Monday, 11 November 2013

Govt to Roll out 4 Solar UMPPs; Groundwork Underway in Sambhar

joint secretary in ministry

मुंबई। सरकार ने सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए इस क्षेत्र में भी अल्ट्रा मेगा पावर प्रोजेक्ट (यूएमपीपी) लगाने का फैसला किया है। नवीन एवं अक्षय ऊर्जा मंत्रालय ने चार सौर ऊर्जा यूएमपीपी लगाने की योजना बनाई है। इससे न केवल बिजली की कीमत कम होगी बल्कि प्रदूषण भी नहीं फैलेगा।
मंत्रालय के संयुक्त सचिव तरुण कपूर ने इंटरसोलर इंडिया कांफ्रेंस के दौरान बताया कि राजस्थान के सांभर, गुजरात के खरगोडा, जम्मू एवं कश्मीर के लद्दाख और कारगिल में ये यूएमपीपी लगाए जाएंगे। पहले चरण में इन यूएमपीपी की क्षमता 1,000 मेगावाट होगी। इन प्रोजेक्ट पर करीब 30 हजार करोड़ रुपये निवेश किए जाएंगे। इससे पैदा होने वाली बिजली की कीमत 7.5 करोड़ रुपये प्रति मेगावाट पड़ेगी।

परियोजना का पहला चरण तीन साल के अंदर पूरा हो जाएगा। चार महीने के अंदर टेंडर जारी कर दिया जाएगा। फिलहाल थर्मल क्षेत्र में ही यूएमपीपी लग रहे हैं। सौर ऊर्जा यूएमपीपी के जरिये बिजली की कीमत पांच रुपये प्रति यूनिट तक नीचे लाई जाएगी। 

राजस्थान में लगने वाले प्रोजेक्ट के लिए काम शुरू हो चुका है। इसके लिए संयुक्त उपक्रम बनाया जाएगा। भेल (26 फीसद), सोलर एनर्जी कॉर्प (23 फीसद), पावर ग्रिड कॉर्प (16 फीसद), सतलुज जल विद्युत निगम (16 फीसद), हिंदुस्तान सॉल्ट्स (16 फीसद) और राजस्थान इलेक्ट्रॉनिक्स (एक फीसद) इसमें हिस्सेदार होंगे। सांभर लेक के नजदीक हिंदुस्तान सॉल्ट्स से इस प्रोजेक्ट के लिए करीब 18 हजार एकड़ जमीन ली जाएगी। 

इन प्रोजेक्ट में लगने वाले सोलर सेल और मॉड्यूल भेल से मंगाए जाएंगे। कंपनी ने महाराष्ट्र में एक उत्पादन इकाई लगाने की योजना तैयार की है। आगे के चरणों के लिए संयुक्त उपक्रम टेंडर जारी करेगा। इनमें कंपनियों को 500-500 मेगावाट के सोलर प्रोजेक्ट लगाने का मौका दिया जाएगा। लद्दाख और कारगिल में भी जमीन की पहचान की जा चुकी है। सरकार ऐसे ही यूएमपीपी के लिए दूसरे राज्यों से भी चर्चा कर रही है। 


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