेट के मार्क नोकफ्लेर के गिटार और सर डॉन ब्रैडमैन के बल्ले में से किस यादगार चीज को चुनेगा तो निश्चित तौर पर उसके लिए फैसला करना काफी मुश्किल होगा। 

लेकिन अगर यही सवाल सचिन तेंदुलकर से पूछा जाएगा तो उनका जवाब होगा अपने कोच रमाकांत आचरेकर द्वारा दिए गए सिक्के, जो उन्हें शिवाजी पार्क जिमखाना ग्राउंड में घंटों की कड़ी ट्रेनिंग के बाद अपने गुरु से मिले हैं। यह सिक्के सचिन के लिए बेशकीमती हैं। उन दिनों आचरेकर स्टंप के ऊपर एक रुपये का सिक्का रखा करते थे।

अगर तेंदुलकर आउट नहीं होते थे तो यह सिक्का उनका हो जाया करता था।
तेंदुलकर ने बुधवार को भारत की पहली सेलीब्रिटी कॉमर्स वेबसाइट कलेक्टेबिलिया के लांच के बाद कहा कि मेरे लिए सबसे यादगार चीज वह सिक्के हैं, जो मैंने आचरेकर सर से हासिल किए हैं। वह सबसे अहम और बेशकीमती हैं। कलेक्टेबिलिया सेलीब्रिटी वॉल में विभिन्न क्षेत्र के दिग्गजों के हस्ताक्षर वाली कुछ असली और बहुमूल्य चीजे होंगी। इसमें तेंदुलकर के 200वें टेस्ट के बाद उनके हस्ताक्षर वाला बल्ला और मुहम्मद अली के हस्ताक्षर वाले मुक्केबाजी ग्लव्स भी शामिल हैं। अली के मुक्केबाजी ग्लव्स को देखने के बाद सचिन ने कहा कि यह वैसे ही हैं जैसे उनके बांद्रा के बंगले में हैं। तेंदुलकर ने कहा कि अपने 40वें जन्मदिन पर मुझे अंजना (कलेक्टेबिलिया डॉट कॉम की प्रबंध निदेशक अंजना रेड्डी) ने सरप्राइज दिया। मुहम्मद अली के ग्लव्स जो आप यहां देख रहे हैं वैसे ही मेरे घर पर भी हैं जिन पर उनके हस्ताक्षर हैं। यह विशेष तोहफा है। इसके अलावा इस दिग्गज भारतीय बल्लेबाज के पास सर डॉन ब्रैडमैन की फ्रेम वाली तस्वीर और उनके हस्ताक्षर वाला बल्ला भी है।
महान गायिका लता मंगेशकर तेंदुलकर को अपने बेटे की तरह मानती हैं और इस दिग्गज क्रिकेटर को अपनी लता दीदी से तोहफे का इंतजार है। उन्होंने कहा कि मैं जिस चीज को लेकर उत्सुक हूं वह यह है कि लता दीदी ने मुझे कुछ देने का वादा किया था, इसलिए उम्मीद करता हूं कि मुझे कुछ मिलेगा। यह सरप्राइज है। मैं इसे लेकर उत्सुक हूं। यह मेरे लिए विशेष है।


Source- Cricket News in Hindi

Monday, 18 November 2013

Sachin's temple will be made in Bihartue

Sachin Tendulkar

पटना। बिहार में क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर मंदिर में पूजे जाएंगे। मंदिर का निर्माण कैमूर जिले के अतरवलिया गांव में होगा। यह मंदिर भोजपुरी गायक व इस गांव के निवासी मनोज तिवारी बनवा रहे हैं। इसका शिलान्यास 19 नवंबर को होगा। इसी दिन तेंदुलकर की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा भी होगी। यहां प्रतिष्ठापित होने वाली मूर्ति का पहला लुक जारी कर दिया गया है। मंदिर को चार माह में तैयार कराने का लक्ष्य है। मनोज तिवारी का मानना है कि यह मंदिर सचिन को सम्मान देने के साथ नए खिलाड़ियों को भी उनके जैसा बनने की प्रेरणा देगा। मंदिर में भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और युवराज सिंह की मूर्तियां भी होंगी। यह मंदिर करीब छह हजार वर्ग फीट के परिसर में बनेगा। लेआउट के मुताबिक सचिन की मूर्ति गर्भगृह में होगी। जबकि साथी खिलाड़ी मंदिर के अगले हिस्से में होंगे। 

आदमकद मूर्ति में सचिन इंडियन क्रिकेट टीम की आफिशियल ब्लू जर्सी में होंगे। उनके हाथ में व‌र्ल्ड कप नजर आएगा। मूर्ति बनकर तैयार हो गई है। पांच फुट पांच इंच की सचिन की मूर्ति संगमरमर की है। इसे श्रीनाथ (राजस्थान) जिले के मूर्तिकार खेमराम ने बनाया है। यह मनोज तिवारी के घर में रखी गई है। धोनी और युवराज की मूर्ति मंदिर के पूरी तरह तैयार हो जाने के बाद लायी जाएगी। मंदिर में अन्य पत्थरों के साथ संगमरमर का भी भरपूर उपयोग किया जाएगा। 

तिवारी ने बताया कि मंदिर को वर्ष 2014 में बनाने की योजना थी। सचिन के सन्यास लेने की घोषणा के बाद इसे 2013 में ही बनाने का निर्णय लिया गया। इसे बनाने में लगभग 70 लाख रुपये की लागत आएगी। शिलान्यास के दिन ही सचिन की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। मूर्ति को 15 फीट ऊंचे चबूतरे पर स्थापित किया जाना है। उसी दिन से पूजा भी शुरू हो जाएगी। 

मूर्ति पर मौसम का प्रभाव न पड़े इसकी व्यवस्था भी की जा रही है। मंदिर के बाद तिवारी अपने गांव में अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित एक स्टेडिटम भी बनवाना चाहते हैं। तिवारी ने कहा कि मेरी कोशिश है कि सचिन मंदिर के शिलान्यास के मौके पर उपस्थित रहें।

Celebs line up in Sachin party in Mumbai

Sachin Tendulkar
जेएनएन, मुंबई। क्रिकेट को अलविदा कहने के बाद मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर की ओर से सोमवार रात दी गई पार्टी में राजनीति, सिनेमा और खेल जगत की कई मशहूर हस्तियां शामिल हुईं। पार्टी में पूरी टीम इंडिया भी मौजूद थी।
शनिवार को तेंदुलकर ने मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने टेस्ट करियर का 200वां और अंतिम टेस्ट मैच खेला था। इसी के साथ उन्होंने आंसुओं के साथ क्रिकेट को अलविदा कह दिया। रविवार के दिन वह इंटरव्यू देते रहे, जबकि सोमवार की शाम सचिन के लिए बेहद खास थी। सचिन ने सभी मित्रों और परिचितों का शुक्रिया अदा करने के लिए डिनर पार्टी रखी, जिसमें शामिल होने के लिए कई हस्तियां आईं। इस पार्टी में अमिताभ बच्चन, अभिषेक बच्चन, ऐश्वर्या राय बच्चन, आमिर खान, किरण राव, राहुल बोस और मधुर भंडारकर जैसी फिल्मी हस्तियां पहुंचीं। राजनीति के क्षेत्र से शरद पवार, राज ठाकरे सहित अन्य हस्तियों ने शिरकत की। पार्टी में उनके दोस्त ब्रायन लारा भी आए थे। इनके अलावा क्रिकेट जगत से सुनील गावस्कर, श्रीनाथ सहित अन्य हस्तियां मौजूद थीं।

Sunday, 17 November 2013

Sachin Tendulkar last speech after last Test

Sachin Tendulkar
दोस्तों प्लीज बैठ जाइए, मैं और भावुक हो जाऊंगा। पूरी जिंदगी मैंने यहीं बिताई है, यह सोचना मुश्किल है कि मेरे इस शानदार सफर का अंत हो रहा है। यूं तो मैं पढ़कर बोलना पसंद नहीं करता लेकिन आज मैंने एक लिस्ट तैयार की है कि मुझे किन लोगों का धन्यवाद करना है।

सबसे पहले मेरे पिता का नाम आता है, जिनकी मृत्यु 1999 में हो गई थी। उनकी सीख के बिना मैं आपके सामने खड़ा ना हो पाता। उन्होंने कहा था कि अपने सपनों के पीछे भागो, राह मुश्किल होगी लेकिन कभी हार मत मानना। आज मैं उनको बहुत मिस कर रहा हूं।

मेरी मां, मुझे नहीं पता कि मेरे जैसे शैतान बच्चे को उन्होंने कैसे संभाला। उन्होंने जबसे मैंने क्रिकेट शुरू किया है, तब से सिर्फ और सिर्फ प्रार्थना की है मेरे लिए।

स्कूल घर से दूर होने के कारण मैं चार साल तक अपने अंकल-आंटी के यहां रुका था। उन्होंने मेरे को खुद के बेटे की तरह संभाला।

मेरे बड़े भाई नितिन ज्यादा बोलना पसंद नहीं करते लेकिन उन्होंने मुझे इतना जरूर कहा कि 'मुझे पता है कि तुम जो भी करोगे उसमें 100 प्रतिशत ही दोगे।'
मेरा पहला बल्ला मेरे बहन सविता ने मुझे भेंट किया था। वो आज भी मेरे लिए व्रत रखती हैं जब मैं बल्लेबाजी कर रहा होता हूं।

मेरा भाई अजीत, हमनें इस सपने को साथ जिया था। उन्होंने मेरे लिए अपना करियर दांव पर लगा दिया जब वो पहली बार मुझे मेरे पहले कोच रमाकांत आचरेकर के पास ले गए। पिछली रात भी मेरे विकेट को लेकर उन्होंने फोन पर मुझसे बात की। जब मैं नहीं खेल रहा होता हूं तब भी हम खेलने की तकनीक के ऊपर बात कर रहे होते हैं। अगर यह ना होता तो मैं वो क्रिकेटर ना होता जो आज बन पाया हूं।

सबसे खूबसूरत चीज जो जीवन में हुई वो थी जब 1990 में मैं अंजलि से मिला। मुझे पता है कि एक डॉक्टर होने के नाते उसके सामने एक बड़ा करियर था लेकिन उसने फैसला लिया कि मैं क्रिकेट खेलता रहूं और वो बच्चों व घर का ध्यान रखेंगी। धन्यवाद अंजलि, हर उस अजीब बातों के लिए जो मैंने की।

फिर मेरे जीवन के दो अनमोल हीरे, सारा (बेटी) और अर्जुन (बेटा)। मैं तुम लोगों के कई जन्मदिन और छुंिट्टयों से चूक गया। मुझे पता है कि पिछले 14-16 सालों में मैं तुम लोगों को ज्यादा वक्त नहीं दे पाया, लेकिन वादा करता हूं कि अगले 16 तो जरूर तुम्हारे साथ रहूंगा हर पल।

मेरे ससुराल के लोग, मैंने उनके साथ काफी बातें साझा की हैं। जो एक चीज उन्होंने मेरे लिए सबसे खास की, वो थी मुझे अंजलि से शादी करने देना।

पिछले 24 सालों में मेरे दोस्तों का योगदान व समर्थन भी अद्भुत रहा। वो मेरे साथ हर वक्त थे जब मैं दबाव में था। वो मेरे साथ रात को 3 बजे भी थे जब-जब मुझे चोट लगी। मेरा साथ देने के लिए धन्यवाद।

मेरा करियर शुरू हुआ जब मैं 11 साल का था। मैं इस बार स्टैंड्स पर आचरेकर सर (पहले कोच) को देखकर बहुत खुश हुआ। मैं उनके साथ स्कूटर पर बैठकर दिन में दो-दो मैच खेला करता था। वह सुनिश्चित करते थे कि मैं हर मैच खेलूं। वो कभी मुझे यह नहीं कहते थे कि तुम अच्छा खेले क्योंकि वो नहीं चाहते थे कि मैं हवा में उड़ने लगूं। सर अब आप ऐसा कर सकते हैं क्योंकि अब मैं नहीं खेलने वाला।

मैंने अपने करियर की शुरुआत यहीं मुंबई से की थी। मुझे याद है न्यूजीलैंड से सुबह 4 बजे लौटकर अगले दिन यहां रणजी मैच खेलना कैसा अनुभव था। बीसीसीआइ भी मेरे करियर के शुरुआत से गजब की समर्थक रही और मैं अपने चयनकर्ताओं को भी धन्यवाद देना चाहता हूं। आप लोगों ने हमेशा सुनिश्चित किया कि मेरा पूरा ख्याल रखा जाए।

सभी सीनियर क्रिकेटरों को धन्यवाद जो मेरे साथ खेले। सामने स्क्रीन पर आप राहुल, वीवीएस और सौरव को देख सकते हैं, अनिल (कुंबले) यहां नहीं हैं अभी। सभी कोचों को भी धन्यवाद। मुझे हमेशा याद रहेगा वो पल जब इस मैच के शुरू होने से पहले एमएस धौनी ने मुझे 200वें टेस्ट की टोपी भेंट की।

मेरा टीम को एक संदेश भी था- हमें गर्व होना चाहिए कि हम भारत के लिए खेल रहे हैं। मैं चाहूंगा कि आप सम्मान के साथ देश को गौरवान्वित करते रहें। मुझे पूरा भरोसा है कि आप देश की सेवा सही भावना से हमेशा करते रहेंगे। 

मैं अपने फर्ज से चूक जाऊंगा अगर मैंने अपने डॉक्टरों को धन्यवाद नहीं किया। उन्होंने मुझे हमेशा फिट रखने की कोशिश की। मैंने बहुत चोटें खाईं लेकिन किसी भी समय वो मेरे लिए हाजिर रहे।
मैं अपने चहेते दोस्त स्वर्गीय मार्क मैस्करैन्हस को धन्यवाद कहना चाहता हूं। मैं उन्हें बहुत मिस करता हूं। मैं अपने मौजूदा मैनेजमेंट गु्रप को भी शुक्रिया कहूंगा जिन्होंने मार्क के काम को जारी रखा और मैं अपने दोस्त व मौजूदा मैनेजर विनोद नायुडू को भी धन्यवाद कहना चाहता हूं जो पिछले 14 सालों से लगातार मेरे साथ हैं।
मैं मीडिया को धन्यवाद कहना चाहता हूं, जिन्होंने मुझे मेरे स्कूल के दिनों से अब तक कवर किया। उन्होंने मुझे बहुत समर्थन दिया और आज भी कर रहे हैं। सभी फोटोग्राफर्स को धन्यवाद देता हूं जिन्होंने मेरे हर खास पल को कवर किया।

मुझे पता है मेरा भाषण कुछ ज्यादा लंबा हो गया है (फैंसने एक साथ चिल्लाते हुए कहा, नहीं, हमें और चाहिए)। मैं उन सभी लोगों को शुक्रिया कहना चाहता हूं जो दुनिया के हर कोने से आते हैं। मैं अपने दिल से सभी फैंस को धन्यवाद कहना चाहता हूं। एक चीज जो मेरी आखिरी सांसों तक मेरे कान में गूंजती रहेगी वो है 'सचिन, सचिन'।

Thursday, 14 November 2013

Sachin Tendulkar on crease, India on top in Mumbai Test

Sachin Tendulkar
लाइव: 'भगवान' शतक से चूके, 74 पर आउट, देवनारायण ने रचा इतिहास
मुंबई। वानखेड़े स्टेडियम पर सचिन तेंदुलकर की पारी 74 रनों से आगे नहीं जा सकी। सचिन पहले दिन के अंत तक और दूसरे दिन की पूरी बल्लेबाजी में लय में दिखाई दिए लेकिन जब पूरा देश एक आखिरी शतक की आस लगाए बैठा था तब नरसिंह देवनारायण ने एक बेहतरीन गेंद पर सचिन को स्लिप पर कप्तान डेरेन सैमी के हाथों कैच आउट करा दिया। शायद देवनारायण के जीवन का यह सबसे खास विकेट बन चुका है। समाचार लिखे जाने तक भारत ने 3 विकेट पर 234 बना लिए हैं। पिच पर चेतेश्वर पुजारा अर्धशतक जमाकर विराट कोहली के साथ टिके हुए हैं।

वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टेस्ट के पहले दिन स्पिनर्स ने जहां कैरेबियाई टीम को 182 रनों पर ढेर कर दिया वहीं, पहला दिन का अंत और दूसरे दिन की शुरुआत पूरी तरह से सचिनमय रही। 38 के निजी स्कोर पर पहले दिन नाबाद रहने वाले सचिन ने दूसरे दिन की सुबह अपना पचासा पूरा करके फैंस को झूमने का मौका दिया। उन्होंने 91 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया और इस दौरान 9 चौके लगाए। यह सचिन के टेस्ट करियर का 68वां अर्धशतक रहा।

पहले दिन टीम इंडिया के ओपनर्स ने भारत को सधी हुई शुरुआत देने के बाद अपने विकेट तो गंवा दिए लेकिन नतीजतन 'क्रिकेट के भगवान' व अपना आखिरी टेस्ट खेल रहे सचिन तेंदुलकर पिच पर उतरे। स्टेडियम पर भारतीय ओपनर्स के आउट होने पर शायद इतनी खुशी फैंस के चेहरे पर कभी नहीं देखी गई थी। इससे पहले, पहले दिन दूसरे सत्र में ही वेस्टइंडीज की पारी समेटने के बाद भारतीय टीम ने सधी हुई शुरुआत की और पहले विकेट की साझेदारी में शिखर धवन (33) और मुरली विजय (43) ने 77 रन बनाए। धवन को शिलिंगफोर्ड ने चंद्रपॉल के हाथों आउट कराया। धवन ने 28 गेंदों का सामना करते हुए सात चौके लगाए। धवन के बाद विजय भी उसी ओवर में डेरेन सैमी को कैच थमा बैठे। विजय ने 55 गेंदों में आठ चौके लगाए।

टॉस जीतकर पहले क्षेत्ररक्षण चुनने के अपने निर्णय को कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने सही साबित करते हुए प्रज्ञान ओझा और रविचंद्रन अश्रि्वन ने वेस्टइंडीज की पहली पारी सस्ते में समेट दी। वेस्टइंडीज के लिए कीरेन पॉवेल (48) ने सर्वाधिक रन बनाए, जबकि अपना 150वां टेस्ट मैच खेल रहे शिवनारायण चंद्रपॉल 25 रन पर आउट हुए। वेस्टइंडीज के लिए शुरुआत में सब ठीक लग रहा था क्योंकि पॉवेल और क्रिस गेल लय में दिख रहे थे। लेकिन समी ने कोलकाता के अपने शानदार सफर को जारी रखते हुए 25 के कुल योग पर गेल को अपने जाल में फंसा लिया। गेल 11 रन के निजी योग पर स्लिप में रोहित शर्मा के हाथों लपके गए। वेस्टइंडीज के लिए यह बड़ा झटका था, लेकिन डेरेन ब्रावो (29) और पॉवेल ने दूसरे विकेट के लिए 61 रनों की साझेदारी करते हुए इसकी भरपाई करने की कोशिश की। दोनों काफी अच्छा खेल रहे थे, लेकिन अश्रि्वन की फिरकी पर ब्रावो बल्ला लगा बैठे और धौनी ने उन्हें लपकने में कोई कोताही नहीं बरती। ब्रावो ने 63 गेंदों पर पांच चौके और एक छक्का लगाया। उनका विकेट 86 के कुल योग पर गिरा।

लंच तक दो विकेट गंवाने वाले वेस्टइंडीज ने पहले दिन के दूसरे सत्र में आठ विकेट गंवा दिए। पॉवेल ने 80 गेंदों में चार चौके और एक छक्का लगाया। चंद्रपॉल और सैमुअल्स के बीच दूसरी सबसे बड़ी साझेदारी हुई। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 43 रन जोड़े। सैमुअल्स के जाने के बाद तो जैसे वेस्टइंडीज की पारी ताश के पत्तों का महल साबित हुई और आखिरी छह बल्लेबाज मिलकर 42 रन और जोड़ सके। वेस्टइंडीज के आखिरी चार बल्लेबाजों में तो तीन बिना खाता खोले लौट गए। भुवनेश्वर कुमार और मुहम्मद शमी को एक-एक विकेट हासिल हुए। दो मैचों की सीरीज में भारत 1-0 से आगे है।

Saif ali khan Says, Sachin Must got Bharat Ratna

Sacin tendulkar
मुंबई,(मिड डे)। सचिन का आखिरी टेस्ट मैच अभी खत्म हुआ भी नहीं कि उनको भारत रत्न जैसे सम्मानित पुरस्कार दिए जाने की बात जोर पकड़ रही है। जहां एक ओर स्टार्स सचिन को अपने-अपने अंदाज में सम्मान दे रहे हैं, वहीं सैफ अली खान सचिन को भारत रत्न दिए जाने की बात पर जोर दे रहे हैं।

सैफ अली खान का मानना है कि सचिन ने देश के लिए बहुत कुछ किया है। वे देश के गौरव हैं। इन्हें देश का सबसे गौरवान्वित पुरस्कार मिलना चाहिए। छोटे नवाब ने कहा कि उनके पिता मनसूर अली खान पटौदी ने सचिन के बारे में कहा था कि उन्होंने क्रिकेट को एक नया आयाम दिया है, एक अलग ऊंचाई दी है। 

सैफ अली खान ने कहा कि एक बार इन्होंने सचिन से पूछा था कि कैसे वे इतना अच्छा खेल लेते हैं, तो सचिन ने कहा कि वे बोलर को लंच से पहले ही मार देता हूं, शायद इसलिए लंच के बाद मैं आउट हो जाता हूं, क्योंकि वो मुझे मार देता है। ऐसे ही फिर मैं उसे मार देता हूं, वो मुझे। 

सैफ अली खान ने कहा कि कोई भी चीज इस दुनिया में स्थायी नहीं है, लेकिन सचिन की कमी कोई नहीं पूरी कर सकता है। उनकी जगह कोई नहीं ले सकता है।

20 years back suhas saw sachin play his first at wankhede, now can only Hear

Sachin Tendulkar
मुंबई। 20 साल पहले ऑल इंडिया रेडियो के पूर्व स्कोर कीपर थाणे के सुहास मराठे ने जब वानखेड़े स्टेडियम में कदम रखा था, तब सचिन इस मैदान पर अपना पहला टेस्ट मैच खेलने उतरे थे (19-23 फरवरी,1993)। इंग्लैंड के खिलाफ हुए उस मैच को सुहास ने देखा था और वो आज तक उसे नहीं भूल पाएंगे, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि आज जब सचिन वानखेड़े पर अपने जीवन का आखिरी टेस्ट खेलने उतरे हैं तब सुहास उसे देख नहीं सकते, बस सुन सकते हैं, क्योंकि अब उनकी नजर नहीं रही।

सुहास मराठे एक क्रिकेट स्टैटिस्टिशियन हैं। उनकी दाईं आंख गंभीर रूप के ग्लूकोमा का शिकार हुई जबकि उन्हें नहीं पता चला कि कब देखते-देखते उनकी बाईं आंख ने भी रोशनी गंवा दी। उन्हें आज गर्व है कि उन्होंने सचिन के उनके घरेलू मैदान पर खेले गए पहले टेस्ट की स्कोरिंग की थी हालांकि उतना ही दुख भी कि आज वह उसी मैदान पर उनके आखिरी टेस्ट को देख नहीं पा रहे, बस कमेंट्री सुन सकते हैं। सुहास कहते हैं, 'हां, मुझे अफसोस है। मैंने उन्हें (सचिन) कितनी बेहतरीन पारियों को खेलते हुए देखा। मैं 1988 में उस समारोह का हिस्सा भी बना था जब सचिन और कांबली को उनके स्कूल करियर में विनोद कांबली के साथ एतिहासिक 664 रन की पार्टनरशिप के लिए सम्मानित किया गया था। मैंने 1993 के वानखेड़े के उस टेस्ट मैच में स्कोरिंग करते हुए उनकी इंग्लैंड के खिलाफ उस 78 रनों की पारी को देखा था।'

62 वर्षीय मराठे 1999 तक आराम से टीवी देखते थे लेकिन फिर उनकी आंख में दिक्कतें शुरू हो गईं, कई ऑपरेशन असफल रहे और उसके बाद हौसला रखते हुए सुहास ने यह तय किया कि वह ऐसे ही जिंदगी को जिंदादिली से जीएंगे और क्रिकेट का प्रेम व अपने शौक जारी रखेंगे। सुहास सचिन के नाम से जारी किए गए डाक टिकट को लेकर भी काफी उत्साहित हैं क्योंकि वह खुद भी टिकट इकट्ठा करने का शौक रखते हैं और इस टिकट को भी अपने पास रखना चाहेंगे। सुहास के मुताबिक सचिन ने जो कीर्तिमान हासिल किए हैं उसे अब कोई पार नहीं कर सकेगा।
(मिड-डे)


Sachin Tendulkar on crease, India on top in Mumbai Test

Sachin Tendulkar
मुंबई। वानखेड़े स्टेडियम पर वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टेस्ट के पहले दिन स्पिनर्स ने जहां कैरेबियाई टीम को 182 रनों पर ढेर कर दिया वहीं, टीम इंडिया के ओपनर्स ने भारत को सधी हुई शुरुआत देने के बाद अपने विकेट तो गंवा दिए लेकिन नतीजतन 'क्रिकेट के भगवान' व अपना आखिरी टेस्ट खेल रहे सचिन तेंदुलकर पिच पर उतर गए। स्टेडियम पर भारतीय ओपनर्स के आउट होने पर शायद इतनी खुशी फैंस के चेहरे पर कभी नहीं देखी गई थी। सचिन तेंदुलकर 38 पर नाबाद दूसरे दिन पिच पर उतरे हैं, जबकि उनके साथ चेतेश्वर पुजारा (नाबाद 34) उनका साथ दे रहे हैं। भारत ने अब तक 2 विकेट के नुकसान पर 157 रन बना लिए हैं।

पहले दिन के अंत तक मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने 6 चौके लगाए और वह शानदार फॉर्म में दिखाई दिए। उन्होंने अपने हर पुराने शॉट की झलक बखूबी पेश की वह 73 गेंदों तक बेहतरीन संघर्ष किया और चेतेश्वर पुजारा उनका लगातार बढि़या साथ दे रहे हैं। इससे पहले, पहले दिन दूसरे सत्र में ही वेस्टइंडीज की पारी समेटने के बाद भारतीय टीम ने सधी हुई शुरुआत की और पहले विकेट की साझेदारी में शिखर धवन (33) और मुरली विजय (43) ने 77 रन बनाए। धवन को शिलिंगफोर्ड ने चंद्रपॉल के हाथों आउट कराया। धवन ने 28 गेंदों का सामना करते हुए सात चौके लगाए। धवन के बाद विजय भी उसी ओवर में डेरेन सैमी को कैच थमा बैठे। विजय ने 55 गेंदों में आठ चौके लगाए।

टॉस जीतकर पहले क्षेत्ररक्षण चुनने के अपने निर्णय को कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने सही साबित करते हुए प्रज्ञान ओझा और रविचंद्रन अश्रि्वन ने वेस्टइंडीज की पहली पारी सस्ते में समेट दी। वेस्टइंडीज के लिए कीरेन पॉवेल (48) ने सर्वाधिक रन बनाए, जबकि अपना 150वां टेस्ट मैच खेल रहे शिवनारायण चंद्रपॉल 25 रन पर आउट हुए। वेस्टइंडीज के लिए शुरुआत में सब ठीक लग रहा था क्योंकि पॉवेल और क्रिस गेल लय में दिख रहे थे। लेकिन समी ने कोलकाता के अपने शानदार सफर को जारी रखते हुए 25 के कुल योग पर गेल को अपने जाल में फंसा लिया। गेल 11 रन के निजी योग पर स्लिप में रोहित शर्मा के हाथों लपके गए। वेस्टइंडीज के लिए यह बड़ा झटका था, लेकिन डेरेन ब्रावो (29) और पॉवेल ने दूसरे विकेट के लिए 61 रनों की साझेदारी करते हुए इसकी भरपाई करने की कोशिश की। दोनों काफी अच्छा खेल रहे थे, लेकिन अश्रि्वन की फिरकी पर ब्रावो बल्ला लगा बैठे और धौनी ने उन्हें लपकने में कोई कोताही नहीं बरती। ब्रावो ने 63 गेंदों पर पांच चौके और एक छक्का लगाया। उनका विकेट 86 के कुल योग पर गिरा।

लंच तक दो विकेट गंवाने वाले वेस्टइंडीज ने दिन के दूसरे सत्र में आठ विकेट गंवा दिए। पॉवेल ने 80 गेंदों में चार चौके और एक छक्का लगाया। चंद्रपॉल और सैमुअल्स के बीच दूसरी सबसे बड़ी साझेदारी हुई। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 43 रन जोड़े। सैमुअल्स के जाने के बाद तो जैसे वेस्टइंडीज की पारी ताश के पत्तों का महल साबित हुई और आखिरी छह बल्लेबाज मिलकर 42 रन और जोड़ सके। वेस्टइंडीज के आखिरी चार बल्लेबाजों में तो तीन बिना खाता खोले लौट गए। भुवनेश्वर कुमार और मुहम्मद शमी को एक-एक विकेट हासिल हुए। दो मैचों की सीरीज में भारत 1-0 से आगे है।

Wednesday, 13 November 2013

Sachin Farewell: India Won Toss And Elect to Field First

Sachin Tendulkar
मुंबई। सचिन तेंदुलकर के 200वें व आखिरी टेस्ट मैच पर वानखेड़े स्टेडियम में माहौल किसी त्योहार से कम नहीं है, हर ओर बस सचिन-सचिन की ही गूंज नजर आ रही। इसी बीच वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाले सीरीज के इस दूसरे टेस्ट मैच के लिए टॉस हुआ, जो कि भारत ने जीता और पहले फील्डिंग का फैसला किया।

टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने टॉस जीतते ही इस बात को भी बोला कि वह कहीं ना कहीं उन फैंस को निराश करने वाले हैं जो आज सचिन की बल्लेबाजी देखने के मूड से मैदान पर आए थे, क्योंकि वह पहले फील्डिंग करने का फैसला लेंगे। टीम इंडिया ने इस टेस्ट मैच में कोई बदलाव नहीं किया है जबकि वेस्टइंडीज टीम ने दो बदलाव किए हैं। टीम में नरसिंह देवनारायण और शैनन गैब्रियाल को जगह दी गई है।
टीमें:
भारत: महेंद्र सिंह धौनी (कप्तान), शिखर धवन, मुरली विजय, चेतेश्वर पुजारा, सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली, रोहित शर्मा, रविचंद्रन अश्विन, भुवनेश्वर कुमार, प्रज्ञान ओझा, मोहम्मद शमी।
वेस्टइंडीज: डैरेन सैमी (कप्तान), क्रिस गेल, कीरन पॉवेल, डेरेन ब्रावो, मार्लन सैमुअल्स, शिवनारायण चंद्रपॉल, नरसिंह देवनारायण, दिनेश रामदीन, शेन शिलिंगफोर्ड, टीनो बेस्ट, शैनन गैब्रियाल।

Tuesday, 12 November 2013

Mumbai Taj Palace hotel shines blue in honour of Sachin

Sachin Tendulkar
मुंबई। बस दो दिन और, फिर शुरू होगा पांच दिनों तक चलने वाला वह सफर जिसके खत्म होने के साथ एक युग का अंत हो जाएगा। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम पर गुरुवार को मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर अपने करियर का आखिरी मैच खेलने उतरेंगे, जाहिर है कि इस मौके पर हर कोई इस महानतम खिलाड़ी को सम्मान देने से चूकना नहीं चाहेगा और इसी कड़ी में अब मुंबई का प्रसिद्ध होटल ताज भी शामिल हो गया है।

वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाले सीरीज के दूसरे व अंतिम टेस्ट के लिए टीम इंडिया के खिलाड़ी मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया के करीब स्थित मशहूर होटल ताज में रुक रहे हैं। ऐसे में भला यह होटल देश के लाडले को सलाम देने से कैसे चूकता। होटल प्रबंधन ने सचिन के सम्मान में पूरे होटल को नीली रोशनी से जगमग कर दिया है। गौरतलब है कि शुरू से वनडे क्रिकेट के जरिए टीम इंडिया का ट्रेडमार्क रंग नीला ही रहा है और जब से वनडे क्रिकेट रंगीन कपड़ों में खेला जाना शुरू हुआ था, तब से अभी तक सचिन ने भारतीय वनडे टीम की हर जर्सी पहनी है (हाल में बदली गई जर्सी को छोड़कर)। इसी लिहाज से ताज होटल ने मास्टर ब्लास्टर के सम्मान में होटल को रोशन करने के लिए नीला रंग चुना।

Wankhede Will be Studded with Stars in Sachin's Last Match

sachin tendulkar's last test match
मुंबई। वैसे तो तारे रात में दिखाई देते हैं और चमकते हैं। पर लगता है कि क्रिकेट के भगवान के आखिरी टेस्ट मैच में, मैदान दिन में ही सितारों से जगमगा उठेगा। जी हां हम किसी और की नहीं बात कर रहे हैं बॉलीवुड के सितारों की जो गवाह बनेंगे सचिन के आखिरी मैच के।

रिटायरमेंट से पहले मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में अपना आखिरी मैच खेलने जा रहे सचिन को अंतिम दफा देखने के लिए कई सितारे मैदान में मौजूद होंगे। आइए जानें किसकी है कैसी तैयारी और कौन नहीं आ पाएगा।
काई पो छे से बॉलीवुड में कदम रखने वाले सुशांत सिंह राजपूत इन दिनों अपना काम जोरों शोरों से खत्म कर रहे हैं ताकि वो अपना एक दिन मैदान में खेल देखते हुए बिता सकें।

सचिन और आमिर की दोस्ती तो काफी पुरानी है। सचिन का आखिरी मैच हो और आमिर ना पहुंचे ये तो हो ही नहीं सकता। आमिर की इस मैच में पहुंचने की पूरी संभावना है।

रणबीर कपूर बहुत बड़े खेल प्रेमी और क्रिकेट के दीवाने हैं। अफवाहों की मानें तो उन्होंने अपने डायरेक्टर अनुराग बसु के साथ मिलकर मैच से पहले ही फिल्म जग्गा जासूस की शूटिंग को समेटने का सोचा है। उनकी वानखेड़े जाकर मैच देखने की योजना है। रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण भी ये मैच देखने वानखेड़े पहुंचेंगे।
आर..राजकुमार के प्रमोशन में बिजी शाहिद कपूर ने डायरेक्टर प्रभु देवा को अपने साथ वानखेड़े चलकर मैच देखने को कहा है। वरुण धवन इन सबमें सबसे ज्यादा लकी हैं क्योंकि उन्होंने हाल ही में अपनी फिल्म तू मेरा हीरो की शूटिंग खत्म की है। वरुण के पूरा मैच मैदान में बैठकर देखने के चांस हैं।

सब होंगे बस वो ना होगा
शाहरुख के वानखेड़े प्रवेश पर 5 साल का बैन होने के चलते वो सचिन को आखिरी बार मैदान पर खेलता नहीं देख पाएंगे। वो कोलकाता टेस्ट मैच में पांचवें दिन जाने वाले थे, पर बादशाह की बदकिस्मती कहें या जो भी वो टेस्ट मैच तीन दिनों में ही सिमट गया। इस पर शाहरुख कहते हैं कि मैं वानखेड़े नहीं जा सकता क्योंकि दुनिया में ऐसी कई जगह हैं जहां कुछ लोग नहीं चाहते कि मैं जाऊं।

 Source- Entertainment News in Hindi

Ajit Tendulkar Tells After Retirement Pain of Sachin Tendulkar

Sachin Tendulkar
मुंबई। सचिन तेंदुलकर हमेशा से यह कहते आए हैं कि उनके जीवन में उनके भाई अजित तेंदुलकर का बहुत बड़ा योगदान रहा है। वो अजित ही थे जिन्होंने सचिन को क्रिकेट खेलने के लिए आगे बढ़ाया और हर संघर्ष से दूर रखते हुए सचिन को क्रिकेट को गले लगाने दिया। अब जब सचिन 24 साल के लंबे करियर के बाद संन्यास लेने जा रहे हैं तो उनके भाई अजित भी भावुक हैं, लेकिन इस बात से खुश हैं कि उनके भाई के करियर का एक सुखद और यादगार अंत हो रहा है।

अजित ने कहा, '18 नवंबर की दोपहर एक अलग तरह का अहसास लेकर आएगी। हमारे परिवार में सभी उसके क्रिकेट को जीते आए हैं। वह सब खत्म हो जाएगा। खुशी इस बात की है कि यह एक सुखद अंत ले रहा है। उसके ज्यादातर सभी सपने पूरे हो गए हैं, मुझे उम्मीद है कि उसने देश के भी सभी सपने पूरे किए होंगे। 18 नवंबर के बाद वो कभी भारतीय टीम की कैप नहीं पहनेगा। यह एक बहुत बड़ा बदलाव होगा क्योंकि पिछले 24 सालों से वो इसको जीता आया है। उसके पूरे करियर में फैंस उससे सिर्फ शतकों की उम्मीद करते आए हैं और इस दबाव के बीच उसने बहुत कुछ कर दिखाया। संन्यास के बाद वह गेंदबाज सामने नहीं होंगे जो उसे गेंदें फेकेंगे और वो अभ्यास सत्र अब नहीं होंगे जिसकी उसको आदत सी हो गई थी। हां,अब वो जितना चाहे बटर चिकन खा सकता है।'
अजित ने अपने भाई के करियर, शोहरत, पिता के देहान्त, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उसकी सर्वश्रेष्ठ पारी और संन्यास के बाद सचिन की जिंदगी के बारे में बात करते हुए कहा, 'मेरे लिए वो करोड़पति तब ही होता था जब वह रन बनाता था। उसके रन बनाने के बाद ऑटो में घूमने का भी मजा अलग होता था, लेकिन रन ना बनाने पर बीएमडब्ल्यू जैसी आलीशान गाड़ी में घूमना भी अजीब लगता था। घर पर हम उसके रनों की बात करते थे, पैसों की नहीं। यह जितने भी रिकॉर्ड उसके पास हैं, वो उसे पूरे जीवन के लिए करोड़पति बनाते हैं।'

सचिन के परिवार ने हमेशा क्रिकेट के मैदान से दूरी बनाए रखी लेकिन उनके आखिरी टेस्ट मैच में सभी वहां मौजूद रहेंगे क्योंकि यह आखिरी मौका होगा। अजित ने कहा, 'मैं इस बार बिल्कुल मैच देखने जाऊंगा। यह मेरे लिए आखिरी मौका है। हमारी मां पहली बार सचिन को लाइव खेलते देखेंगी। हमारे कई दोस्त इस बात पर हंसते भी रहे हैं कि हम इतने साल मैदान से कैसे दूर रहे, लेकिन हमें फर्क नहीं पड़ा, हालांकि इस बार हम सब वहां पहुंचेंगे।'

Monday, 11 November 2013

Inauguration of Sachin Tendulkar Gymkhana

sachin tendulkar

मुंबई। क्रिकेट के भागवान सचिन तेंदुलकर के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास को यादगार बनाने के लिए मुंबई में जश्न का दौर शुरू हो गया है। इसी के तहत एससीए की ओर से घोषित कांदिवली जिमखाना का नाम सोमवार को सचिन तेंदुलकर जिमखाना कर दिया गया। इसके उद्घाटन अवसर पर सचिन अपनी पत्नी अंजली के साथ वहां पहुंचे। इस दौरान टीम इंडिया के कप्तान धौनी के साथ टीम केअन्य खिलाड़ी भी मौजूद थे।
दो दिन बाद अपने करियर का अंतिम टेस्ट मैच खेलने जा रहे भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को मुंबई क्रिकेट संघ (एमसीए) ने सोमवार को सम्मानित किया। इस दौरान राजनीति और क्रिकेट के कई दिग्गजों की मौजूदगी में कांदिवली स्पो‌र्ट्स कांप्लैक्स का नाम मास्टर-ब्लास्टर के नाम पर सचिन तेंदुलकर जिमखाना क्लब रखा गया। 

40 वर्षीय सचिन गुरुवार से वेस्टइंडीज के खिलाफ शुरू हो रहे दूसरे और अंतिम टेस्ट मैच के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लेंगे। यह सचिन का 200वां टेस्ट मैच होगा। कार्यक्रम में सचिन की पत्नी अंजलि के अलावा भारत और वेस्टइंडीज टीम के सदस्य भी मौजूद रहे। इस अवसर पर सचिन ने कहा, 'मैं न सिर्फ इस शाम बल्कि पिछले 24 सालों की सराहना करता हूं। क्लब के प्रवेश द्वार पर अपना नाम पढ़कर मुझे अच्छा लग रहा है। मैंने इसकी उम्मीद नहीं की थी। मैं इस सम्मान के लिए एमसीए को धन्यवाद देना चाहता हूं। एमसीए ने हर तरह से मेरा सहयोग किया। जब मैंने चाहा उसने मुझे नेट्स उपलब्ध कराए। मेरी तैयारियों के लिए सही पिच, सही गेंदबाज उपलब्ध करवाए। जूनियर लेवल से लेकर टीम इंडिया का हिस्सा बनने तक के सफर में एमसीए ने मुझे हर तरह की सुविधा मुहैया करवाई।' सचिन ने कहा कि एमसीए अगली पीढ़ी के क्रिकेटरों के लिए बेहतरीन प्लेटफॉर्म दे रहा है। मुझे भारतीय क्रिकेट का भविष्य उज्जवल दिखाई दे रहा है।
कार्यक्रम में मौजूद एमसीए के नए अध्यक्ष शरद पवार ने कहा कि तेंदुलकर संघ का बेशकीमती हीरा हैं। हमें गर्व है कि हमारे पास उनके जैसा खिलाड़ी है। वह सिर्फ क्रिकेट के ही नहीं बल्कि पूरे खेल जगत के महान दूत हैं और युवाओं के प्रेरणास्त्रोत हैं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि सचिन महान क्रिकेटर हैं। उन्होंने भारत को क्रिकेट में कई गौरवांवित करने वाले पल दिए हैं। 

ऑनलाइन टिकट ब्रिकी की साइट शुरू होते ही हुई क्रैश
मुंबई। सचिन तेंदुलकर के अंतिम टेस्ट के लिए टिकटों की कमी की आलोचना झेल रहे एमसीए द्वारा सोमवार को शुरू हुई ऑनलाइन टिकट बिक्री के लिए फिर से संघ की किरकिरी हुई। सोमवार को एमसीए ने 14 से 18 नवंबर तक वानखेड़े में खेले जाने वाले टिकटों की क्याजूंगा डॉट कॉम पर ऑनलाइन बिक्री शुरू की थी, लेकिन यह साइट भारी ट्रैफिक की वजह से शुरू होने से पहले ही क्रैश हो गई। एमसीए ने ऑनलाइन ब्रिकी के मौजूद 3000 टिकटों की कीमत 500, 1000 और 2500 रुपये है। वहीं 1500 विशेष टिकटों की कीमत 10 हजार रुपये है। एमसीए के अनुसार प्रति व्यक्तिसिर्फ दो ही टिकट ऑनलाइन खरीदे जा सकते थे। 

सचिन के सम्मान में म्यूजियम बनाएगा एचपीसीए
धर्मशाला। सचिन को सम्मानित करने के लिए हिमाचल प्रदेश क्रिकेट संघ (एचपीसीए) ने महान बल्लेबाज के लिए म्यूजियम बनाने की घोषणा की है। इस संबंध में संघ ने कहा कि हमें यह घोषणा करने में बेहद खुशी हो रही है कि एचपीसीए धर्मशाला में बनने वाला क्रिकेट म्यूजियम सचिन को समर्पित करेगा।

Indian turbanator Harbhajan Singh Also Salutes Sachin

Sachin Tendulkar

जागरण संवाददाता, जालंधर। एक समय मंकीगेट विवाद में भज्जी का साथ देने वाले सचिन तेंदुलकर के एहसान को आज भी टर्बनेटर हरभजन सिंह नहीं भूले होंगे। भज्जी ने हमेशा सचिन को अपना आइडल माना है, उन्होंने सोमवार को कहा कि सचिन तेंदुलकर देश का गौरव हैं। राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने के लिए प्रयासरत भज्जी ने कहा कि सचिन केसाथ खेलना मेरे लिए गर्व की बात है। हर कोई इस महान क्रिकेटर के साथ समय बिताना चाहता है और परमात्मा ने मुझे यह सौभाग्य भी दिया।
उन्होंने कहा कि दो दिन बाद सचिन अपना 200वां और विदाई टेस्ट मैच खेलने जा रहे है। अफसोस है कि ग्राउंड में मैं उनके साथ नहीं रहूंगा, लेकिन सचिन के इस टेस्ट मैच को मैं मिस नहीं कर सकता। मैं इस महान क्रिकेटर को जरूर खेलते देखूंगा और सचिन को अपने कंधे पर उठाकर उनकी 200वें टेस्ट मैच की खुशी में उनके साथ शरीक होऊंगा।

हरभजन ने याद किया, 'मैं 15-16 साल का था, तब पहली बार सचिन तेंदुलकर से मिला। सचिन चंडीगढ़ में टेस्ट मैच खेलने आए थे और जालंधर से मुझे वहां भेजा गया था। इस दौरान वहां कोच ने मेरा सचिन के साथ परिचय करवाते हुए कहा था कि यह लड़का बहुत अच्छी गेंद फेंकता है। मेरे लिए यह बहुत खुशी की बात थी कि विश्व के महान खिलाड़ी के सामने मेरा इस तरह परिचय हुआ। सचिन से मिलने पर ऐसा लगा जैसे मेरी जिंदगी ही बन गई। मैं उन्हें टकटकी लगाकर देखता रहा। वह बात करते रहे, लेकिन मुझे सचिन से मिलने और उनसे हाथ मिलाने की इतनी खुशी थी कि मुझे समझ में ही नहीं आ रहा था कि मैं क्या करूं।'