मुंबई। मुंबई के 14 वर्षीय पृथ्वी शॉ ने बुधवार को प्रतिष्ठित हैरिस शील्ड ट्रॉफी में 546 रनों की पारी खेलते हुए नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया। पृथ्वी की शानदार पारी से उनमें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर की झलक दिखाई देती है, जिन्हें हैरिस शील्ड मैच से ही पहली बार लोकप्रियता मिली थी। सचिन ने नाबाद 326 रन बनाते हुए विनोद कांबली (349) के साथ 664 रन की विश्व रिकॉर्ड साझेदारी की थी। यह रिकॉर्ड कुछ समय पहले ही टूटा है।
मुंबई के इस उभरते हुए बल्लेबाज और मुंबई अंडर-16 टीम के कप्तान पृथ्वी ने आजाद मैदान पर सेंट फ्रांसिस डि एसिसी बोरीवली के खिलाफ खेले गए मैच में रिज्वी स्प्रिंगफील्ड की ओर से खेलते हुए 330 गेंदों की अपनी पारी में 85 चौके और पांच छक्के मारे। इसके साथ ही पृथ्वी आधिकारिक इंटर स्कूल मैच में 500 से अधिक का स्कोर करने वाले पहले स्कूली क्रिकेटर भी बन गए हैं।
पृथ्वी ने अपने स्कूल के सीनियर साथी और पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज वसीम जाफर के भतीजे अरमान जाफर के 498 रन के स्कोर को पीछे छोड़ा, जो उन्होंने कुछ साल पहले ही बनाया था। सेंट फ्रांसिस को 92 रन पर ढेर करने के बाद पृथ्वी ने मंगलवार को 166 गेंदों में नाबाद 257 रन की पारी खेली थी। बुधवार को उन्होंने अपनी पारी में 289 रन और जोड़े। किसी पंजीकृत क्रिकेट टूर्नामेंट में इससे पहले किसी भारतीय का सर्वश्रेष्ठ स्कोर दादाभाई हावेवाला के नाम दर्ज था जिन्होंने मुंबई में 1933-34 सत्र में सेंट जेवियर कॉलेज के खिलाफ 515 रन बनाए थे। वहीं प्रतिस्पर्धी क्रिकेट की शुरुआत के बाद उपलब्ध सभी पंजीकृत स्कोरकार्ड की बात करें तो पृथ्वी का रिकॉर्ड तीसरा सबसे बड़ा स्कोर है। जानकारी के मुताबिक सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड एईजे कोलिंस के नाम है, उन्होंने 1899 में इंग्लैंड में खेले गए मैच में नाबाद 628 रन बनाए थे, जबकि दूसरा सर्वश्रेष्ठ स्कोर सीजे एडी के नाम है। उन्होंने 1901 में 566 रन बनाए थे।
क्रिकेट जगत में पृथ्वी की चर्चा
अपार प्रतिभा के धनी पृथ्वी को लेकर पिछले कुछ समय से मुंबई क्रिकेट हल्कों में काफी चर्चा है। अपनी काबिलियत के दम पर क्रिकेट स्कॉलरशिप हासिल कर इंग्लैंड में ग्लूस्टरशायर अकादमी के साथ ट्रेनिंग और उसकी दूसरे दर्जे की टीम के लिए कुछ अभ्यास मैच खेल चुके पृथ्वी की प्रतिभा के कायल इंग्लैंड के पूर्व काउंटी क्रिकेटर और जेडब्ल्यू क्रिकेट अकादमी के स्थापक जूलियन वुड भी हैं।
कुछ महीने पहले ही वुड ने पृथ्वी के साथ अपनी पहली मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा था कि अगले पांच सालों में वह दुनिया का सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज बन सकता है।
पृथ्वी के कोच राजू पाठक और पिता पंकज शॉ ने उनके लिए हर संभव प्रयास किया। चार साल की उम्र में मां को खोने वाले पृथ्वी को उसके पिता ने कम आमदनी के बावजूद हर सुविधा मुहैया कराई। पृथ्वी अगर ऐसे प्रदर्शन करते रहे तो प्रबल संभावना है कि जूनियर चयन समिति के चेयरमैन कोनोर विलियम्स उन्हें अगले साल अंडर-19 टीम में चुनने पर गंभीरता से विचार कर सकते हैं।
'मुझे नहीं पता था कि मैं 490 रन पर बल्लेबाजी कर रहा हूं क्योंकि मैंने अपने साथियों से कहा था कि वह मुझे स्कोर नहीं बताएं क्योंकि मैं अपना नैसर्गिक खेल खेलना चाहता था। जब मैं 500 रन पर पहुंचा तो साथियों ने मुझे बताया और सभी मेरे लिए खुश हुए।'
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