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Wednesday, 15 January 2014

Mitchelle Johnson shaves off the Mo for charity


मेलबर्न। खेल के मैदान पर आपने कई लोगों को मूछें रखते देखा होगा। स्टाइल और फैशन का नया ट्रेडमार्क बन चुकी अलग-अलग प्रकार की मूछों और हेयरस्टाइल से खिलाड़ियों का पुराना नाता रहा है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज तेज गेंदबाज मिचेल जॉनसन जब 'हैंडल बार' स्टाइल की मूछें रखकर एशेज खेलने उतरे तो उन्होंने कहर ही मचा दिया और वो मैन ऑफ द सीरीज बने। किसी ने इसे लकी मूछें बताया तो किसी ने नया स्टाइल स्टेटमेंट..लेकिन अब जॉनसन ने ये मूछें उड़ा दी हैं। आखिर उन्होंने अचानक ऐसा क्यों किया और क्या था इन मूछों के पीछे का राज आइए आपको भी बताते हैं।

हाल में ऑस्ट्रेलिया ने जब इंग्लैंड पर एशेज सीरीज में एतिहासिक जीत (5-0) दर्ज की तो पूरी दुनिया में इस चैंपियन टीम की वापसी के गुणगान होने लगे। इस जीत के पीछे मुख्य कारण थे कंगारू गेंदबाज मिचेल जॉनसन जिन्होंने सीरीज में 37 विकेट झटके। उनकी गेंदबाजी के साथ-साथ उनकी मूछें भी चर्चा का विषय बनीं लेकिन जॉनसन ने ये मूछें दरअसल एक चैरिटी के लिए रखी थीं। उनका लक्ष्य था इन मूछों को लोकप्रिय बनाना और फिर उसे कटवाकर एक एशेज अर्न (ट्रॉफी) के अंदर रखकर उसे नीलाम करना, जिससे आने वाला पैसा मोवेम्बर नाम की मेंस हेल्थ चैरिटी के लिए दिया जाना था, लेकिन जैसे ही पहले एशेज टेस्ट में जॉनसन हिट हुए, उन्हें और फैंस को लगा कि ये नई पूछें नई किस्मत लेकर आई हैं तो उन्होंने इसे एशेज सीरीज में बढ़ाकर रखने का फैसला लिया।

सीरीज के बाद अब जॉनसन ने इन पूछों को एक लाइव शो के दौरान उड़वा दिया, और इन मूछों को काटा उनकी पत्नी ने। इसके बाद इन मूछों को एक एशेज ट्रॉफी की हूबहू नकल वाली अर्न के अंदर रख दिया गया। फिलहाल वो इसके जरिए 40 हजार ऑस्ट्रेलियाई डॉलर जुटाने में सफल रहे हैं। मिचेल के मुताबिक वो इन मूछों की नीलामी कर 50 हजार ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के लक्ष्य तक पहुंचना चाहते हैं ताकि चैरिटी में अच्छी रकम दी जा सके। हालांकि जॉनसन ने फैंस से वादा किया है कि जल्द वो दोबारा इस स्टाइल वाली मूछों के साथ मैदान पर दिखाई देंगे। 

Wednesday, 8 January 2014

Mumbai Indians need to retain one among these two legendry bowlers

नई दिल्ली। मौजूदा चैंपियन मुंबई इंडियंस आइपीएल-7 के लिए अपने पांच मुख्य खिलाड़ियों को रिटेन करने का इच्छुक है, लेकिन उसे एशेज के नायक मिशेल जॉनसन और श्रीलंका के तेज गेंदबाज लसिथ मलिंगा में से किसी एक का ही चयन करना होगा। दोनों ही खिलाड़ी मुंबई की मुख्य रणनीति का हिस्सा रहते हैं, और ऐसे में जब जॉनसन पूरे फॉर्म में नजर आ रहे हैं तो उनका चुना जाना तय माना जा रहा है।

यह तय है कि कप्तान रोहित शर्मा और वेस्टइंडीज के ऑलराउंडर कीरेन पोलार्ड को मुंबई रिटेन करेगा। ऐसे में दूसरे विदेशी खिलाड़ी के लिए उसकी पसंद जॉनसन और मलिंगा में से कोई एक होगा। जॉनसन की शानदार फॉर्म और उनकी पूरे आइपीएल सत्र के दौरान उपलब्धता इस ऑस्ट्रेलियाई के पक्ष में जाती है वहीं मलिंगा का मुंबई इंडियंस की तरफ से पिछला रिकॉर्ड और भारतीय उपमहाद्वीप की पिचों में उनके अच्छे प्रदर्शन से इस श्रीलंकाई का दावा मजबूत बनता है।

आइपीएल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'मिशेल के लिए यह सत्र शानदार रहा। यहां तक कि सचिन तेंदुलकर ने भी संन्यास लेने से पहले कहा था कि यह तेज गेंदबाज एशेज में अंतर पैदा कर सकता है। लेकिन यदि कुछ मैच श्रीलंका में खेले जाते हैं तो मलिंगा का अनुभव काफी काम आएगा। निश्चित तौर पर जिसे रिटेन नहीं किया जाता है उसे राइट टू मैच कार्ड से लिया जा सकता है।'

Sunday, 5 January 2014

The Ashes: Michael Clarke ranks Mitchell Johnson among Aussie pace legends

 
सिडनी। पांच मैचों की एशेज सीरीज में 13.97 की औसत से 37 विकेट लेकर जीत में अहम भूमिका निभाने वाले ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज मिशेल जॉनसन की कप्तान माइकल क्लार्क ने जमकर तारीफ करते हुए कहा कि वह महान तेज गेंदबाजों की सूची में शामिल होने के हकदार हैं। 

क्लार्क ने कहा कि 32 वर्षीय जॉनसन ने पूरी सीरीज में आक्रामक गेंदबाजी की और यह शानदार उपलब्धि है। उन्होंने मैच के बाद कहा, 'वह मैन ऑफ द सीरीज बनेगा यह किसने सोचा था। केवल मेरे और शायद मिशेल के अलावा। तेजी से गेंदबाजी करना अलग बात है और पांच टेस्ट मैचों की प्रत्येक पारी में एक जैसी तेजी से गेंदबाजी करना बड़ी उपलब्धि है। मिशेल ने इस सीरीज में दो स्पैल ऐसे किए जैसे मैंने अपने करियर में पहले कभी नहीं देखे। मिशेल के ये स्पैल निश्चित तौर पर सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाजों की बराबरी करते हैं। उसे पूरा श्रेय जाता है। उसे काफी आलोचनाओं से गुजरना पड़ा और उसे टीम से हटा दिया गया। अब दुनिया में कोई भी फिर से मिशेल की प्रतिभा पर संदेह नहीं करेगा।'

ऑस्ट्रेलियाई टीम को अब दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर जाना है, जिस पर क्लार्क का कहना है कि उनकी टीम अगले महीने दुनिया की नंबर एक टेस्ट टीम का सामना करने के लिए तैयार है। उन्होंने माना कि दक्षिण अफ्रीका में अच्छा प्रदर्शन करना चुनौती होगी। 

'साल 2006-07 में यही हुआ था और फिर उसके बाद टीम उबरने में कामयाब रही। हमें फिर से आत्ममंथन करना होगा कि हम कहां जाना चाहते हैं। हमारी टीम में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। लेकिन हम इन पांच मैचों में उस प्रतिभा का प्रदर्शन नहीं कर सके। हमारे लिए यह सोचना बेहद दुखद है कि हम पांचों मैचों में बुरी तरह परास्त हुए। एक खिलाड़ी के लिए इस बात को पचा पाना सबसे मुश्किल होता है।'

- एलिस्टेयर कुक, इंग्लिश कप्तान