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Monday, 13 January 2014

Today only Cricket got its first sixer

(शिवम् अवस्थी), नई दिल्ली। जेंटेलमैन गेम यानी क्रिकेट यूं तो सदियों से खेल प्रेमियों को लुभाता आया है, लेकिन इस खेल की एक सबसे दिलचस्प चीज है जिसने इसे नया रूप, रंग और रोमांच दिया..और वो है, 'छक्का'। कोई सिक्सर कहता है, कोई सिक्स कहता है, कोई छक्का कहता है तो कोई सिर्फ छह रन..लेकिन बल्ले से जब भी ये लगता है तो मैदान गूंज उठता है। आज 14 जनवरी का ही वो दिन था जब क्रिकेट को उसका पहला सिक्सर मिला था, क्या था पूरा किस्सा, आइए जानते हैं।

1897-98 की एशेज सीरीज के दौरान इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया था और इसी दौरे के तीसरे टेस्ट में हमको मिला था टेस्ट क्रिकेट का पहला सिक्सर। आपको बता दें कि इससे पहले भी एक गेंद पर कई बार छह रन तो दिए गए थे लेकिन वो हमेशा ओवरथ्रो के जरिए होते थे, यानी कभी मात्र एक शॉट के दम पर किसी को छह रन नहीं मिला थे। इसका कारण यह था कि उस दौरान नियमों के मुताबिक ऐसा सिर्फ तब मुमकिन था जब आप गेंद को मैदान से बाहर पहुंचा दें।

एडिलेड में खेले गए इस मैच में ऑस्ट्रेलिया के सलामी बल्लेबाज जो डार्लिग ने ये कारनामा कर दिखाया। उन्होंने इस मैच में 94 के स्कोर पर जॉनी ब्रिग्स की गेंद पर आगे बढ़कर ऐसा शॉट जड़ा कि गेंद मैदान के बाहर दूसरे पार्क में जाकर गिरी, इसके साथ ही उन्होंने इतिहास का पहला सिक्सर अपने नाम किया और साथ ही एशेज टेस्ट सीरीज इतिहास में पहली बार कोई बल्लेबाज छक्के के दम पर अपने शतक तक पहुंचा। इस मैच में डार्लिग ने 2 और छक्के भी लगाए और 178 रनों का स्कोर बनाया। कंगारू यह मैच पारी और 13 रन से जीते थे।

उसके बाद अगली सीरीज में इंग्लैंड जाकर भी वो इंग्लैंड में सिक्सर जड़ने वाले पहले खिलाड़ी बने। डार्लिग ही वो खिलाड़ी थे जो 91 मिनट में पहला सबसे तेज शतक जड़ने वाले खिलाड़ी बने। वो ही पहले बल्लेबाज थे जिन्होंने एक सीरीज में सबसे पहले 500 रन पूरे किए थे और एक ही सीरीज में तीन शतक जड़ने वाले भी पहले क्रिकेटर वही थे। आज बेशक वनडे और टी20 जैसे प्रारूपों के बढ़ते खेल में सिक्सर की मांग ओवर दर ओवर बढ़ती जा रही है, जिस वजह से ये बेहद आम चीज हो गई है, लेकिन भविष्य में जब भी इस दिलचस्प शॉट के इतिहास को याद किया जाएगा तो डार्लिग और 14 जनवरी हमेशा सुनहरे अक्षरों में मौजूद रहेंगे।

Sunday, 5 January 2014

The Ashes: Michael Clarke ranks Mitchell Johnson among Aussie pace legends

 
सिडनी। पांच मैचों की एशेज सीरीज में 13.97 की औसत से 37 विकेट लेकर जीत में अहम भूमिका निभाने वाले ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज मिशेल जॉनसन की कप्तान माइकल क्लार्क ने जमकर तारीफ करते हुए कहा कि वह महान तेज गेंदबाजों की सूची में शामिल होने के हकदार हैं। 

क्लार्क ने कहा कि 32 वर्षीय जॉनसन ने पूरी सीरीज में आक्रामक गेंदबाजी की और यह शानदार उपलब्धि है। उन्होंने मैच के बाद कहा, 'वह मैन ऑफ द सीरीज बनेगा यह किसने सोचा था। केवल मेरे और शायद मिशेल के अलावा। तेजी से गेंदबाजी करना अलग बात है और पांच टेस्ट मैचों की प्रत्येक पारी में एक जैसी तेजी से गेंदबाजी करना बड़ी उपलब्धि है। मिशेल ने इस सीरीज में दो स्पैल ऐसे किए जैसे मैंने अपने करियर में पहले कभी नहीं देखे। मिशेल के ये स्पैल निश्चित तौर पर सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाजों की बराबरी करते हैं। उसे पूरा श्रेय जाता है। उसे काफी आलोचनाओं से गुजरना पड़ा और उसे टीम से हटा दिया गया। अब दुनिया में कोई भी फिर से मिशेल की प्रतिभा पर संदेह नहीं करेगा।'

ऑस्ट्रेलियाई टीम को अब दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर जाना है, जिस पर क्लार्क का कहना है कि उनकी टीम अगले महीने दुनिया की नंबर एक टेस्ट टीम का सामना करने के लिए तैयार है। उन्होंने माना कि दक्षिण अफ्रीका में अच्छा प्रदर्शन करना चुनौती होगी। 

'साल 2006-07 में यही हुआ था और फिर उसके बाद टीम उबरने में कामयाब रही। हमें फिर से आत्ममंथन करना होगा कि हम कहां जाना चाहते हैं। हमारी टीम में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। लेकिन हम इन पांच मैचों में उस प्रतिभा का प्रदर्शन नहीं कर सके। हमारे लिए यह सोचना बेहद दुखद है कि हम पांचों मैचों में बुरी तरह परास्त हुए। एक खिलाड़ी के लिए इस बात को पचा पाना सबसे मुश्किल होता है।'

- एलिस्टेयर कुक, इंग्लिश कप्तान

England getting awkword remarks worldwide after Ashes loss


लंदन। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एशेज सीरीज में 0-5 की शर्मनाक हार के बाद इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटरों ने एलिस्टेयर कुक की अगुआई वाली इंग्लिश टीम की जमकर आलोचना की है। पूर्व कप्तान इयान बॉथम ने तो टीम को 'कायर' तक करार दिया है।

पिछले साल अपने घर में 3-0 से एशेज सीरीज जीतने वाली इंग्लैंड का हालिया सीरीज में प्रदर्शन बेहद ही खराब रहा। अपने जमाने के दिग्गज ऑलराउंडर बॉथम ने कहा, 'मैं बहुत निराश और शर्मिदा हूं। मैंने शर्मिदा शब्द का इस्तेमाल किया है और मैं इस पर कायम हूं। मुझे लगता है कि टीम ने कायर की तरह खेल दिखाया। ऑस्ट्रेलिया ने पूरी सीरीज में हमारी गर्दन को दबोचे रखा। विरोधी टीम ने हमें कुचल कर रख दिया।'

पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने टीम की हार के लिए सीनियर खिलाड़ियों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होने कहा, 'मेरे पास इंग्लैंड के प्रदर्शन को बयान करने के लिए शब्द नहीं हैं। यह बेहद शर्मनाक है। हालांकि क्रिकेट में इस तरह की चीजें होती रहती हैं, लेकिन जिस तरह से हमने मैच गंवाए यह वाकई में शर्मनाक है। हमारे सीनियर खिलाड़ियों को जिम्मेदारी उठानी चाहिए थी, जो पूरी तरह नाकाम रहे।' वॉन ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया ने ब्रिस्बेन से ही अपना दबदबा बना लिया और इंग्लैंड की टीम उबर नहीं सकी। आखिरी टेस्ट में इंग्लैंड के बल्लेबाज पहली और दूसरी पारी में क्रमश: 155 और 166 रन ही बना सके। पूर्व सलामी बल्लेबाज ज्योफ्री बॉयकॉट ने कहा, 'मेरे पास ऐसे प्रदर्शन के लिए सिर्फ एक ही शब्द है 'शर्मनाक'। यह सबसे खराब हार है। इससे पहले भी 2006-07 में हमने 0-5 से सीरीज गंवाई थी, लेकिन तब ऑस्ट्रेलिया के पास ग्लेन मैकग्रा, शेन वार्न और एडम गिलक्रिस्ट जैसे खिलाड़ी थे।'

Thursday, 26 December 2013

MCG creates world record for most spectators in a test match


मेलबर्न। ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच मौजूदा एशेज सीरीज के चौथे टेस्ट मैच की शुरुआत में ही एक विश्व रिकॉर्ड बन गया, दिलचस्प चीज यह है कि ये रिकॉर्ड खेल या किसी खिलाड़ी के जरिए नहीं बना बल्कि इसका श्रेय जाता है मैदान पर आने वाले दर्शकों को। मैच के पहले दिन मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर 90,831 लोग मैच देखने पहुंचे जो टेस्ट इतिहास में किसी भी दिन में अब तक का सर्वाधिक दर्शकों का रिकॉर्ड है।

गौरतलब है कि मौजूदा एशेज सीरीज में कंगारू टीम 3-0 से अजय बढ़त हासिल कर चुकी है और अब उसका लक्ष्य 5-0 से क्लीन स्वीप करना होगा, ऐसे में घरेलू दर्शकों की दिलचस्पी इस सीरीज में और बढ़ चुकी है। वैसे ये दिलचस्प पहलु है कि इससे पहले जब टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक दर्शकों का रिकॉर्ड दर्ज हुआ था तो वो भी इसी मैदान (एमसीजी) पर था। एक लाख दर्शकों की क्षमता वाले इस स्टेडियम में पिछली बार 11 फरवरी, 1961 को ऑस्ट्रेलिया-वेस्टइंडीज मैच में 90,800 लोगों ने एंट्री लेकर रिकॉर्ड बनाया था, लेकिन इस बार संख्या 31 दर्शकों के रूप में बढ़ी और एक नया विश्व रिकॉर्ड दर्ज हो गया। जिस समय दर्शकों की संख्या का मैदान पर ऐलान किया गया उस समय इंग्लैंड 159 रन पर अपनी 3 विकेट गंवा चुका था। 

Source : News Headlines

Ashes test: Melbourne will strike the beginning of Boxing day test 10959908



मेलबर्न। क्रिसमस मनाने के बाद एक बार फिर चिर प्रतिद्वंद्वी ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड गुरुवार से एशेज सीरीज के चौथे टेस्ट में आमने-सामने होंगे। मेलबर्न में होने वाले इस चौथे टेस्ट में यूं तो 3-0 से अजेय बढ़त बनाने वाली कंगारू टीम ही प्रबल दावेदार नजर आ रही है, लेकिन इंग्लैंड के पास अब खोने के लिए कुछ नहीं बचा, लेकिन हां, वो बाकी बचे दो मुकाबले जीतकर कम से कम अपने फैंस को कुछ राहत जरूर देने की कोशिश करेंगे।

एक साल में दो एशेज सीरीज और स्थिति व नतीजे कुछ ही महीनों के अंदर पूरी तरह से उलट-पुलट हो गए। गर्मियों में जब कंगारू इंग्लैंड पहुंचे तो उनको इंग्लैंड ने बुरी तरह धो डाला और लगातार तीसरी बार एशेज अर्न अपने पास रखी और थकी हारी से दिखने वाली कंगारू टीम ने जब हॉट फेवरेट इंग्लिश टीम को सर्दियों में अपने घर में एशेज के लिए स्वागत किया तो इंग्लिश टीम की कंपकपी छूट गई। ऑस्ट्रेलिया ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के अपने पुराने रुतबे व तेवर को फिर दिखाया और क्रिकेट विशेषज्ञों व आलोचनाओं की सारी गणित को गलत साबित करते हुए इंग्लिश टीम को शुरू के तीनों टेस्ट मैचों में रौंद डाला, और रौंदा भी गजब अंदाज में, जहां उनके बल्लेबाज भी चले और गेंदबाज भी, जो लय में नहीं था, वो भी लय में लौटा, और जो लय में था, वो और आक्रामक होता दिखा।

इंग्लैंड की टीम जब मेलबर्न में चौथा टेस्ट खेलने उतरेगी तब उसका लक्ष्य सिर्फ और सिर्फ यही होगा कि वो किसी तरह बाकी बचे दोनों मुकाबले जीत जाए ताकि देश वापसी में फैंस को मुंह दिखाया जा सके, वहीं दूसरी तरफ कंगारुओं की बदले की भावना अभी भी शांत नहीं हुई होगी क्योंकि लगातार तीन एशेज गंवाने के बाद लय में लौटना उनके लिए वरदान जैसा ही है। इंग्लैंड के सामने सबसे बड़ी मुश्किल होगी उसके दो अहम खिलाड़ियों का अचानक गायब हो जाना। एक तरफ जहां जॉनाथन ट्रॉट मानसिक तनाव के कारण स्वदेश लौट गए, तो दूसरी तरफ तीसरे टेस्ट के बाद मुख्य स्पिनर ग्रीम स्वान ने सबको हैरान-परेशान करते हुए अचानक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया।
जाहिर तौर पर मेलबर्न में ऑस्ट्रेलिया का टॉप ऑर्डर एक बार फिर इंग्लिश गेंदबाजों के निशाने पर होगा लेकिन जब इंग्लैंड के सबसे सफल गेंदबाज जेम्स एंडरसन ही अब तक फ्लॉप साबित होते दिख रहे हों, ऐसे में किसी और गेंदबाज से कप्तान कैसे ज्यादा उम्मीदें रखे। वहीं, कंगारू टीम में उनके मुख्य गेंदबाज मिचेल जॉनसन ही नहीं, रेयान हैरिस, शेन वॉटसन और पीटर सिडल जैसे गेंदबाज भी कहर ढा रहे हैं। इंग्लैंड को मेलबर्न में ना सिर्फ अपनी गेंदबाजी को व्यवस्थित करना होगा बल्कि अपने टॉप व मिडिल ऑर्डर को भी दुरुस्त करना होगा। कुल मिलाकर अब तक चारों खाने चित होने वाली इंग्लिश टीम को ये साबित करना होगा कि उनकी टीम पूरी तरह ढली नहीं है, जबकि कंगारू क्लीन स्वीप की तरफ एक और कदम बढ़ाने के लिए उतरेंगे।


Source : Cricket News

Monday, 2 December 2013

Ashes 2013-14: Tim Bresnan added to England squad for second Test

Ashes 2013-14
सिडनी। ऑलराउंडर टिम ब्रिस्नेन की एशेज सीरीज के लिए इंग्लिश टीम में वापसी हुई है और वह गुरुवार से एडिलेड में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शुरू होने जा रहे दूसरे टेस्ट के लिए उपलब्ध रहेंगे।
ब्रिस्नेन इस वर्ष इंग्लैड में एशेज टेस्ट के दौरान फ्रैक्चर के कारण आखिरी टेस्ट नहीं खेल पाए थे। इस सीरीज में इंग्लैड ने 3-0 से जीत दर्ज की थी। ब्रिस्नेन पांच दिसंबर से एडिलेड में खेले जाने वाले दूसरे टेस्ट में हिस्सा लेने के लिए ऑस्ट्रेलिया पहुंच गए है। यदि उन्हे अंतिम एकादश में चुन लिया जाता है तो क्रिस ट्रेमलेट को बाहर बैठना पड़ सकता है।
इंग्लैड के पहला ब्रिस्बेन टेस्ट ऑस्ट्रेलिया के हाथों 381 के भारी अंतर से हारने के बाद ब्रिस्नेन से गेंदबाजी की जिम्मेदारी निभाने की उम्मीद काफी बढ़ गई है। इतना ही नहीं गत सप्ताह एलिस स्प्रिंग में दो दिन के अभ्यास मैच के दौरान भी इंग्लैड की गेंदबाजी काफी निराशाजनक रही थी।
28 वर्षीय ब्रिस्नेन 2010-11 में ऑस्ट्रेलिया में एशेज सीरीज के दौरान भी इंग्लैड की टीम का अहम हिस्सा रहे थे। उन्होने आखिरी दो टेस्ट में 19.54 के औसत से 11 विकेट चटकाए थे। यह सीरीज इंग्लैड ने 3-1 से जीती थी। ब्रिस्नेन ने इस साल इंग्लैंड में खेले गए चौथे एशेज टेस्ट में मेजबान टीम की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने दूसरी पारी में 45 रन बनाने के साथ डेविड वॉर्नर और शेन वॉटसन के विकेट झटककर इंग्लैंड को 74 रन से जीत दिलाई थी।

Friday, 29 November 2013

David Warner Crossed the Line: Steve Waugh

ashes 2013
सिडनी। पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव वॉ ने डेविड वॉर्नर द्वारा इंग्लिश बल्लेबाज जोनाथन ट्रॉट पर की गई टिप्पणी की निंदा करते हुए कहा है कि ऐसा कर इस ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ने अपनी सीमा लांघ दी है। इस सप्ताह की शुरुआत में ट्रॉट एशेज सीरीज छोड़कर इंग्लैंड लौट गए थे, जिसके बाद इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने खुलासा किया कि ट्रॉट तनाव संबंधित बीमारी से जूझ रहे थे। वॉर्नर ने ब्रिसबेन टेस्ट के दौरान ट्रॉट को 'निर्गुण और कमजोर' कहा था।
वॉ ने एक वेबसाइट पर कहा, 'मुझे लगता है कि वॉर्नर की टिप्पणी एकदम अनुचित है। मुझे नहीं लगता कि आपको विपक्षी खिलाड़ी पर निजी हमला करना चाहिए। वॉर्नर पूरी टीम पर टिप्पणी कर सकते थे, लेकिन मुझे लगता है कि जब आप किसी खिलाड़ी के लिए इस तरह के शब्दों का उपयोग करते हो तो आप अपनी सीमा लांघते हो।' वॉ ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया को इन चीजों में थोड़ी चतुराई बरतने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई टीम अच्छा खेल रही है, लिहाजा उसे इतना सब कुछ करने की जरूरत नहीं है।

Wednesday, 27 November 2013

Sledging War between England and Australia

michelle johnson
एडिलेड। ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिशेल जॉनसन ने आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा है कि यदि एशेज के आगामी मैचों में मेहमान टीम इंग्लैंड की ओर से वाकयुद्ध जारी रहेगा तो उनकी टीम भी चुप नहीं बैठेगी। 

ऑस्ट्रेलिया को गाबा में पहले टेस्ट में मिली 381 रनों की जीत में 103 रन पर नौ विकेट लेने वाले मैन ऑफ द मैच जॉनसन ने पर्थ में बुधवार को कहा कि मुझे लगता है कि इन जवाबी हमलों से इंग्लैंड पर असर पड़ा है। मैंने सुना है कि उनके कोच हमसे चुप रहने और शांति बनाए रखने की उम्मीद कर रहे हैं लेकिन यदि इंग्लैंड चुप नहीं रहेगा तो वह हमसे शांति बनाए रखने की उम्मीद नहीं कर सकते हैं।

इस बीच दोनों टीमों में चल रही इस जुबानी जंग में अब उनके कोच भी मैदान में कूद पड़े हैं। ऑस्ट्रेलियाई कोच डैरेन लेहमेन ने इंग्लैंड के कोच एंडी फ्लॉवर से दूसरे टेस्ट से पहले मिलकर इस मामले के हल की पेशकश को भी ठुकरा दिया है। फ्लॉवर ने ब्रिटिश मीडिया को दिए साक्षात्कार में कहा था कि पहले टेस्ट के दौरान दोनों टीमों के बीच जिस तरह का तनाव पैदा हुआ है उसे खत्म करने के लिए कुछ समाधान निकाला जाना चाहिए।
लेहमैन ने साफ किया है कि वह अपनी टीम को देखेंगे और फ्लॉवर को अपनी टीम का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि मेरे हिसाब से एंडी को अपनी और मुझे अपनी टीम का ध्यान रखना है। क्रिकेट के खेल में ऐसा ही होता है। मैं एंडी के साथ काफी क्रिकेट खेल चुका हूं और उनसे बात भी करता हूं लेकिन अंत में इंग्लैंड का कंट्रोल उन्हीं के हाथ मैं है।

ऑस्ट्रेलियाई कोच ने कहा कि मैदान पर आपत्तिजनक भाषा और छींटाकशी प्रतिक्रिया का हिस्सा होती हैं और इंग्लैंड को इसी के साथ खेलना होगा। टीम के सभी खिलाड़ी परिपक्व हैं और उन्हें आपस में इसका हल निकालना होगा। हमने इंग्लैंड में इन बातों का बहुत सामना किया है और हम इससे घबराते नहीं हैं। 

पहले टेस्ट में जबरदस्त छींटाकशी के बाद ऑस्ट्रेलियाई कप्तान माइकल क्लार्क को मैच फीस का 20 प्रतिशत जुर्माना भरना पड़ा था। स्टंप पर लगे माइक्रोफोन में क्लार्क को इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जिमी एंडरसन से यह कहते सुना गया कि वह अपना हाथ तुड़वाने को तैयार रहें जबकि पूर्व ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर शेन वॉर्न का कहना है कि एंडरसन ने पहले कहा था कि वह जॉर्ज बेली को मुक्का मारेंगे।


Source- Cricket News in Hindi

Thursday, 21 November 2013

Aussie bowlers thrash English batting line up in first Ashes Test

Stuart Broad
ब्रिस्बेन। उत्कृष्ट स्टुअर्ट ब्रॉड (65 रन पर पांच विकेट) की कातिलाना गेंदबाजी की बदौलत इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को पहले एशेज टेस्ट के पहले दिन आठ विकेट के नुकसान पर 273 रन के कम स्कोर पर रोक तो जरूर दिया लेकिन जवाब में मैच के दूसरे दिन ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाजों मिचेल जॉनसन और नाथन ल्योन ने ऐसी घातक गेंदबाजी की, कि इंग्लैंड का पूरा बल्लेबाजी क्रम तहस-नहस हो गया।

दूसरे दिन ऑस्ट्रेलिया को 295 रन पर समेटकर जवाबी हमले में उतरे कंगारू बल्लेबाजों का हाल इंग्लैंड से भी बुरा हुआ है। कंगारू गेंदबाजों, खासतौर पर तेज गेंदबाज मिचेल जॉनसन और रयान हैरिस व स्पिनर नाथन ल्योन ने चायकाल तक इंग्लैंड को बेहाल करके छोड़ दिया। चायकाल तक इंग्लैंड ने 94 रन के अंदर अपने 8 विकेट गंवा दिए। इस दौरान मिचेल जॉनसन ने 4 जबकि हैरिस और ल्योन ने 2-2 विकेट झटके। चायकाल तक इंग्लिश टीम 45 ओवर भी नहीं खेल सकी थी।

इससे पहले, पहले दिन घरेलू मैदान पर खेल रही ऑस्ट्रेलियाई टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय किया, लेकिन ब्रॉड की खतरनाक गेंदबाजी के कारण मेजबान टीम पहले दिन का खेल समाप्त होने तक 90 ओवरों में आठ विकेट खोकर 273 रन ही बना सकी। ब्रैड हैडिन 78 और रेयान हैरिस 4 रन बनाकर क्रीज पर डटे हुए हैं। इंग्लैंड की ओर से ब्रॉड ने 20 ओवरों में मात्र 65 रन देकर सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों पर शुरुआत से ही पूरा नियंत्रण बनाकर रखा और पहले ही दिन पांच विकेट उखाड़ डाले।

इसके अलावा जेम्स एंडरसन ने 22 ओवरों में 61 रन देकर दो विकेट, जबकि क्रिस ट्रेमलेट ने 51 रन पर एक विकेट लिया। गाबा की पिच पर इंग्लैंड के लिए मुकाबले को चुनौतीपूर्ण मान रहे ऑस्ट्रेलियाई कप्तान माइकल क्लार्क का अंदाजा पहले टेस्ट के पहले ही दिन काफी गलत साबित हुआ, जब उसके ओपनिंग बल्लेबाज क्रिस रोजर्स मात्र 1 रन पर ही पवेलियन लौट गए। ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों के लिए घातक साबित हुए इंग्लिश गेंदबाज ब्रॉड ने रोजर्स को अपना पहला शिकार बनाया। डेविड वॉर्नर ने फिर बल्लेबाजी की हालत को संभालते हुए 82 गेंदों में छह चौकों की मदद से 49 रन जोड़े। हैमस्ट्रिंग की चोट से हाल ही में उभरे ऑलराउंडर शेन वॉटसन ने 71 गेंदों में दो चौके लगाकर 22 रन जोड़े। हालांकि ये बल्लेबाज भी देर तक मैदान पर टिक नहीं सके और ब्रॉड ने शुरुआती चारों बल्लेबाजों को अपना शिकार बनाया। क्लार्क भी ब्रॉड का शिकार हुये। वह ब्रॉड की गेंद पर एक रन बनाकर इयान बेल के हाथों कैच आउट हो गए। ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज इंग्लैंड की खतरनाक गेंदबाजी के सामने संघर्ष करते नजर आए और एक समय टीम मात्र 100 रन जोड़कर अपने पांच विकेट गंवा बैठी थी।