लखनऊ। प्रदेश सरकार की बेरुखी से आहत राज्य कर्मचारी कल से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन हड़ताल को लेकर अड़े हुए हैं। प्रमुख सचिव कार्मिक से वार्ता विफल होने के बाद मुख्य सचिव से प्रस्तावित बातचीत टलने के कारण अब कर्मी जरा भी पीछे हटने के मूड में नहीं हैं।
कर्मचारी नेताओं का दावा है कि हड़ताल में 18 लाख कर्मचारी भाग लेंगे। हड़ताल को सफल बनाने के लिए आज जिलों में कर्मचारी साइकिल रैली निकालकर जनजागरण अभियान चलाएंगे। इस हड़ताल में 24 हजार डिप्लोमा अभियंताओं ने भी शामिल होने की घोषणा की है और उन्होंने हड़ताल पर जाने के लिए एक प्रपत्र भी भरा है। अभियंताओं के हड़ताल पर जाने से विकास कार्य प्रभावित हो सकते हैं।
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मनाने की तैयारी शुरू
सरकार ने कर्मचारियों को मनाने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। शासन ने कल सभी मंडलायुक्त व जिलाधिकारियों को पत्र भेजा है, जिसमे कर्मचारियों की मांगें माने जाने का जिक्र है। इन अधिकारियों से कहा गया है कि वह जिले स्तर पर कर्मचारी संगठन के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर उन्हें बताएं कि सरकार उनकी मांगों पर गंभीर है।
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कर्मचारी अडिग
हड़ताल का आह्वान करने वाले राज्य कर्मचारी अधिकार मंच अध्यक्ष मंडल के हरि किशोर तिवारी व अजय सिंह कहते हैं कि हड़ताल पर कर्मचारी अडिग हैं और उनमें हड़ताल को लेकर उत्साह दिख रहा है। कर्मचारी नेताओं का कहना है सरकार भ्रम की स्थिति पैदा कर रही है। सरकार का यह कदम अलोकतांत्रिक है। मंडलायुक्त और जिलाधिकारी के माध्यम से जिलों में कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों को यह बताकर गुमराह कर दबाव बनाया जा रहा है कि सरकार ने उनकी मांगें मान ली है, जबकि ऐसा कुछ नहीं है।
Source- News in Hindi
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