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Sunday, 10 November 2013

Govt Employees Will Be On Indefinate Strike

Lucknow

लखनऊ। प्रदेश सरकार की बेरुखी से आहत राज्य कर्मचारी कल से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन हड़ताल को लेकर अड़े हुए हैं। प्रमुख सचिव कार्मिक से वार्ता विफल होने के बाद मुख्य सचिव से प्रस्तावित बातचीत टलने के कारण अब कर्मी जरा भी पीछे हटने के मूड में नहीं हैं।
कर्मचारी नेताओं का दावा है कि हड़ताल में 18 लाख कर्मचारी भाग लेंगे। हड़ताल को सफल बनाने के लिए आज जिलों में कर्मचारी साइकिल रैली निकालकर जनजागरण अभियान चलाएंगे। इस हड़ताल में 24 हजार डिप्लोमा अभियंताओं ने भी शामिल होने की घोषणा की है और उन्होंने हड़ताल पर जाने के लिए एक प्रपत्र भी भरा है। अभियंताओं के हड़ताल पर जाने से विकास कार्य प्रभावित हो सकते हैं।
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मनाने की तैयारी शुरू
सरकार ने कर्मचारियों को मनाने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। शासन ने कल सभी मंडलायुक्त व जिलाधिकारियों को पत्र भेजा है, जिसमे कर्मचारियों की मांगें माने जाने का जिक्र है। इन अधिकारियों से कहा गया है कि वह जिले स्तर पर कर्मचारी संगठन के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर उन्हें बताएं कि सरकार उनकी मांगों पर गंभीर है।
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कर्मचारी अडिग
हड़ताल का आह्वान करने वाले राज्य कर्मचारी अधिकार मंच अध्यक्ष मंडल के हरि किशोर तिवारी व अजय सिंह कहते हैं कि हड़ताल पर कर्मचारी अडिग हैं और उनमें हड़ताल को लेकर उत्साह दिख रहा है। कर्मचारी नेताओं का कहना है सरकार भ्रम की स्थिति पैदा कर रही है। सरकार का यह कदम अलोकतांत्रिक है। मंडलायुक्त और जिलाधिकारी के माध्यम से जिलों में कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों को यह बताकर गुमराह कर दबाव बनाया जा रहा है कि सरकार ने उनकी मांगें मान ली है, जबकि ऐसा कुछ नहीं है।

Source- News in Hindi

Central Govt Will Again Search Gold

unnao

नई दिल्ली [जयप्रकाश रंजन]। डौंडिया खेड़ा में एक साधु के सपने के आधार पर सोना खोज अभियान शुरू करके अपनी फजीहत करवा चुकी यूपीए सरकार एक बार फिर सोना खोजने के लिए निकलने वाली है। हालांकि इस बार सरकार सतर्क है और सोना खोजने का काम आधुनिक तकनीक व विदेशी निजी कंपनियों की मदद से शुरू करने की तैयारी है। सरकारी व निजी कंपनियों की साझेदारी (पीपीपी) से सोना खोजने का यह महत्वाकांक्षी अभियान शुरू करने पर जल्द ही अंतिम फैसला होने की उम्मीद है।

पीपीपी के जरिए सोना खोजो अभियान का प्रस्ताव वित्त मंत्रालय का है। प्रस्ताव को आवश्यक मंजूरी के लिए खनन मंत्रालय के पास भेजा गया है। वैसे खनन मंत्रालय इस प्रस्ताव को लेकर बहुत उत्साहित नहीं है, क्योंकि उसे लगता है कि इससे सरकारी व देशी कंपनियों के हित प्रभावित होंगे।

बहरहाल, खनन सचिव को जल्द से जल्द अपनी प्रतिक्रिया भेजने को कहा गया है, ताकि इस पर जल्द से जल्द कैबिनेट की मंजूरी ली जा सके।

सूत्रों के मुताबिक वित्त मंत्री पी चिदंबरम का मानना है कि देश में सोना खोजने का काम कई तरह से भारत के लिए हितकारी साबित होगा। इससे सोने की कीमत पर लगाम लगाने के साथ ही चालू खाते में घाटे को कम करने में भी मदद मिलेगी। चिदंबरम देश में सोना आयात को कम करने का लगातार अभियान चलाए हुए हैं। इसके तहत स्वर्ण आभूषण पर आयात शुल्क को दो फीसद से बढ़ाकर 15 फीसद किया जा चुका है। रिजर्व बैंक भी अपनी तरफ से सोना आयात को कम करने की कोशिश में जुटा है। ऐसे में वित्त मंत्रालय चाहता है कि घरेलू भंडारों से सोना निकालने का काम तेज हो।

वित्त मंत्रालय के अधिकारी बताते हैं कि भारत में सोना उत्पादन भले ही अभी ज्यादा न होता हो। लेकिन स्टरलाइट, डीबीयर्स, बीएचपी बिलिटॉन जैसी कंपनियों ने यहां स्वर्ण खोज व खनन में रुचि दिखाई है। पीपीपी मॉडल की मंजूरी मिलने के बाद इन कंपनियों का भारत में प्रवेश आसान हो जाएगा। इससे देश में विदेशी निवेश भी आएगा। उक्त अधिकारी ऑस्ट्रेलिया का उदाहरण देते हैं जहां वर्ष 1980 में सिर्फ 20 टन सोने का उत्पादन होता था, लेकिन आज लगभग 3700 टन सोना हर वर्ष वहां के भंडारों से निकाला जाता है। योजना आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक भारत की सरकारी खनन कंपनियां अभी बमुश्किल 2.2 टन सोने का सालाना उत्पादन करती हैं, जिसे मौजूदा 12 वीं योजना के अंत तक 44 टन सालाना करने का लक्ष्य रखा गया है।

Source- News in Hindi

Thursday, 7 November 2013

Mullah Fazlullah is new chief of Pakistani Taliban

terror

इस्लामाबाद। 'मुल्ला रेडियो' के नाम से कुख्यात और मानवाधिकार कार्यकर्ता मलाला यूसुफजई को मारने का हुक्म देने वाला मुल्ला फजलुल्ला आतंकी गुट पाकिस्तानी तालिबान का नया मुखिया होगा। कमांडर अस्मतुल्ला शाहीन के हवाले से पाकिस्तानी समाचार चैनलों ने कहा है कि फजलुल्ला को तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान का नया प्रमुख चुना गया है।
गत शुक्रवार को उत्तारी वजीरिस्तान कबायली क्षेत्र में अमेरिकी ड्रोन हमले में पाकिस्तानी तालिबान के प्रमुख हकीमुल्ला महसूद के मारे जाने आतंकी गुट ने फजलुल्ला को अपना मुखिया बनाया है। हालांकि दक्षिण वजीरिस्तान में बैठक के दौरान तालिबान शूरा या परिषद शुरू में खान सैयद महसूद उर्फ सजना को नया मुखिया बनाने पर सहमति थी, लेकिन नूरिस्तान से संबंधित कमांडरों के विरोध के कारण उसने फैसला वापस ले लिया था। तब तालिबान ने शहरयार महसूद और अस्मतुल्ला शाहीन को कार्यवाहक प्रमुख नियुक्त किया था। यह पहली मौका है जब पाकिस्तान तालिबान ने ऐसे शख्स को अपना नेता चुना है, जो देश के कबायली क्षेत्र से नहीं आता।

फजलुल्ला स्वात इलाके से है और उससे किसी भी तरह की शांति वार्ता की उम्मीद रखना बेमानी होगा। उसने स्वात में 2007 से 2009 के बीच बेहद नृशंस अभियान चलाया था और इस्लामी कानून का पालन कराने की कोशिश की थी। अभियान के दौरान कई स्कूलों और सार्वजनिक इमारतों में आग लगा दी गई थी। कई लोगों के सिर धड़ से अलग कर दिए गए थे। स्वात इलाके पर कब्जा करने के लिए सरकार को सैन्य अभियान चलाना पड़ा था और 2009 में सैन्य अभियान के दौरान फजलुल्ला को खदेड़ दिया गया था। तब से वह पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर कहीं रह रहा है।

पाकिस्तान तालिबान ने खारिज किया शांति वार्ता का विचार
पेशावर। मुल्ला फजलुल्ला के पाकिस्तान तालिबान का प्रमुख बनने के साथ ही आतंकी गुट ने सरकार के साथ भविष्य में किसी भी तरह के शांति वार्ता के विचार को खारिज कर दिया है। तालिबान के प्रवक्ता शहदुल्ला शाहिद ने कहा, 'अब कोई वार्ता नहीं होगी क्योंकि मुल्ला फजलुल्ला पहले से ही पाकिस्तान सरकार के साथ किसी भी तरह के विचार-विमर्श के खिलाफ हैं।'
Source- News in Hindi

Friday, 1 November 2013

Taliban chief Mehsud killed in drone strike: Pak Media


Taliban chief Mehsud

पेशावर/इस्लामाबाद। पाकिस्तान के उत्तरी वजीरिस्तान में अमेरिकी ड्रोन हमले में छह तालिबान आतंकियों सहित संगठन का मुखिया हकीमुल्ला महसूद भी मारा गया। पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआइए के ड्रोन हमले में महसूद के अलावा उसका चाचा, अंगरक्षक तारिक महसूद और ड्राइवर अब्दुल्ला महसूद भी मारे गए। 

पाकिस्तान तालिबान ने हकीमुल्ला की मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि शनिवार दोपहर 3 बजे मीरानशाह इलाके में उसको सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।

खुफिया सूत्रों के मुताबिक, दांडा दरपाखेल के जिस परिसर पर दो मिसाइलों से हमला किया गया, वह पूरी तरह नष्ट हो गया है। हमले के समय परिसर में तालिबान की अहम बैठक चल रही थी। अब तक अधिकारियों की ओर से महसूद के मारे जाने के संबंध में कोई टिप्पणी नहीं की गई है।

गौरतलब है कि अमेरिका पाकिस्तान के आदिवासी इलाकों में आतंकियों पर लगातार ड्रोन हमले कर उनकी कमर तोड़ रहा है। हालांकि, इससे पहले भी पाकिस्तान के साथ ही अंतरराष्ट्रीय मीडिया में महसूद के मारे जाने के समाचार कई बार आ चुके हैं, लेकिन वह कुछ समय तक भूमिगत रहने के बाद फिर सामने आ जाता है।
पाकिस्तान के गृह मंत्री चौधरी निसार अली खान ने प्रधानमंत्री नवाज शरीफ व नेताओं के साथ आज की घटना पर बैठक बुलाकर चर्चा की। चौधरी का दावा है कि ये हमले पाकिस्तान की शांति की कोशिशों पर पानी फेर रहे हैं। उनके मुताबिक शनिवार को एक प्रतिनिधिमंडल तालिबान से बात करने के लिए जाने वाला था। 

कुछ ही समय पहले अमेरिका के विशेष बल ने तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के उप-प्रमुख लतीफ महसूद को अफगानिस्तान में धर दबोचा था। शुक्रवार को किया गया हमला दो दिन में दूसरा ड्रोन अटैक था। गुरुवार के हमले में तीन संदिग्ध आतंकी मारे गए थे। पिछले महीने पाकिस्तान के पीएम नवाज शरीफ की अमेरिका यात्रा के बाद भी यह दूसरा ड्रोन हमला था। 

सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार को जिस परिसर को निशाना बनाया गया वह तालिबान पाकिस्तान का केंद्रीय कार्यालय था, जहां महसूद अक्सर आता था। बैतुल्ला महसूद के मारे जाने के बाद अगस्त, 2009 में हकीमुल्ला ने तहरीक-ए-तालिबान की कमान अपने हाथ में ली थी। 

Source- News in Hindi