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Monday, 30 December 2013

Indian Mujahideen wanted to nuke Surat, Yasin Bhatkal tells cops





नई दिल्ली। यासीन भटकल की गिरफ्तारी से सूरत पर परमाणु बम हमले की इंडियन मुजाहिदीन की साजिश विफल हो गई थी। इस साजिश को अंजाम देने के लिए पाकिस्तान स्थित यासीन के आका परमाणु बम उपलब्ध करवाने वाले थे।

एक अंग्रेजी समाचार पत्र में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार इसी साल 27 अगस्त को नेपाल के पोखरा में इंडियन मुजाहिदीन के भारतीय प्रमुख अहमद जरार सिद्दीबप्पा उर्फ यासीन भटकल की गिरफ्तारी के बाद एनआइए, इंटेलिजेंस ब्यूरो और कई राज्यों की पुलिस ने उससे गहन पूछताछ की थी। इसी पूछताछ के दौरान भटकल ने इस साजिश का खुलासा किया है।

'पाक स्थित आका से मिलना था परमाणु बम'
परमाणु हथियारों के आतंकियों के हाथ पड़ने की विश्व भर की सुरक्षा एजेंसियों की चिंताओं के बीच पाकिस्तान स्थित आतंकियों का इस तक पहुंच रखना बेहद खतरनाक हो सकता है। भटकल के अनुसार उसने पाक स्थित अपने आका 'रियाज भटकल' को फोन कर उससे एक छोटे परमाणु बम की मांग की थी। जिस पर रियाज ने कहा था कि पाक में किसी भी चीज की व्यवस्था की जा सकती है। रियाज ने ही यासीन को बताया था कि परमाणु बमों से हमले किए जा सकते हैं। यासीन ने रियाज से सूरत पर हमले के लिए एक छोटे परमाणु बम की व्यवस्था करने को कहा था।

मुस्लिमों को चुपचाप शहर छोड़ देने को कहते
परमाणु हमले में मुस्लिमों के भी मारे जाने पर चिंता जताने पर यासीन ने रियाज को इस पर निश्चित रहने के लिए कहा था। यासीन ने रियाज को बताया था कि हम सूरत की सभी मस्जिदों पर पोस्टर चिपका देंगे, जिसमें मुस्लिम परिवारों को चुपचाप शहर छोड़कर जाने का संदेश लिखा होगा। परंतु आईबी द्वारा अगस्त में यासीन की गिरफ्तारी से यह साजिश विफल हो गई।

भटकल के निशाने पर रहा है सूरत
सूरत हमेशा से ही बम बनाने में माहिर यासीन भटकल के टारगेट में रहा है। वर्ष 2008 में दिल्ली, जयपुर और अहमदाबाद में हुए श्रृंखलाबद्ध बम धमाकों में भी यासीन का हाथ रहा है। इस दौरान यासीन ने आतिफ अमीन के साथ मिलकर 27 बम बनाए थे। यासीन की गिरफ्तारी से इंडियन मुजाहिदीन को तगड़ा झटका लगा है और इसकी बम बनाने की क्षमता प्रभावित हुई है।

पाक में दी जाती है आतंकियों को उच्चस्तरीय ट्रेनिंग
पूछताछ के दौरान यासीन ने जानकारी दी है कि पाकिस्तान में इंडियन मुजाहिदीन के सदस्यों और दूसरे आतंकियों को उच्चस्तरीय ट्रेनिंग दी जाती है। 50 दिवसीय सैन्य स्तर की इस ट्रेनिंग से इसमें पाक के शामिल होने को भी पता चलता है।

इसदौरान नियमित पीटी, अत्याधुनिक हथियारों, विस्फोटकों और आइइडी के संबंध में ट्रेनिंग दी जाती है। पिस्तौल और एके-47 जैसे हथियारों के अलावा भारतीय हथियारों [एलएमजी, एसएलआर और स्निफर राइफल] को चलाने का भी प्रशिक्षण दिया जाता है।

ट्रेनिंग के दौरान जिन विस्फोटकों के बारे में जानकारी दी जाती है उनमें पीई3ए [काले रंग का विस्फोटक], सी4, सी3, टीएनटी भी शामिल है। इसदौरान अमोनियम नाइट्रेट, हाइड्रोडन परऑक्साइड और जिलेटिन की छड़ों से आइडी बनाना भी सिखाया जाता है। 

रियाज ने यासीन को दिए थे 17 लाख रुपये
देश में आतंकी साजिशों को रचने और उनको अमलीजामा पहनाने के लिए यासीन हमेशा ही अपने पाक आका रियाज के संपर्क में रहता था। वर्ष 2013 में रियाज ने भारत में आतंकी गतिविधियों के लिए यासीन को 17 लाख रुपये भेजे थे। इनमें से 25 हजार रुपये व्यक्तिगत तौर पर यासीन के मासिक खर्च के शामिल थे।

Monday, 2 December 2013

Narayan sai wants to grab property of Asaram

Narayan sai
अहमदाबाद। सूरत की महिला से रेप मामले में आरोपी नारायण साई को लेकर नया खुलासा हुआ है और यह खुलासा किया है कि उस महिला ने जिसने साई के खिलाफ रेप का केस दर्ज कराया है। महिला ने आरोप लगाया है कि नारायण साई और आसाराम के बीच संबंध अच्छे नहीं थे। दोनों बाप-बेटे के बीच लड़कियों को लेकर अक्सर झगड़ा होता था। एक बार तो नौबत यहां तक आ गई थी कि नारायण साई ने आसाराम पर पिस्तौल लक तक तान दी थी।
पीड़िता ने खुलासा किया है कि नारायण साई की आसाराम की संपत्ति पर नजर थी। वह इस हद तक गिर चुका था कि इसके लिए वह अपने पिता की सेक्स सीडी तैयार करना चाहता था, ताकि वह आसाराम का भयादोहन कर सारी संपत्ति पर कब्जा कर सके।
एक समाचार चैनल को दिए साक्षात्कार में पीड़िता ने बताया कि उसने नारायण साई को यह कहते सुना था कि वह अपने पिता की सीडी बनाना चाहता है। इसके लिए उसने आसाराम की कुटिया में एक लड़की को भेजने की योजना भी बनाई थी। रेप पीड़िता ने यह भी खुलासा किया है कि नारायण साई नहाते वक्त लड़कियों के साथ नाचता था।
इसके साथ ही उसने कहा कि नारायण साई अपनी पत्नी को पसंद नहीं करता था और किसी से उसे बात नहीं करने देता था। पीड़िता ने कहा कि उसकी एक अवैध बेटी भी है जो अहमदाबाद में रहती है।

Wednesday, 20 November 2013

Police Raid Ahmedabad Ashram to search Narayan Sai

narayan sai

अहमदाबाद। सूरत की बहनों के साथ रेप के आरोपी आसाराम के फरार पुत्र नारायण साई की तलाश में गुरुवार तड़के करीब 100 से ज्यादा पुलिसवाले अहमदाबाद आश्रम पहुंचे। हालांकि वहां पर नारायण साई नहीं मिला। इसी मामले में आसाराम जेल की सलाखों के पीछे हैं।
नारायण साईं को पकड़वाने में मदद करने वाले को पांच लाख रुपये देने की घोषणा भी की जा चुकी है। पुलिस को शक है कि वह वेश बदलकर कहीं रुका हुआ है। हालांकि कई जगहों पर हुई छापेमारी के बावजूद उसका अभी तक कोई सुराग नहीं मिल सका है। गौरतलब है कि जिला अदालत ने इस मामले में नारायण साई को फरार घोषित किया हुआ है।

Monday, 18 November 2013

Congress Government Allotted Land to Asaram

Asaram Bapu jammu ashram land
जम्मू, [दिनेश महाजन]। कथावाचक आसाराम को आश्रम बनाने के लिए जम्मू के भगवती नगर में दो सौ तिरासी कनाल भूमि आवंटित करने की सिफारिश कांग्रेस की ओर से राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व केंद्रीय मंत्री मोतीलाल वोरा ने की थी। इसका खुलासा सूचना के अधिकार के तहत हुआ है। दोनों नेताओं ने जम्मू-कश्मीर के तत्कालीन मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद को इस बाबत पत्र लिखा था।

आरटीआइ कार्यकर्ता बलविंदर सिंह को मिली सूचना के मुताबिक जम्मू विकास प्राधिकरण ने मात्र पचास हजार रुपये प्रति कनाल के हिसाब से आसाराम को आश्रम के लिए जमीन आवंटित की, जबकि जमीन का असली मूल्य कई गुना है। इतना ही नहीं आश्रम के पास ही वर्ष 2007 में गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले लोगों को सस्ती दरों पर प्लॉट देने की जेडीए की योजना अब तक सिरे नहीं चढ़ सकी।

आसाराम को आवंटित भूमि के दस्तावेजों से पता चलता है कि कांग्रेस के तत्कालीन महासचिव और राजस्थान के मौजूदा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दो दिसंबर 2005 को तत्कालीन मुख्यमंत्री आजाद से सस्ती दरों पर भूमि आवंटित करने की सिफारिश की थी। इसी तरह वोरा ने भी 30 नवंबर 2005 को पत्र लिखकर आसाराम के ट्रस्ट को भूमि आवंटित करने का आग्रह किया था।

Friday, 15 November 2013

Asaram Bapu Ashram Murder Case: Former Caretaker Blame to News Channel

Asaram Bapu ashram murder case
जम्मू, जागरण संवाददाता। कथावाचक आसाराम के भगवती नगर स्थित आश्रम में तीन बच्चों के कंकाल दफन होने का खुलासा करने वाले विनोद गुप्ता उर्फ भोलानंद ने पुलिस की पूछताछ में यू-टर्न लेते हुए कहा कि उसे कंकाल दफन होने की कोई जानकारी नहीं है। भोलानंद ने आरोप लगाया कि एक राष्ट्रीय न्यूज चैनल के संपादक तथा रिपोर्टर ने उसे उकसाकर टीवी कार्यक्रम के दौरान बच्चे दफन होने का बयान देने के लिए कहा था।

पुलिस का कहना है कि भोलानंद लगातार बयान बदलकर पुलिस को गुमराह करने का काम कर रहा है। भोलानंद की रिमांड शनिवार को समाप्त हो रही है, जिसके बाद पुलिस उसे फिर से कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी में है।
सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान पुलिस ने भोलानंद को आश्रम के उस हिस्से में चलने को कहा, जहां कंकाल दफन होने की बात उसने कही थी। जबाब में भोलानंद ने कंकाल दफन होने की बात को कोरी अफवाह बताकर आश्रम में जाने से इन्कार कर दिया। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भोलानंद ने पूछताछ में कहा कि उसे एक न्यूज चैनल के संपादक व रिपोर्टर ने मशहूर होने का झांसा देकर एक डायरी लिखकर दी थी, जिसमें उन्होंने आश्रम में बच्चों के कंकाल दफन होने की बात टीवी कार्यक्रम के दौरान कहने को कहा था। भोलानंद का कहना है कि तैश में आकर उसने कंकाल दफन होने की बात बोल दी। उन्होंने कहा कि भोलानंद कई बार बयान बदल चुका है। इसलिए उसपर जल्दी यकीन नहीं किया जा सकता। भोलानंद न्यूज चैनल के संपादक के विरुद्ध भी कोई सुबूत पेश नहीं कर पाया है। इस बीच, एसएसपी जम्मू अतुल गोयल का कहना है भोलानंद से पूछताछ जारी है, लेकिन उसने कोई अहम खुलासा नहीं किया है।
गौरतलब है कि मामला सामने आने के बाद अदालत में दायर की गई एक याचिका पर कोर्ट ने पुलिस को जांच कर मामले की सच्चाई का पता लगाने के निर्देश दिए थे।

Source- Hindi News

Thursday, 14 November 2013

Ashram Caretaker Held for Trying to Implicate Asaram in Murder

former caretaker of Asaram Bapu ashram
जम्मू, जागरण संवाददाता। कथावाचक आसाराम के जम्मू स्थित आश्रम में बच्चों के दफन होने का दावा कर सनसनी फैलाने वाले उनके पूर्व सहयोगी विनोद गुप्ता उर्फ भोलानंद ने बृहस्पतिवार को पुलिस के समक्ष समर्पण कर दिया। हालांकि पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी का दावा किया है। भोलानंद को तीन दिनों की रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है।

गौरतलब है कि भगवती नगर में रहने वाले एक युवक विक्रांत शर्मा उर्फ विक्की ने कोर्ट और एसएसपी के समक्ष कुछ सीडी पेश की थी। इसमें उसकी और भोलानंद की कथित बातचीत है। फोन रिकार्डिग में भोलानंद कब्र में से बच्चों के कंकाल निकाल कर विक्की को आश्रम में दफन करने के लिए उकसा रहा था। ऐसा करने की एवज में उसे भोलानंद ने मोटी रकम देने की पेशकश दी थी। विक्की की शिकायत पर भोलानंद के खिलाफ नवाबाद थाने में 17 अक्टूबर को मामला दर्ज किया था।

सूत्रों के अनुसार, भोलांनद ने वीरवार सुबह एसएसपी जम्मू से संपर्क साधकर आत्मसमर्पण करने की पेशकश की। उसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। वहीं भोलानंद ने पत्रकारों से बताया कि खुद पर लगे आरोपों पर सफाई के लिए उसने समर्पण किया है। उसने पहले जो कुछ भी कहा था वह सब सच है। भोलानंद का इशारा आश्रम के बच्चों के दफन होने के दावे की ओर था।

पुलिसकर्मियों ने भोलानंद को नायब तहसीलदार जम्मू के समक्ष पेश किया, जिन्होंने भोलानंद को तीन दिन की रिमांड पर पूछताछ के लिए पुलिस को सौंप दिया। हालांकि, पुलिस ने भोलानंद को सात दिनों की रिमांड पर सौंपने को मांग की थी। रिमांड पर ले जाने से पूर्व पुलिस भोलानंद को सरवाल अस्पताल में मेडिकल करवाने के लिए ले गई। वहीं, पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भोलानंद का कहना है कि टीवी चैनल में कार्यक्रम के दौरान तैश में आकर बच्चों के दफन होने की बात कह दी थी।

Source- News in Hindi

Monday, 11 November 2013

Court Declares Asaram's Son Narayan Sai Proclaimed Absconder

Court declares
सूरत (गुजरात)। पुलिस के साथ लगातार लुकाछिपी का खेल खेल रहे आसाराम के बेटे नारायण साई को अदालत ने सोमवार को भगोड़ा घोषित कर दिया। अगर वह तीस दिन के अंदर हाजिर नहीं होता तो उसकी संपत्ति जब्त कर ली जाएगी। सूरत पुलिस ने सुबह ही कोर्ट में इसके लिए अर्जी दी थी।
दरअसल, सूरत पुलिस पिछले एक महीने से नारायण की तलाश में जुटी है, लेकिन वह हाथ नहीं आया। इसके बाद पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के तहत उसे भगोड़ा घोषित करने के लिए कोर्ट में अर्जी दी। याचिका पर गौर करने के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एएस गाधवी ने सीआरपीसी की धारा 82 के तहत नारायण को भगोड़ा घोषित कर दिया। 

कोर्ट ने 30 दिन के भीतर साई को जांच अधिकारी या कोर्ट के समक्ष पेश होने को कहा है। यदि वह पेश नहीं होता है तो सीआरपीसी की धारा 83 के तहत उसकी निजी संपत्ति जब्त की जाएगी।

गौरतलब है कि कोर्ट ने 28 अक्टूबर को नारायण के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी किया था, लेकिन अब तक उसका पता नहीं चला है। हाल ही में खबर आई थी कि वह अपना हुलिया बदलकर कहीं छुपा हुआ है। 

Source- News in Hindi

Thursday, 7 November 2013

Narayan Sai special Assistant Ganga Arrested in Udaipur

Narayan Sai

नई दिल्ली। दुष्कर्म मामले के आरोपी नारायण साईं की खास सहयोगी गंगा उर्फ शर्मिष्ठा को राजस्थान के उदयपुर में सूरत पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गुजरात पुलिस गंगा को लेने उदयपुर पहुंच गई है। पुलिस को उम्मीद है कि गंगा की गिरफ्तारी के बाद कई और राज के खुलासे होंगे। गंगा पर पीड़िता को धमकाने का आरोप है।
गौरतलब है कि सूरत कोर्ट ने नारायण साई के साथ-साथ उसके तीन साथी हनुमान, गंगा और यमुना के खिलाफ भी वारंट जारी किया है। गौरतलब है कि नारायण साई ने कोर्ट में पहले से ही अग्रिम जमानती याचिका दाखिल की थी। जिसका विरोध करते हुए सरकारी वकील ने साईं की ओर से दाखिल हलफनामे में किए दस्तखत पर सवाल उठाते हुए याचिका रद करने की मांग की थी। जिसे कोर्ट ने मंजूरी देते हुए मंगलवार को साई के खिलाफ कोर्ट ने गैरजमानती वारंट जारी किया।

अभी तक पुलिस की आंखों में धूल झोंकने में कामयाब रहे नारायण साई को पकड़ने के लिए पुलिस ने दिल्ली, गाजियाबाद, आगरा समेत कई जगहों पर छापेमारी भी की है, लेकिन वह अबतक हाथ नहीं लगा है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस से भाग रहे नारायण साईं अलग-अलग सिम कार्डो से अपने साधकों व परिजनों के संपर्क में हैं। गिरफ्तारी से बचने के लिए साई ने अपना हुलिया भी बदल लिया है।

Source- News in Hindi