Wednesday, 20 November 2013

Sachin is Bharat Ratna but what about Dhyan Chand

Dhyan Chand

भुवनेश्वर। हॉकी इंडिया लीग (एचआइएल) ने भी ध्यानचंद को भारत रत्न देने की मांग में खुद को शामिल करते हुए मंगलवार को कहा कि सरकार को हॉकी के जादूगर को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित करना चाहिए। वहीं, पूर्व हॉकी खिलाड़ियों ने भी कहा है कि यह सम्मान उन्हें नहीं दिया जाना उस महान खिलाड़ी का अपमान है जिसने देश को गुलामी के दौर में खेल के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई थी।

एचआइएल के अध्यक्ष और हॉकी इंडिया के महासचिव नरेद्र बत्रा ने कहा, 'हम सचिन तेंदुलकर को भारत रत्न देने का स्वागत करते है। हमें खुशी होगी यदि भारत सरकार ध्यानचंद के नाम की घोषणा भी इस सर्वोच्च नागरिक सम्मान के लिए करे। एचआइएल का अध्यक्ष होने के नाते मैं जल्द ही खेल मंत्रालय के सामने यह मसला रखूंगा।' एचआइएल के उपाध्यक्ष प्रताप सत्पथी ने कहा, 'हम तेंदुलकर को भारत रत्न देने का विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन यदि ध्यानचंद को यह सम्मान नहीं मिलता है तो यह अन्याय होगा।'

भारत रत्न पर मचे घमासान के बीच पूर्व ओलंपियनों ने कहा है कि चाहे सचिन को भारत रत्न के साथ 'खेल मंत्री' बना दो, लेकिन पहले यह पुरस्कार ध्यानचंद को दिया जाना चाहिए था जिन्होंने मुल्क के खाते में कई स्वर्ण पदक दिलाए हैं। पूर्व हॉकी कप्तान परगट सिंह ने कहा, 'ध्यानचंद का खेल के क्षेत्र में बड़ा योगदान है। इस महान खिलाड़ी ने उस वक्त मुल्क को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल के क्षेत्र में पहचान दिलायी थी, जब हमारा देश गुलाम था। इसलिए इस सम्मान पर पहला हक उनका बनता है।'

भारतीय टीम के पूर्व कोच राजिंदर सिंह ने कहा, 'मैं अन्य की बात नहीं जानता लेकिन मेजर (ध्यानचंद) को यह पुरस्कार अवश्य मिलना चाहिए था।' सुरेंद्र सोढी ने कहा, 'मेजर ध्यानचंद इस पुरस्कार के असली हकदार हैं और उन्हें भी यह पुरस्कार मिलना चाहिए।

Source- Cricket News in Hindi

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