Showing posts with label Rape case. Show all posts
Showing posts with label Rape case. Show all posts

Sunday, 5 January 2014

Sex before marriage is immoral: Delhi Court


नई दिल्ली [जासं]। विवाह पूर्व यौन संबंध न केवल अनैतिक है बल्कि सभी धर्मो के सैद्धांतिक मतों के खिलाफ भी है। अदालत ने विवाह पूर्व यौन संबंध को अनैतिक करार देते हुए कहा है कि बिना किसी ठोस वजह के केवल विवाह करने के वादे के आधार पर दो वयस्कों के बीच बने यौन संबंध को दुष्कर्म नहीं माना जा सकता। दिल्ली की एक अदालत ने यह टिप्पणी मल्टीनेशनल कंपनी में काम करने वाले 29 वर्षीय व्यक्ति को दुष्कर्म के आरोप से बरी करते हुए की। 

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र भट्ट ने कहा कि युवती विशेषकर व्यस्क, शिक्षित और कार्यालय जाने वाली हो और यदि वह विवाह के आश्वासन पर यौन संबंध बनाती है तो ऐसा वह अपने जोखिम पर करती है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने कहा, मेरी राय में विवाह के आश्वासन पर दो वयस्कों के बीच बनने वाले शारीरिक संबंध को उस स्थिति में दुष्कर्म नहीं कहा जा सकता, जब लड़का शादी के वादे को पूरा नहीं करता है। वह ऐसा कर भी सकता है और नहीं भी। युवती को यह समझना चाहिए कि वह एक ऐसे कृत्य में संलिप्त हो रही है जो अनैतिक ही नहीं, बल्कि दुनिया के प्रत्येक धर्म के नियमों के खिलाफ है। दुनिया का कोई भी धर्म विवाह से पहले यौन संबंध बनाने की अनुमति नहीं देता है।

पेश मामले में पुलिस ने पंजाब निवासी 29 वर्षीय युवक को एक युवती द्वारा शिकायत दर्ज कराने पर गिरफ्तार किया था। युवती एक निजी कंपनी में प्रशासनिक विभाग में काम कर रही थी। मई 2011 में युवक के खिलाफ दर्ज करायी गई शिकायत में युवती ने कहा था कि जुलाई, 2006 में सोशल मीडिया के जरिए वह युवक के संपर्क में आयी। इसके बाद आरोपी ने विवाह का वादा कर कई बार उससे शारीरिक संबंध स्थापित किए। 2008 में वह गर्भवती हो गयी तो युवक ने उससे विवाह करने की जगह उस पर गर्भपात कराने का दबाव डाला और कहा कि उसकी बहनों की शादी हो जाने के बाद ही वह उससे विवाह करेगा। 

युवती ने अपनी शिकायत में कहा कि बहनों की शादी होने के बावजूद आरोपी ने उससे विवाह नहीं किया। लेकिन आरोपी ने मुकदमे की सुनवाई के दौरान युवती के दावे का विरोध किया और कहा कि सोशल नेटवर्किंग साइट के जरिये उनकी दोस्ती हुई और इसके बाद वे कभी-कभी मिलते थे, लेकिन उसने कभी भी उसके साथ यौन संबंध नहीं बनाए। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने कहा कि मामले की सुनवाई के दौरान ई-मेल और इंटरनेट चैट के जरिये यह पता चला कि महिला ही आरोपी को शारीरिक संबंध बनाने के लिए प्रेरित कर रही थी। 

Source :  Top Hindi News