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Thursday, 11 September 2014

Now, send money using only mobile numbers

निजी क्षेत्र के दिग्गज बैंक आईसीआईसीआई ने कार्डलेस कैश (बिना कार्ड रकम) निकालने की स्कीम लांच की है। इस सुविधा के तहत बैंक के ग्राहक देश में कहीं भी मोबाइल फोन के इस्तेमाल से रकम एक खाते से दूसरे में ट्रांसफर कर सकेंगे।

इस स्कीम की खास बात यह है कि जिसके खाते में पैसा ट्रांसफर किया गया है, वह डेबिट या क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल किए बिना आईसीआईसीआई बैंक के 10,000 से अधिक एटीएम से पैसा निकाल सकेगा। फिलहाल यह सुविधा केवल बैंक ग्राहकों के लिए उपलब्ध है।

Govt clears stake sale in CIL, ONGC, NHPC; may get Rs 43k cr

मोदी सरकार ने 'बिग-बैंग विनिवेश' का श्रीगणेश कर दिया है। सार्वजनिक क्षेत्र की तीन दिग्गज कंपनियों-ओएनजीसी, कोल इंडिया व एनएचपीसी में केंद्र सरकार की हिस्सेदारी बेचने के लिए जल्द ही विनिवेश कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक में इस संबंध में प्रस्ताव पारित कर दिया गया। इससे केंद्र सरकार को चालू वित्त वर्ष 2014-15 के दौरान 43,000 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल होने की उम्मीद है। कैबिनेट की बैठक में जन धन योजना की प्रगति का भी जायजा लिया गया।

कोल इंडिया (सीआइएल) में सरकार 10 फीसद हिस्सेदारी बेचेगी, जबकि ओएनजीसी में पांच फीसद व एनएचपीसी में 11.36 फीसद इक्विटी बेची जाएगी। कोल इंडिया में विनिवेश से सरकार को 23,000 करोड़ व ओएनजीसी से 18,000 करोड़ रुपये आने की उम्मीद है। यह राशि सरकार को राजकोषीय संतुलन बनाने में काफी मदद करेगी। मोदी सरकार ने चालू वित्त वर्ष के दौरान 43,425 करोड़ रुपये विनिवेश से प्राप्त करने का लक्ष्य रखा है। कमोबेश यह राशि उक्त तीनों कंपनियों में विनिवेश से ही हासिल हो जाएगी। पिछली सरकार संप्रग-दो के पूरे कार्यकाल में कभी भी विनिवेश लक्ष्य का हासिल नहीं कर पाई। सरकारी स्टील कंपनी सेल में विनिवेश की तैयारी भी पूरी है। सेल में सरकारी इक्विटी की बिक्री इस महीने ही पूरी की जा सकती है।

पिछली सरकार ने भी इन कंपनियों में विनिवेश करने का फैसला किया था, लेकिन बाजार की स्थिति की वजह से इन्हें लागू नहीं किया गया। अब शेयर बाजार के बेहतर हालात को देखते हुए राजग सरकार इन तीनों सरकारी उपक्रमों (पीएसयू) मे विनिवेश कार्यक्रम को जल्द से जल्द अमली जामा पहनाना चाहती है। सरकार की तेजी इस बात से समझी जा सकती है कि कैबिनेट से फैसला होने से पहले ही ओएनजीसी व एनएचपीसी विनिवेश के लिए बैंकों का चयन हो चुका है। कोल इंडिया के लिए भी अगले कुछ दिनों में बैंकरों का चयन हो जाएगा। ये बैंक ही विनिवेश कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हैं।

जन धन में खुले तीन करोड़ खाते:

बुधवार को कैबिनेट की एक अलग बैठक भी हुई। इसमें पिछले महीने की 28 तारीख को शुरू की गई प्रधानमंत्री जन धन योजना की भी समीक्षा की गई। अब तक इस योजना के तहत तीन करोड़ खाते खोले जा चुके हैं।

कश्मीर में पनबिजली परियोजना:

कैबिनेट ने जम्मू व कश्मीर में पाकल डल पनबिजली परियोजना को भी मंजूरी दी है। 1,000 मेगावॉट क्षमता की इस परियोजना पर 8,112.12 करोड़ रुपये की लागत आएगी। यह परियोजना एनएचपीसी जम्मू-कश्मीर राज्य विकास के साथ संयुक्त उपक्रम के तहत लगा रही है।

निर्यात बीमा का पूंजी आधार बढ़ा:

इस बैठक में कैबिनेट ने विदेश में भारतीय कंपनियों की तरफ से लगाई जा रही परियोजनाओं को मदद देने के लिहाज से राष्ट्रीय निर्यात बीमा खाता के पूंजी आधार बढ़ाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। अब इसका पूंजी आधार 4,000 करोड़ रुपये हो जाएगा।

-सीसीईए के फैसले:

-ओएनजीसी, कोल इंडिया और एनएचपीसी में बिकेगी हिस्सेदारी

-सरकार को हासिल होगा 43,000 करोड़ रुपये का राजस्व

-महासेल:

कंपनी, हिस्सेदारी विनिवेश, राजस्व

कोल इंडिया , 10.0 , 23,000

ओएनजीसी , 5.0 , 18,000

एनएचपीसी , 11.36 , 2,300

(विनिवेश फीसद में व राजस्व करोड़ रुपये में)

Sensex up 87 pts in early trade on govt's disinvestment move

दूसरे कारोबारी सत्र के चौथे दिन गुरुवार को सरकार के विनिवेश के फैसले का असर देखने को मिला। इसके चलते बंबई स्टॉक एक्सचेंज का तीन शेयरों को सेंसेक्स 87 अंकों की बढ़त के साथ 27145.18 अंकों पर खुला। यह बढ़त इसमें 0.32 फीसद की रही। कोल इंडिया, ओएनजीसी और एनएचपीसी के शेयरों को बेचने के लिए सरकार द्वारा दी गई हरी झंडी की बदौलत आज सेंसेक्स में यह तेजी देखी गई। पिछले सत्र के दौरान सेंसेक्स ने करीब 262.44 अंकों की गिरावट देखी थी।

वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी आज 30.40 अंकों की तेजी के साथ 8124.50 पर खुला। इसमें यह तेजी 0.38 फीसद की रही। गौरतलब है कि केबिनेट कमेटी ऑन इक्नोमिक अफेयर्स सीसीईए ने ने कोल इंडिया लिमिटेड के पांच फीसद, ओएनजीसी के 11.36 फीसद और एनएचपीसी के कुछ शेयर बेचने पर अपनी मुहर लगा दी है। इससे उत्साहित बाजार में आज यह तेजी देखने को मिली है।

Source: News in Hindi and Newspaper

Cabinet minister jitendra singh arrives srinagar after PM order

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदेश पर श्रीनगर पहुंचे हैं। उनके साथ राज्य का दौरा करने वालों में केंद्रीय गृह सचिव भी हैं। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री ने मोदी ने बुधवार शाम को हुई बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया था कि जम्मू कश्मीर में भयावह बाढ़ के बाद बचाव और राहत अभियान तेज करने में राज्य सरकार को पूरा सहयोग दें। उन्होंने प्रभावित लोगों तक जरूरी वस्तुएं तेजी से पहुंचाने की जरूरत पर जोर दिया।

बैठक में मोदी ने ने इस बात पर जोर दिया था कि भीषण आपदा में प्रभावित लोगों तक भोजन और पानी जैसी बुनियादी जरूरी चीजें पहुंचाने पर तत्काल ध्यान दिया जाए। उन्होंने श्रीनगर को पहली प्राथमिकता बताते हुए प्रभावित लोगों तक जरूरी चीजें पहुंचाने की जरूरत पर बल दिया।

श्रीनगर में करीब 8000 लैंडलाइन सक्रिय हो गई हैं। मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनी एयरसेल के माध्यम से मोबाइल सेवाओं को भी आंशिक रूप से बहाल कर दिया गया है। इस बैठक में पीएमओ में राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह, कैबिनेट सचिव अजीत सेठ, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्रा, प्रधानमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव, केंद्रीय मंत्रालयों के सचिवों और रक्षाबलों के अधिकारी भी मौजूद थे। 

Obama seeks fund to action against IS

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने सांसदों से कहा है कि उनके पास इस्लामिक स्टेट (आइएस) के खिलाफ कार्रवाई की मंजूरी देने का अधिकार है। राष्ट्र के नाम संबोधन से पहले ओबामा ने सांसदों के एक समूह से मुलाकात की। गुरुवार रात को अपने संबोधन में वह आइएस से खतरे का मुकाबला करने को लेकर अमेरिकी रणनीति की घोषणा करेंगे। ह्वाइट हाउस में ओबामा ने अमेरिकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव के स्पीकर जॉन बॉएहनर, डेमोक्रेटिक नेता नैंसी पेलोसी और अन्य सांसदों से मुलाकात की।

अमेरिका की ओर से कहा गया है कि आइएस आतंकियों से इराक के लिए अस्तित्व का खतरा है। ह्वाइट हाउस के प्रेस सचिव जोश अर्नेस्ट ने कहा कि देश को एक रखने में नई इराकी सरकार की विफलता से पूरे इराक के लिए खतरा उत्पन्न हो जाएगा। इस बीच ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि आइएस से लड़ने में मदद के लिए ब्रिटिश सरकार 16 लाख पौंड की भारी मशीनगन और गोला बारूद इराकी सरकार के पास भेजेगी। वहीं फ्रांस ने भी आइएस से लड़ने के लिए सेना भेजने की संभावना से इन्कार नहीं किया है। देश के रक्षा मंत्री जीन-वीस ली डिअन ने मंगलवार को कहा कि आतंकवाद पर अंकुश लगाने के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों के तहत आइएस से लड़ने के लिए फ्रांस की सेना को इराक भेजा जा सकता है। इटली की रक्षा मंत्री रॉबर्टा पिनोट्टी ने यूरोपीय यूनियन से सभी साधनों से आइएस के खतरे से लड़ने का अनुरोध किया है। दूसरी ओर इराक में आइएस आतंकियों के खिलाफ अमेरिका के हवाई हमले जारी हैं।

बोको हराम ने नाइजीरिया में कई स्थानों पर किया कब्जा

बोको हराम के आतंकियों ने हाल के सप्ताहों में नाइजीरिया के सुदूर उत्तर पूर्व में बहुत से स्थानों पर नियंत्रण कर लिया है। ऐसा लगता है कि वह इस्लामिक स्टेट से प्रेरित होकर 'मुस्लिम क्षेत्र' पर नियंत्रण करना चाहता है।

ट्विटर कर्मियों की हत्या की धमकी

इस्लामिक स्टेट (आइएस) के ट्वीट में माइक्र ब्लॉगिंग साइट ट्विटर से बदला लेने का अनुरोध किया गया है। इसमें ट्विटर के कर्मियों की हत्या करने की धमकी दी गई है। वोकेटिव वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक आइएस के ट्वीट में ट्विटर कर्मियों पर हमले के लिए ध्यान केंद्रित करने को कहा गया है। 

Adityanath defies ban, addresses election meeting

उपचुनाव के ऐन पहले बुधवार को उत्तर प्रदेश की राजनीति अचानक गरमा गई। ताजा विवाद के केंद्र में रहे सांसद योगी आदित्यनाथ जिनकी लखनऊ की चुनावी सभा को लेकर भाजपा और राज्य सरकार आमने सामने आ गए। जिला प्रशासन ने योगी की रैली पर रोक तो लगा दी पर उन्हें सभा करने से नहीं रोका। योगी ट्रक पर चढ़कर बोले और पुलिस और प्रशासन के लोग चुप खड़े रहे। लखनऊ के डीएम राजशेखर का कहना है कि सभा की सीडी देखने के बाद कार्रवाई की जाएगी। देर रात जिला प्रशासन भाजपा ने योगी आदित्यनाथ व भाजपा प्रत्याशी आशुतोष टण्डन के अलावा उनके सहयोगियों पर गाजीपुर थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया है।

ध्रुवीकरण की राजनीति के आरोप-प्रत्यारोप के बीच योगी आदित्यनाथ प्रदेश भर में रैलियां और सभाएं कर रहे हैं। बुधवार शाम छह बजे उनकी लखनऊ के मुंशी पुलिया चौराहे पर सभा घोषित थी लेकिन जिला प्रशासन ने उस पर रोक लगा दी। रोक से नाराज भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन भी किया। प्रशासन का तर्क था कि इसी स्थान पर और इसी समय सपा ने भी सभा की अनुमति मांगी थी पर कानून-व्यवस्था की दिक्कत देखते हुए किसी पार्टी को मंजूरी नहीं दी गई। साढ़े सात बजे सभा स्थल पहुंचे योगी ने ट्रक से ही कहा कि अखिलेश सरकार के आदेश पर प्रशासन ने प्रतिबंध लगाया। योगी के मुताबिक सरकार उनसे डर रही है और जिस तरह तानाशाही कर रही है उसका जवाब वोटरों को देना होगा। वोटर मोदी सरकार के 100 दिन के कार्यकाल से खुश है और अब अगली बार प्रदेश में भाजपा सरकार बनने से कोई रोक नहीं सकता। उन्होंने कहा कि मुरादाबाद, लखीमपुर खीरी, मैनपुरी में भी उनकी रैली पर रोक लगाई गई। इससे पहले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, पूर्व सांसद लालजी टंडन, सांसद जगदंबिका पाल व सांसद लल्लू सिंह समेत कई नेताओं ने ट्रक से ही कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।

हमने चुनाव आयोग के किसी आदेश का उल्लंघन नहीं किया है। हमने सिर्फ लखनऊ प्रशासन के असंवैधानिक तरीकों के खिलाफ प्रदर्शन किया।

-लक्ष्मीकांत वाजपेयी, बीजेपी (योगी आदित्यानाथ की पब्लिक मीटिंग पर)

मोबाइल फोन से संबोधन:

योगी ने मुरादाबाद में मतदाताओं से भाजपा प्रत्याशी को जिताकर कांठ दंगे का बदला लेने का आह्वान किया। दिल्ली में हेलीकाप्टर को उड़ान की अनुमति नहीं मिलने की वजह से ठाकुरद्वारा विधान सभा सीट के उपचुनाव में प्रचार के लिए नहीं आ सके योगी ने वहां मोबाइल के जरिए सुल्तानपुर दोस्त गांव में जनसभा को संबोधित किया। मैनपुरी में भी योगी ने सपा पर जमकर हमला बोला। वहां क्रिश्चियन मैदान में सुबह से योगी का इंतजार था। दोपहर में घोषणा हुई कि योगी का हेलीकॉप्टर नहीं उड़ पाया है क्योंकि सपा सरकार ने अनुमति नहीं दी। इसके बाद मोबाइल से योगी ने जनसभा को संबोधित किया। इसी तरह लखीमपुर के निघासन में योगी आयोजित जनसभा में नहीं जा सके। जनता से फोन पर योगी ने कहा कि सपा सरकार खास तबके की कन्याओं को विद्याधन जैसी योजनाओं का लाभ देकर दूसरे तबके के साथ धोखा कर रही है।

Will AAP and Congress again come together

सूबे में भाजपा को सरकार बनाने से रोकने के नाम पर कांग्रेस व आम आदमी पार्टी [आप] के करीब आने की संभावनाएं भी तलाशी जा रही हैं। खुद अरविंद केजरीवाल ने यह कहा है कि भाजपा को रोकने के लिए वे सबको साथ लेने के पक्षधर हैं। लेकिन ऐसा लगता नहीं है कि कांग्रेस उस पार्टी से दोबारा हाथ मिलाने के विकल्प पर विचार करेगी, जिसने दिल्ली में उसका सूपड़ा साफ कर दिया।

लवली चुनाव कराने के पक्ष में

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली बार-बार कह चुके हैं कि उनकी पार्टी दिल्ली में नए सिरे से चुनाव की पक्षधर है। आप से सहयोग का कोई सवाल ही नहीं है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता मुकेश शर्मा आप को भाजपा की बी टीम करार देते हैं और मानते हैं। पार्टी के अन्य नेता भी अब आप से किसी प्रकार के सहयोग के पक्षधर नहीं हैं। जाहिर है कि दोनों दलों का मेल अब संभव नहीं है। कांग्रेस व आप के मेल से सूबे में सरकार के गठन की संभावना को उपराज्यपाल नजीब जंग द्वारा राष्ट्रपति को लिखी गई चिट्ठी ने भी समाप्त कर दिया है।

नजीब जंग ने साफ लिखा है कि आप सुप्रीम कोर्ट में विधानसभा को भंग करने की मांग लेकर गई है। इसी आधार पर उन्होंने भाजपा को सरकार बनाने का न्योता देने की इजाजत मांगी है। जाहिर है कि यदि कांग्रेस व आप में सहयोग की कोई कोशिश हो भी रही हो तो उसका फायदा होता नहीं दिख रहा। जानकारों की राय है कि अब या तो भाजपा की अगुवाई में सरकार बनेगी अथवा विधानसभा को भंग कर नए सिरे से चुनाव कराए जाएंगे।

Kanti left Meerut for ask truth to Surendra koli

बहुचर्चित निठारी कांड में अभियुक्त सुरेंद्र कोली को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद पहली बार उसकी मां कांती कोली उससे मिलने बुधवार रात मेरठ रवाना हो गई है। सुरेंद्र कोली को फांसी की सजा होने के बाद घर में गरीबी और बेबसी की जिदंगी जी रही मां कांती कोली अपने बेटे से मिलने की इच्छा तो जता रही थी, लेकिन शरीर कमजोर होने के कारण यह संभव नहीं हो पा रहा था। कुछ सामाजिक संगठनों ने मां-बेटे की मुलाकात के लिए पहल भी की, परंतु कांती मेरठ जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही थी। बुधवार को नैंकड़ा के जिला पंचायत सदस्य व सामाजिक कार्यकर्ता नारायण सिंह रावत देर सायं कांती के घर पहुंचे और उनसे लगभग दो घंटे बातचीत की।

नारायण से बात करने के बाद कांती मेरठ जाकर अपने बेटे से मुलाकात के लिए तैयार हो गई। नारायण सिंह रावत ने कहा है कि वह मेरठ जाकर वहां के जेल अधीक्षक से वार्ता करेंगे और मां को बेटे से मिलाने का प्रयास करेंगे। रावत स्वयं अपने वाहन में कांती को लेकर मेरठ रवाना हुए हैं। कांती को रास्ते में कोई दिक्कत न हो इसके लिए उन्होंने कुछ दवाएं और आवश्यक सामान भी साथ में रखा है।

मेरठ रवाना होने से पहले कांती ने कहा कि उसने अपने परिवार की परवरिश गरीबी में जरूर की है। लेकिन अपने बच्चों को ऐसे संस्कार नहीं दिए कि वह किसी की जान लेने पर उतारू हो जाएं। कांती ने कहा कि वह एक बार सुरेंद्र के मुंह से सब कुछ सच-सच जानना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि अगर सुरेंद्र ने मां के सिर पर हाथ रख कर अपने गुनाह कबूल लिए, तो उन्हें सुरेंद्र को फांसी होने का कोई मलाल बाकी नहीं रहेगा। 

British leaders to defend 'family of nations' in Scotland

स्कॉटलैंड को आजादी मिले या नहीं, इसको लेकर होने वाले जनमत संग्रह को अब बस आठ दिन बचे हैं। स्वतंत्रता समर्थकों की तादाद बढ़ने से कैमरन सरकार मुश्किल में फंस गई है। सरकार की परेशानी बढ़ाते हुए महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने इस मामले में दखलंदाजी से इन्कार कर दिया है। 1977 में ऐसे ही मुद्दे पर महारानी द्वारा ब्रिटिश संसद में दिया गया संबोधन लोगों का मन बदलने वाला साबित हुआ था।

बकिंघम पैलेस से निराशा हाथ लगने के बाद ब्रिटेन की तीनों प्रमुख पार्टियों के नेताओं ने स्कॉटिश जनता को एकता के पक्ष में मनाने के लिए कमर कस ली है। स्कॉटलैंड जाने के लिए कंजरवेटिव पार्टी के नेता एवं प्रधानमंत्री डेविड कैमरन व विपक्षी लेबर पार्टी के प्रमुख एडवर्ड मिलिबैंड ने अपने सभी कार्यक्रम रद कर दिए हैं। लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता व देश के उप प्रधानमंत्री निक क्लेग भी वहां प्रचार करेंगे। तीनों पार्टियों के नेता अलग-अलग कार्यक्रम कर लोगों को आजादी की मांग का समर्थन न करने के लिए मनाने की कोशिश करेंगे।

इन नेताओं ने बुधवार को एक संयुक्त बयान में कहा कि हमारे बीच बहुत से मुद्दों पर मतभेद हैं। लेकिन, यूनाइटेड किंगडम के लिए हम एक हैं। हम साथ ही अच्छे हैं।

प्रधानमंत्री कैमरन ने कहा कि हम अपने राष्ट्र को टूटता नहीं देख सकते। यदि यह टूटा तो फिर जोड़ा नहीं जा सकेगा। मैं स्कॉटिश जनता की सभी उम्मीदें पूरा करने का वादा करता हूं।

इन कोशिशों को पलीता लगाते हुए स्कॉटलैंड के फ‌र्स्ट मिनिस्टर एलेक्स सेलमंड ने कहा कि ये तीनों अब तक के सबसे अविश्वसनीय नेताओं में से एक हैं। इनके दौरे से यस वोट को और बढ़त मिलेगी।

इससे पहले बकिंघम पैलेस ने एक बयान में कहा कि इस राष्ट्र में संविधान को सर्वोच्च रखते हुए महारानी ने हमेशा प्रजातांत्रिक मूल्यों को बढ़ावा दिया है। राजपरिवार राजनीति से ऊपर है और आगे भी हम राजनीतिक मामलों में दखलंदाजी से बचेंगे। महारानी की ओर से यदि कुछ कहा गया तो लोगों की सोच प्रभावित होगी, इसलिए उन्होंने जनमत संग्रह को पूरी तरह से स्कॉटिश जनता की इच्छा पर छोड़ने का निर्णय लिया है।

Police inspector sent to police line after wife complaint

रंगीन मिजाज खाकी वाले इस बार बुरे फंस गए। पत्नी पर जुल्म ढाते थे और प्रेमिका के साथ सैर-सपाटा करते थे। उनका नाम महिला सिपाही से कई तरह से जोड़ा गया। जांच पड़ताल हुई तो सच्चाई सामने आ गई। कानून और अफसरों की निगाह में दारोगा जी दोषी पाए गए तो उनकी थानेदारी छीन ली गई। फिलहाल चेतावनी देकर उन्हें पुलिस लाइंस भेज दिया गया है।

कम उम्र के एक तेज तर्रार दारोगा जी पर इश्क का भूत चढ़ा तो खुद के लिए वक्त बनाना शुरू कर दिया। बच्चों को उत्तराखंड के बोर्डिग स्कूल भेज दिया। थानेदार थे इसलिए आवास के लिए पत्नी को साथ रखना जरूरी था। उन्हें आवास में ही रखा, मगर खुद कम ही रहते थे। अक्सर घूमने निकल जाते थे। प्रेमिका पर खूब नोट उड़ाते थे। हावभाव और बढ़ते खर्च पर पत्नी ने निगाह रखी तो दारोगा जी की प्रेम कहानी के पर्ते खुलकर सामने आने लगीं।

पिछले दिनों घर में बहाना बनाया और प्रेमिका को लेकर नैनीताल की वादियों में निकल गए। इसकी जानकारी बीवी हुई तो वह बिफर गईं। दारोगा जी घर लौटे तो उन्होंने बखेड़ा खड़ा कर दिया। दारोगा जी की करतूत को उन्होंने रिश्तेदारी में सरेआम कर दिया। दारोगा और अपने परिवार के लोगों को बता दिया कि वे क्या गुल खिला रहे हैं। इससे भड़के दारोगा जी ने पत्नी पर हाथ छोड़ दिया। नाराज पत्नी ने भी मोर्चा खोल दिया और पुलिस के उच्चाधिकारियों को रात में फोन कर पति की शिकायत की दी।

अफसरों के सामने पेश हुई दारोगा की पत्नी

अधिकारियों ने अगले दिन एसओ साहब की पत्नी को चुपके से कार्यालय बुला लिया। शिकायती पत्र लेने के बाद उसकी जांच कराई गई। महिला कांस्टेबल और एसओ साहब के मोबाइल फोन की लोकेशन दो दिन तक एक साथ नैनीताल में थी। यही नहीं कॉल डिटेल में दिन में कई-कई बार फोन पर बात होने का खुलासा हो गया। चूंकि महिला कांस्टेबल की तैनाती बरेली में अन्यत्र है इसलिए एसओ साहब की रोज दस-बारह बार बात होने का कोई मतलब नहीं था।

इसके अलावा दोनों ओर से रात में एसएमएस भेजे जाते थे, दोनों फेसबुक और व्हाट्स-एप से भी जुड़े थे। दिन भर व्हाट्स-एप पर मैसेजिंग होती थी। जांच में एसओ साहब की पत्नी के आरोप पुख्ता हुए तो पुलिस अधिकारियों ने थानेदार से इसका जवाब तलब किया, उनके पास कोई जवाब नहीं था। अधिकारियों ने उन्हें फौरन लाइन हाजिर कर दिया और चेतावनी दी कि आगे इस तरह की शिकायत आई तो खैर नहीं। सख्त कार्रवाई करते हुए पहले निलंबित किया जाएगा फिर विभागीय कार्रवाई भी कराई जाएगी। इसी तरह महिला कांस्टेबल को भी चेता दिया गया है। 

J and K floods: NDRF jawan injured in attack by angry locals


पिछले 60 सालों में पहली बार आई भीषण बाढ़ से जूझ रहे श्रीनगर में जलस्तर तो कम होने लगा है पर राहत व बचाव कार्यो से असंतुष्ट लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। बुधवार को पानी में फंसे कई लोगों की बचाव कार्य में लगे राष्ट्रीय आपदा कार्रवाई बल (एनडीआरएफ) के जवानों से झड़प हो गई, जिसमें दो जवान घायल हो गए। नाराज लोगों ने घरों की छत से वायुसेना के हेलीकॉप्टर और ट्रक पर पत्थर बरसाए। एक राहत शिविर में पनाह लेने वालों का हालचाल जानने गए पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सैफुद्दीन सोज को भी आक्रोश का सामना करना पड़ा। इस बीच मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने लोगों के गुस्से को जायज ठहराते हुए कहा है कि वह बगैर खाना-पानी फंसे लोगों की भावनाएं समझ सकते हैं। सरकार उन्हें बचाने की अपनी पूरी कोशिश कर रही है। वहीं, लोगों को सुरक्षित बचाने में जुटे अपने जवानों का हौसला बढ़ाने के लिए सेनाप्रमुख जनरल दलबीर सिंह सुहाग भी श्रीनगर पहुंचे।

कश्मीर में बाढ़ से तबाही का मंजर भयानक होता जा रहा है। सेना के व्यापक बचाव अभियान के बावजूद अभी भी चार लाख के करीब लोग बाढ़ में फंसे हैं। एक लाख पहले ही बचाए जा चुके हैं। शाम तक 35 हजार और लोगों को भी सेना ने सुरक्षित स्थान तक पहुंचा दिया। श्रीनगर के प्रभावित इलाकों में जलस्तर तीन से चार फुट तक गिर गया। शवों के मिलने का सिलसिला जारी है। आंकड़ा ढाई सौ से ऊपर जाना तय है। सेना प्रमुख जनरल दलबीर सिंह सुहाग और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सैन्य हेलीकाप्टर में बैठकर राहत अभियान में हिस्सा लिया। कुछ हिस्सों में बीएसएनएल सेवा बहाल होने से राहत व बचाव कार्यो में मदद मिली है। जलस्तर कम होने के साथ ही बीमारियों का खतरा बढ़ने लगा है। पानी में जानवरों के शव भी तैर रहे हैं।

बिना खाना-पानी इधर-उधर पानी में फंसे लोगों के सब्र का बांध टूट रहा है। हुमामा क्षेत्र स्थित एक राहत शिविर में गए सैफुद्दीन सोज से तो लोगों ने धक्कामुक्की की कोशिश की। मौके पर मौजूद सेना के जवानों और अन्य सुरक्षाकर्मियों ने बीच-बचाव किया। 'वापस जाओ' और 'नर्क में जाओ' जैसे नारे लगाते हुए प्रभावितों का कहना था कि बचाव कार्यो के दौरान राज्य सरकार के अधिकारी पूरी तरह नदारद रहे हैं।

बिना खाना-पानी फंसे एक हजार फौजी:

एक तरफ सेना के जवान अपनी जान पर खेलकर भीषण बाढ़ में फंसे लोगों की जान की रक्षा कर रहे हैं, वहीं एक हजार से ज्यादा फौजी और उनके परिवार श्रीनगर के अलग-अलग सैन्य कैंपों में बगैर खाना-पानी के फंसे पड़े हैं। एक अधिकारी ने बताया कि सेना के ज्यादातर शिविर बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित दक्षिण कश्मीर में स्थित हैं। वहां फंसे जवानों और उनके परिजनों को अब तक नहीं निकाला जा सका है।

यहां बिजली व संचार सुविधाएं पूरी तरह ठप हैं। किसी से संपर्क नहीं हो पा रहा है। मध्य और दक्षिण कश्मीर में सेना के करीब बीस बड़े और छोटे कैंप हैं जो पानी में डूबे हुए हैं।

रूसी महिलाओं ने मिसाल पेश की:

बाढ़ में फंसा हर कोई जहां इस चक्कर में है कि कितनी जल्दी वह वहां से बाहर निकले, इन हालातों में रूस की दो महिलाओं ने मिसाल पेश की है। श्रीनगर के एक होटल में फंसी इन दोनों महिलाओं को सुरक्षित निकालने के लिए जब वायुसेना के जवान पहुंचे तो उन्होंने कहा कि वे पहले उन लोगों की जान बचाएं जो बीमार हैं।

उन्हें पहले सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाना चाहिए। इनके अलावा कुछ मोहल्लों के लोगों ने भी समझदारी दिखाते हुए सैन्यकर्मियों से पहले असहाय लोगों की मदद करने की अपील की।

जवान-विमान बढ़े:

बचाव अभियान में तेजी लाते हुए सेना ने आठवें दिन जवानों और विमानों की संख्या बढ़ा दी है। इस समय वायुसेना के 79 छोटे-बड़े विमान राहत व बचाव कार्य में जुटे हुए हैं।

उत्तरी कमान के पीआरओ डिफेंस कर्नल एसडी गोस्वामी ने बताया कि प्रभावित लोगों को ठहराने के लिए सेना ने 18 कैंप स्थापित किए हैं। अब तक भरी गई 710 उड़ानों में कश्मीर में करीब सौ उड़ाने बुधवार को भरी गई। लोगों में 807 टन राहत सामग्री बांटी गई है।

किसने, क्या-कहा:

''लोग नाराजगी जता रहे हैं, इसका मतलब है कि वे किसी सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिए गए हैं। वे बहुत ही कठिन परिस्थितियों से जूझ रहे हैं। मुझे उनसे कोई शिकायत नहीं है।''

-उमर अब्दुल्ला, मुख्यमंत्री

''सेना दिन-रात लगातार अभियान चलाकर बाढ़ग्रस्त इलाकों में फंसे लोगों की जान बचाएगी। अगले दो से तीन दिनों में सभी प्रभावितों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचा दिया जाएगा।''

-जनरल दलबीर सिंह सुहाग, सेनाप्रमुख

Source: News in Hindi and Newspaper

Delhi government formation: Sheila Dikshit attacks BJP

दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने बृहस्पतिवार को कहा कि भाजपा के पास नंबर है तो उसे राज्य में सरकार बना लेनी चाहिए। वहीं, भाकपा ने उपराज्यपाल नजीब जंग को लेकर भाजपा पर तीखे हमले किए।

केरल के राज्यपाल पद से इस्तीफा देने के बाद शीला दीक्षित ने कहा कि लोकतंत्र में चुनी हुई सरकार बेहतर होती है, जो लोगों का प्रतिनिधित्व करती है। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा सरकार बनाने की स्थिति में है तो यह अच्छा है। उसे सरकार का गठन करना चाहिए।

वहीं, भाकपा के वरिष्ठ नेता अतुल अंजान ने भाजपा पर तीखे हमले करते हुए कहा कि उसने [भाजपा] कांग्रेस द्वारा नियुक्त सभी राज्यपालों को हटा दिया, तो नजीब जंग को अभी तक क्यों नहीं हटाया गया? यह भाजपा की मंशा दिखाता है। 

Cricketers warned to be aware of honey trap this ICC World Cup

आइसीसी क्रिकेट विश्व कप अब कुछ ही महीनों दूर है और इसको लेकर धीरे-धीरे चर्चाएं भी जोर पकड़ने लगी हैं। ये चर्चाएं सिर्फ खिलाड़ियों या उनकी टीमों तक सीमित नहीं हैं बल्कि इस बार फिक्सिंग भी एक गंभीर चिंता का विषय होगा। पिछले कुछ सालों में आइपीएल से लेकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक जिस तरह फिक्सिंग और सट्टेबाजी से जुड़ी घटनाएं सामने आई हैं उससे अगला विश्व कप भी खौफ में है। न्यूजीलैंड की एक प्रमुख वेबसाइट में छपी रिपोर्ट के मुताबिक मेजबान न्यूजीलैंड की पुलिस जिस एक चीज को लेकर सबसे ज्यादा चिंतित है, वो है 'हनी ट्रैप'। क्या है पूरा मामला आइए जानते हैं।

- क्या है 'हनी ट्रैप':

'हनी ट्रैप' अब खेल जगत में आम शब्द बनता जा रहा है। खूबसूरत लड़कियों के जरिए खिलाड़ियों को बहकाना और फिर उनके जरिए फिक्सिंग का जाल बिछाना ही 'हनी ट्रैप' है। हाल में क्रिकेट जगत में इससे जुड़े कई किस्से सुनने को मिले लेकिन सबसे बड़ा खतरा अब विश्व कप में इसके सक्रिय रहने के आसार बताए जा रहे हैं।

- खिलाड़ी हो जाएं सावधानः

न्यूजीलैंड की एक प्रमुख न्यूज वेबसाइट में छपे एक पुलिस अधिकारी के बयान के मुताबिक खिलाड़ियों को इस बार हनी ट्रैप से बचकर रहना होगा क्योंकि खिलाड़ियों पर खूबसूरत लड़कियों के जरिए जाल बिछाया जा सकता है। ये लड़कियां पहले खिलाड़ियों को बहकाती हैं और बाद में फिक्सर और यही लड़की, इन दोनों की तस्वीरों के जरिए खिलाड़ी को ब्लैकमेल करता है और जो चाहे करवाता है। हालांकि न्यूजीलैंड पुलिस और आइसीसी की भ्रष्टाचार रोधी संस्था इस विश्व कप में मिलकर काम करेगी और साथ ही कस्टम विभाग को भी साथ जोड़ा जाएगा ताकि कोई फिक्सर बॉर्डर से दाखिल ही ना हो सके। अगले साल फरवरी-मार्च में होने वाले इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में आइसीसी हर टीम, हर खिलाड़ी और उनसे मिलने-जुलने वाले हर इंसान पर कड़ी नजर रखने वाला है।

Mumbai teen hangs self, says boyfriend and sisters husband raped her

मुंबई में एक बार फिर दिल को झकझोर देनेवाली घटना सामने आई। एक किशोरी ने पंखे से लटककर खुदकुशी कर ली और सुसाइड नोट में अपने बॉयफ्रेंड और जीजा पर रेप करने का आरोप लगाया। बाद में वकोला पुलिस ने दोनों आरोपियों को रेप व खुदकुशी के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, मृतका 17 वर्षीय किशोरी वकोला, सांताक्रूज (पूर्व) में अपने परिजनों के साथ रहती थी और विले पार्ले स्थित एक कॉलेज में बी.कॉम फर्स्ट इयर की छात्रा थी। उसने पंखे में दुपट्टा फंसाकर उस समय फांसी लगा ली, जब उसकी मां घर से बाहर गई हुई थी। मंगलवार रात 9:30 बजे जब उसकी मां वापस घर आई तब उसे घर का दरवाजा अंदर से बंद मिला। उसने यह बात अपने पति को बताई जिसने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। अंदर घुसने के बाद उन्होंने देखा कि उनकी बेटी पंखे से लटक रही है। फिर उन्होंने पुलिस को बुलाया और रात दस बजे पुलिस टीम उनके घर पहुंची। पुलिस टीम को कमरे में सुसाइड नोट मिला।

दो बार हुआ रेप

अपने सुसाइड नोट में किशोरी ने खुलासा किया कि उसके साथ दो बार रेप किया गया। पहली बार 2012 में उसके साथ यह हादसा तब पेश आया जब वह अपनी बहन की शादी में यूपी गई थी। वकोला पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस इंस्पेक्टर विलास जोशी ने बताया, 'लड़की ने चिट्ठी में लिखा है कि बहन की शादी से एक दिन पहले उसके होने वाले जीजा ने उसके साथ रेप किया था। लड़की ने लिखा था कि जिस समय यह घिनौना कृत्य उसके साथ किया गया था उस समय उसकी उम्र महज 14 वर्ष थी और वह अपने परिजनों से इस बारे में कुछ नहीं बोल सकी क्योंकि उसे अपनी बहन की शादी टूटने का डर था।'

इसके बाद वह वापस मुंबई आ गई। कॉलेज में पढ़ाई के दौरान उसका एक बॉयफ्रेंड बन गया। उसने शादी करने की बात कर उसके साथ रेप किया और फिर सारे संबंध तोड़ दिए। इससे लड़की अवसाद में चली गई और माता-पिता से यह कहने में डरने लगी कि उसके बॉयफ्रेंड ने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए हैं।

वकोला पुलिस ने चिट्ठी के आधार पर लड़की के जीजा और उसके बॉयफ्रेंड को रेप व सुसाइड के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। दोनों पर आईपीसी की धारा 376 (बलात्कार) और 306 (सुसाइड के लिए उकसाना) के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्हें गुरुवार को अदालत में पेश किया जाएगा। घटना से लड़की के माता-पिता को धक्का पहुंचा है।

Ajay-KJo war intensifies

निर्माता निर्देशक करण जौहर और अजय देवगन के बीच पहले ही अनबन चल रही है और अब दोनों का झगड़ा और विकराल रूप ले सकता है।

खबर है कि करण जौहर के धर्मा प्रोडक्शन की फिल्म उंगली और अजय देवगन की एक्शन जैक्सन एक साथ 5 दिसंबर को रिलीज होने जा रही है। एक्शन जैक्शन के निर्माता गोर्धन तनवानी ने इस बात की पुष्टि भी कर दी है कि उनकी फिल्म 5 दिसंबर को ही रिलीज होगी।

आपको बता दें कि अजय देवगन और करण जौहर के झगड़े की वजह से काजोल ने भी करण जौहर से बात करनी बंद कर दी है। बताया जाता है कि काजोल और करण की दोस्ती उनके पति अजय देवगन और करण जौहर के बीच हुई अनबन की वजह से टूटी है। सूत्रों के मुताबिक कुछ महीने पहले अजय देवगन को पता चला था कि करण ने उनके खिलाफ कोई खराब कमेंट किया है। हालांकि जब अजय देवगन ने इस बारे में करण से फोन पर सफाई मांगी तो करण ने ऐसे किसी भी कमेंट से इंकार कर दिया था। इसके बाद से ही करण और काजोल के बीच भी दूरियां आ गईं। हाल में लैक्मे फैशन वीक के दौरान मनीष मल्होत्रा के शो में करण और काजोल के मतभेद तब खुलकर सबके सामने आ गए, जब दोनों ने वहां मौजूद होने के बावजूद एक-दूसरे की तरफ देखा तक नहीं।

Tuesday, 9 September 2014

Iraq crisis: Obama reaches out to Australian PM Tony Abbott

युद्धग्रस्त देश इराक में इस्लामी राज्य आतंकियों के खिलाफ एक वैश्रि्वक संगठन बनाने के अपने प्रयास को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने आज ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री टोनी एबॉट से वहां के वर्तमान हालात पर चर्चा की।

व्हाइट हाउस ने बताया कि ओबामा ने टेलिफोन के माध्यम से एबॉट को उत्तरी इराक में मानवीय सहायता करने को लेकर धन्यवाद दिया। दोनों नेताओं ने इराक में जारी आतंकी घटनाओं पर विस्तार से चर्चा की। 

Hafiz Saeed blames India for devastating floods in Pakistan

जमात-उद-दावा प्रमुख और मुंबई हमले का मास्टरमाइंड हाफिज सईद ने पाकिस्तान में आई विनाशकारी बाढ़ के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया है। उसका कहना है कि भारत द्वारा बिना चेतावनी के जम्मू-कश्मीर स्थित डैम से पानी छोड़े जाने की वजह से देश के कई इलाकों में बाढ़ आई है।

एक कार्यक्रम में सईद ने कहा कि भारत ने अवैध बांध बनाकर नदियों के पानी की दिशा पाकिस्तान की तरफ मोड़ दी है। ऐसा करके वह पाकिस्तान को आर्थिक तौर पर नुकसान पहुंचाना चाहता है। यह पाकिस्तान पर युद्ध थोपने जैसा है। हमारी मांग है कि इसे तुरंत रोका जाए। जब बारिश नहीं होती है तो हमारी फसलें पानी के बिना खराब हो जाती हैं, लेकिन भारत ने बिना चेतावनी पानी छोड़कर बाढ़ की स्थिति पैदा कर दी है। पाकिस्तान और भारत में आई बाढ़ की वजह से अबतक 239 लोगों की मौत हो गई।

उन्होंने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान के साथ होने वाले उच्चस्तरीय बैठक को हाल ही में पाक द्वारा परोक्ष रूप से युद्ध को बढ़ावा देने के आरोप लगाते हुए रद्द कर दिया था। मोदी द्वारा इस संबंध में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को लिखे गए पत्र को हाफिज सईद ने पाकिस्तानियों के साथ भद्दा मजाक बताया।

Pak Sikhs threaten countrywide protest against killings

पाकिस्तान में सिख समुदाय ने सुरक्षा प्रदान करने में सरकार की नाकामी के खिलाफ देशव्यापी प्रदर्शन की चेतावनी दी है। डॉन ऑनलाइन के अनुसार, ऑल पाकिस्तान हिंदू राइट्स मूवमेंट के अध्यक्ष हारून सर्ब दयाल ने सिख समुदाय के लोगों की हो रही हत्याओं पर चिंता व्यक्त की।

स्थानीय सिख नेता जनमोहन सिंह ने कहा कि बुधवार रात शहीदान बाजार में दुकान के अंदर अज्ञात हमलावरों ने उनके एक रिश्तेदार की हत्या कर दी। उन्होंने कहा, 'यह लक्षित हमलों में हमारे समुदाय के छठे या सातवें व्यक्ति की हत्या है। सरकार हत्यारों को पकड़ने और हमें सुरक्षा देने के प्रभावी कदम उठाने में नाकाम रही है।' सिख समुदाय के एक अन्य व्यापारी हरजीत सिंह की शनिवार को पेशावर में हत्या कर दी गई थी। जनमोहन ने सरकार से चुनाव सुधारों की मांग की, ताकि वे चुनाव के जरिए अपने समुदाय के लोगों को विधानसभाओं में भेज सकें।

Nitish kumar gets clean chit in Medicine scam

सूबे की सियासत को गर्माने वाले दवा घोटाले में नया मोड़ आ गया है। सीएम जीतन राम मांझी ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को क्लीन चिट दे दी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की एजेंसी ही इसकी जांच करने में सक्षम है। किसी भी दोषी को नहीं बख्शा जाएगा। नीतीश पर जांच की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा को गलत आरोप लगाने की आदत है। हम खुद इसकी जांच कर लेंगे।

गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा दवा एवं उपकरण की खरीद में अनियमितता रोकने के उद्देश्य के तहत 25 जुलाई 2010 को बिहार मेडिकल सर्विसेस एंड इंफ्रास्ट्रक्चर निगम लिमिटेड (बीएमएसआइसीएल) का गठन किया गया। लेकिन, निगम अपने उद्देश्य से भटक गया और दवा कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिए एनपीपीए दर से अधिक कीमत पर दवा की खरीद की गई। 300 फीसद से भी अधिक भुगतान कर दिया गया। कंपनियों को लाभ पहुंचाने के दौरान अधिकारियों ने न्यूनतम जांच करने की जरूरत नहीं समझी और ब्लैकलिस्टेड कंपनियां से दवा खरीद ली गयी। निगम द्वारा दवा खरीद में व्यापक पैमाने पर गड़बड़ी करने का आरोप लगाया जाता रहा मगर राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मामले पर चुप्पी साधे रहे।

इधर, राज्य के स्वास्थ्य मंत्री रामधनी सिंह ने तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री अश्वनी चौबे पर घोटाले में शामिल होने के आरोप लगाए थे।

स्वास्थ्य मंत्री के बयान से कांग्रेस खफा

दवा घोटाले पर स्वास्थ्य मंत्री रामधनी सिंह के बयान से कांग्रेस खफा हो गई है। रामधनी सिंह ने दवा घोटाले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शकील अहमद का नाम ले लिया था। इस बयान पर कांग्रेस के प्रेमचंद मिश्रा ने कहा कि रामधनी सिंह ने गलत बयान दिया है। शकील अहमद स्वास्थ्य मंत्री नहीं बल्कि चिकित्सा शिक्षा मंत्री थे उन्हें अपने बयान पर खेद जताना चाहिए। 

Medical problems were solved in Modi's office

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय कार्यालय में आ रही शिकायतों को निस्तारित कराने पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए जहां जनप्रतिनिधियों का सहयोग लिया जा रहा है वहीं जिला व महानगर इकाइयों ने भी अपनी जिम्मेदारी संभाल ली है। इसी क्रम में मेडिकल से संबंधित शिकायतों को निस्तारित करने की जिम्मेदारी डा. ओपी मिश्र ने संभाली हैं।

वह क्लीनिक में बैठने के बाद दोपहर को मोदी कार्यालय पहुंच जाते हैं। इस दौरान चिकित्सा से संबंधित शिकायतों को निस्तारित करते हैं। इसमें आर्थिक सहायता के लिए पड़ी फरियाद में यह देखते हैं कि संबंधित रोग सरकारी आर्थिक सहायता की श्रेणी में आता है या नहीं। यदि मांग जायज है तो उसे पीएमओ भेजा जाता है।

सड़क के लिए व्यापारी पहुंचे

मोदी के संसदीय कार्यालय में सोमवार को काशी नटिनियादाई व्यापार मंडल के पदाधिकारी पहुंचे थे। उन्होंने मीरापुर बसहीं रोड को बनवाने की मांग की। इस संदर्भ में अब तक दो दर्जन से अधिक मांग पत्र अधिकारियों को सौंप चुके हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती। प्रतिनिधि मंडल में मृत्युंजय सोनकर, राजेश श्रीवास्तव, जगत सिंह, संजय वर्मा, बबलू, हीरा आदि प्रमुख पदाधिकारी शामिल थे।

डा. केशव ने भी की फरियाद

संपूर्णानंद विश्वविद्यालय के पूर्व रिसर्च एशोसिएट संप्रति अंशकालिक अध्यापक डा. केशव ओझा भी फरियाद लेकर पहुंचे थे। वे विकलांग हैं। उन्होंने अपनी सेवा को नियमित करने की मांग की। साथ ही उत्पीड़न करने का आरोप भी लगाया।