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Friday, 12 September 2014

Imran Khan seeks explanation over Sahrif's overseas assets

प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के खिलाफ लगभग एक महीने से विरोध प्रदर्शन कर रहे इमरान खान ने उन पर अवैध रूप से विदेश में संपत्तियां जुटाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पीएम ने यूरोप में कई जगह संपत्ति खरीदी और करोड़ों रुपये का निवेश किया है। इमरान ने नवाज से इस बारे में स्पष्टीकरण देने की मांग की है।

तहरीक ए इंसाफ (पीटीआइ) पार्टी के प्रमुख ने सीधा निशाना साधते हुए कहा, 'नवाज शरीफ मैं आपसे पूछता हूं कि इतना पैसा आपके पास कहां से आया।' इमरान के मुताबिक, लंदन के हाइड पार्क में शरीफ ने करीब 80 करोड़ रुपये की संपत्ति अपने बेटे हुसैन नवाज के जरिये खरीदी है। यह सवाल संसद में कभी नहीं पूछा जाएगा क्योंकि विपक्ष भी भ्रष्ट है। नवाज अपने भाई शाहबाज के साथ मिलकर अपने कारोबार को फायदा पहुंचाने के लिए काम करते हैं।

इमरान ने घोषणा की कि सरकार के विरोध का एक महीना पूरा होने पर वह जश्न मनाएंगे। पीटीआइ और ताहिर उल कादरी की अवामी तहरीक ने प्रधानमंत्री के इस्तीफे के लिए 15 अगस्त को प्रदर्शनों की शुरुआत की थी। उनका आरोप है कि नवाज ने पिछले साल हुए चुनावों में धांधली की थी। डॉन आनलाइन के मुताबिक, एक दिन पहले इमरान ने समर्थकों से सरकार के खिलाफ और ज्यादा सुबूत जुटाने को कहा। इमरान ने सरकार के मंत्री के उस बयान की भी आलोचना की, जिसमें उन्होंने कहा था कि इमरान और ताहिर उल कादरी के प्रदर्शनों के चलते देश को कई खरब रुपयों का नुकसान हुआ है। उन्होंने मांग की कि मंत्री अपने इस आरोप को साबित करके दिखाएं। एक दिन पहले सरकार के साथ चौदहवें दौर की वार्ता के बाद पीटीआइ के वाइस चैयरमैन शाह महमूद कुरैशी ने बताया कि हम नतीजे की ओर बढ़ रहे हैं। देश के वित्त मंत्री और सरकार की मध्यस्थता टीम के सदस्य मोहम्मद इशाक डार ने भी कुरैशी के वक्तव्य का समर्थन किया है।

Kidnapped UN peacekeepers released

सीरिया और इजरायल के बीच गोलान इलाके से अगवा 45 शांति सैनिक रिहा कर दिए गए हैं। अलकायदा से जुड़े अल नुसरा फ्रंट के आतंकियों ने गत 28 अगस्त को इन्हें अगवा कर लिया था।

संयुक्त राष्ट्र (यूएन) प्रवक्ता ने गुरुवार को कहा, इन सभी का स्वास्थ्य अच्छा है। सभी शांति सैनिक फिजी के हैं। उन्हें इजरायल और सीरिया के बीच 1974 में हुए युद्धविराम समझौते की निगरानी के लिए गोलन हाइट्स में यूएन पर्यवेक्षक सेना में तैनात किया गया था। अल नुसरा आतंकियों द्वारा घेर लेने के बाद उन्होंने हथियार डाल दिए थे। आतंकियों ने फिलीपींस के शांति सैनिक दल पर भी हमला किया था, लेकिन वह बच निकलने में सफल रहे थे। अपहृत सैनिकों के बदले में आतंकियों ने अपने एक साथी की रिहाई, पैसा और काली सूची से संगठन का नाम हटाने की मांग की थी। आतंकियों ने बुधवार को एक वीडियो जारी कर शांति सैनिकों की रिहाई का एलान किया था।

US commemorates 9/11 victims, 13 years after attacks

अमेरिका ने दुनिया के सबसे बड़े आतंकी हमले की तेरहवीं बरसी पर नम आंखों से उस हमले में मारे गए देशवासियों को याद किया। राष्ट्रपति बराक ओबामा के नेतृत्व में राष्ट्र ने 11 सितंबर 2001 में व‌र्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए उस हमले में मारे गए करीब 3000 हजार लोगों को नम आंखों से श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर ओबामा ने कहा कि अमेरिका कभी भी डर के आगे घुटने नहीं टेकेगा।

ओबामा ने देश की पहली महिला मिशेल ओबामा व उप राष्ट्रपति जो बिडेन के साथ सुबह ह्वाइट हाउस में उस घटना की 13 वीं बरसी पर कुछ पल मौन रखा। ओबामा ने कहा, 13 साल बीत चुके हैं जब अमेरिका की एक सुबह की शांति भंग की गई थी। बाद में रक्षा मंत्रालय पेंटागन में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि 13 साल हो गए जब करीब 3000 खूबसूरत जिंदगियां हमसे ले ली गई थीं जिसमें 125 पुरुष और महिलाएं यहां पेंटागन में काम करते थे। उस हमले में मारे गए लोगों की याद में न्यूयार्क और वाशिंगटन दोनों जगह कार्यक्रम आयोजित किए गए जिसमें ओबामा ने इस्लामिक स्टेट के आतंकियों को इराक और सीरिया से नामोनिशान मिटा देने का संकल्प लिया।

10 Arab states agree on joining forces against IS

इस्लामिक स्टेट के आतंकियों को खत्म करने के लिए एक संयुक्त सेना के गठन पर छह गल्फ देशों के समूहों [जीसीसी] सहित दस अरब देशों एवं अमेरिका ने अपनी सहमति जता दी है। अरब देशों के मंत्रियों और अमरीकी विदेश मंत्री जॉन केरी के बीच जेद्दा में हुई बातचीत में गुरुवार को यह सहमति बनी।

इराक और सीरिया में अपना पांव जमा चुके इस्लामिक स्टेट के आतंकियों को खत्म करने की घोषणा अमेरिका पहले ही कर चुका है। आइएस के आतंकियों के खतरे से निपटने के लिए सऊदी अरब समेत दस अरब देशों में सहमति बनने संबंधी समझौते पर सऊदी अरब के साथ-साथ बहरीन, मिस्त्र, इराक, जॉर्डन, कुवैत, लेबनान, ओमान, कतर और संयुक्त अरब अमीरात ने बैठक के बाद दस्तखत किए।

Rs 25 Lakhs Withdrawn From Fake Cheque In Agra

आगरा में एक बड़े अस्पताल के मालिक डॉक्टर की पत्नी के खाते से जालसाजों ने करीब 25 लाख रुपये की धनराशि उड़ा ली। इस काम के लिए जालसाजों ने फर्जी चेक का प्रयोग किया।

आगरा में एसआर हास्पिटल के मालिक डॉक्टर राजेंद्र बंसल की पत्नी डॉक्टर सुधा बंसल का स्टेट बैंक की संजय प्लेस शाखा में खाता है। एसबीआई बैंक में डॉक्टर के खाते में फर्जीवाड़ा कर निकाले गए 24.60 लाख रुपए|

Why hurry to close case against Kumar Mangalam Birla

 कोल ब्लॉक आवंटन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सीबीआइ को कड़ी फटकार लगाते हुए पूछा कि आखिर वह उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला के खिलाफ मामला बंद करने में जल्दबाजी क्यों दिखा रही है।

इस मामले की सुनवाई के दौरान सीबीआइ ने कोर्ट को बताया कि बिड़ला के स्वामित्व वाली हिंडाल्को के आवेदन को देखने वाली निरीक्षण समिति की बैठकों के मूल मिनट्स गायब हैं। कोर्ट ने कोयला ब्लॉक आवंटन मामलों में अपठनीय दस्तावेजों को 'डंप' करने के सिलसिले में सीबीआइ को लताड़ लगाई।

दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट ने कोयला उत्पादक संघ की वह याचिका भी खारिज कर दी जिसमें मांग की गई थी कि यदि शीर्ष अदालत आवंटित कोल ब्लॉक रद्द करती है तो उनके पक्ष को दोबारा सुना जाना चाहिए।

100 persons admited in hospital after consume prasad

बहादुरपुर थाने के सिनुआर गोपाल गांव में सत्यनारायण भगवान की पूजा में प्रसाद खाने से एक साथ करीब एक सौ लोग बीमार पड़ गए। किसी को उल्टी आनी शुरू हो गई तो कोई पेट-दर्द से कराहने लगा। कोई तेज बुखार से कांपने लगा। आनन-फानन में इन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां से अधिकांश को डीएमसीएच रेफर कर दिया गया।

इन सभी ने बुधवार की रात को बना प्रसाद खाया था। इसके बाद इन सभी की हालत बिगड़ने लगी। बीमार पड़ने वाले लोगों में अधिकांश बच्चे और युवक शामिल हैं। हालांकि, डीएमसीएच के डॉक्टरों ने इन सबको खतरे से बाहर बताया है। डीएमसीएच के डॉ. एके गुप्ता के वार्ड में दो दर्जन, डॉ. सीएम झा के यूनिट में डेढ़ दर्जन लोग भर्ती कराए गए हैं। बीमार लोगों के इलाज के लिए यहां पहुंचने का सिलसिला जारी है।

UP bypolls: Ruling SP to face BJP in direct fight

उत्तर प्रदेश में लोकसभा की मैनपुरी और विधानसभा की 11 सीटों पर उपचुनाव प्रचार कल खत्म होने के साथ ही मतदान की उलटी गितनी शुरू हो गई है। प्रदेश में कल मतदान होगा।

एक लोकसभा तथा 11 विधानसभा सीट में से ज्यादातर सीटों पर सीधे मुकाबले की स्थिति स्पष्ट होती दिख रही है परन्तु कई क्षेत्रों में त्रिकोणीय संघर्ष के हालात भी बने हैं। उपचुनाव के नतीजों से दिल्ली व लखनऊ की सरकारों पर भले ही कोई असर न हो परन्तु साख बचाने की जंग रोचक है। सपा व भाजपा की लड़ाई में कांग्रेस भी तीसरी ताकत के रूप में सामने है।

मैनपुरी: सपा की साख को भाजपा की चुनौती

मैनपुरी लोकसभा सीट पर सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव के परिवार की तीसरी पीढ़ी चुनाव में है। करीब तीन दशक से सपा के कब्जे वाली इस सीट पर मुलायम ने बड़े भाई के पौत्र तेजप्रताप सिंह यादव 'तेजू' को प्रत्याशी बनाया हैं। तेजू से मुख्य टक्कर में भाजपा के प्रेम सिंह शाक्य हैं क्योंकि बसपा और कांग्रेस मुकाबले से बाहर है। इस सीट पर सपा ने जिस तरह से ताकत झोंकी है उससे उनका भीतरी डर भी जाहिर होता है।

सहारनपुर: तिकोने मुकाबले में फंसी भाजपा

विधानसभा चुनाव में भाजपा के कब्जे वाली इस सीट पर सांप्रदायिक दंगे के बाद सबकी निगाह है। भाजपा के राजीव गुम्बर को सपा प्रत्याशी और पूर्व मंत्री संजय गर्ग के अलावा कांग्रेस के मुकेश चौधरी से भी कड़ी चुनौती मिल रही है। दस उम्मीदवारों की इस जंग को जीतने के लिए मंत्रियों की फौज सपा ने उतारी है। भाजपा की ओर से भी दो केंद्रीय मंत्रियों के साथ बड़ी संख्या में पदाधिकारी लगे हैं।

बिजनौर: वोटों के बिखराव की आस में भाजपा

कुंवर भारतेंद्र के सांसद बनने से खाली हुई सीट पर भाजपा के हेमेन्द्र पाल सिंह को विपक्षी मतों में बिखराव से ताकत मिलती दिख रही है। सपा की रुचि वीरा के लिए कांग्रेस के हुमायूं बेग और पीस पार्टी के जमील अहमद मुश्किलें बढ़ाते दिख रहे हैं। कुल दस प्रत्याशियों के मुकाबले में दो पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष भी उतरे हैं।

ठाकुरद्वारा: भाजपा को अपने से खतरा

मोदी लहर के दौरान लोकसभा चुनाव में इस सीट पर भाजपा का पिछड़ना चौंकाने वाला रहा। सीट बचाने के लिए भाजपा ने राजपाल चौहान को आगे किया है परन्तु उनको सपा के नवाब जान व कांग्रेस के मौहम्मद उल्ला खान से ज्यादा भितरघात का खतरा सता रहा है। 11 प्रत्याशियों के मुकाबले में सीधी टक्कर सपा व भाजपा के बीच ही मानी जा रही है।

नोएडा: सपा से सीधी टक्कर में भाजपा

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आने वाली नोएडा सीट को भाजपा अपने असर वाली मानती है। भाजपा उम्मीदवार विमला बाथम को सपा की काजल शर्मा से चुनौती मिल रही है। चर्चित विधायक श्रीभगवान शर्मा उर्फ गुड्डू पंडित की पत्‍‌नी काजल शर्मा के लिए कांग्रेस के राजेंद्र अवाना भी भारी दिख रहे हैं। इस क्षेत्र से कुल 11 उम्मीदवार तकदीर आजमा रहे हैं।

निघासन: पिछड़ों की जंग में निर्णायक होंगे दलित

सात प्रत्याशियों के मुकाबले में सपा के कृष्ण गोपाल पटेल, कांग्रेस के शिव भगवान एवं भाजपा के रामकुमार वर्मा के बीच फैसला होना है। भाजपा प्रत्याशी रामकुमार वर्मा प्रदेश सरकार में सहकारिता मंत्री रह चुके है। वर्मा को सपा उम्मीदवार पटेल से कड़ी चुनौती मिल रही है। दलितों वोटों के रुझान पर जीत हार का निर्णय होगा।

लखनऊ पूर्वी: दिलचस्प मुकाबले में दिग्गजों की साख

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के संसदीय क्षेत्र में स्थित इस सीट से दूसरे केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र व लालजी टंडन की साख भी जुड़ी है। भाजपा ने पूर्व सांसद लालजी टंडन के पुत्र गोपाल टंडन को प्रत्याशी बनाया है। सपा की जूही सिंह एवं कांग्रेस के रमेश श्रीवास्तव ने मुकाबले को रोचक बना दिया है। निर्दल प्रत्याशी शिवपाल सिंह [एसपी सिंह] की मौजूदगी को भी अहम मानी जा रही है।

हमीरपुर: सपा भाजपा में कांटे की टक्कर

क्षेत्र में कुल 11 उम्मीदवार चुनावी जंग में जोर आजमाइश को उतरे हैं परन्तु सपा के पूर्व विधायक शिवचरण प्रजापति और भाजपा प्रत्याशी जगदीश प्रसाद के बीच कांटे का मुकाबला है। वहीं कांग्रेस के केशव बाबू शिवहरे भी ताकत दिखाने में जुटे हैं। जातीय वोटों के बिखराव पर ही भाजपा सीट बचाए रखने की आस लगाए है।

सिराथू: प्रतिष्ठा बचाने के संकट में भाजपा

भाजपा सांसद केशव मौर्य के सामने अपने विधानसभा क्षेत्र में केसरिया फहराने की चुनौती है क्योंकि भाजपा उम्मीदवार संतोष पटेल को सपा प्रत्याशी वाचस्पति पासी से कड़ी चुनौती मिल रही है। 15 प्रत्याशियों वाले चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार लालचंद कुशवाहा की भूमिका भी गेम चेंजर जैसी मानी जा रही है।

बलहा: सपा-भाजपा में जोर आजमाइश

सावित्रीबाई फूले के सांसद निर्वाचित होने के बाद रिक्त हुई सीट पर फिर से कमल खिलाना भाजपा के लिए मुश्किल दिखता है। सपा उम्मीदवार बंशीलाल बौद्ध का बसपा से पुराना रिश्ता मददगार साबित हो रहा है। भाजपा ने कई बार विधायक रहे अक्षयवर लाल को मैदान में उतारा है। सबसे कम उम्मीदवार [पांच] वाली इस चुनावी जंग की रोचकता मंत्रियों के दखल के कारण भी बढ़ी है।

चरखारी: सीधा मुकाबला जीतने की चुनौती

साध्वी उमा भारती के सांसद चुने जाने के बाद खाली इस सीट पर भाजपा को साख बचाने की चुनौती है। कुल छह उम्मीदवारों के मुकाबले में भाजपा प्रत्याशी गीता सिंह व सपा के कप्तान सिंह राजपूत से बीच ही सीधी टक्कर है लेकिन कांग्रेस उम्मीदवार रामजीवन सिंह की भूमिका कमतर नहीं आंकी जा रही।

रोहनियां: दांव पर गठबंधन व सत्ता की हनक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में आने वाले इस विधानसभा क्षेत्र में भाजपा व अपना दल गठबंधन की परख होगी, वहीं कुर्मी समाज में बादशाहत का फैसला भी होगा। गठबंधन ने अपना दल की अध्यक्ष कृष्णा पटेल को चुनावी जंग में उतरा है। सांसद अनुप्रिया पटेल की माता कृष्णा को सपा प्रत्याशी महेंद्र पटेल से खासी चुनौती मिल रही है। महेंद्र प्रदेश सरकार में मंत्री सुरेंद्र पटेल के भाई है। पटेलों की इस जंग में कांग्रेस की भावना पटेल भी शामिल है। कुल 16 उम्मीदवार मैदान में है।

The killing of innocent children, bodies found in neighborhood

 मढ़ीनाथ निवासी सुशील कुमार की चार वर्षीय बेटी अंशिका की हत्या कर दी गई। उसका शव पड़ोस में ही दीपक उर्फ दीपू के घर स्थित मेन होल से शुक्रवार सुबह बरामद हुआ। वह कल सुबह से लापता थी। सुशील ने पुलिस को दी तहरीर में कहा कि घर के सामने स्थित दुकान से सामान लेने गई उनकी बेटी गुरुवार सुबह से ही लापता थी।

शुक्रवार सुबह मोहल्ले में घरों की तलाशी के दौरान दीपक के घर स्थित मेन होल का ढक्कन उठा हुआ मिला। शक के आधार पर मोहल्लेवालों ने उसे खोला, जिसमें प्लास्टिक का बोरा मिला। उसमें अंशिका का शव बरामद हुआ, जिसकी आंख निकली हुई थी और शव क्षत विक्षत था। घटना के बाद दीपक के लापता होने पर पुलिस ने उसकी पत्‍‌नी गौरी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। आरंभिक जांच में तंत्र मंत्र के शक में हत्या की आशंका जताई जा रही है।

Nithari case: SC extends stay on execution of death sentence of Surinder Koli till October 29

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को निठारी कांड के दोषी सुरेंद्र कोली की फांसी पर 29 अक्टूबर तक रोक लगा दी। सुप्रीम कोर्ट सुरेंद्र कोली की पुनर्विचार याचिका पर 28 अक्टूबर को सुनवाई करेगा। शीर्ष अदालत ने गत आठ सितंबर को कोली की फांसी पर अंतरिम रोक लगा दी थी। कोली को रिंपा हलदर हत्याकांड में फांसी की सजा सुनाई गई है। वह इस समय मेरठ सेंट्रल जेल में बंद है।

गौरतलब है कि सुरेंद्र कोली ने सुप्रीम कोर्ट के गत दो सितंबर के संविधानपीठ के फैसले को आधार बनाते हुए नई याचिका दाखिल की है। उस फैसले में संविधानपीठ ने फांसी की सजा पाए दोषियों की पुनर्विचार याचिका पर खुली अदालत में सुनवाई करने की व्यवस्था देते हुए कहा था कि जिनकी पुनर्विचार याचिका सुप्रीम कोर्ट ने चैंबर में सुनवाई करके खारिज कर दी है लेकिन अभी तक उन्हें फांसी नहीं दी गई है, वे लोग फैसले के एक माह के भीतर याचिका दाखिल कर अपनी पुनर्विचार याचिका पर दोबारा सुनवाई की मांग कर सकते हैं। इसी फैसले ने कोली को अंतिम क्षणों में फांसी के फंदे से बचा लिया था।

मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट ने गत 24 जुलाई को सुरेंद्र कोली की फांसी की सजा के खिलाफ दाखिल पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी थी। कोर्ट ने पुनर्विचार याचिका देरी और मेरिट दोनों आधारों पर खारिज की थी। सुप्रीम कोर्ट से पुनर्विचार याचिका खारिज होने के बाद कोली की फांसी का वारंट जारी हो गया था और उसे गाजियाबाद की जेल से मेरठ सेंट्रल जेल स्थानांतरित कर दिया गया था।

Landslide in udhampur and ramban in JK

पंचैरी क्षेत्र के विभिन्न गांवों के घरों के आंगन में कभी बच्चों की किलकारियां गूंजा करती थीं, लेकिन अब यहां मातम पसरा है। पांच सितंबर की उस विनाशकारी शाम से पहले जब जम्मू कश्मीर में बाढ़ ने तबाही मचाना शुरू किया, सदल गांव में सब कुछ सामान्य था। अब पूरा गांव मलबे के ढेर में दबा हुआ है। कितने लोग भूस्खलन में जीवित ही जमींदोज हो गए, इस बात का आंकड़ा प्रशासन के पास भी नहीं है। ग्रामीण कह रहे हैं कि आपदा में 37 लोग लापता हैं। गुरुवार रात को हुई तेज बारिश ने भी कई जगहों पर राहत कार्य को प्रभावित करने का काम किया है।

गांव में कई शव मलबे के ढेर में दबे हुए हैं। जो जीवित बच गए वे अब भी अपनों के सुरक्षित मलबे से निकल आने की उम्मीद लगाए हैं। पहाड़ों के बीच स्थित सदल गांव में भूस्खलन के छह दिन बीतने के बावजूद सेना का विमान यहां लैंड नहीं कर पा रहा। केवल सदल गांव ही नहीं बल्कि उससे लगते गलियोत, कुलटैड, पंचर पंचायत व कई अन्य गांवों के लोग अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए हैं। राहत शिविरों में लोग दिन तो खुले में काट लेते हैं, लेकिन रात काटना मुश्किल हो जाता है। इन क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से कोई अधिकारी तो पीड़ित लोगों तक नहीं पहुंच पाया अलबत्ता सेना के जवान संयुक्त तौर पर बचाव कार्यो को अंजाम दे रहे हैं।

Polling start for dusu and JNU

दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ डूसू चुनाव के लिए मतदान आज सुबह 8:30 बजे शुरू हो गया। मतदान शाम तीन बजे तक चलेगा। इवनिंग कालेज के छात्रों के लिए मतदान का समय 3 बजे से शाम 7 बजे तक रखा गया है। शनिवार को इस चुनाव के परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। इसके अलावा आज ही जेएनयू में भी छात्र संघ के लिए मतदान हो रहा है। यहां पर मतदान 9:30 बजे शुरू हुआ। मतदान शाम 5:30 बजे तक चलेगा।

जेएनयू के चुनाव में पहली बार वोटिंग में नोटा का भी एक ऑप्श्न दिया है। संभावना है कि जेएनयू चुनाव के नतीजे सोमवार को घोषित कर दिए जाएंगे।

डूसू के चुनाव में दिल्ली के करीब पचास कालेजों के छात्र हिस्सा लेंगे। इस चुनाव यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष पद के लिए सात, उपाध्यक्ष पद के लिए 32, सचिव के लिए 41 और संयुक्त सचिव पद के लिए 34 छात्र मैदान में हैं। इस बार के चुनाव में छात्रों के लिए यूनिवर्सिटी होस्टल की उपलब्धता, उत्तर पूर्वी छात्रों का मुद्दा जोर शोर पर उठाया जा रहा है। मतदान को सही तरीके से कराने के लिए पुलिस की व्यवस्था की गई है।

वहीं जेएनयू के चुनाव में सात छात्र अध्यक्ष पद के लिए, पांच उपाध्यक्ष और पांच-पांच सचिव और संयुक्त सचिव के लिए मैदान में हैं। यह पहला मौका है जब जेएनयू के चुनाव में नॉमिनेशन फार्म में थर्ड जेंडर का भी विकल्प दिया गया। पिछली बार हुए चुनाव में सभी सीटों पर एआईएसए ने जीत दर्ज की थी।

Flintoff reveals the late night story during Ashes 2007

वेस्टइंडीज में हुए 2007 विश्व कप के दौरान इंग्लैंड के पूर्व महान ऑलराउंडर एंड्रयू फ्लिंटॉफ अपनी एक लापरवाही की वजह से इस कदर विवादों में आए थे कि उन्हें ना सिर्फ एक मैच का बैन झेलना पड़ा बल्कि गैरमौजूदगी से उनकी टीम ने भी इसका खामियाजा भुगता, इसके अलावा पूरी दुनिया में उनको लेकर जो आलोचनाएं हुईं वो अलग। सब कुछ बीत गया लेकिन कभी पुख्ता तौर पर किसी को ये नहीं पता लग सका कि आखिर 'उस रात' की असल कहानी थी क्या, खैर, आखिर अब फ्लिंटॉफ ने खुद उस मामले से पर्दा उठा दिया है। आइए जानते हैं कि क्या थी वो अनसुनी कहानी।

- क्या हुआ था 'उस रात':

फ्लिंटॉफ ने उस विवाद पर से पूरी तरह से पर्दा उठाते हुए बताया है कि वो और उनके साथी समुद्र किनारे समय बिताने गए थे। रात हो चुकी थी और सभी दोस्त वापस लौट भी चुके थे। फ्लिंटॉफ ने इतनी शराब पी ली थी कि वो बिल्कुल भी होश में नहीं थे। उस रात फ्लिंटॉफ ने इस चीज की जिद्द लगा रखी थी कि उन्हें इंग्लैंड के पूर्व महान ऑलराउंडर इयन बॉथम के साथ रात में एक ड्रिंक पीनी है। ऐसे में जब वो 'बीच' पर उठे तो उन्हें सामने कुछ नाव नजर आईं, फ्लिंटॉफ को लगा कि उन्हीं में से किसी नाव पर बॉथम भी बैठे हैं और वो उनके साथ एक ड्रिंक लेने जरूर जाएंगे।

- फिर कर डाली ये अजीबोगरीब हरकतः

इसके बाद अपनी इस जिद्द को अंजाम देने के लिए नशे में झूमते फ्लिंटॉफ को वहां तक पहुंचने के लिए अच्छी नाव आसपास नजर नहीं आई तो वो एक 'पैडल बोट' (पैरों से चलने वाली नाव) खींचकर ले आए। फ्लिंटॉफ ये तो सोच रहे थे कि उन्हें तैरना नहीं आता इसलिए नाव की जरूरत पड़ेगी लेकिन उन्होंने ये नहीं सोचा कि नशे में नाव चलाना उससे भी घातक हो सकता है। फिर क्या था, वो इस बोट पर सवार हुए और चल पड़े अनदेखी मंजिल की ओर। इसके बाद ना नशे में वो नाव चला सके और ना रात की लहरों से बोट का संतुलन बना रह पाया। गनीमत थी कि वहां कुछ सहायता के बाद वो बच गए वरना उनका डूबना व एक भयानक घटना का होना तय था।

- ....और सुबह जब आंख खुली:

फ्लिंटॉफ कहते हैं, 'अगली सुबह मेरी आंख खुली थी तो मैं अपने बिस्तर पर था। अभी भी मैं गीला था और रेत मेरे पांव में लगी हुई थी। फिर दरवाजे पर दस्तक हुई। मुझे लगा वो सफाई वाला कोई होगा जो कि कमरे की सफाई के लिए आया होगा इसलिए मैंने कहा क्या तुम बाद में वापस आ सकते हो? लेकिन असल में वो टीम के कोच (डंकन फ्लेचर) थे। डंकन ने बस इतना कहा, 'तुरंत, मेरे कमरे में आओ'।' उसके बाद फ्लिंटॉफ पर एक मैच का प्रतिबंध भी लगा और उनकी उप-कप्तानी भी छीन ली गई। हालांकि 2005 के इस एशेज हीरो ने 2009 एशेज में फिर जलवा दिखाया और अपने उस कलंक को काफी हद तक धोने में सफलता भी हासिल की और सम्मान के साथ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास भी लिया। आजकल वो अलग-अलग भूमिकाओं में टीवी के तमाम रिएलिटी शो में नजर आते रहते हैं। मई में उन्होंने रिटायरमेंट तोड़ते हुए लैंकशर के लिए एक टी20 मैच भी खेला था।

Not politician, we want military rule

जम्मू-कश्मीर में आए सैलाब ने उन लोगों की मानसिकता बदल दी है, जो कभी फौज पर पत्थर बरसाते थे। इस संकट की घड़ी में आज वह सेना को मसीहा मान रहे हैं। विपरीत परिस्थितियों में सेना द्वारा श्रीनगर में चलाए जा रहे राहत कार्यो ने कश्मीरियों के दिलों में जमी मैल को धो दिया है। कभी 'इंडियन फोर्सेज गो बैक' के नारे लगाने वाले कश्मीरी आज नेताओं की नहीं सेना की सरकार चाहते हैं।

कारण यह है कि बाढ़ में फंसे लोगों को स्थानीय प्रशासन व नेतागण उनकी मदद के लिए नहीं पहुंचे। सेना ही थी जिसने जमीन से लेकर आसमान तक उनकी हर संभव सहायता की। सेना अभी तक सवा लाख के करीब लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल चुकी है। अलगाववादी नेता जो फौज के खिलाफ आग उगलते थे वे भी खामोश हैं। लोगों का स्पष्ट कहना है कि आज घाटी में सेना नहीं होती तो उन्हें इस आपदा से कोई राजनेता या धार्मिक नेता नहीं बचा सकता था।

श्रीनगर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से सेना की मदद से निकाले गए कश्मीर निवासियों को गुरुवार सुबह एयरफोर्स के विमान से टेक्निकल एयरपोर्ट जम्मू लाया गया। विमान से उतरने ही लोगों ने सेना के पक्ष में नारेबाजी शुरू कर दी। आंखों में आंसू और राजनीतिक दलों के प्रति गुस्सा उनके चेहरे पर साफ झलक रहा था। नारेबाजी करते हुए ये कश्मीरी युवा बार-बार यही कह रहे थे कि उन्हें नेताओं की नहीं बल्कि फौज की सरकार चाहिए। जब वे अपने घरों की छतों पर भूखे-प्यासे मदद की गुहार लगा रहे थे, तब उन्हें नेताओं ने नहीं सेना ने बचाया। बिलाल अहमद व उसके साथ आए दस कश्मीरी युवाओं ने सेना के जवानों को देवदूत बताया।

24 घंटे चल रही सेना की रसोई

ऊधमपुर : प्राकृतिक आपदा में लोगों के लिए सेना देवदूत बनकर जी-जान से जुटी हुई है। राहत व बचाव अभियान में पूरी सक्रियता से हिस्सा लेकर लोगों की जिंदगियां बचाने के साथ सेना अन्नपूर्णा बनकर पीडि़तों की भूख भी मिटा रही है। इसके लिए सेना ने 24 घंटों चलने वाली विशेष रसोई स्थापित की है। बिना बंद हुए लगातार चल रही इस विशेष रसोई में रोजाना तीन से चार हजार लोगों के लिए ताजा खाना बनाकर उनको पैकेटों में पैक किया जा रहा है। यह खाना तीन दिनों तक खाने के लिए सुरक्षित रहता है।

घर लौटे 500 आइआइटी छात्र

जम्मू : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशों पर लद्दाख में फंसे आइआइटी के पांच सौ युवाओं को लेह प्रशासन ने विमानों से से घर भेज दिया। उन्हें वहां से निकालने के लिए कोई किराया नहीं लिया गया। श्रीनगर में फंसे ये युवा बुधवार को किसी तरह श्रीनगर से लेह पहुंच गए थे। इनके अलावा गुरुवार को श्रीनगर से 150 के करीब और विद्यार्थी लेह पहुंच गए। जिला प्रशासन ने उनके बारे में भी केंद्र सरकार को सूचित कर दिया है।

वैष्णो देवी के सभी मार्ग सुचारु

कटड़ा : भारी बारिश के कारण बंद हुए मां वैष्णो देवी के नए मार्ग को भी श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने सप्ताह बाद वीरवार को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया। इसके साथ ही मां वैष्णो देवी के सभी मार्ग यात्रा के लिए सुचारु हो गए। श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के मां वैष्णो देवी के दर्शनों को आ-जा सकते हैं। हालांकि आपदा के बाद से श्रद्धालुओं की संख्या में बेहद कमी आई है।

सेना के कायल हुए पाक के पीर

जम्मू : पाकिस्तान के इस्लामाबाद से हाजी पीर अलादीन सिद्दीकी कश्मीर में पहली बार जन्नत की सैर के लिए निकले थे। यहां आई बाढ़ के भयावह रूप देखकर उनका दिल थर्रा गया। उनकी आंखों ने जो दृश्य देखा उसने सारा भ्रम मिटा दिया। कश्मीर में बाढ़ पीड़ितों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने में सेना की मुस्तैदी देख कर पीर अलाद्दीन हैरान रह गए। उन्हें यहां आकर पता चला कि कश्मीरियों की हमदर्द सेना ही है।

विशेष ट्रेन से ट्रैक की सफाई

जम्मू : हाल ही में आई मूसलाधार बारिश के साथ रेलवे पटरी में आई गंदगी को हटाने के लिए रेलवे प्रबंधन ने विशेष ट्रेन से ट्रैक की सफाई की। हालांकि, रेलवे प्रबंधन ने ट्रैक की सफाई को पहले ही सुचारू कर दिया था, लेकिन पटरी के कुछ हिस्सों में पत्थर तथा कुछ अन्य पदार्थ फंस गए थे। विशेष ट्रेन की मदद से भेजा ट्रैक की सफाई की।

सुरक्षित हैं इग्नू के कुलपति

नई दिल्ली : इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एम असलम के लापता होने की खबर का इग्नू के उपकुलपति प्रो. नागेश्वर राव ने खंडन किया है। उन्होंने बताया कि मीडिया में आई खबरों से इग्नू के कर्मचारी आहत हैं। हमारी बात सात सितंबर को कुलपति से हुई थी और उन्होंने बताया था कि वह पूरी तरह से सुरक्षित हैं। कुलपति श्रीनगर स्थित कश्मीर यूनिवर्सिटी के एक प्रोफेसर के यहां ठहरे हैं। वह वहां शादी में गए थे।

जम्मू में भारी बारिश से बढ़ी चिंता

जम्मू : बाढ़ का कहर झेल चुके जम्मू संभाग में गुरुवार रात फिर भारी बारिश शुरू हो जाने से लोग सहम गए। बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में जारी राहत अभियान में भी परेशानी आई। बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित राजौरी-पुंछ जिले की कई सड़कों पर बारिश से फिर मलबा आ गया। पहले से बंद जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर भी पहाड़ों से मिट्टी आ गई। बारिश से सड़कें जलमग्न हो गई। प्रशासन मौसम को देखकर सतर्क हो गया है।

तीन हजार पैदल पहुंचे रामबन

बाढ़ से प्रभावित कश्मीर संभाग के करीब तीन हजार लोग 30 किलोमीटर का पैदल सफर तय कर गुरुवार रात जम्मू संभाग के रामबन जिले में पहुंच गए। पहाड़ों से होकर आए इन लोगों के आते ही सेना ने राहत अभियान शुरू करते हुए उन्हें खाना और दवाएं मुहैया करवाई। इसके बाद सेना ने इन्हें अपने वाहनों में बैठाकर ऊधमपुर रवाना कर दिया।

Trainee IPS officers gets sexiest remark on social media

 एक महिला ट्रेनी आईपीएस की खूबसूरती अब उसके लिए जी का जंजाल बन गई है। सोशल मीडिया पर अपनी फोटो अपलोड करना इतना महंगा साबित होगा यह उसने कभी नहीं सोचा था। जब से उन्होंने अपना फोटो सोशल मीडिया पर अपलोड किया है तब से लेकर अब तक कई लोग उनकी तस्वीर पर टिप्पणी कर चुके हैं।

केरल की मेरिन जोसेफ नाम की वो महिला नेशनल पुलिस एकेडमी हैदराबाद में आईपीएस की ट्रेनिंग ले रही है। सोशल साइट पर लोगों ने कोच्चि के एसीपी के रूप में उनकी नियुक्ति को लेकर अफवाह फैलाई, फिर टिप्पणियों की बौछार शुरू हो गई।

फैली अफवाहों के बाद जोसेफ को सफाई देनी पड़ी कि उन्हें कोच्चि की नई एसीपी के तौर पर नियुक्त नहीं किया गया है। इसके बावजूद लोगों ने उनकी खूबसूरती का हवाला देते हुए अजीब रिएक्शन देनी जारी रखीं। सोशल साइट्स पर लोग टिप्पणी कर रहे थे कि कोच्चि के लोग अब चोरी और डकैती शुरू करने वाले हैं क्योंकि वे खूबसूरत आईपीएस ऑफिसर के हाथों अरेस्ट होना चाहते हैं।

क्या है पूरा मामला?दरअसल, मेरिन जोसेफ नाम की ट्रेनी आईपीएस ऑफिसर द्वारा फेसबुक पेज पर पोस्ट की गई तस्वीरों के आधार पर अफवाह फैल गई कि उन्हें कोच्चि की नई एसीपी के तौर पर नियुक्ति मिली है। यह तस्वीर एक फैन पेज पर शेयर की गई और इसके वायरल होते ही महिला आईपीएस को फेसबुज पेज पर फॉलो करने वालों की संख्या आश्चर्यजनक ढंग से बढ़ने लगी। ट्विटर और फेसबुक पर लोग अफवाहों को बढ़ाने में जुटे रहे। उनके बारे में लोग भद्दे-भद्दे कमेंट करने लगे।

We do that whatever we say: rajnath singh

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को गृह मंत्रालय के सौ दिनों के कामकाज की जानकारी एक प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से दी। साथ ही जम्मू कश्मीर के हालात पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में आई आपदा पर केंद्र लगातार अपनी निगाह बनाए हुए है। अभी तक करीब एक लाख तीस हजार लोग बचाए जा चुके हैं।

इस मौके पर राजनाथ सेना का धन्यवाद करना नहीं भूले। उन्होंने कहा कि सेना के तीनों अंगों ने मिलकर अभी तक करीब नब्बे हजार लोगों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। वहीं एनडीआरएफ की टीमों ने करीब 34 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।

गृह मंत्री ने बताया है कि जम्मू कश्मीर में चल रहे राहत कार्यो की देखरेख के लिए केंद्रीय गृह सचिव लगातार वहां पर रहकर इस पर अपनी निगाह बनाए हुए हैं। उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस में सिविल डिफेंस को डिजास्टर मैनेजमेंट का अभिन्न अंग बनाने का भी ऐलान किया। राजनाथ ने कहा कि जम्मू कश्मीर समेत अन्य राज्यों में चल रहे आतंकवाद और माओवाद को खत्म करने के लिए भी गृह मंत्रालय ने नई पालिसी तैयार की हैं।

केंद्रीय गृहमंत्री ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि केंद्र सरकार ने चुनाव के दौरान जिन वादों को पूरा करने की बात कही थी वह उस पर खरा उतरने का प्रयास लगातार कर रही है। उन्होंने यह कहकर भी अपनी पीठ थपथपाई कि सरकार ने जो कहा वह करके दिखाया है और आगे भी जो कहेगी वही करेगी भी।

इस मौके पर उन्होंने पिछली सरकार का जिक्र करते हुए यूपीए सरकार की आलोचना भी की। उन्होंने कहा कि सौ दिनों के कार्यकाल में गृह मंत्रालय ने आंतरिक सुरक्षा, राज्यों में संबंध, केंद्र शासित प्रदेशों का प्रशासन, डिजास्टर मैनेजमेंट समेत कई क्षेत्रों में काम किया है। 

Wednesday, 10 September 2014

It's Deepika Padukone vs Sonam Kapoor at the box office

वर्ष 2007 में अभिनेत्री दीपिका पादुकोण की फिल्म 'ओम शांति ओम' और सोनल कपूर की 'सावंरिया' एक साथ बड़े पर्दे पर रिलीज हुई थी। उस समय 'ओम शांति ओम' बड़ी हिट साबित हुई और दीपिका विजेता साबित हुई। अब सात साल बाद दोनों अभिनेत्रियां फिर आमने सामने हैं।

दोनों की फिल्में इस महीने एक सप्ताह के अंतर पर रिलीज हो रही हैं। दीपिका की 'फाइंडिंग फैनी' जहां 12 सितंबर को रिलीज हो रही है वहीं सोनम की 'खूबसूरत' 19 सितंबर को रिलीज होगी। दोनों ने ही अपनी फिल्मों के प्रचार में कोई कसर नहीं छोड़ी है।

फिल्मकार होमी अदजानिया की फिल्म फाइंडिंग फैनी अंग्रेजी और हिंदी भाषा में रिलीज होगी। रेस-2, ये जवानी है दीवानी, चेन्नई एक्सप्रेस और राम लीला जैसी एक के बाद एक चार सुपरहिट फिल्में करने के बाद फाइंडिंग फैनी जैसी फिल्म करना दीपिका के लिए किसी चुनौती से कम नहीं रहा। वहीं सोनम की फिल्म अभिनेत्री रेखा की वर्ष 1980 में आई सुपरहिट फिल्म खूबसूरत का रीमेक है।

Government estimates, 10 lakh people get jobs every month

कुशल मजदूरों के लिए शहर के चौराहों पर नहीं, बल्कि अब नौकरियां उनकी मुट्ठी में होंगी। मोबाइल पर ही नौकरियां खुद घंटी बजाकर उन्हें बुलाएंगी। रोजाना सुबह-सुबह शहर के लेबर चौक पर भटकना नहीं पड़ेगा। मैन्यूफैक्चरिंग और सेवा क्षेत्र कुशल मजदूरों की भारी कमी से जूझ रहा है, जिसे पूरा करने के लिए राष्ट्रीय कुशलता विकास एजेंसी ने योजना तैयार की है। सरकार को अनुमान है कि योजना के शुरू होने के साथ ही हर महीने कम से कम 10 लाख लोगों को रोजगार मुहैया कराया जा सकेगा।

सरकार इसके लिए श्रमिकों के आंकड़ों से भरपूर राष्ट्रीय लेबर मार्केट सूचना तंत्र का गठन कर रही है। इससे बेरोजगार युवकों को जहां रोजगार उपलब्ध होगा, वहीं उद्योग क्षेत्र की भी जरूरतें पूरी हो जाएंगी। सरकार इसके लिए एक आधिकारिक प्लेटफार्म उपलब्ध कराएगा। यह जानकारी नेशनल स्किल डेवलपमेंट एजेंसी [एनएसडीए] के महानिदेशक जेपी राय ने दी। राय यहां सिविल सोसाइटी ग्रुप पीआरआइए के आयोजित समारोह में हिस्सा लेने के बाद बोल रहे थे।

उद्योग व सेवा समेत अन्य क्षेत्रों में कुशल मजदूरों की कमी को पूरा करने के लिए सरकार की यह अनूठी योजना है। थोड़े पढ़े लिखे युवाओं को भी सरकार उनकी काबिलियत के हिसाब से प्रशिक्षण देकर कुशल बनाएगी। नौकरियां दिलाने वाली मानव संसाधन एजेंसियों को भी सरकार मान्यता देगी। आभूषण, चमड़ा, ऑटोमोबाइल व रबर उद्योग के लिए सेक्टर स्किल काउंसिल का गठन कर दिया गया है।

एनएसडीए महानिदेशक राय ने कहा कि सरकार की यह पहल महीने में 10 लाख लोगों को नौकरियां मुहैया कराएगी। खास बात यह है कि 90 फीसद से अधिक नौकरियां गैर कृषि क्षेत्र में मिल रही हैं। नक्सल प्रभावित जिलों के लिए सरकार ने विशेष कार्यक्रम तैयार किया है। इसके तहत आर्थिक रूप से वंचित लोगों पर खास जोर दिया जाएगा। यहां के युवाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार उपलब्ध कराया जाए, ताकि उनका आर्थिक विकास संभव हो सके।

Sensex off record highs, down 45 pts in early trade

कारोबारी सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को सेंसेक्स में 45 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। इसमें मैटल, कंज्यूमर ड्यूरेबल, बैंकिंग और रियलिटी सेक्टर की अहम भूमिका रही। आज तीस शेयरों वाला बंबई स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 45.92 अंकों की गिरावट के साथ 27273.93 अंकों पर खुला। इसमें यह गिरावट 0.17 फीसद की रही। सोमवार को सेंसेक्स अपने अधिकतम स्तर पर 27319.85 अंकों तक पहुंच गया था।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी मंगलवार को 15.10 अंकों की गिरावट के साथ 8158.80 पर खुला। इसमें यह गिरावट 0.18 फीसद की रही। सोमवार को निफ्टी भी 8180.20 के रिकार्ड स्तर तक पहुंचने के बाद सात अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ था। 

Inspector sovereignty will end in Industrial unit

औद्योगिक इकाइंयों को इंस्पेक्टर राज से निजात दिलाने के लिए श्रम मंत्रालय श्रमायुक्त संगठन, इएसआइ, ईपीएफ और खान सुरक्षा महानिदेशालय को मिलाकर एकीकृत पोर्टल लांच करने जा रहा है। इसमें इकाइयों के पंजीयन और निरीक्षण के अलावा शिकायतें दर्ज कराने व उनका समाधान प्राप्त करने की ऑनलाइन व्यवस्था होगी।

केंद्रीय श्रममंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने सरकार के सौ दिन पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अभी चार केंद्रीय एजेंसियों द्वारा औद्योगिक यूनिटों के सालाना पौने दो लाख निरीक्षण किए जाते हैं। सबसे ज्यादा शिकायतें इसी को लेकर हैं, क्योंकि ये निरीक्षण मनमाने होते हैं। इनका कोई मापदंड नहीं होता। पोर्टल इस मनमर्जी को खत्म करेगा। इसमें निरीक्षण का ब्योरा दर्ज होगा और 72-120 घंटे के भीतर निरीक्षण रिपोर्ट दाखिल करनी जरूरी होगी। इसमें पंजीकरण कराने वाली 6-7 लाख इकाइयों में प्रत्येक को विशिष्ट एलआइएन नंबर प्रदान किया जाएगा। इससे मंत्रालय को पूरे देश में श्रम मामलों के पैटर्न व समस्या का पता चलेगा और वह निवारण के उपाय कर सकेगा।

श्रम मंत्री के अनुसार सरकार ने कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) के योगदान के लिए वेतन सीमा को 6,500 रुपये से बढ़ाकर 15,000 रुपये कर दिया है। इससे 50 लाख और कामगारों के ईपीएफ के दायरे में आने की संभावना है। कर्मचारी पेंशन योजना के तहत न्यूनतम पेंशन राशि एक हजार रुपये किए जाने से 28 लाख पेंशनभोगी लाभान्वित होंगे। यूनिक अकाउंट नंबर (यूएएन) के साथ ईपीएफ ग्राहकों को बैंक खातों तथा 'आधार' के साथ संबद्ध कर ऑनलाइन किया गया है। इससे कर्मचारी ईपीएफ के मामले में सेवायोजक पर निर्भर नहीं रहेंगे। नौकरी बदलने पर भी उनका ईपीएफ न केवल सुरक्षित रहेगा, बल्कि नए सेवायोजक के साथ संबद्ध हो जाएगा। ईएसआइ (कर्मचारी राज्य बीमा) अस्पतालों में चिकित्सा खर्च सीमा को 1,500 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये तथा बीमा डॉक्टर के भुगतान को 150 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये कर दिया गया है। इससे अच्छे डॉक्टर ईएसआइ मरीजों को सेवाएं देने लगे हैं।