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Wednesday, 15 January 2014

BSP's Lucknow rally

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने बुधवार को कांग्रेस-बसपा-सपा पर चौतरफा हमला करते हुए कहा कि बसपा के बढ़ते वर्चस्व को रोकने के लिए तीनों पार्टियों अंदरखाते एक हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार ने सत्ता में आते ही बसपा की कई जनहित योजनाओं का बंद कर दिया। उत्तर प्रदेश अब क्राइम प्रदेश बन गया है।

अपने 58वें जन्मदिन पर रमाबाई अंबेडकर मैदान में आयोजित बसपा की राष्ट्रीय सावधान रैली में पार्टी प्रमुख मायावती ने कहा कि बसपा के खिलाफ कांग्रेस-भाजपा-सपा एक साथ हैं। उन्होंने कहा कि 2003-06 तक पार्टी संकट में थी। उन्होंने कहा कि 2003 में सीटों के बंटवारे को लेकर भाजपा के साथ गठबंधन टूटा था, क्योंकि 2004 के चुनाव में गठबंधन के नाम पर भाजपा प्रदेश की 80 में से 60 सीटें चाहती थी। मैं भाजपा की इस मांग के खिलाफ थी, क्योंकि इससे बसपा के अस्तित्व पर संकट आ जाता। मैं स्वाभिमानी लड़की हूं, इसलिए मैं उनकी मांग पर नहीं झुकी।

माया ने कहा कि मेरे खिलाफ सीबीआइ का दुरुपयोग किया गया और मेरे खिलाफ गलत आरोप लगाए गए। मैं सांप्रदायिक शक्तियों के सख्त खिलाफ हूं। जब बसपा मुश्किल में थी तो स्वार्थियों ने उसे छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि बसपा उम्मीदवारों को हराने के लिए सन् 2009 में सपा-कांग्रेस-भाजपा अंदरखाते एक हो गए। इसलिए उस चुनाव में प्रदेश में 80 में से बसपा 20 सीटें जीती और 45 जगह वह दूसरे नंबर पर रही।

उन्होंने प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर सपा सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश अब क्राइम प्रदेश बन गया है। यहां गुंडागर्दी बढ़ गई और सपा के गुंडे अधिकारियों को ढंग से काम नहीं करने दे। उन्होंने कहा कि सपा सरकार के शासनकाल में प्रदेश में दंगे चरम पर पहुंच गए हैं। मुजफ्फनगर दंगे के आरोपियों को सरेआम सम्मानित किया जा रहा है। दंगों के बाद प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगना चाहिए था। दंगों के बाद अनाप-शनाप बयान दिए गए।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में दलितों की हालत बदतर होती जा रही है। सपा सरकार में केवल यादवों को ही फायदा पहुंचाया जा रहा है। सरकार पर अराजक तत्व हावी हो रहे हैं। 

मायावती ने भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी निशाना साधते हुए कहा कि मोदी झूठे लोकलुभावन वादे कर रहे हैं। माया ने गोधरा दंगों पर भी मोदी को घेरा।

Source: Hindi News

Monday, 30 December 2013

Devyani's dad uttam khobragade keen to enter into politics



मुंबई। भारतीय राजनयिक देवयानी खोबरागडे के पिता और पूर्व आइएएस उत्तम खोबरागडे राजनीति में उतरने का मन बना रहे हैं। वह अगले साल लोकसभा का चुनाव लड़ना चाहते हैं। 

इसकी पुष्टि करते हुए खोबरागडे ने कहा कि राजनीति में प्रवेश को लेकर महाराष्ट्र में कुछ राजनीतिक पार्टियों से उनकी बातचीत चल रही है। दलित खोबरागडे ने कहा कि मेरा संघर्ष देवयानी के खिलाफ हुए अन्याय को लेकर जारी रहेगा। 1984 बैच के पूर्व आइएएस अधिकारी खोबरागडे की पहली तैनाती महाराष्ट्र में खाद्य एवं औषधि प्रशासन [एफडीए] के प्रमुख के तौर पर हुई थी। वह 2003 में बतौर एफडीए कमिश्नर नकली दवाओं पर बनी माशलेकर समिति के सदस्य भी रहे। इस दौरान उन्होंने कई दवा कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की, लेकिन 2004 में वह महाराष्ट्र आवास व क्षेत्र विकास प्राधिकरण [एमएचएडीए] प्रमुख बनने के बाद जमीन आवंटन को लेकर विवादों में फंस गए। हालांकि खोबरागडे के साथ सबसे बड़ा विवाद आदर्श सोसाइटी घोटाले से जुड़ा है। मुंबई की बेस्ट [बृहन्मुंबई विद्युत आपूर्ति और परिवहन] ने कोलाबा स्थित अपनी जमीन का कुछ हिस्सा आदर्श सोसाइटी को दिया। इसके बाद खोबरागडे की बेटी देवयानी इस सोसाइटी की सदस्य बनीं। संयोग की बात यह है कि यह तब हुआ जब उनके पिता बेस्ट के महाप्रबंधक थे। उस समय उन्हें इस मोर्चे पर कई सवालों का सामना करना पड़ा। हालांकि बाद में आदर्श जांच अधिकारियों से खोबरागडे ने कहा कि आदर्श को जमीन देने का फैसला उनके बेस्ट प्रमुख बनने से पहले लिया गया था। 

कौन हैं देवयानी के पति

देवयानी खोबरागडे ने न्यूयॉर्क में जन्मे भारतीय मूल के आकाश सिंह राठौर से शादी की है। वह दर्शनशास्त्र [फिलॉसिफी] के प्रोफेसर हैं। वह भारतीय वाइन उद्योग के विशेषज्ञ हैं। राठौर का बचपन मिशिगन में गुजरा। यहां उनके माता पिता वाइन बनाने की छोटी सी फैक्ट्री चलाते थे। 2006 में 'द कंपलीट इंडियन वाइन गाइड' शीर्षक से उन्होंने किताब भी लिखी। 42 वर्षीय राठौर अगले साल रटगर्स यूनिवर्सिटी में पढ़ाएंगे। वह एक अपार्टमेंट के मालिक हैं जबकि यूनिवर्सिटी ऑफ पेंसिलवेनिया के नए कोर्स 'फिलासफी ऑफ वाइन' पर काम कर रहे हैं।

कौन हैं देवयानी के पति देवयानी खोबरागडे ने न्यूयॉर्क में जन्मे भारतीय मूल के आकाश सिंह राठौर से शादी की है। वह दर्शनशास्त्र (फिलॉसिफी) के प्रोफेसर हैं। वह भारतीय वाइन उद्योग के विशेषज्ञ हैं। राठौर का बचपन मिशिगन में गुजरा। यहां उनके माता पिता वाइन बनाने की छोटी सी फैक्ट्री चलाते थे। 2006 में 'द कंपलीट इंडियन वाइन गाइड' शीर्षक से उन्होंने किताब भी लिखी। 42 वर्षीय राठौर इस वर्ष रटगर्स यूनिवर्सिटी में पढ़ाएंगे। वह एक अपार्टमेंट के मालिक हैं जबकि यूनिवर्सिटी ऑफ पेंसिलवेनिया के नए कोर्स 'फिलासफी ऑफ वाइन' पर काम कर रहे हैं।

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