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Tuesday, 7 January 2014

Ajrun Modhwadia will attack on modi through sadachar yatra

जागरण संवाददाता, अहमदाबाद। भाजपा के पीएम पद प्रत्याशी नरेंद्र मोदी को गुजरात में घेरने की मंशा के साथ कांग्रेस ने मंगलवार से सूबे में सदाचार यात्रा की शुरूआत की। प्रदेश अध्यक्ष अजरुन मोढवाडिया ने पोरबंदर से यात्रा की शुरुआत करते हुए मोदी पर हमला बोला और कहा, गुजरात में कानून व्यवस्था चौपट चुकी है। हत्या,डकैती, दुष्कर्म, लूट, चोरी का ग्राफ बढ़ा है। भ्रष्टाचार मिटाने का दावा करने वाले मोदी की जनसभाओं व रैलियों में कालाधन लग रहा है। सरकारी धन लूटने वाले उद्यमियों के चार्टर विमानों से मोदी देश भर में घूमकर प्रचार कर रहे हैं, लेकिन भाजपा आलाकमान चुप साधे है। अजरुन मोढवाडिया ने यात्र शुभारंभ के अवसर पर कहा, गुजराती मूल की युवती की जासूसी तथा 95 हजार लोगों के फोन टैपिंग के खुलासे के बाद सरकार बेनकाब हो गई है। खुद के बचाव के लिए मोदी ने आयोग बना दिया ताकि जांच न हो सके। बनासकांठा में यात्रा की शुरुआत पर पूर्व अध्यक्ष सिद्धार्थ पटेल ने कहा, सूबे में एक ही व्यक्ति सुरक्षित है और वह हैं मुख्यमंत्री मोदी। 

ज्ञात हो, राज्य के विभिन्न जिलों में 23 जनवरी तक इस यात्रा का आयोजन होगा। दक्षिण गुजरात में यात्रा की कमान केंद्रीय मंत्री तुषार चौधरी संभालेंगे। चरोतर में केंद्रीय मंत्री दिनशा पटेल व भरत सिंह सोलंकी, पाटण व गांधीनगर में नेता विपक्ष शंकर सिंह वाघेला, सौराष्ट्र में पूर्व नेता विपक्ष शक्तिसिंह गोहिल इसकी अगुआई करेंगे।

Narendra Modi also first choice of NRI

नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। भारत के चुनावी माहौल की गर्मी का असर अप्रवासी और भारतवंशी बिरादरी में भी खासा दिखाई पड़ रहा है। राजधानी में शुरू हुए प्रवासी भारतीय दिवस कार्यक्रम में अगले कुछ माह में होने वाले लोकसभा चुनाव और पीएम पद प्रत्याशी बहस का अहम मुद्दा है। विदेशी स्वजनों के बीच नरेंद्र मोदी पहली पसंद के रूप में सामने आए हैं। भारतीय राजनीति की पिच पर धमाकेदार एंट्री करने वाली आम आदमी पार्टी को लेकर भी उत्सुकता नजर आती है। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी चर्चा में हैं। लोगों का कहना है कि राहुल के पास अच्छे विचार हैं, लेकिन वह कम बोलते हैं और खुद को सीमित रखते हैं।
न्यूयॉर्क के लूबिन स्कूल ऑफ बिजनेस में फाइनेंस एंड इकोनॉमिक्स के प्रोफेसर डॉ. सुरेंद्र कौशिक कहते हैं कि नरेंद्र मोदी सफल सरकार और आर्थिक विकास का कामयाब उदाहरण गुजरात में पेश कर चुके हैं। ऐसे में फिलहाल पीएम पद प्रत्याशी के तौर पर मोदी आकर्षक विकल्प नजर आते हैं। हालांकि ईमानदार राजनीति के नारे के साथ आई आप को मिली कामयाबी एक सकारात्मक नजरिए का प्रतीक है। अगर यह पार्टी बेहतर सरकार का नमूना साबित कर पाती है तो भारतीय राजनीति के लिए अच्छा विकल्प साबित हो सकती है।

अमेरिका के ओहायो की सिनेट सीट से डेमोक्रेटिक पार्टी प्रत्याशी की दौड़ में शामिल निशांत पटेल के मुताबिक, अप्रवासियों और भारतवंशियों के नजरिए से नरेंद्र मोदी की पीएम पद की दावेदारी बेहतर नजर आती है, जिन्होंने विकास और अपने शासन फार्मूले के प्रत्यक्ष प्रमाण पेश किए हैं।

बिहार के सिवान से पंद्रह बरस पहले लंदन में जा बसे उदेश्वर सिंह मोदी से इतने प्रभावित हैं कि वो भारत में चुनाव लड़ने को भी लालायित हैं।

निशांत पटेल कहते हैं कि राहुल संवाद से कतराते हैं जबकि मोदी न सिर्फ सीधे संवाद करते है, बल्कि जनभावना के मुताबिक बातें करते हैं। लिहाजा उनके बारे में जानकारी भी ज्यादा है।

डॉ. कौशिक भी कहते हैं कि राहुल के पास अच्छे विचार हैं लेकिन उनकी सरकार के बीते दस वर्षो के कामकाज का रिकार्ड का नतीजा है कि जनता उनसे दूर हो रही है। बीते दिनों हुए राच्यों के राजस्थान, मध्यप्रदेश, दिल्ली आदि राच्यों के चुनावों में इसका नमूना भी मिला है।

Thursday, 2 January 2014

Gujarat snooping case: Justice Altamas Kabir will headed inquirey commission for probe

नई दिल्ली। गुजरात में लड़की की जासूसी मामले की जांच के लिए प्रस्तावित न्यायिक आयोग के अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश अल्तमस कबीर हो सकते हैं। गृह मंत्रलय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जस्टिस कबीर ने इसके लिए सहमति दे दी है और इस संबंध में जल्द ही अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। 

आयोग को गुजरात में लड़की की जासूसी के साथ-साथ दिल्ली में अरुण जेटली के फोन कॉल रिकार्ड निकालने और हिमाचल में प्रेम सिंह धूमल सरकार के दौरान विपक्षी नेताओं की फोन टैपिंग की जांच भी करनी होगी। भाजपा पहले ही न्यायिक आयोग को अदालत में चुनौती में देने का एलान कर चुकी है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि न्यायिक आयोग अपना काम शुरू कर पाता है या नहीं। गृह मंत्रलय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि न्यायिक आयोग के अध्यक्ष के लिए एक हफ्ते से जारी तलाश पूरी हो गई है।

जस्टिस अल्तमस कबीर ने आयोग की अध्यक्षता करने के लिए राजी हो गए हैं। कानून मंत्रलय की हरी झंडी मिलने के बाद शुक्रवार को गृह मंत्रलय अधिसूचना जारी कर सकता है। न्यायिक आयोग को अपने गठन के तीन माह के भीतर गुजरात में लड़की की जासूसी समेत दिल्ली और हिमाचल में फोन कॉल रिकार्ड निकलाने व फोन टैपिंग की जांच कर अपनी रिपोर्ट देनी होगी। 

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