Friday, 19 September 2014

Centre strict religious propaganda on Tourist Visa

टूरिस्ट वीजा पर भारत की संस्कृति, कला तथा सभ्यता परखने पहुंचे विदेशियों ने यहां अपना मजहबी प्रचार शुरू कर दिया। खुफिया तंत्र ने इस मामले की भनक लगते ही खोजबीन शुरू कर दी। केंद्र सरकार ने मामले की गंभीरता को पर्यटकों को स्वदेश भेजने का फरमान जारी कर दिया। उधर, मजहबी पैरोकार पर्यटकों की हिमायत में जुट गए हैं, जबकि जिला प्रशासन मामले को दबाने पर आमादा है।

बांग्लादेश और रूस से करीब दस दिन पहले डेढ़ दर्जन पर्यटक टूरिस्ट वीजा पर मेरठ आए। केंद्रीय खुफिया विभाग को भनक लगी कि टूरिस्ट बीजा पर आए पर्यटक धार्मिक प्रचार में जुट गए हैं। खुफिया एजेंसी से सूचना पाकर हरकत में आई केंद्र सरकार ने यूपी सरकार को इन सभी पर्यटकों का वीजा जब्त कर उन्हें वापस भेजने का फरमान सुना दिया। शासन ने केंद्र सरकार के निर्देश की कापी मेरठ जिला पुलिस मुख्यालय को भी भेजी। एलआइयू ने निर्देश पर संज्ञान लेते हुए कारवाई शुरू की है।

पुलिस सूत्रों की मानें तो मजहबी पैरोकार इन पर्यटकों हिमायत में जुट गए हैं। उधर, कई लोगों ने अपना नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वह इस मामले में गृह मंत्री राजनाथ सिंह व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात करेंगे। तर्क दिया कि विदेशी मेहमानों पर उंगली उठाना उचित नही है।

बिजनौर विस्फोट को भी माना मुद्दा

केंद्रीय खुफिया तंत्र ने बिजनौर में हुए बम विस्फोट के बाद तफ्तीश तेज की है। देश में बढ़ती आतंकी घटनाओं पर अंकुश के लिए खुफिया एजेंसियों के समक्ष भारी भरकम चुनौती है। ऐसे में जांच पड़ताल के लिए एजेंसी विशेष सतर्कता बरत रही है।

सुस्त बैठी एलआइयू

आतंकी गतिविधियों को अलर्ट जारी होने के बावजूद मेरठ एलआइयू सुस्त बैठी है। अब तक विदेशी पर्यटकों एवं जुड़े लोगों से एक भी बार बात नहीं की गई। पर्यटकों को शहर से बाहर करने के लिए भी विशेष प्रयास नहीं किया गया। सीओ एलआइयू विनोद कुमार शर्मा का कहना है कि भारत सरकार ने प्रदेश सरकार को भेजी रिपोर्ट में साफ किया है कि टूरिस्ट वीजा का धार्मिक प्रचार के लिए दुरुपयोग किया जा रहा। ऐसे में केंद्र से वीजा पासपोर्ट जब्त कर उन्हें स्वदेश वापस भेजने का फरमान सुनाया है। 

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