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Tuesday, 3 June 2014

ICC investigations into corruption critical, says Sachin Tendulkar

Sachin Tendulkar
Tendulkar, who bid adieu to the game last year after playing 200 Test matches, said the ICC's probe into corruption into cricket are "critical for the game".
   
"I think the concerned people are taking really important steps because it is critical for the game to make sure that the spectators watch a fair competition," Tendulkar told reporters here.
   
Tendulkar was referring to the ongoing investigations by the ICC, the contents of which, including some testimonies of players, were leaked to the media leading to a furore.
   
The 41-year-old, who is here on a promotional tour, was also all excited about picking up his bat for the first time after retirement for an exhibition match in which he wouldb play with West Indian legend Brian Lara.
   
Tendulkar and Lara would turn up for the Marylebone Cricket Club XI to mark the MCC's 200th anniversary.  The Tendulkar-led team will take on a World XI captained by former Australia leg-spinner Shane Warne in an ODI match on July 5.
   
"We (himself and Lara) played for the same team and we had a wonderful partnership. So I'm hoping for another one this time," he said.
   
"It's always been a joy to play against him. I loved watching Brian scoring runs against other nations, not India," Tendulkar said.
   
The Indian said Singapore can be a force to reckon with in international cricket.
   
"I don't see any reason why not... whenever we played here in Singapore, the response was really good," said Tendulkar.
   
"As a cricketer I feel proud that various nations are taking initiatives in constructing state-of-the-art stadiums and making sure that every measure is taken to globalise the game," he said.


Source: Latest News from Sports News 

Thursday, 26 December 2013

Ashes test: Melbourne will strike the beginning of Boxing day test 10959908



मेलबर्न। क्रिसमस मनाने के बाद एक बार फिर चिर प्रतिद्वंद्वी ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड गुरुवार से एशेज सीरीज के चौथे टेस्ट में आमने-सामने होंगे। मेलबर्न में होने वाले इस चौथे टेस्ट में यूं तो 3-0 से अजेय बढ़त बनाने वाली कंगारू टीम ही प्रबल दावेदार नजर आ रही है, लेकिन इंग्लैंड के पास अब खोने के लिए कुछ नहीं बचा, लेकिन हां, वो बाकी बचे दो मुकाबले जीतकर कम से कम अपने फैंस को कुछ राहत जरूर देने की कोशिश करेंगे।

एक साल में दो एशेज सीरीज और स्थिति व नतीजे कुछ ही महीनों के अंदर पूरी तरह से उलट-पुलट हो गए। गर्मियों में जब कंगारू इंग्लैंड पहुंचे तो उनको इंग्लैंड ने बुरी तरह धो डाला और लगातार तीसरी बार एशेज अर्न अपने पास रखी और थकी हारी से दिखने वाली कंगारू टीम ने जब हॉट फेवरेट इंग्लिश टीम को सर्दियों में अपने घर में एशेज के लिए स्वागत किया तो इंग्लिश टीम की कंपकपी छूट गई। ऑस्ट्रेलिया ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के अपने पुराने रुतबे व तेवर को फिर दिखाया और क्रिकेट विशेषज्ञों व आलोचनाओं की सारी गणित को गलत साबित करते हुए इंग्लिश टीम को शुरू के तीनों टेस्ट मैचों में रौंद डाला, और रौंदा भी गजब अंदाज में, जहां उनके बल्लेबाज भी चले और गेंदबाज भी, जो लय में नहीं था, वो भी लय में लौटा, और जो लय में था, वो और आक्रामक होता दिखा।

इंग्लैंड की टीम जब मेलबर्न में चौथा टेस्ट खेलने उतरेगी तब उसका लक्ष्य सिर्फ और सिर्फ यही होगा कि वो किसी तरह बाकी बचे दोनों मुकाबले जीत जाए ताकि देश वापसी में फैंस को मुंह दिखाया जा सके, वहीं दूसरी तरफ कंगारुओं की बदले की भावना अभी भी शांत नहीं हुई होगी क्योंकि लगातार तीन एशेज गंवाने के बाद लय में लौटना उनके लिए वरदान जैसा ही है। इंग्लैंड के सामने सबसे बड़ी मुश्किल होगी उसके दो अहम खिलाड़ियों का अचानक गायब हो जाना। एक तरफ जहां जॉनाथन ट्रॉट मानसिक तनाव के कारण स्वदेश लौट गए, तो दूसरी तरफ तीसरे टेस्ट के बाद मुख्य स्पिनर ग्रीम स्वान ने सबको हैरान-परेशान करते हुए अचानक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया।
जाहिर तौर पर मेलबर्न में ऑस्ट्रेलिया का टॉप ऑर्डर एक बार फिर इंग्लिश गेंदबाजों के निशाने पर होगा लेकिन जब इंग्लैंड के सबसे सफल गेंदबाज जेम्स एंडरसन ही अब तक फ्लॉप साबित होते दिख रहे हों, ऐसे में किसी और गेंदबाज से कप्तान कैसे ज्यादा उम्मीदें रखे। वहीं, कंगारू टीम में उनके मुख्य गेंदबाज मिचेल जॉनसन ही नहीं, रेयान हैरिस, शेन वॉटसन और पीटर सिडल जैसे गेंदबाज भी कहर ढा रहे हैं। इंग्लैंड को मेलबर्न में ना सिर्फ अपनी गेंदबाजी को व्यवस्थित करना होगा बल्कि अपने टॉप व मिडिल ऑर्डर को भी दुरुस्त करना होगा। कुल मिलाकर अब तक चारों खाने चित होने वाली इंग्लिश टीम को ये साबित करना होगा कि उनकी टीम पूरी तरह ढली नहीं है, जबकि कंगारू क्लीन स्वीप की तरफ एक और कदम बढ़ाने के लिए उतरेंगे।


Source : Cricket News

Monday, 2 December 2013

Karan creates history by taking 10 wickets in an Innings

Karan Thakur
नई दिल्ली। रेलवे के तेज गेंदबाज करण ठाकुर सीके नायुडू ट्रॉफी (बीसीसीआइ अंडर-25 टूर्नामेंट) मैच की एक पारी में सभी दस विकेट लेने वाले पहले गेंदबाज बन गए हैं। करण ने बड़ौदा के खिलाफ शनिवार को यह कारनामा किया। करण एमआरएफ पेस अकादमी में ऑस्ट्रेलिया के महान तेज गेंदबाज ग्लेन मैकग्रा और डेनिस लिली का भी ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर चुके हैं (फोटो)।
रेलवे अंडर-25 की तरफ से खेल रहे दिल्ली के 23 वर्षीय गेंदबाज करण ने 28.5 ओवर में पांच मेडन करके 77 रन दिए और दस विकेट लिए। उनके इस शानदार प्रदर्शन के बावजूद उनकी टीम बल्लेबाजों के लचर प्रदर्शन केकारण दस रन से यह मैच हार गई।
करण नियमित रूप से एमआरएफ पेस अकादमी में ट्रेनिंग लेते हैं और उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के महान गेंदबाज ग्लेन मैकग्रा के साथ भी कुछ समय बिताया है। अपने इस रिकॉर्ड पर करण ने कहा कि मैं भाग्यशाली हूं कि अकादमी में दो अवसरों पर मुझे मैकग्रा सर से बात करने का मौका मिला। उन्होंने मुझे कुछ उपयोगी गुर सिखाए। मेरा मजबूत पक्ष आउटस्विंगर है। मुझे अपनी उपलब्धि पर गर्व है लेकिन यदि मेरे लिए यादगार रहे दिन में हमारी टीम जीत जाती तो मैं अधिक खुश होता।
करण से पहले भारतीय गेंदबाजों में अनिल कुंबले, प्रेमांग्सू चटर्जी और प्रदीप सुंदरम एक पारी में दस विकेट लेने का कारनामा कर चुके हैं। कुंबले ने 1999 में पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट मैच में दस विकेट लिए थे, जबकि चटर्जी और सुंदरम ने रणजी ट्रॉफी मैचों में यह कारनामा किया था। 1955-56 बंगाल की ओर से खेलते हुए चटर्जी ने असम के खिलाफ दस विकेट लिए थे, जबकि सुंदरम ने 1985-86 में राजस्थान की ओर से विदर्भ के खिलाफ यह रिकॉर्ड बनाया था।

Pak T20 captain Hafeez says he is unaware of team selection

Muhammed Hafeez
कराची। पाकिस्तानी टी20 टीम के कप्तान मुहम्मद हाफिज ने ये खुलासा करके सबको हैरान कर दिया कि अफगानिस्तान व श्रीलंका के खिलाफ यूएई में होने वाले तीन टी20 मैचों के लिए जिस पाक टीम का ऐलान किया गया, उससे वो बेखबर हैं।
पाकिस्तानी टी20 टीम के कप्तान हफीज जब दक्षिण अफ्रीका से पाकिस्तान वापस लौटे तो एयरपोर्ट पर वो मीडिया को ये बताने से जरा भी नहीं हिचकिचाए कि जिस टी20 टीम का ऐलान किया गया है उसके बारे में ना तो उनसे राय ली गई और ना ही उन्हें सूचित किया गया। हफीज ने कहा, 'मुझे कुछ नहीं पता (टीम के चयन पर) क्योंकि मैं फ्लाइट में था और ना ही किसी ने मुझसे संपर्क कर मुझे यह बताने की कोशिश की। मुझे नहीं पता कि टीम में कौन-कौन है, अब जाकर देखूंगा कि टीम में किसको-किसको शामिल किया गया है।'
गौरतलब है कि पाकिस्तानी क्रिकेट चयनकर्ताओं ने जब पाक टीम का ऐलान किया तो उसमें शोएब मलिक और अब्दुल रज्जाक जैसे सीनियर खिलाड़ियों को बाहर रखा गया, जबकि उनकी जगह दो नए खिलाड़ियों, शरजील खान और हैरिस सोहेल को टीम में शामिल किया गया है। जाहिर है कि पाकिस्तानी चयन प्रक्रिया में कप्तान की भूमिका व कप्तान का चयन हमेशा चर्चा का विषय रहा है। पहले भी कई कप्तान इसको लेकर सवाल उठा चुके हैं

ICC People's Choice Award winner to be declared today

International Cricket Council
आइसीसी पीपुल्स च्वाइस अवार्ड विजेता की घोषणा आज
मुंबई। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आइसीसी) मंगलवार को एलजी आइसीसी पुरस्कारों के लिए नामित किए गए खिलाड़ियों व आइसीसी की 2013 के लिए टेस्ट और वनडे टीमों की घोषणा करेगी।
विश्व क्रिकेट की सर्वोच्च संस्था के मुताबिक, आइसीसी के मुख्य कार्यकारी डेविड रिचडर््सन आखिरी नामित खिलाड़ियों व 2013 के लिए आइसीसी की टेस्ट और वनडे टीम की घोषणा करेंगे।
यहां जारी विज्ञप्ति के अनुसार एलजी पीपुल्स च्वाइस अवार्ड विजेता की घोषणा भी इस समारोह के दौरान की जाएगी। जनता के मतों से तय होने वाले इस एकमात्र पुरस्कार के लिए इस बार चार देशों के पांच खिलाड़ियों को नामित किया गया।
भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धौनी और उनके साथी विराट कोहली, ऑस्ट्रेलियाई कप्तान माइकल क्लार्क, इंग्लैंड के कप्तान एलिस्टेयर कुक और दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाज एबी डिविलियर्स इसकी दौड़ में हैं।

Friday, 29 November 2013

Plea in HC to stop conferment of Bharat Ratna on Tendulkar

High Court
चेन्नई। क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर और प्रधानमंत्री की वैज्ञानिक सलाहकार परिषद के प्रमुख सीएन राव को भारत रत्न प्रदान करने से रोकने के लिए मद्रास हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई है। याचिका में कहा गया है कि इस मामले में राष्ट्रपति की अधिसूचना का पालन नहीं किया गया है। राष्ट्रपति आगामी 26 जनवरी को राव और सचिन को भारत रत्न प्रदान करेंगे। खास बात यह है कि याचिका में वरिष्ठ वैज्ञानिक राव को भारत रत्न देने से रोकने की मांग तो की गई है लेकिन याचिकाकर्ता ने खुद स्वीकार किया है कि वह सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पाने के हकदार हैं।
मुख्य न्यायाधीश जस्टिस आरके अग्रवाल और जस्टिस एम. सत्यनारायन की पीठ ने एक वकील की ओर से दायर इस याचिका पर सुनवाई 2 दिसंबर तक के लिए टाल दी है। अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) पी विल्सन ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि भारत रत्न के बारे में केंद्र सरकार ने नियमों में बदलाव किए हैं। इनके तहत अब खिलाड़ी भी देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान पाने के हकदार है। इस पर पीठ ने एएसजी को सोमवार तक राष्ट्रपति की संशोधित अधिसूचना की प्रति पेश करने का निर्देश देते हुए सुनवाई स्थगित कर दी।

Piyush weds Anubhuti

piyush chawla
अनुभूति के हुए पीयूष चावला, शादी में कई नामी क्रिकेटर शामिल
मुरादाबाद। शुक्रवार की रात आयोजित एक भव्य समारोह में क्रिकेटर पीयूष चावला अनुभूति के हो गए। दिल्ली रोड पर होटल ड्राइव इन 24 में आयोजित विवाह समारोह में रात पौने बारह बजे जैसे ही अनुभूति ने पीयूष के गले में जयमाल डाली पूरा पंडाल तालियों से गूंज उठा। समारोह में भुवनेश्वर, इरफान पठान समेत कई नामी क्रिकेटर भी शामिल हुए। मंडलायुक्त समेत तमाम अधिकारियों व गणमान्य मान्य लोगों ने भी समारोह में शिरकत की।
दुल्हन बनी अनुभूति सिल्वर गोटे वाले रानी कलर के लहंगे सजी थीं तो दूल्हे राजा पीयूष ने बादामी कलर की शेरवानी पहन रखी थी। लग्न के मुताबिक शादी की रस्में रात सवा नौ बजे शुरू हुई। पीयूष आयोजन स्थल के द्वितीय तल पर तैयार हुए और पैदल नीचे आकर घोड़े पर सवार हुए। उसके बाद बैंडबाजे की धुन व ढोल थाप के साथ पीयूष की बारात आगे बढ़ी। आयोजन स्थल के एक गेट से निकलकर दूसरे गेट में प्रवेश कर गई। इस दौरान दोस्तों, परिजनों व रिश्तेदारों ने जमकर डांस किया। जश्न माहौल का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि करीब 200 मीटर की दूरी तय करने में बरात को सवा दो घंटे लग गए। आतिशबाजी की चकाचौध से विवाह समारोह दमक उठा। उसके बाद सवा ग्यारह बजे गेट पर बारात का अनुभूति के परिजनों व रिश्तेदारों ने शानदार स्वागत किया। फिर दोस्तों व रिश्तेदारों के साथ पीयूष जयमाल के स्टेज पर पहुंचे। उसके बाद अनुभूति अपनी सहेली व रिश्तेदारों के साथ जैसे ही स्टेज पर पहुंची, मंगलगीत गाए जाने लगे। फिर अनुभूति ने पीयूष के गले में जयमाल डाली उसके बाद पीयूष ने इसी रस्म को दोहरा दिया। पूरे पंडाल में पुष्प वर्षा होने लगी और कैमरों के फ्लैश चमकने लगे। मेहमानों की आवभगत के बाद फेरों की रस्म रात साढ़े बारह बजे शुरू हो गई। विवाह की रस्में पंडित शिव पूजन शास्त्री व अवधेश नारायण पांडे ने पूरी कराई।
दुल्हन बनीं अनुभूति मेरठ के सीएमओ अमीर सिंह की बेटी हैं, जबकि पीयूष के पिता प्रमोद चावला बिजली विभाग में कार्यरत हैं।
आयोजन में यूपी के टीम सलेक्टर एवं पूर्व क्रिकेटर ज्ञानेंद्र पांडे, एसएसपी आशुतोष कुमार, मुरादाबाद के पूर्व डीएम व एनआरएचएम के डायरेक्टर अमित घोष समेत तमाम अधिकारी, शिक्षाविद्, कारोबारी, चिकित्सक व गणमान्य लोग मौजूद थे। पीयूष के विदेशी मेहमानों ने भी आयोजन में शिरकत की।
शादी में जमकर नाचे रिश्तेदार व दोस्त
पीयूष की शादी में मां पूनम चावला, पिता प्रमोद चावला, भाई प्रतीक चावला समेत रिश्तेदारों व दोस्तों ने जमकर ठुमके लगाए। क्रिकेटर इरफान पठान व भुवनेश्वर पूरे समय बने रहे। वह शाम करीब छह बजे होटल ड्राइव इन 24 अपने निजी वाहनों से पहुंचे। शादी में सुरक्षा की दृष्टि से दिल्ली से बाउंसर आए थे, जो इरफान पठान व भुवनेश्वर के गिर्द-गिर्द घूमते रहे। इरफान पठान ने अपने कमरे से निकलकर बारात में पहुंचने की दो बार कोशिश की लेकिन खुद को भीड़ से घिरा देख वापस कमरे में लौट गए जबकि भुवनेश्वर जयमाल के दौरान पीयूष के पास पहुंचे और फोटो भी खिंचाए। पीयूष की मां पूनम चावला पिंक कलर की डेस में सजी थीं उन्होंने भी बेटे की शादी में ठुमके लगाए तो मरून कलर की शेरवानी पहने पीयूष के भाई प्रतीक चावला भी जमकर झूमे। पिता प्रमोद चावला सुनहरी कलर के सूट में कभी बारात तो कभी मेहमानों की आवभगत में नजर आए।
विदेशी दोस्तों ने भी उठाया शादी का लुफ्त
पीयूष की शादी में उनके विदेशी दोस्त भी पहुचे। बारात से लेकर जयमाल को उन्होंने करीब से देखा और कैमरे में कैद किया। जयमाल के वक्त विदेशी मेहमानों ने पीयूष के साथ फोटो भी खिचाएं। जयमाल के बाद पीयूष व अनुभूति ने दोस्तों के साथ डांस किया।

Wednesday, 27 November 2013

Collector's items: Coins by Achrekar are priceless for Sachin

sachin tendulkar
मुंबई। अगर किसी व्यक्ति से पूछा जाए कि वह मुहम्मद अली के हस्ताक्षर वाले मुक्केबाजी ग्लव्स, मशहूर ब्रिटिश बैंड डायर स्ट्रेट के मार्क नोकफ्लेर के गिटार और सर डॉन ब्रैडमैन के बल्ले में से किस यादगार चीज को चुनेगा तो निश्चित तौर पर उसके लिए फैसला करना काफी मुश्किल होगा। 

लेकिन अगर यही सवाल सचिन तेंदुलकर से पूछा जाएगा तो उनका जवाब होगा अपने कोच रमाकांत आचरेकर द्वारा दिए गए सिक्के, जो उन्हें शिवाजी पार्क जिमखाना ग्राउंड में घंटों की कड़ी ट्रेनिंग के बाद अपने गुरु से मिले हैं। यह सिक्के सचिन के लिए बेशकीमती हैं। उन दिनों आचरेकर स्टंप के ऊपर एक रुपये का सिक्का रखा करते थे।

अगर तेंदुलकर आउट नहीं होते थे तो यह सिक्का उनका हो जाया करता था।
तेंदुलकर ने बुधवार को भारत की पहली सेलीब्रिटी कॉमर्स वेबसाइट कलेक्टेबिलिया के लांच के बाद कहा कि मेरे लिए सबसे यादगार चीज वह सिक्के हैं, जो मैंने आचरेकर सर से हासिल किए हैं। वह सबसे अहम और बेशकीमती हैं। कलेक्टेबिलिया सेलीब्रिटी वॉल में विभिन्न क्षेत्र के दिग्गजों के हस्ताक्षर वाली कुछ असली और बहुमूल्य चीजे होंगी। इसमें तेंदुलकर के 200वें टेस्ट के बाद उनके हस्ताक्षर वाला बल्ला और मुहम्मद अली के हस्ताक्षर वाले मुक्केबाजी ग्लव्स भी शामिल हैं। अली के मुक्केबाजी ग्लव्स को देखने के बाद सचिन ने कहा कि यह वैसे ही हैं जैसे उनके बांद्रा के बंगले में हैं। तेंदुलकर ने कहा कि अपने 40वें जन्मदिन पर मुझे अंजना (कलेक्टेबिलिया डॉट कॉम की प्रबंध निदेशक अंजना रेड्डी) ने सरप्राइज दिया। मुहम्मद अली के ग्लव्स जो आप यहां देख रहे हैं वैसे ही मेरे घर पर भी हैं जिन पर उनके हस्ताक्षर हैं। यह विशेष तोहफा है। इसके अलावा इस दिग्गज भारतीय बल्लेबाज के पास सर डॉन ब्रैडमैन की फ्रेम वाली तस्वीर और उनके हस्ताक्षर वाला बल्ला भी है।
महान गायिका लता मंगेशकर तेंदुलकर को अपने बेटे की तरह मानती हैं और इस दिग्गज क्रिकेटर को अपनी लता दीदी से तोहफे का इंतजार है। उन्होंने कहा कि मैं जिस चीज को लेकर उत्सुक हूं वह यह है कि लता दीदी ने मुझे कुछ देने का वादा किया था, इसलिए उम्मीद करता हूं कि मुझे कुछ मिलेगा। यह सरप्राइज है। मैं इसे लेकर उत्सुक हूं। यह मेरे लिए विशेष है।


Source- Cricket News in Hindi

Cricketer alleges sexual harassment by MPCA chairman

Cricketer alleges
इंदौर। अट्ठारह वर्षीय महिला क्रिकेटर ने मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एमपीसीए) के महिला अंडर-उन्नीस चयन समिति के संयोजक अल्पेश शाह पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है।
पीड़ित क्रिकेटर के पिता संदीप ठक्कर ने बुधवार को बताया कि अल्पेश ने 23 सितंबर की शाम स्थानीय होलकर स्टेडियम के प्रशासनिक ब्लॉक स्थित कार्यालय में 'विशेष आशीर्वाद' देने के नाम पर उनकी बेटी को बुलाया और उसका यौन शोषण करने की कोशिश की।

उन्होंने कहा, 'जब शाह अपने कार्यालय में मेरी बेटी के साथ अश्लील हरकतें कर रहे थे, तब वह उन्हें धक्का देकर उनके कार्यालय से भागी और आकर मुझे आपबीती सुनाई।' 

पिता ने बताया कि उन्होंने इसकी जानकारी एमपीसीए के अध्यक्ष एमके भार्गव को दी, जिसके बाद उन्हें और उनकी बेटी को अध्यक्ष ने अल्पेश की मौजूदगी में बुलाया, जहां अल्पेश ने अपने किए पर माफी मांगी। हालांकि शाह ने अपने खिलाफ लगाए गए आरोप को खारिज करते हुए कहा कि लड़की का अंडर-19 महिला क्रिकेट टीम में चयन नहीं किया गया। इस वजह से वह ऐसे आरोप लगा रही है।

भार्गव ने कहा कि आरोपों की जांच के लिए एमपीसीए ने चार सदस्यीय समिति का गठन किया है और यदि आरोपों में सच्चाई पाई जाती है तो मामला पुलिस के पास भेज दिया जाएगा। 


Source- Cricket News in Hindi

Thursday, 21 November 2013

India win 6 wickets against west indies in first ODI

MS Dhoni
कोच्चि [जेएनएन]। सचिन तेंदुलकर के बाद शतकों के मास्टर बनते जा रहे विराट कोहली गुरुवार को भले ही अपने 18वें शतक से महज 14 रन से चूक गए, लेकिन उनकी 86 रन की शानदार पारी की मदद से भारत ने पहले वनडे में वेस्टइंडीज पर छह विकेट की आसान जीत दर्ज की। सलामी बल्लेबाज के अपने नए किरदार को बखूबी निभा रहे रोहित शर्मा ने भी 72 की आकर्षक पारी खेली, जिससे भारत ने 212 रन का लक्ष्य 88 गेंद शेष रहते ही हासिल कर लिया। भारत की जीत में गेंदबाजों खासकर स्पिनरों की भी अहम भूमिका रही। बायें हाथ के स्पिनर रवींद्र जडेजा और पार्ट टाइम ऑफ स्पिनर सुरेश रैना ने तीन-तीन विकेट झटके, जिससे वेस्टइंडीज की टीम 48.5 ओवर में 211 रन पर ही सिमट गई। जडेजा ने 37 रन पर तीन विकेट, रैना ने 34 रन पर तीन विकेट और ऑफ स्पिनर आर अश्विन ने 42 रन पर दो विकेट लेकर मेहमान टीम को टिकने का मौका नहीं दिया। वेस्टइंडीज की तरफ से डेरेन ब्रावो ने सर्वाधिक 59 रन और सलामी बल्लेबाज जॉनसन चा‌र्ल्स ने 42 रन का योगदान दिया।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने चौथे ओवर में ही शिखर धवन (05) का विकेट गंवा दिया। असमान उछाल के साथ स्पिनरों की मददगार पिच को देखते हुए लगा कि कैरेबियाई टीम भारत को लक्ष्य हासिल करने में दिक्कत पैदा करेगी, लेकिन अगले बल्लेबाज कोहली और रोहित ने दूसरे विकेट के लिए 21.4 ओवर में 6.13 की औसत से 133 रन बटोरते हुए मैच एकतरफा बना दिया। रोहित के जाने के बाद कोहली ने युवराज सिंह (नाबाद 16) के साथ पारी को आगे बढ़ाया। भारत की जीत तय थी, दर्शकों को बस इंतजार था कोहली के शतक का। लक्ष्य छोटा होने की वजह से कोहली ने यह काम जल्दी पूरा करना चाहा, इसी चक्कर में वह होल्डर की गेंद को हवा में खेल गए जो नरेन के हाथों में जा समाई। आउट होने से ठीक पहले कोहली ने होल्डर की गेंद पर जोरदार छक्का जमाते हुए वनडे करियर में 5000 रन भी पूरे किए।

इससे पहले, टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी कैरेबियाई टीम को पहले ही ओवर की दूसरी गेंद पर ही जोरदार झटका लगा जब गेंदबाज भुवनेश्वर ने रन चुराने की कोशिश कर रहे विस्फोटक बल्लेबाज क्रिस गेल को खाता खोलने से पहले ही सीधे थ्रो पर रन आउट कर दिया। हालांकि चा‌र्ल्स और मर्लोन सैमुअल्स (24) ने दूसरे विकेट के लिए 65 रन की साझेदारी करके टीम को इस झटके से उबारा। कैरेबियाई टीम एक समय 27 ओवर में तीन विकेट पर 142 रन बनाकर अच्छीच्स्थिति में दिख रही थी, लेकिन रैना, जडेजा और अश्विन ने इसके बाद कैरेबियाई टीम का सस्ते में पुलिंदा बांध दिया। तीन मैचों की सीरीज का अगला मैच रविवार को विशाखापत्तनम में खेला जाएगा।

Wednesday, 20 November 2013

Sachin is Bharat Ratna but what about Dhyan Chand

Dhyan Chand

भुवनेश्वर। हॉकी इंडिया लीग (एचआइएल) ने भी ध्यानचंद को भारत रत्न देने की मांग में खुद को शामिल करते हुए मंगलवार को कहा कि सरकार को हॉकी के जादूगर को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित करना चाहिए। वहीं, पूर्व हॉकी खिलाड़ियों ने भी कहा है कि यह सम्मान उन्हें नहीं दिया जाना उस महान खिलाड़ी का अपमान है जिसने देश को गुलामी के दौर में खेल के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई थी।

एचआइएल के अध्यक्ष और हॉकी इंडिया के महासचिव नरेद्र बत्रा ने कहा, 'हम सचिन तेंदुलकर को भारत रत्न देने का स्वागत करते है। हमें खुशी होगी यदि भारत सरकार ध्यानचंद के नाम की घोषणा भी इस सर्वोच्च नागरिक सम्मान के लिए करे। एचआइएल का अध्यक्ष होने के नाते मैं जल्द ही खेल मंत्रालय के सामने यह मसला रखूंगा।' एचआइएल के उपाध्यक्ष प्रताप सत्पथी ने कहा, 'हम तेंदुलकर को भारत रत्न देने का विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन यदि ध्यानचंद को यह सम्मान नहीं मिलता है तो यह अन्याय होगा।'

भारत रत्न पर मचे घमासान के बीच पूर्व ओलंपियनों ने कहा है कि चाहे सचिन को भारत रत्न के साथ 'खेल मंत्री' बना दो, लेकिन पहले यह पुरस्कार ध्यानचंद को दिया जाना चाहिए था जिन्होंने मुल्क के खाते में कई स्वर्ण पदक दिलाए हैं। पूर्व हॉकी कप्तान परगट सिंह ने कहा, 'ध्यानचंद का खेल के क्षेत्र में बड़ा योगदान है। इस महान खिलाड़ी ने उस वक्त मुल्क को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल के क्षेत्र में पहचान दिलायी थी, जब हमारा देश गुलाम था। इसलिए इस सम्मान पर पहला हक उनका बनता है।'

भारतीय टीम के पूर्व कोच राजिंदर सिंह ने कहा, 'मैं अन्य की बात नहीं जानता लेकिन मेजर (ध्यानचंद) को यह पुरस्कार अवश्य मिलना चाहिए था।' सुरेंद्र सोढी ने कहा, 'मेजर ध्यानचंद इस पुरस्कार के असली हकदार हैं और उन्हें भी यह पुरस्कार मिलना चाहिए।

Source- Cricket News in Hindi

MS Dhoni does not want to underestimate the West Indies in the ODI series


MS Dhoni
कोच्चि। भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने कहा कि वेस्टइंडीज टीम के खिलाफ टेस्ट सीरीज में मिली जीत के कारण गुरुवार से शुरू हो रही वनडे सीरीज में मेहमान टीम को कमजोर आंकना गलत होगा। भारत ने टेस्ट सीरीज में 2-0 से जीत दर्ज की थी लेकिन धौनी ने कहा कि यह स्कोरलाइन हासिल करना आसान नहीं होगा और वनडे प्रारूप में वेस्टइंडीज के क्रिकेटर अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं।

धौनी ने मैच की पूर्व संध्या पर कहा कि वेस्टइंडीज की टीम काफी अच्छी है। आप कह सकते हैं कि टेस्ट मैच तीसरे दिन ही खत्म हो गए और यह आसान था, लेकिन ऐसा नहीं था। ऐसे भी हालात थे जिसमें हम दबाव में थे और हमें साझेदारी बनानी पड़ी। यह आसान सीरीज नहीं थी जैसा कि स्कोरबोर्ड बता रहा था। वनडे में अलग टीम है और जहां तक 50-50 ओवरों की बात है तो वे इसमें अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि हम यह नहीं सोचे कि विपक्षी टीम अच्छा खेली या नहीं।

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज में ज्यादातर मैच बड़े स्कोर वाले रहे थे। यह पूछने पर कि वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज में इसी तरह के स्कोर देखे जा सकते हैं तो धौनी ने कहा कि इस समय इसकी भविष्यवाणी नहीं की जा सकती।

Prithviraj Shaw plays world record innings of 546 runs 10875349

Prithvi Shaw
मुंबई। मुंबई के 14 वर्षीय पृथ्वी शॉ ने बुधवार को प्रतिष्ठित हैरिस शील्ड ट्रॉफी में 546 रनों की पारी खेलते हुए नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया। पृथ्वी की शानदार पारी से उनमें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर की झलक दिखाई देती है, जिन्हें हैरिस शील्ड मैच से ही पहली बार लोकप्रियता मिली थी। सचिन ने नाबाद 326 रन बनाते हुए विनोद कांबली (349) के साथ 664 रन की विश्व रिकॉर्ड साझेदारी की थी। यह रिकॉर्ड कुछ समय पहले ही टूटा है। 

मुंबई के इस उभरते हुए बल्लेबाज और मुंबई अंडर-16 टीम के कप्तान पृथ्वी ने आजाद मैदान पर सेंट फ्रांसिस डि एसिसी बोरीवली के खिलाफ खेले गए मैच में रिज्वी स्प्रिंगफील्ड की ओर से खेलते हुए 330 गेंदों की अपनी पारी में 85 चौके और पांच छक्के मारे। इसके साथ ही पृथ्वी आधिकारिक इंटर स्कूल मैच में 500 से अधिक का स्कोर करने वाले पहले स्कूली क्रिकेटर भी बन गए हैं।

पृथ्वी ने अपने स्कूल के सीनियर साथी और पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज वसीम जाफर के भतीजे अरमान जाफर के 498 रन के स्कोर को पीछे छोड़ा, जो उन्होंने कुछ साल पहले ही बनाया था। सेंट फ्रांसिस को 92 रन पर ढेर करने के बाद पृथ्वी ने मंगलवार को 166 गेंदों में नाबाद 257 रन की पारी खेली थी। बुधवार को उन्होंने अपनी पारी में 289 रन और जोड़े। किसी पंजीकृत क्रिकेट टूर्नामेंट में इससे पहले किसी भारतीय का सर्वश्रेष्ठ स्कोर दादाभाई हावेवाला के नाम दर्ज था जिन्होंने मुंबई में 1933-34 सत्र में सेंट जेवियर कॉलेज के खिलाफ 515 रन बनाए थे। वहीं प्रतिस्पर्धी क्रिकेट की शुरुआत के बाद उपलब्ध सभी पंजीकृत स्कोरकार्ड की बात करें तो पृथ्वी का रिकॉर्ड तीसरा सबसे बड़ा स्कोर है। जानकारी के मुताबिक सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड एईजे कोलिंस के नाम है, उन्होंने 1899 में इंग्लैंड में खेले गए मैच में नाबाद 628 रन बनाए थे, जबकि दूसरा सर्वश्रेष्ठ स्कोर सीजे एडी के नाम है। उन्होंने 1901 में 566 रन बनाए थे। 

क्रिकेट जगत में पृथ्वी की चर्चा
अपार प्रतिभा के धनी पृथ्वी को लेकर पिछले कुछ समय से मुंबई क्रिकेट हल्कों में काफी चर्चा है। अपनी काबिलियत के दम पर क्रिकेट स्कॉलरशिप हासिल कर इंग्लैंड में ग्लूस्टरशायर अकादमी के साथ ट्रेनिंग और उसकी दूसरे दर्जे की टीम के लिए कुछ अभ्यास मैच खेल चुके पृथ्वी की प्रतिभा के कायल इंग्लैंड के पूर्व काउंटी क्रिकेटर और जेडब्ल्यू क्रिकेट अकादमी के स्थापक जूलियन वुड भी हैं।

कुछ महीने पहले ही वुड ने पृथ्वी के साथ अपनी पहली मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा था कि अगले पांच सालों में वह दुनिया का सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज बन सकता है। 

पृथ्वी के कोच राजू पाठक और पिता पंकज शॉ ने उनके लिए हर संभव प्रयास किया। चार साल की उम्र में मां को खोने वाले पृथ्वी को उसके पिता ने कम आमदनी के बावजूद हर सुविधा मुहैया कराई। पृथ्वी अगर ऐसे प्रदर्शन करते रहे तो प्रबल संभावना है कि जूनियर चयन समिति के चेयरमैन कोनोर विलियम्स उन्हें अगले साल अंडर-19 टीम में चुनने पर गंभीरता से विचार कर सकते हैं। 

'मुझे नहीं पता था कि मैं 490 रन पर बल्लेबाजी कर रहा हूं क्योंकि मैंने अपने साथियों से कहा था कि वह मुझे स्कोर नहीं बताएं क्योंकि मैं अपना नैसर्गिक खेल खेलना चाहता था। जब मैं 500 रन पर पहुंचा तो साथियों ने मुझे बताया और सभी मेरे लिए खुश हुए।'
- पृथ्वी शॉ

Monday, 18 November 2013

Sachin gets salute by England parliament Also

Sachin Tendulkar

लंदन। सचिन तेंदुलकर को ब्रिटेन की संसद हाउस ऑफ कॉमंस ने भी उनकी क्रिकेट सेवाओं के लिए बधाई देते हुए सम्मान दिया है। सोमवार को जब हाउस ऑफ कॉमंस का सत्र शुरू हुआ तो सदस्यों ने सचिन तेंदुलकर को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के फैसले का सम्मान करते हुए उन्हें बधाई प्रस्ताव पारित किया।
ब्रिटेन की संसद द्वारा किसी दूसरे देश के खिलाड़ी के लिए बधाई प्रस्ताव पारित करना, यह अपने आप में बहुत बड़ा सम्मान है। हाउस ऑफ कॉमंस में यह प्रस्ताव पेश करने वाले भारतीय मूल के सांसद कीथ वाज ने कहा कि तेंदुलकर ने दुनिया भर में लाखों लोगों के लिए प्रेरणा के रूप में काम किया। कीथ ने खेल के प्रति उनके निस्वार्थ समर्पण की चर्चा की। उन्होंने कहा, 'यह प्रस्ताव एक उत्कृष्ट बल्लेबाज के सम्मान के लिए है। तेंदुलकर को जितना भारत में पसंद किया जाता है उतना ही ब्रिटेन में। अत: यह बिल्कुल सही है कि संसद उनके योगदान की चर्चा करे।'

South Africa cricket team named Team of the Year at South African Sports Awards

South Africa cricket team
जोहानिसबर्ग। दक्षिण अफ्रीका की क्रिकेट टीम को सन सिटी में आयोजित 2013 दक्षिण अफ्रीकी खेल पुरस्कारों में वर्ष की सर्वश्रेष्ठ टीम चुना गया। उपकप्तान एबी डिविलियर्स ने टीम की तरफ से यह पुरस्कार हासिल किया। दक्षिण अफ्रीकी टीम अभी पाकिस्तान के खिलाफ सीरीज की तैयारी में जुटी है। क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका ने इस प्रतिष्ठित पुरस्कार जीतने के लिए टीम को बधाई दी है।

सीएसए के मुख्य कार्यकारी हारुन लोर्गट ने कहा, दक्षिण अफ्रीकी टीम इसका हकदार थी और टीम इस पर गर्व कर सकती है। उन्होंने कहा, सच्चाई यह है कि उन्होंने इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीतकर दुनिया में नंबर एक टेस्ट रैंकिंग हासिल की। अब वे तालिका में शीर्ष पर काबिज हैं और मुझे पूरा विश्वास है कि सभी दक्षिण अफ्रीकी उन्हें इन गर्मियों में अपनी घरेलू सरजमीं पर खेलते हुए देखना चाहेंगे। लोर्गट ने कहा कि हमें अपनी टीम पर गर्व है जिसने आखिरी टेस्ट सीरीज 2009 में गंवाई थी। उसने 2006 से विदेशी धरती पर सीरीज नहीं गंवाई है। इसके अलावा हमारे पास आइसीसी रैंकिंग में नंबर एक-नंबर दो बल्लेबाज और गेंदबाज क्रमश: एबी डिविलियर्स, हाशिम अमला, डेल स्टेन और वर्नोन फिलेंडर हैं। लोर्गट ने जैक्स कैलिस को सर्वकालिक महान ऑलराउंडर और ग्रीम स्मिथ को सबसे सफल कप्तन करार दिया। भारतीय मूल के पूर्व खिलाड़ी हाजरा काजी को चार अन्य खिलाड़ियों और प्रशासकों के साथ स्टीव श्वेटलाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया।

Sachin left with 664 record partnership figure with a match figure coincidence

Sachin Tendulkar
नई दिल्ली। मास्टर ब्लास्टर सचिन रमेश तेंदुलकर अब मैदान को अलविदा कह चुके हैं। जो लोग उनकी दीवानगी में 24 सालों तक डूबे रहे वो इस बात से वाकिफ होंगे कि 664 का आंकड़ा सचिन की जिंदगी व उनकी शुरुआत में कितना खास रहा था, और अब जाते-जाते भी यह आंकड़ा एक खास अंदाज में उनके साथ गया। अब इसे इत्तेफाक कहें या कुछ और लेकिन इस आंकड़े को मास्टर भी कभी नहीं भूलेंगे..क्या है यह इत्तेफाक, आइए जानते हैं।
सचिन तेंदुलकर जब पहली बार मुंबई क्रिकेट में छाए और देखते-देखते मुंबई व क्रिकेट जगत में एक जाना-पहचाना युवा नाम बनने लगे थे, तब उसका सबसे बड़ा कारण बनी 664 रनों की वो नॉटआउट पार्टनरशिप जो उन्होंने स्कूल के दिनों में विनोद कांबली के साथ हैरिस शील्ड ट्रॉफी में बनाई थी। उस ऐतिहासिक पार्टनरशिप के बाद ही रमाकांत आचरेकर के यह दोनों शिष्य सबसे ज्यादा चर्चा में आए थे और धीरे-धीरे रास्ते खुलते चले गए।

अब बात इत्तेफाक की। सचिन तेंदुलकर ने जब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को 16 नवंबर 2013 को अलविदा कहा तब उनके अंतरराष्ट्रीय मैचों की संख्या भी 664 ही रही। उन्होंने अपने पूरे अंतरराष्ट्रीय करियर में 463 वनडे, 200 टेस्ट और 1 टी20 मैच खेला। जिसका कुल जोड़ होता है 664..आंकड़ों के इस बादशाह ने कागज पर इस खेल के तकरीबन सभी बड़े रिकॉर्ड अपने नाम किए और जाते-जाते वो अपने पहले सबसे बड़े रिकॉर्ड का मेल भी अपने मैचों की संख्या से करते हुए मैदान से विदा हुए।

Even After his last Wicket Sachin didnt Forget to Analyse it

Sachin Tendulkar
पुणे। मास्टर बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर यह जानते थे कि वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे और अंतिम टेस्ट में यह उनकी आखिरी पारी थी, लेकिन वह खेल के प्रति इतने जुनूनी हैं कि वो इसके बावजूद अपने उस शॉट का आकलन करना नहीं भूले, जिस पर वह आउट हुए थे। उन्होंने इस विकेट पर अपनी राय अपने भाई के साथ साझा की थी।
सचिन के बड़ेभाई और उनके मेंटर अजित तेंदुलकर ने मराठी न्यूज चैनल में इस महान बल्लेबाज के हवाले से कहा कि मैंने जितनी उम्मीद की थी, गेंद उससे थोड़ा ज्यादा उछाल पर थी और मैं अतिरिक्त उछाल का आकलन नहीं कर पाया था। वेस्टइंडीज के खिलाफ हाल में समाप्त दूसरे और अंतिम टेस्ट में सचिन के आउट होने के बाद हमेशा की तरह होने वाली बातचीत की पुष्टि करते हुए अजित ने कहा कि मैंने उसे बताया कि वह शानदार खेला और वह अपनी स्टाइल में आराम से खेल रहा था। लेकिन बल्ले पर गेंद छुआकर स्लिप में (वेस्टइंडीज के कप्तान डेरेन सैमी द्वारा लपके गए कैच) कैच से बचा जा सकता था।'
दूसरे दिन के खेल के बाद अपने भाई के साथ फोन पर हुई बातचीत के दौरान सचिन ने कहा कि वह उछाल का ठीक तरह से अंदाज नहीं लगा पाने के कारण आउट हुए जिससे उनके लाखों प्रशंसक निराश हो गए, जो उनके चमकदार करियर का अंत 101वें शतक से देखना चाहते थे।

Sachin's temple will be made in Bihartue

Sachin Tendulkar

पटना। बिहार में क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर मंदिर में पूजे जाएंगे। मंदिर का निर्माण कैमूर जिले के अतरवलिया गांव में होगा। यह मंदिर भोजपुरी गायक व इस गांव के निवासी मनोज तिवारी बनवा रहे हैं। इसका शिलान्यास 19 नवंबर को होगा। इसी दिन तेंदुलकर की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा भी होगी। यहां प्रतिष्ठापित होने वाली मूर्ति का पहला लुक जारी कर दिया गया है। मंदिर को चार माह में तैयार कराने का लक्ष्य है। मनोज तिवारी का मानना है कि यह मंदिर सचिन को सम्मान देने के साथ नए खिलाड़ियों को भी उनके जैसा बनने की प्रेरणा देगा। मंदिर में भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और युवराज सिंह की मूर्तियां भी होंगी। यह मंदिर करीब छह हजार वर्ग फीट के परिसर में बनेगा। लेआउट के मुताबिक सचिन की मूर्ति गर्भगृह में होगी। जबकि साथी खिलाड़ी मंदिर के अगले हिस्से में होंगे। 

आदमकद मूर्ति में सचिन इंडियन क्रिकेट टीम की आफिशियल ब्लू जर्सी में होंगे। उनके हाथ में व‌र्ल्ड कप नजर आएगा। मूर्ति बनकर तैयार हो गई है। पांच फुट पांच इंच की सचिन की मूर्ति संगमरमर की है। इसे श्रीनाथ (राजस्थान) जिले के मूर्तिकार खेमराम ने बनाया है। यह मनोज तिवारी के घर में रखी गई है। धोनी और युवराज की मूर्ति मंदिर के पूरी तरह तैयार हो जाने के बाद लायी जाएगी। मंदिर में अन्य पत्थरों के साथ संगमरमर का भी भरपूर उपयोग किया जाएगा। 

तिवारी ने बताया कि मंदिर को वर्ष 2014 में बनाने की योजना थी। सचिन के सन्यास लेने की घोषणा के बाद इसे 2013 में ही बनाने का निर्णय लिया गया। इसे बनाने में लगभग 70 लाख रुपये की लागत आएगी। शिलान्यास के दिन ही सचिन की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। मूर्ति को 15 फीट ऊंचे चबूतरे पर स्थापित किया जाना है। उसी दिन से पूजा भी शुरू हो जाएगी। 

मूर्ति पर मौसम का प्रभाव न पड़े इसकी व्यवस्था भी की जा रही है। मंदिर के बाद तिवारी अपने गांव में अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित एक स्टेडिटम भी बनवाना चाहते हैं। तिवारी ने कहा कि मेरी कोशिश है कि सचिन मंदिर के शिलान्यास के मौके पर उपस्थित रहें।

Sachin dedicates Bharat Ratna to all mothers in the country

Sachin Tendulkar

मुंबई। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके रिकाडरें के बादशाह सचिन तेंदुलकर ने एक बार फिर सबका दिल जीत लिया। मास्टर बल्लेबाज ने रविवार को अपना भारत रत्न देश की सभी मांओं को समर्पित किया। सचिन ने वानखेड़े स्टेडियम में अपना 200वां टेस्ट खेलकर भावुक विदाई लेने के 24 घंटे बाद अपने पहले संवाददाता सम्मेलन में कहा, 'मैंने शनिवार को कहा था कि भारत रत्न मेरी मां के लिए है क्योंकि उन्होंने मेरे लिए कई बलिदान किए हैं। बचपन में आप जीवन को समझ नहीं पाते, लेकिन बड़े होने पर इसका एहसास होता है। भारत रत्न सिर्फ मेरी मां के लिए नहीं है, बल्कि भारत की लाखों माताओं के लिए हैं जो अपने बच्चों के लिए कई कुर्बानियां देती हैं। इसीलिए मैं यह देश की उन तमाम माओं को समर्पित करना चाहूंगा।'
उन्होंने कहा, 'मैं काफी गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। क्रिकेट में 24 साल तक मेरे योगदान के लिए यह पुरस्कार दिया गया है। मैंने हर बार बेहतर प्रदर्शन की कोशिश की और लोगों की सराहना से मुझे अगली बार और बेहतर करने की प्रेरणा मिली। यह पुरस्कार वास्तव में समूचे देश का है। मैं पूरे खेल जगत की ओर से यह सम्मान ले रहा हूं और मुझे उम्मीद है कि मेरे बाद बाकी खिलाड़ियों के लिए भी दरवाजे खुलेंगे।' उन्होंने भारत रत्न पाने वाले वैज्ञानिक प्रोफेसर सीएनआर राव को भी बधाई दी। 

सचिन ने कहा कि मेरे लिए सबसे अहम 24 साल खेलना रहा। इस दौरान अलग-अलग चुनौतियां आईं लेकिन परिवार, दोस्तों, खिलाड़ियों और कोचों का साथ हमेशा बना रहा। यह एक स्वप्निल सफर था। कल रात बैठकर जब मैं सोच रहा था तो विश्वास नहीं हुआ कि अब कभी क्रिकेट नहीं खेलना है। लेकिन फिर भी मुझे लगता है कि कहीं न कहीं खेल सकता हूं। अपने करियर को विराम देने का यह सबसे सही समय था। मुझे अपने करियर में कहीं कोई अफसोस नहीं है। मैंने सही वक्तपर क्रिकेट को अलविदा कहने का फैसला किया। मेरे लिए यह बहुत ही मजेदार रहा। क्रिकेट हमेशा मेरे लिए ऑक्सीजन की तरह रही। उन्होंने यह भी कहा कि वह टीम का हिस्सा हों या न हों, देश उनके लिए हमेशा सबसे पहले रहा है और आगे भी रहेगा। उन्होंने कहा कि वह देश की जीत के लिए कोशिश और दुआ करते रहेंगे।

मास्टर बल्लेबाज ने कहा कि मैंने अपने जीवन के 40 साल में से 30 साल केवल क्रिकेट खेली। यानि मेरे जीवन का 75 फीसदी हिस्सा क्रिकेट से ही जुड़ा रहा। मेरा क्रिकेट के साथ जुड़ाव कहीं न कहीं बना रहेगा। आगे मैं क्या करना चाहूंगा इसके लिए मुझे अभी समय लगेगा। रिटायर हुए अभी 24 घंटे ही हुए है। आराम करने के लिए 24 दिन तो मिलने ही चाहिए। उन्होंने कहा कि आज मैं रोजाना की तरह सुबह सवा छह बजे उठा और अपने काम शुरू किए। लेकिन तभी मुझे लगा कि मुझे मैच तो खेलने जाना ही नहीं है। आराम से अपने लिए चाय बनाई और अंजलि के साथ शानदार नाश्ता किया। यह एक रिलेक्स सुबह थी। मैंने अपने सभी शुभचिंतकों के एसएमएस के जवाब दिए।

उन्होंने कहा कि मेरे लिए 2011 में विश्व कप जीतने और कल का पल सबसे खास रहा। मुझे विश्व कप जीतने के लिए 22 साल तक लंबा इंतजार करना पड़ा। विश्व कप जीतना मेरे लिए खास पल रहे। कल का दिन भी बहुत विशेष था। मैं नहीं जानता कि मैं इसके लिए क्या कहूं। मैं इसके लिए सिर्फ बड़ा थैंक्यू कहना चाहता हूं।'

Sunday, 17 November 2013

Sachin is the 'greatest' of my era: Muralitharan

Muralitharan
नई दिल्ली। श्रीलंका के दिग्गज स्पिनर मुथैया मुरलीधरन ने भारतीय क्रिकेट स्टार सचिन तेंदुलकर को अपनी पीढ़ी का महानतम क्रिकेटर करार देते हुए कहा कि उनका विकेट हमेशा हमारे लिए सर्वाधिक महत्वपूर्ण रहा।

उन्होंने कहा कि वर्षो तक की गई अपनी कड़ी मेहनत और समर्पण ने तेंदुलकर को लीजेंड बनाया। उन्होंने पूरे उत्साह, जोश और गरिमा के साथ क्रिकेट खेली। 800 टेस्ट विकेट और 500 से अधिक वनडे विकेट लेने वाले इस 41 वर्षीय ऑफ स्पिनर ने कहा कि औसत के मामले में भले ही सर डॉन ब्रेडमैन का जवाब नहीं लेकिन रनों और लंबे समय तक क्रिकेट में बने रहने के मामले में तेंदुलकर को अपने युग का महानतम क्रिकेटर माना जाएगा।

मुरलीधरन ने कहा कि सचिन मेरे युग का महानतम क्रिकेटर है। वह आधुनिक युग का महान क्रिकेटर है। उनका जुनून, समर्पण, प्रत्येक मैच से पहले कड़ी मेहनत और क्रिकेट के प्रति उनके प्यार को मैं सलाम करता हूं और इससे वह महानतम खिलाड़ी बने। उन्होंने कहा कि मैंने अन्य को नहीं देखा। मैंने ब्रेडमैन को बल्लेबाजी करते हुए नहीं देखा लेकिन यदि आप सचिन के आंकड़े, उन्होंने जितने अधिक रन बनाए, उनका लंबे समय तक क्रिकेट में बने रहना जो उन्हें मेरे समय का महानतम क्रिकेटर बनाते हैं। उनकी तरह कोई भी इतने लंबे समय तक नहीं खेल पाया। मुझे यह कहते हुए किसी तरह का संदेह नहीं कि वह वह महानतम हैं।
मुरलीधरन ने कहा कि खेल के प्रति उनका प्यार, उनका रवैया, प्रत्येक मैच से पहले कड़ा अभ्यास करना, मैच की तैयारी में घंटों पसीना बहाना, इससे ही महान खिलाड़ी बनते हें। सचिन अदभुत है और मैं 24 साल पहले जिस इंसान से मिला था वह आज भी वैसे ही हैं। मुरलीधरन का तेंदुलकर से पहली बार 1993 में वनडे सीरीज के दौरान आमना-सामना हुआ। उन्होंने कहा कि वह कई वजहों से तेंदुलकर से प्रेरित हैं। मुझे अपने खेल के प्रति अपने जुनून और समर्पण से प्रेरित किया। उनका योगदान हमेशा याद किया जाएगा। वह सच्चे भद्रजन की तरह खेले। उन्होंने बेहद सम्मानजनित तरीके से खुद को आगे बढ़ाया। वह हमेशा विनम्र और शांतचित व्यक्ति रहे। वह बेजोड़ थे।

कई का मानना है कि भारतीय बल्लेबाजी की नई सनसनी और उप कप्तान विराट कोहली सचिन के संभावित उत्तराधिकारी हैं लेकिन मुरलीधरन ने कहा कि तुलना का कोई मतलब नहीं बनता है। उन्होंने कहा कि दो चीजें एक समान नहीं हो सकती हैं। विराट कोहली युवा प्रतिभाओं में शानदार हैं। मेरे लिए यह कहना सही नहीं होगा कि भारत ने कोहली के रूप में दूसरा सचिन ढूंढ़ लिया है। समय ही बताएगा। सचिन को महान बनने में 24 साल लगे और कोहली ने अभी शुरुआत की है। मुरलीधरन ने कहा कि यदि कोहली अपनी प्रतिभा को सही इस्तेमाल करते रहे। जैसा वह अभी खेल रहे हैं वैसे ही खेलते रहें। यदि वह अनुशासन और समर्पण दिखाते हैं तो फिर महानतम खिलाड़ियों में से एक बन सकते हैं लेकिन अभी सचिन महानतम हैं।

उन्होंने कहा कि मुझे कोहली का रवैया और रनों की भूख पसंद है। आइपीएल में (आरसीबी की तरफ से) वह मेरा कप्तान थे। मैंने उनकी हमेशा जीत और बड़े स्कोर बनाने की भूख देखी है। वह प्रतिभाशाली क्रिकेटर हैं। सचिन निश्चित तौर पर सर्वकालिक महान खिलाड़ी हैं। सचिन अपने करियर में पहले ही सब कुछ हासिल कर चुका है और कोहली उसे हासिल करने की प्रक्रिया में है। मुरलीधरन ने कहा कि सचिन सभी तरह की परिस्थितियों और गेंदबाजी के सामने सर्वश्रेष्ठ थे और विरोधी टीमों को उनके लिए खास रणनीति बनानी पड़ती थी। उन्हें रोक पाना, आउट करना हमेशा मुश्किल रहा। उनका विकेट हमारे लिए हमेशा बेहद महत्वपूर्ण रहा। हमने उनके विकेट के लिए हमेशा खास रणनीति बनाई। मुरलीधरन ने कहा कि मैं उनकी खुशहाल जिंदगी की कामना करता हूं। उन्हें भविष्य के लिये शुभकामनाएं। मैं उन्हें मेंटर के रूप में युवा खिलाड़ियों की मदद करते हुए देखना चाहता हूं।