जागरण संवाददाता, जालंधर। एक समय मंकीगेट विवाद में भज्जी का साथ देने वाले सचिन तेंदुलकर के एहसान को आज भी टर्बनेटर हरभजन सिंह नहीं भूले होंगे। भज्जी ने हमेशा सचिन को अपना आइडल माना है, उन्होंने सोमवार को कहा कि सचिन तेंदुलकर देश का गौरव हैं। राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने के लिए प्रयासरत भज्जी ने कहा कि सचिन केसाथ खेलना मेरे लिए गर्व की बात है। हर कोई इस महान क्रिकेटर के साथ समय बिताना चाहता है और परमात्मा ने मुझे यह सौभाग्य भी दिया।
उन्होंने कहा कि दो दिन बाद सचिन अपना 200वां और विदाई टेस्ट मैच खेलने जा रहे है। अफसोस है कि ग्राउंड में मैं उनके साथ नहीं रहूंगा, लेकिन सचिन के इस टेस्ट मैच को मैं मिस नहीं कर सकता। मैं इस महान क्रिकेटर को जरूर खेलते देखूंगा और सचिन को अपने कंधे पर उठाकर उनकी 200वें टेस्ट मैच की खुशी में उनके साथ शरीक होऊंगा।
हरभजन ने याद किया, 'मैं 15-16 साल का था, तब पहली बार सचिन तेंदुलकर से मिला। सचिन चंडीगढ़ में टेस्ट मैच खेलने आए थे और जालंधर से मुझे वहां भेजा गया था। इस दौरान वहां कोच ने मेरा सचिन के साथ परिचय करवाते हुए कहा था कि यह लड़का बहुत अच्छी गेंद फेंकता है। मेरे लिए यह बहुत खुशी की बात थी कि विश्व के महान खिलाड़ी के सामने मेरा इस तरह परिचय हुआ। सचिन से मिलने पर ऐसा लगा जैसे मेरी जिंदगी ही बन गई। मैं उन्हें टकटकी लगाकर देखता रहा। वह बात करते रहे, लेकिन मुझे सचिन से मिलने और उनसे हाथ मिलाने की इतनी खुशी थी कि मुझे समझ में ही नहीं आ रहा था कि मैं क्या करूं।'
Source- Cricket News in Hindi
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