गोरखपुर के सांसद महंत आदित्यनाथ पर बिहार भाजपा की अंदरूनी सियासत गरमा गई। इस मुद्दे पर सुशील मोदी और सांसद गिरिराज सिंह आमने सामने हो गए हैं। जहां सुशील कुमार मोदी ने आदित्यनाथ पर सीधे हमला बोलते हुए कहा है कि वह पार्टी का चेहरा नहीं हैं। अगर बिहार में उन्होंने वैसी बातें कही होती, जैसी उत्तरप्रदेश में कही तो मैं उनका विरोध करता। बिहार में कोई आदित्यनाथ नहीं है। वहीं, भाजपा सांसद गिरिराज सिंह ने सुशील मोदी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 'जो भी आदित्यनाथ का विरोध करेगा, मैं उसका विरोध करूंगा।'
सुशील मोदी ने अपने बयान में कहा था कि बिहार इकाई ने आदित्यनाथ जैसे किसी कट्टर नेता को शामिल नहीं किया है। उन्होंने कहा कि भले ही मुसलमान भाजपा को वोट न करें, लेकिन कोई यह नहीं कह सकता है कि बिहार में भाजपा मुस्लिम विरोधी है। बिहार में मुसलमान भाजपा से नफरत नहीं करते हैं। हम ऐसा कोई मुद्दा नहीं उठाएंगे जिसे लोग सांप्रदायिक करार दें।
मोदी के इसी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि वे योगी आदित्यनाथ का विरोध करने वाले का हमेशा विरोध करेंगे। उन्होंने कहा कि 'अगर आदित्यनाथ की बातों को ले किसी को कोई संदेह है, तो मैं उससे गांधी मैदान में खुली बहस करने को तैयार हूं। दरअसल, आदित्यनाथ पूरी तरह सही हैं। लव जेहाद बड़ा मुद्दा है।'
भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डा. सीपी ठाकुर का कहना था कि सुशील मोदी की बातें उनकी व्यक्तिगत राय हो सकती है। किसी को यूं ही कुछ नहीं बोल देना चाहिए। सोच-समझकर व अध्ययन करके बोलना चाहिए।
सुशील मोदी ने अपने बयान में कहा था कि बिहार इकाई ने आदित्यनाथ जैसे किसी कट्टर नेता को शामिल नहीं किया है। उन्होंने कहा कि भले ही मुसलमान भाजपा को वोट न करें, लेकिन कोई यह नहीं कह सकता है कि बिहार में भाजपा मुस्लिम विरोधी है। बिहार में मुसलमान भाजपा से नफरत नहीं करते हैं। हम ऐसा कोई मुद्दा नहीं उठाएंगे जिसे लोग सांप्रदायिक करार दें।
मोदी के इसी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि वे योगी आदित्यनाथ का विरोध करने वाले का हमेशा विरोध करेंगे। उन्होंने कहा कि 'अगर आदित्यनाथ की बातों को ले किसी को कोई संदेह है, तो मैं उससे गांधी मैदान में खुली बहस करने को तैयार हूं। दरअसल, आदित्यनाथ पूरी तरह सही हैं। लव जेहाद बड़ा मुद्दा है।'
भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डा. सीपी ठाकुर का कहना था कि सुशील मोदी की बातें उनकी व्यक्तिगत राय हो सकती है। किसी को यूं ही कुछ नहीं बोल देना चाहिए। सोच-समझकर व अध्ययन करके बोलना चाहिए।
Source: News in Hindi and Newspaper
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