Showing posts with label Spirituality News 2014. Show all posts
Showing posts with label Spirituality News 2014. Show all posts

Monday, 10 March 2014

All fought street surrounded belle, beauty Chhay's pants

वसंत का अहसास कराता मौसम। रविवार को सूरज चढ़ा तो बरसाने की चमक ही निराली थी। बरसाना की होली में गुलाल बरसने लगा। आसमां ने गुलाबी आभा ले ली। होरी के रसियाओं का रस बरसना शुरू हुआ तो, तो छठा बदलने लगी। फाग खेलन बरसाने आयो है, नटवर नंद किशोर.घेर लई सब गली रंगीली, छाय रही है छटा छबीली की टेर के बीच छबीली गली में हुरियारिनों की प्रेम पगी लाठियां नंदगांव के हुरियारों पर बरसने लगीं।

इसमें सुबह नंदगांव के हुरियारों के, तो शाम बरसाना की हुरियारिनों के नाम रही। ब्रज की इस लठामार होली के साक्षी बने देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालु इस होरी को देखकर भाव-विभोर हो गए। रविवार सुबह जयपुरी फेंटा और हाथों में ढाल, पिचकारी लेकर हुरियारों के टोल नंदबाबा मंदिर पहुंचे। वहां से टोलियां बरसाने निकल पड़ीं। बुजुर्ग हुरियारे भी फाग की मस्ती में मस्त थे। मस्ती में पता ही नहीं चला कि नंदगांव से बरसाना की आठ किमी दूरी कब खत्म हो गई। शाम को श्री राधा के धाम में सूर्य देव छिपने की तैयारी में थे। लेकिन रंग-बिरंगे वेश में सजे नंदगांव के ग्वालों (हुरियारों) के चेहरे पर मुस्कान तैर रही थी। एक ओर ये हुरियारे, दूसरी तरफ लहंगा-ओढ़नी से सजी श्री राधारानी की सखी गोपियां। ग्वालों के हाथ में ढाल, तो हुरियारिनों (गोपियों) के हाथों में लंबी सजीली लाठियां। हुरियारों को छेड़ते देख लंबी घूंघट काढ़े गोपियां कभी सकुचातीं, कभी मुस्कातीं, कभी नैनन के बाण चलातीं। गोपियां लाठी की तरफ इशारा करतीं, तो हुरियारे ढाल दिखाते। एक हुरियारे ने शरारती अंदाज में हुरियारिनों को होली खेलने का इशारा किया। तुरंत आवाज आई ़आ लाला तो कूं खिलाऊं मैं होली।़

इसके साथ ही गोपियों ने ग्वालों पर प्रेम से सराबोर लाठियों की बरसात शुरू कर दी। इससे कान्हा के सखा घुटनों के बल बैठने को विवश हो गए। सिर पर ढाल रखे हुरियारों पर लाठियां पड़ रही थीं। होली की खुमारी में मस्त हुरियारे बड़े आनंद से लाठियां खा रहे थे। कुछ बचने की कोशिश करते, तो हुरियारिनें उन्हें घेर लेतीं। कुछ हुरियारे ़.मत मारे दृगन की चोट, रसिया होरी में, मेरे लग जाएगी।़ गाकर मनुहार भी करते। बरसाना के हुरियारे सोमवार को नंदगांव में बदले की होली खेलने जाएंगे।

Friday, 7 March 2014

Seven-day international is Shivaratri Festival

अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि मेले में शिवरात्रि महोत्सव की तीसरी व आखिरी शाही जलेब देव छांजणू व छमाहूं के नेतृत्व में वीरवार को निकली। आखिरी जलेब के साथ ही शिवरात्रि महोत्सव भी संपन्न हो गया।

शाही जलेब में बतौर मुख्य अतिथि राज्यपाल उर्मिला सिंह ने भाग लिया। शाही जलेब निकलने से पहले राज्यपाल उर्मिला सिंह ने अराध्य देव राज माधवराय के मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद बाबा भूतनाथ मंदिर जाकर पूजा की। दोनों जगह पूजा करने के बाद उन्होंने शाही जलेब में भाग लिया। शाही जलेब अराध्य देव राज माधव राय के मंदिर से निकली जो चौहाटा होकर समखेतर बाजार से घूमती हुई दोबारा चौहाटा पहुंची। जहां से राज्यपाल उर्मिला सिंह ने जलेब में शिरकत की। जलेब में अराध्य देव राज माधो राय की पालकी संग अन्य देवी-देवता पड्डल पहुंचे।

राज माधव राय ने देवी-देवताओं के साथ की मिलनी-

शिवरात्रि महोत्सव के आगाज पर सभी देवी-देवताओं ने अराध्य देव राज माधव राय के दरबार में जाकर हाजिरी भरी थी। मगर शिवरात्रि महोत्सव के समापन पर राज माधव राय ने चौहाटा जातर के दौरान देवी-देवताओं से मिलनी की और उन्हें विदाई दी। इसके लिए राज माधव राय अपनी पालकी पर विराजमान होकर चौहटा पहुंचे और देवी-देवताओं को विदाई दी।

चौहाटा जातर के दौरान सभी देवी-देवता मंडी शहर के मुख्य बाजार चौहाटा पर विराजमान होते हैं और यहीं पर राज माधव राय पहुंचे और उन्होंने देवी-देवताओं के बीच जाकर उन्हें विदा किया।

देव कमरूनाग ने पुलिस पहरे में दिए दर्शन-चौहाटा जातर के समय चानणी परिसर में विराजमान देव कमरूनाग के दर्शन पुलिस पहरे में हुए। देव कमरूनाग के दर्शनों के लिए भीड़ उमड़ी रही। शिवरात्रि महोत्सव के दौरान देव कमरूनाग टारना मंदिर में ही विराजमान रहते हैं। मगर चौहाटा जातर के दौरान देव कमरूनाग शहर में पहुंचते हैं। मगर यहां भी देवता अन्य देवी-देवताओं के साथ नहीं बैठता है। देव कमरूनाग सेरी चानणी परिसर में ही विराजमान होते हैं। जहां वीरवार को देवता दर्शनों के लिए कुछ समय बैठे।..