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Wednesday, 6 November 2013

People Receiving Fake Emails by Dr. Raghuram Rajan

RBI

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। इंटरनेट के जरिये आम जनता की आंख में धूल झोंक कर पैसा लूटने वाले गिरोहों की पौ-बारह हैं। अब तो इनकी हिम्मत इतनी बढ़ गई है कि रिजर्व बैंक (आरबीआइ) के नए गवर्नर रघुराम राजन को भी हथियार बना लिया है। पिछले दो-तीन दिनों के भीतर हजारों भारतीयों को आरबीआइ गवर्नर की तरफ से फर्जी मेल भेजे गए हैं। इनमें करोड़ों रुपये की लॉटरी जीतने की सूचना दी गई है। इंटरनेट के जरिये धोखाधड़ी करने वाले इन गिरोहों की बढ़ी सक्रियता से सरकारी एजेसियां भी सकते में हैं।
आरबीआइ के नए गवर्नर का नाम लेकर ईमेल के जरिये फ्रॉड करने वाले गिरोहों की इस हरकत से साफ है कि इन पर लगाम लगाने की सारी कोशिशें नाकाम हो गई हैं। दो माह पूर्व अगस्त में ही रिजर्व बैंक ने इस समस्या के समाधान के लिए देश के तमाम बैंकों, सुरक्षा एजेंसियों और अन्य संबंधित विभागों की उच्चस्तरीय बैठक में बेहतर तालमेल बनाने का एजेंडा तैयार किया था। लेकिन आम जनता को लूटने का सिलसिला बदस्तूर जारी है।
आरबीआइ के क्षेत्रीय निदेशक दीपक सिंघल ने दैनिक जागरण को बताया कि पहले नाइजीरिया के गिरोह ज्यादा सक्रिय थे, लेकिन अब भारतीय भी इस गोरखधंधे में जुट गए हैं। इससे सिर्फ आम जनता में जागरूकता फैला कर ही बचा जा सकता है। इन धोखाधड़ियों पर नजर रखने के लिए वित्त मंत्रालय के भीतर गठित विशेष प्रकोष्ठ के अधिकारी मानते हैं कि ये गिरोह सरकारी एजेंसियों से भी ज्यादा तेज हैं। प्रकोष्ठ ने वर्ष 2010 में ऐसे गिरोहों की गतिविधियों की निगरानी कर एक रिपोर्ट तैयार की थी। इसमें बैंकों को ज्यादा सतर्कता बरतने को कहा गया था, लेकिन स्थिति में खास बदलाव नहीं आया है।
रिजर्व बैंक की हाल ही में इस संकट पर हुई बैठक में यह पता चला कि हालात से निपटने के लिए बैंकों के पास कोई नीति ही नहीं है। बैंकों और पुलिस एजेंसियों के बीच तालमेल बिल्कुल ही अभाव है। अब समस्या से निपटने के लिए जांच एजेंसियों और बैंकों को नए निर्देश दिए गए हैं।

Source- News in Hindi

Tuesday, 5 November 2013

SBI Hikes Base Rates by 20 bps to 10 Percent

SBI

नई दिल्ली। जिस बात का डर था वो अब शुरू हो गया है। बैंकों ने होम लोन, ऑटो लोन आदि की ईएमआई बढ़ाने का सिलसिला शुरू का दिया है। एचडीएफसी बैंक के बाद देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) का भी लोन महंगा हो गया है।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने बेस रेट 0.20 फीसद बढ़ाकर 10 फीसद और बीपीएलआर भी 0.20 फीसद बढ़ाकर 14.75 फीसद कर दिया। स्टेट बैंक की नई दरें 07 नवंबर से लागू होंगी। आरबीआई के रेपो रेट में बढ़ोतरी के बावजूद एमएसएप दरों में कमी किए जाने से जानकार उम्मीद जता रहे थे कि बैंक शायद ही बेस रेट में बढ़ोतरी करें। लेकिन लगता है कि फिलहाल बैंक ग्राहकों को महंगे लोन से राहत देने के मूड में नहीं हैं।
एसबीआई की चेयरपर्सन अरुंधति भट्टाचार्य का कहना है कि फंड की लागत में बढ़ोतरी के चलते बैंक ने बेस रेट में बढ़ोतरी की है। हालांकि छोटी अवधि में दरों में और बढ़ोतरी की कोई योजना नहीं है। अरुंधति भट्टाचार्य के मुताबिक ज्यादातर बैंकों के बेस रेट एसबीआई से ज्यादा हैं। वहीं, एसबीआई का क्रेडिट ग्रोथ 17-18 फीसद होने का अनुमान है। आरबीआई की ओर से रेपो रेट में 0.5 फीसद की बढ़ोतरी के बावजूद बेस रेट में केवल 0.2 फीसद की बढ़ोतरी की है। मौजूदा स्तरों से ब्याज दरों में बहुत ज्यादा बढ़त की आशंका नहीं है।