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Sunday, 17 November 2013

NIA announces cash reward for arrest of IM men in Blasts Cases

NIA
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) को पटना और बोधगया में आतंकी हमला करने वाले पांच आरोपियों की तलाश है। एनआइए ने इंडियन मुजाहिदीन के इन संदिग्ध आतंकियों की फोटो जारी कर उनके बारे में सूचना देने के लिए पांच से दस लाख रुपये तक के इनाम की घोषणा की है। पटना धमाके के लिए एनआइए पहले ही चार संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार कर चुकी है।

जिन पांच आतंकियों के लिए इनाम घोषित किया गया है, उनमें एक बिहार का और चार झारखंड के हैं। एनआइए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि समस्तीपुर का रहने वाला तहसीन अख्तर उर्फ मोनू इन दोनों धमाकों का मास्टरमाइंड है और उस पर 10 लाख रुपये का इनाम रखा गया है। उसके खास सहयोगी और इंडियन मुजाहिदीन के लिए धन की व्यवस्था संभालने वाले रांची के हैदर अली उर्फ अब्दुल्ला पर भी 10 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की गई है। 

एनआइए के अनुसार पटना और बोधगया के साथ-साथ वाराणसी, मुंबई और हैदराबाद धमाके में भी ये दोनों शामिल थे। रांची के रहने वाले तीन अन्य संदिग्ध आतंकियों नूमन अंसारी, तौफीक अंसारी और मोजीबुल्ला पर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम रखा गया है। 

इसके पहले एनआइए ने सात जुलाई को बोधगया के महाबोधि मंदिर में हुए सिलसिलेवार धमाके के दो संदिग्धों का स्केच और सीसीटीवी फुटेज का एक क्लिप जारी किया था। अभी तक यह साफ नहीं है कि स्केच में इन पांचों संदिग्ध आतंकियों में से कोई है या नहीं।

Source- Hindi News

Monday, 4 November 2013

Patna blasts: NIA team raids a lodge in Ranchi, Defuses Nine live Bombs

Patna bomb blasts

जागरण संवाददाता, रांची। शहर स्थित हिंदपीढ़ी के एक लॉज में सोमवार शाम हुई छापेमारी में नौ तैयार बम बरामद हुए। टाइमर लगे इन बमों को सिर्फ बैट्री से जोड़ना बाकी थी। ये बम पटना में हुए सीरियल ब्लास्ट में इस्तेमाल किए गए बम से मिलते- जुलते हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) व पुलिस टीम ने पटना ब्लास्ट के मास्टर माइंड तहसीन अख्तर उर्फ मोनू की तलाश में छापेमारी की थी। इस दौरान 19 डेटोनेटर, जिलेटिन की 25 छड़ें व तीन अतिरिक्त टाइमर भी बरामद हुए हैं। तफ्तीश की जा रही है कि बम दिसंबर में रांची में होने वाली नरेंद्र मोदी की रैली के लिए तो नहीं तैयार किए गए थे।

हिंदपीढ़ी क्षेत्र के सेकंड स्ट्रीट स्थित ईरम लॉज में सोमवार शाम लगभग सात बजे छापेमारी शुरू हुई। एनआइए के साथ शहर पुलिस अधीक्षक मनोज रतन चौथे व पुलिस टीम भी थी। छापेमारी में लॉज से कुछ कागजात भी जब्त हुए हैं। बरामद बमों को निष्क्रिय करने के लिए बम निरोधक दस्ता भी मौके पर पहुंच गया था। पुलिस लॉज के संचालक मंजर इमाम से पूछताछ कर रही है। छापे की कार्रवाई किए जाने वाले लॉज के कमरा संख्या-आठ में ओरमांझी के चकला गांव निवासी मुजुबुल ठहरा हुआ था। 

बताया जाता है कि वह पिछले कुछ महीनों से इस कमरे में किराये पर रह रहा था। सूत्रों के अनुसार मुजिबुल यहां यूपीएससी की तैयारी के नाम पर रहता था। इस दौरान क्षेत्र में बड़े पैमाने पर पुलिस बल की तैनाती की गई है। इन बमों की बरामदगी से इस बात को बल मिला है कि पटना में इस्तेमाल बम हिंदपीढ़ी में ही बनाकर भेजे गए थे। ब्लास्ट के बाद गिरफ्तार इम्तियाज ने भी अपने खुलासे में हिंदपीढ़ी से आतंकी संबंधों को उजागर किया था।

मुजिबुल के घर छापा, पिता-भाई को उठाया
शहर के हिंदपीढ़ी स्थित लॉज में छापेमारी के बाद जांच एजेंसियां मुजिबुल की तलाश में जुटी हैं। लॉज के जिस कमरे में छापेमारी की गई थी, उसमें ठहरा मुजिबुल पिछले 19 अक्टूबर से लापता है। इस बीच, टीम ने रांची से बीस किलोमीटर दूर ओरमांझी के चकला गांव में दबिश दी। पुलिस ने मुजिबुल के घर की तलाशी ली लेकिन उसका पता नहीं चला। बाद में उसके पिता जाबिर अंसारी व बड़े भाई जितरूल अंसारी को पुलिस अपने साथ ले गई। छापेमारी में पुलिस को मुजिबुल के घर से जमात-ए-हिंद की रसीद मिली है। 

हैदर आता था मुजिबुल से मिलने : ईरम लॉज के संचालक मंजर इमाम ने पुलिस को बताया कि मुजिबुल से मिलने हैदर नामक युवक आता था। उसने तहसीन उर्फ मोनू के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। हैदर आइएम का सक्रिय सदस्य है। लॉज के कमरे में मुजिबुल के साथ रहने वाले युवक की भी पुलिस तलाश कर रही है।
दो-दो किलो के हैं बम : 
लॉज से बरामद बम दो-दो किलो के हैं। विस्फोटकों के प्रकार की अभी जानकारी नहीं मिली है। रांची एसएसपी साकेत कुमार सिंह ने बताया कि घटना के तार ओरमांझी के चकला गांव से जुड़े हैं। यहां से दो-तीन युवक लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है। पटना ब्लास्ट में बरामद टाइमर और रांची में बरामद टाइमर एक ही (लोटस कंपनी) हैं।
इधर, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) ने रांची के नगड़ी स्थित नवासराय मस्जिद से एक युवक को उठाया। युवक का नाम आबिद है। जांच एजेंसी उससे सोमवार सुबह से ही गोंदा थाने में पूछताछ कर रही है। उसी की निशानदेही पर एजेंसी ने हिंदपीढ़ी में छापेमारी की।

Source- News in Hindi

Wednesday, 30 October 2013

Students involved in patna blast


Patna blasts

पटना, [प्रशांत कुमार]। देश के भविष्य कहे जाने वाले छात्रों ने चंद रुपयों की खातिर लोगों की जान व अपने ईमान का सौदा कर डाला। आतंकियों के हाथ बिके इन छात्रों ने ही नरेंद्र मोदी की रैली के दौरान रविवार को गांधी मैदान में बम रखे थे। इसका खुलासा पुलिस गिरफ्त में आए इम्तियाज से पूछताछ में हुआ है। उसने एनआइए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) को बताया कि वह और तहसीन अपनी टोली के साथ रांची से 18 बम लेकर पटना आए थे। जहां बमों को रैली स्थल पर लगाने का काम पटना के लॉज में रहकर पढ़ाई करने वाले कुछ छात्रों को दिया था। इसके बदले उन्हें दस-दस हजार रुपये दिए गए थे।

इम्तियाज ने बताया है कि इंडियन मुजाहिदीन ने ही बोधगया ब्लास्ट के बाद पटना में ब्लास्ट की साजिश रची गई थी। बोधगया ब्लास्ट की तरह पटना में भी टाइमर के रूप में लोटस ब्रांडनेम वाली घड़ी का इस्तेमाल किया गया। गांधी मैदान में बम ब्लास्ट से पहले वह तहसीन के साथ कई बार पटना आया। हर बार वे सब्जीबाग, भंवर पोखर और नया टोला स्थित लॉज में ठहरे और उनमें रहने वाले छात्रों को कौम से जुड़ी भड़काऊ सीडी एवं वीडियो दिखा संगठन से जोड़ने का प्रयास किया। रुपये के लोभ में फंसकर आठ छात्र उनके संगठन से जुड़ गए। जिनकी पढ़ाई का खर्चा बाद में आइएम उठाने लगा। हर माह किसी न किसी माध्यम से इन छात्रों तक रुपये पहुंचा दिए जाते थे। जांच एजेंसी ने उन छात्रों के नाम अभी गोपनीय रखे हैं।

इम्तियाज ने बताया कि रविवार को भी रांची से पहुंचने पर इन आठ छात्रों को लैपटॉप बैग के साथ मीठापुर बस स्टैंड बुलाया था। जहां सभी के बैग में टाइमर बम रखकर उन्हें बमों को सक्रिय करने की विधि भी बताई गई। सभी छात्रों को आतंकियों ने दस-दस हजार रुपये दिए और गांधी मैदान में बमों को रखने के लिए कहा। एनएसजी (राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड) के पास इस बात के पुख्ता प्रमाण हैं सभी बम एक ही बनावट व तरीके के हैं। इम्तियाज के बयान से एनएसजी की इस जांच को बल मिला है कि गांधी मैदान में प्लांट सभी बम इसलिए नहीं फटे क्योंकि उन्हें रखने वालों को सही तरीके से प्रशिक्षण नहीं दिया गया था।

गांधी मैदान में पांच और बम मिले
जागरण संवाददाता, पटना : भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की रविवार को पटना में रैली के दौरान हुए सीरियल ब्लास्ट के 48 घंटे बाद मंगलवार को भी गांधी मैदान में पांच बम बरामद किए गए। जांच के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के बम स्क्वायड ने रात आठ बजे तक बमों को विस्फोट करा नष्ट कर दिया है। 

पहला टाइमर बम सुबह 11 बजे एसके मेमोरियल हाल के दूसरे गेट के सामने अंदर की ओर मैदान की चारदीवारी पर रखा था। जबकि तीन बम एकसाथ टेंट के सामान से ढके मैदान के बीच मिले। इसके अलावा एक और बम गांधी मैदान के उत्तरी गेट के पास मैदान के भीतर मिला। सुरक्षाकर्मियों ने अधिक तीव्रता वाले बम बरामद होने के बाद गांधी मैदान की चारदीवारी को सील कर दिया गया है। मौके पर पुलिस महकमे के आला अधिकारी, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) व एनएसजी की टीम, डाग स्क्वायड और बम स्क्वायड भी मौजूद हैं। चारदीवारी से सटी सड़क पर भी वाहनों का परिचालन बंद कर दिया गया है और मीडियाकर्मियों को 150 मीटर दूर रोक दिया गया है। इससे पहले एनएसजी दस्ते ने बाउंड्री पर सफेद रंग की प्लास्टिक से ढका बम बरामद किया था। इन बमों में चार को डिफ्यूज करने में एनएसजी टीम को भी पसीना छूट गया। लगभग चार घंटे की कवायद के बाद भी वह बम को डिफ्यूज नहीं कर सकी। उसके बाद बिहारी तकनीक यानी लकड़ी पर केरोसिन झिड़क आग लगा गर्म किया गया और बम डिफ्यूज हो सके।

Source: News in Hindi