हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस जी. रोहिणी और जस्टिस आर. एस. एंडलॉ की पीठ ने जनहित याचिका पर नोटिस जारी नहीं किया था। इस पीठ ने वकील एम. एल. शर्मा की बहस सुनने के बाद 9 जुलाई को अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था।
शर्मा ने व्यक्तिगत तौर पर यह याचिका दायर की थी। अपनी याचिका में शर्मा ने कहा था कि दिल्ली में कार्रवाई की जरूरत पैदा हो गई थी, क्योंकि प्रधानमंत्री कार्यालय, कैग एवं शहरी विकास मंत्रालय जैसे विभिन्न कार्यालय और संवैधानिक संस्थाएं यहां स्थिति हैं।
राबर्ट वाड्रा पर राजस्थान व हरियाणा में जमीन खरीद के लिए नियमों को ताक पर रखकर लाइसेंस लेने का आरोप है। अधिवक्ता एमएल शर्मा ने याचिका में आरोप लगाया है कि वाड्रा सहित कई डेवलपर्स को हरियाणा में लगभग 21,366 एकड़ कृषि भूमि के लिए लाइसेंस जारी किए गए। इसके बाद नियमों को ताक पर रख कृषि भूमि पर कालोनियां बना दी गई। इससे सरकार को 3.9 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। लिहाजा इस मामले की सीबीआइ से जांच कराई जाए।
Source: News in Hindi and Newspaper
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