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Thursday, 9 January 2014

India says diplomat at centre of U.S. row transferred to Delhi

नई दिल्ली। वीजा फर्जीवाड़े और घरेलू नौकरानी को कम वेतन दिए जाने के मामले में फंसी भारतीय राजनयिक देवयानी खोबरागड़े भारत लौट रहीं हैं। उन्होंने फिर दोहराया है कि वह बेगुनाह हैं और चाहती हैं कि सच्चाई का सबको पता चले। इस बीच, अमेरिकी अदालत में देवयानी के खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय कर दिया गया है, लेकिन चूंकि उन्हें पूर्ण राजनयिक संरक्षण दिया गया है इसलिए उन पर मुकदमा नहीं चलेगा। वहीं, इस पूरे प्रकरण पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए देवयानी के पिता उत्तम खोबरागड़े ने भारत सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा कि हमें जरूर इंसाफ मिलेगा। 

उत्तम खोबरागड़े ने कहा कि उन्हें सभी भारतीयों का साथ मिला हैं और हमें इंसाफ जरूर मिलेगा। इसके साथ ही उन्होंने मीडिया का धन्यवाद दिया। गौरतलब है कि भारतीय राजनयिक पर वीजा फर्जीवाड़े और न्यूयॉर्क में घरेलू नौकरानी को कम वेतन दिए जाने के मामले में पिछले महीने गिरफ्तार किया गया था। उन्हें हथकड़ी लगाई गई, कपड़े उतरवाकर तलाशी ली गई और अपराधियों के साथ हिरासत में रखा गया था। इस वजह से दोनों देशों के बीच संबंधों में तनाव उत्पन्न हो गया था। भारत ने अमेरिका से इस मामले में माफी मांगने और देवयानी के खिलाफ केस वापस लेने की मांग की थी। लेकिन अमेरिका ने ऐसा करने से इन्कार कर दिया। जवाब में भारत ने भी अमेरिकी राजनयिकों को मिलने वाली छूटों में कटौती कर दी। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच इस मुद्दे पर तनाव बढ़ गया था।

नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास के बाहर सुरक्षा अवरोधकों को हटा दिया गया था और तब भारत का दौरा कर रहे एक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात से भारतीय नेताओं ने मिलने से इन्कार कर दिया था। इसके साथ ही अमेरिकी दूतावास परिसर में व्यावसायिक गतिविधियों को रोकने का भी आदेश जारी दिया।

एक अधिकारी ने बताया कि देवयानी को आठ जनवरी को अमेरिका ने पूर्ण राजनयिक छूट देने के बाद नौ जनवरी को छूट खत्म करने की भारत से इजाजत मांगी थी, लेकिन भारत ने ऐसा करने से इन्कार कर दिया। इसके बाद अमेरिका ने देवयानी को देश छोड़कर चले जाने को कहा। इसका यह मतलब है कि उन पर अब मुकदमा नहीं चलेगा, लेकिन आरोप यथावत रहेंगे।

उल्लेखनीय है कि देवयानी के लिए सबसे बड़ी मुश्किल यह है कि उनके पति अमेरिकी हैं और उनकी एक बच्ची भी है। इस पूरे घटनाक्रम में यह महत्वपूर्ण है कि देवयानी पर आरोप होने के कारण उन्हें अब अमेरिकी वीजा मिलना बेहद मुश्किल होगा। इसलिए वह अमेरिका जाकर अपने परिवार से नहीं मिल सकेंगी और न ही उनकी अमेरिका में अब तैनाती हो सकेगी।

Monday, 30 December 2013

Devyani's dad uttam khobragade keen to enter into politics



मुंबई। भारतीय राजनयिक देवयानी खोबरागडे के पिता और पूर्व आइएएस उत्तम खोबरागडे राजनीति में उतरने का मन बना रहे हैं। वह अगले साल लोकसभा का चुनाव लड़ना चाहते हैं। 

इसकी पुष्टि करते हुए खोबरागडे ने कहा कि राजनीति में प्रवेश को लेकर महाराष्ट्र में कुछ राजनीतिक पार्टियों से उनकी बातचीत चल रही है। दलित खोबरागडे ने कहा कि मेरा संघर्ष देवयानी के खिलाफ हुए अन्याय को लेकर जारी रहेगा। 1984 बैच के पूर्व आइएएस अधिकारी खोबरागडे की पहली तैनाती महाराष्ट्र में खाद्य एवं औषधि प्रशासन [एफडीए] के प्रमुख के तौर पर हुई थी। वह 2003 में बतौर एफडीए कमिश्नर नकली दवाओं पर बनी माशलेकर समिति के सदस्य भी रहे। इस दौरान उन्होंने कई दवा कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की, लेकिन 2004 में वह महाराष्ट्र आवास व क्षेत्र विकास प्राधिकरण [एमएचएडीए] प्रमुख बनने के बाद जमीन आवंटन को लेकर विवादों में फंस गए। हालांकि खोबरागडे के साथ सबसे बड़ा विवाद आदर्श सोसाइटी घोटाले से जुड़ा है। मुंबई की बेस्ट [बृहन्मुंबई विद्युत आपूर्ति और परिवहन] ने कोलाबा स्थित अपनी जमीन का कुछ हिस्सा आदर्श सोसाइटी को दिया। इसके बाद खोबरागडे की बेटी देवयानी इस सोसाइटी की सदस्य बनीं। संयोग की बात यह है कि यह तब हुआ जब उनके पिता बेस्ट के महाप्रबंधक थे। उस समय उन्हें इस मोर्चे पर कई सवालों का सामना करना पड़ा। हालांकि बाद में आदर्श जांच अधिकारियों से खोबरागडे ने कहा कि आदर्श को जमीन देने का फैसला उनके बेस्ट प्रमुख बनने से पहले लिया गया था। 

कौन हैं देवयानी के पति

देवयानी खोबरागडे ने न्यूयॉर्क में जन्मे भारतीय मूल के आकाश सिंह राठौर से शादी की है। वह दर्शनशास्त्र [फिलॉसिफी] के प्रोफेसर हैं। वह भारतीय वाइन उद्योग के विशेषज्ञ हैं। राठौर का बचपन मिशिगन में गुजरा। यहां उनके माता पिता वाइन बनाने की छोटी सी फैक्ट्री चलाते थे। 2006 में 'द कंपलीट इंडियन वाइन गाइड' शीर्षक से उन्होंने किताब भी लिखी। 42 वर्षीय राठौर अगले साल रटगर्स यूनिवर्सिटी में पढ़ाएंगे। वह एक अपार्टमेंट के मालिक हैं जबकि यूनिवर्सिटी ऑफ पेंसिलवेनिया के नए कोर्स 'फिलासफी ऑफ वाइन' पर काम कर रहे हैं।

कौन हैं देवयानी के पति देवयानी खोबरागडे ने न्यूयॉर्क में जन्मे भारतीय मूल के आकाश सिंह राठौर से शादी की है। वह दर्शनशास्त्र (फिलॉसिफी) के प्रोफेसर हैं। वह भारतीय वाइन उद्योग के विशेषज्ञ हैं। राठौर का बचपन मिशिगन में गुजरा। यहां उनके माता पिता वाइन बनाने की छोटी सी फैक्ट्री चलाते थे। 2006 में 'द कंपलीट इंडियन वाइन गाइड' शीर्षक से उन्होंने किताब भी लिखी। 42 वर्षीय राठौर इस वर्ष रटगर्स यूनिवर्सिटी में पढ़ाएंगे। वह एक अपार्टमेंट के मालिक हैं जबकि यूनिवर्सिटी ऑफ पेंसिलवेनिया के नए कोर्स 'फिलासफी ऑफ वाइन' पर काम कर रहे हैं।

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