रायपुर [ब्यूरो]। शिवसेना ने छत्तीसग़़ढ विधानसभा के चुनाव के लिए चुनावी घोषणा पत्र जारी कर दिया है। पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में शोषण के खिलाफ हथियार उठाए लोगों को अपना भाई बताते हुए उनसे चर्चा कर उन्हें मुख्य धारा में लाने का संकल्प लिया है। पार्टी का कहना है कि सामाजिक--राजनीतिक शोषषण से बस्तर, सरगुजा, जशपुर व राजनांदगांव के हजारों युवा सरकार से सशस्त्र संघर्ष कर रहे हैं। उनके समाधान के लिए पार्टी चर्चा की पक्षधर है। उन्होंने शोषण के खिलाफ हथियार उठाया है। उनसे चर्चा कर उन्हें राष्ट्र की मुख्य धारा में लाने पार्टी वचनबद्ध है। वे हमारे ही भाई हैं। उनका खून मुफ्त में बहने के हम विरोधी हैं। पार्टी का उद्देश्य समग्र आर्थिक, सामाजिक विकास कर एक हंसता, मुस्कराता छत्तीसग़़ढ बनाना है। पार्टी के प्रदेश सचिव संतोष शुक्ला व रेशम जांगड़े के हस्ताक्षर से जारी घोषणा पत्र में कहा गया है कि राज्य निर्माण में छत्तीसगढ़ शिवसेना की अहम भूमिका थी और अब पूरे दमखम के साथ हर छत्तीसगढ़या के लिए उनकी पार्टी संघर्ष और विपक्ष में रहकर मजबूत व टक्कर देने की स्थिति में है।
31 प्रत्याशी मैदान में
शिवसेना ने इस बार प्रदेश की 90 विधानसभा सीटों में से 31 सीटों में अपने प्रत्याशी उतारे हैं। इनमें तखतपुर सीट से जगजीत सिंह मक्कड़, मुंगेली से खेम सिंह बारमते व पंडरिया से रघुनंदन पाठक प्रमुख हैं।
ये हैं प्रमुख वादे
-- किसानों की जमीन पर संयंत्र उनकी इच्छा से।
-- प्राकृतिक संसाधनों की बिक्री बंद होगी।
-- अवैध माइनिंग पर रोक।
-- रोजगारमूलक संयंत्रों की स्थापना।
-- बंद फैक्ट्रियां फिर चालू होंगी।
-- स्थानीय लोगों को रोजगार।
-- सड़कों की मरम्मत।
-- वैट घटया जाएगा।
-- स्वास्थ्य व पेयजल सुविधाएं बढेंगी।
-- स्थापना व्यय घटाया जाएगा।
-- खाद की कालाबाजारी पर रोक लगेगी।
-- अनुसूचित जाति का आरक्षण बढाया जाएगा।
-- प्राकृतिक संसाधनों की लूट रकेगी।
Source- News in Hindi