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Monday, 2 December 2013

Narayan sai wants to grab property of Asaram

Narayan sai
अहमदाबाद। सूरत की महिला से रेप मामले में आरोपी नारायण साई को लेकर नया खुलासा हुआ है और यह खुलासा किया है कि उस महिला ने जिसने साई के खिलाफ रेप का केस दर्ज कराया है। महिला ने आरोप लगाया है कि नारायण साई और आसाराम के बीच संबंध अच्छे नहीं थे। दोनों बाप-बेटे के बीच लड़कियों को लेकर अक्सर झगड़ा होता था। एक बार तो नौबत यहां तक आ गई थी कि नारायण साई ने आसाराम पर पिस्तौल लक तक तान दी थी।
पीड़िता ने खुलासा किया है कि नारायण साई की आसाराम की संपत्ति पर नजर थी। वह इस हद तक गिर चुका था कि इसके लिए वह अपने पिता की सेक्स सीडी तैयार करना चाहता था, ताकि वह आसाराम का भयादोहन कर सारी संपत्ति पर कब्जा कर सके।
एक समाचार चैनल को दिए साक्षात्कार में पीड़िता ने बताया कि उसने नारायण साई को यह कहते सुना था कि वह अपने पिता की सीडी बनाना चाहता है। इसके लिए उसने आसाराम की कुटिया में एक लड़की को भेजने की योजना भी बनाई थी। रेप पीड़िता ने यह भी खुलासा किया है कि नारायण साई नहाते वक्त लड़कियों के साथ नाचता था।
इसके साथ ही उसने कहा कि नारायण साई अपनी पत्नी को पसंद नहीं करता था और किसी से उसे बात नहीं करने देता था। पीड़िता ने कहा कि उसकी एक अवैध बेटी भी है जो अहमदाबाद में रहती है।

Wednesday, 20 November 2013

Police Raid Ahmedabad Ashram to search Narayan Sai

narayan sai

अहमदाबाद। सूरत की बहनों के साथ रेप के आरोपी आसाराम के फरार पुत्र नारायण साई की तलाश में गुरुवार तड़के करीब 100 से ज्यादा पुलिसवाले अहमदाबाद आश्रम पहुंचे। हालांकि वहां पर नारायण साई नहीं मिला। इसी मामले में आसाराम जेल की सलाखों के पीछे हैं।
नारायण साईं को पकड़वाने में मदद करने वाले को पांच लाख रुपये देने की घोषणा भी की जा चुकी है। पुलिस को शक है कि वह वेश बदलकर कहीं रुका हुआ है। हालांकि कई जगहों पर हुई छापेमारी के बावजूद उसका अभी तक कोई सुराग नहीं मिल सका है। गौरतलब है कि जिला अदालत ने इस मामले में नारायण साई को फरार घोषित किया हुआ है।

Monday, 18 November 2013

Congress Government Allotted Land to Asaram

Asaram Bapu jammu ashram land
जम्मू, [दिनेश महाजन]। कथावाचक आसाराम को आश्रम बनाने के लिए जम्मू के भगवती नगर में दो सौ तिरासी कनाल भूमि आवंटित करने की सिफारिश कांग्रेस की ओर से राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व केंद्रीय मंत्री मोतीलाल वोरा ने की थी। इसका खुलासा सूचना के अधिकार के तहत हुआ है। दोनों नेताओं ने जम्मू-कश्मीर के तत्कालीन मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद को इस बाबत पत्र लिखा था।

आरटीआइ कार्यकर्ता बलविंदर सिंह को मिली सूचना के मुताबिक जम्मू विकास प्राधिकरण ने मात्र पचास हजार रुपये प्रति कनाल के हिसाब से आसाराम को आश्रम के लिए जमीन आवंटित की, जबकि जमीन का असली मूल्य कई गुना है। इतना ही नहीं आश्रम के पास ही वर्ष 2007 में गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले लोगों को सस्ती दरों पर प्लॉट देने की जेडीए की योजना अब तक सिरे नहीं चढ़ सकी।

आसाराम को आवंटित भूमि के दस्तावेजों से पता चलता है कि कांग्रेस के तत्कालीन महासचिव और राजस्थान के मौजूदा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दो दिसंबर 2005 को तत्कालीन मुख्यमंत्री आजाद से सस्ती दरों पर भूमि आवंटित करने की सिफारिश की थी। इसी तरह वोरा ने भी 30 नवंबर 2005 को पत्र लिखकर आसाराम के ट्रस्ट को भूमि आवंटित करने का आग्रह किया था।

Friday, 15 November 2013

Asaram Bapu Ashram Murder Case: Former Caretaker Blame to News Channel

Asaram Bapu ashram murder case
जम्मू, जागरण संवाददाता। कथावाचक आसाराम के भगवती नगर स्थित आश्रम में तीन बच्चों के कंकाल दफन होने का खुलासा करने वाले विनोद गुप्ता उर्फ भोलानंद ने पुलिस की पूछताछ में यू-टर्न लेते हुए कहा कि उसे कंकाल दफन होने की कोई जानकारी नहीं है। भोलानंद ने आरोप लगाया कि एक राष्ट्रीय न्यूज चैनल के संपादक तथा रिपोर्टर ने उसे उकसाकर टीवी कार्यक्रम के दौरान बच्चे दफन होने का बयान देने के लिए कहा था।

पुलिस का कहना है कि भोलानंद लगातार बयान बदलकर पुलिस को गुमराह करने का काम कर रहा है। भोलानंद की रिमांड शनिवार को समाप्त हो रही है, जिसके बाद पुलिस उसे फिर से कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी में है।
सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान पुलिस ने भोलानंद को आश्रम के उस हिस्से में चलने को कहा, जहां कंकाल दफन होने की बात उसने कही थी। जबाब में भोलानंद ने कंकाल दफन होने की बात को कोरी अफवाह बताकर आश्रम में जाने से इन्कार कर दिया। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भोलानंद ने पूछताछ में कहा कि उसे एक न्यूज चैनल के संपादक व रिपोर्टर ने मशहूर होने का झांसा देकर एक डायरी लिखकर दी थी, जिसमें उन्होंने आश्रम में बच्चों के कंकाल दफन होने की बात टीवी कार्यक्रम के दौरान कहने को कहा था। भोलानंद का कहना है कि तैश में आकर उसने कंकाल दफन होने की बात बोल दी। उन्होंने कहा कि भोलानंद कई बार बयान बदल चुका है। इसलिए उसपर जल्दी यकीन नहीं किया जा सकता। भोलानंद न्यूज चैनल के संपादक के विरुद्ध भी कोई सुबूत पेश नहीं कर पाया है। इस बीच, एसएसपी जम्मू अतुल गोयल का कहना है भोलानंद से पूछताछ जारी है, लेकिन उसने कोई अहम खुलासा नहीं किया है।
गौरतलब है कि मामला सामने आने के बाद अदालत में दायर की गई एक याचिका पर कोर्ट ने पुलिस को जांच कर मामले की सच्चाई का पता लगाने के निर्देश दिए थे।

Source- Hindi News

Thursday, 14 November 2013

Ashram Caretaker Held for Trying to Implicate Asaram in Murder

former caretaker of Asaram Bapu ashram
जम्मू, जागरण संवाददाता। कथावाचक आसाराम के जम्मू स्थित आश्रम में बच्चों के दफन होने का दावा कर सनसनी फैलाने वाले उनके पूर्व सहयोगी विनोद गुप्ता उर्फ भोलानंद ने बृहस्पतिवार को पुलिस के समक्ष समर्पण कर दिया। हालांकि पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी का दावा किया है। भोलानंद को तीन दिनों की रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है।

गौरतलब है कि भगवती नगर में रहने वाले एक युवक विक्रांत शर्मा उर्फ विक्की ने कोर्ट और एसएसपी के समक्ष कुछ सीडी पेश की थी। इसमें उसकी और भोलानंद की कथित बातचीत है। फोन रिकार्डिग में भोलानंद कब्र में से बच्चों के कंकाल निकाल कर विक्की को आश्रम में दफन करने के लिए उकसा रहा था। ऐसा करने की एवज में उसे भोलानंद ने मोटी रकम देने की पेशकश दी थी। विक्की की शिकायत पर भोलानंद के खिलाफ नवाबाद थाने में 17 अक्टूबर को मामला दर्ज किया था।

सूत्रों के अनुसार, भोलांनद ने वीरवार सुबह एसएसपी जम्मू से संपर्क साधकर आत्मसमर्पण करने की पेशकश की। उसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। वहीं भोलानंद ने पत्रकारों से बताया कि खुद पर लगे आरोपों पर सफाई के लिए उसने समर्पण किया है। उसने पहले जो कुछ भी कहा था वह सब सच है। भोलानंद का इशारा आश्रम के बच्चों के दफन होने के दावे की ओर था।

पुलिसकर्मियों ने भोलानंद को नायब तहसीलदार जम्मू के समक्ष पेश किया, जिन्होंने भोलानंद को तीन दिन की रिमांड पर पूछताछ के लिए पुलिस को सौंप दिया। हालांकि, पुलिस ने भोलानंद को सात दिनों की रिमांड पर सौंपने को मांग की थी। रिमांड पर ले जाने से पूर्व पुलिस भोलानंद को सरवाल अस्पताल में मेडिकल करवाने के लिए ले गई। वहीं, पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भोलानंद का कहना है कि टीवी चैनल में कार्यक्रम के दौरान तैश में आकर बच्चों के दफन होने की बात कह दी थी।

Source- News in Hindi

Monday, 11 November 2013

Court Declares Asaram's Son Narayan Sai Proclaimed Absconder

Court declares
सूरत (गुजरात)। पुलिस के साथ लगातार लुकाछिपी का खेल खेल रहे आसाराम के बेटे नारायण साई को अदालत ने सोमवार को भगोड़ा घोषित कर दिया। अगर वह तीस दिन के अंदर हाजिर नहीं होता तो उसकी संपत्ति जब्त कर ली जाएगी। सूरत पुलिस ने सुबह ही कोर्ट में इसके लिए अर्जी दी थी।
दरअसल, सूरत पुलिस पिछले एक महीने से नारायण की तलाश में जुटी है, लेकिन वह हाथ नहीं आया। इसके बाद पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के तहत उसे भगोड़ा घोषित करने के लिए कोर्ट में अर्जी दी। याचिका पर गौर करने के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एएस गाधवी ने सीआरपीसी की धारा 82 के तहत नारायण को भगोड़ा घोषित कर दिया। 

कोर्ट ने 30 दिन के भीतर साई को जांच अधिकारी या कोर्ट के समक्ष पेश होने को कहा है। यदि वह पेश नहीं होता है तो सीआरपीसी की धारा 83 के तहत उसकी निजी संपत्ति जब्त की जाएगी।

गौरतलब है कि कोर्ट ने 28 अक्टूबर को नारायण के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी किया था, लेकिन अब तक उसका पता नहीं चला है। हाल ही में खबर आई थी कि वह अपना हुलिया बदलकर कहीं छुपा हुआ है। 

Source- News in Hindi

Thursday, 7 November 2013

Narayan Sai special Assistant Ganga Arrested in Udaipur

Narayan Sai

नई दिल्ली। दुष्कर्म मामले के आरोपी नारायण साईं की खास सहयोगी गंगा उर्फ शर्मिष्ठा को राजस्थान के उदयपुर में सूरत पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गुजरात पुलिस गंगा को लेने उदयपुर पहुंच गई है। पुलिस को उम्मीद है कि गंगा की गिरफ्तारी के बाद कई और राज के खुलासे होंगे। गंगा पर पीड़िता को धमकाने का आरोप है।
गौरतलब है कि सूरत कोर्ट ने नारायण साई के साथ-साथ उसके तीन साथी हनुमान, गंगा और यमुना के खिलाफ भी वारंट जारी किया है। गौरतलब है कि नारायण साई ने कोर्ट में पहले से ही अग्रिम जमानती याचिका दाखिल की थी। जिसका विरोध करते हुए सरकारी वकील ने साईं की ओर से दाखिल हलफनामे में किए दस्तखत पर सवाल उठाते हुए याचिका रद करने की मांग की थी। जिसे कोर्ट ने मंजूरी देते हुए मंगलवार को साई के खिलाफ कोर्ट ने गैरजमानती वारंट जारी किया।

अभी तक पुलिस की आंखों में धूल झोंकने में कामयाब रहे नारायण साई को पकड़ने के लिए पुलिस ने दिल्ली, गाजियाबाद, आगरा समेत कई जगहों पर छापेमारी भी की है, लेकिन वह अबतक हाथ नहीं लगा है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस से भाग रहे नारायण साईं अलग-अलग सिम कार्डो से अपने साधकों व परिजनों के संपर्क में हैं। गिरफ्तारी से बचने के लिए साई ने अपना हुलिया भी बदल लिया है।

Source- News in Hindi

Wednesday, 6 November 2013

Asaram custody extended till 16 november

Asaram Rape Case

जागरण संवाददाता, जयपुर। नाबालिग छात्रा के यौन उत्पीड़न के आरोपों से घिरे कथावाचक आसाराम के खिलाफ जोधपुर पुलिस ने जांच पूरी कर ली है। बुधवार को पुलिस ने आसाराम सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट पेश कर दी। करीब 1300 पन्नों की चार्जशीट में आसाराम के खिलाफ ऐसी-ऐसी धाराएं लगाई हैं, जिनके साबित होने पर उन्हें उम्रकैद की सजा हो सकती है। अदालत ने आसाराम की न्यायिक हिरासत भी 16 नवंबर तक बढ़ा दी।
पुलिस आयुक्त बीजू जॉर्ज जोसफ ने बताया कि आसाराम, सेवादार शिवा, गुरुकुल के निदेशक शरतचंद्र, हॉस्टल वार्डन शिल्पी और रसोइये प्रकाश के खिलाफ कई संगीन आरोप हैं। ये सभी सेंट्रल जेल में हैं। इन्हें बुधवार को जोधपुर जिला एवं सत्र अदालत में पेश किया गया। 

चार्जशीट में धारा 354 ए (छेड़छाड़ का आरोप), 376 (दुष्कर्म), 342 (बंधक बनाकर रखना), 370 (बंधक बनाकर शारीरिक संबंध बनाना) के अलावा पास्को कानून की कई धाराएं लगाई गई हैं। कुल 58 गवाहों के बयान जोड़े गए हैं। चार्जशीट पर बहस 16 नवंबर को होगी। 

अदालत से बाहर निकलने पर पत्रकारों से आसाराम ने कहा कि उन पर लगाए गए आरोपी पूरी तरह से गलत हैं। गौरतलब है कि गत 20 अगस्त को मूलरूप से शाहजहांपुर (उत्तर प्रदेश) निवासी 16 वर्षीय एक छात्रा ने आसाराम पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था।

इसके अलावा गुजरात की दो बहनों ने भी आसाराम और उनके पुत्र नारायण साई पर दुष्कर्म का आरोप लगाया है। पुलिस नारायण की तलाश में देश के कई शहरों में छापा मार चुकी है पर अब तक उसका कोई सुराग नहीं लग पाया।

Source- News in Hindi

Friday, 1 November 2013

I am being introduced as Dracula : Asaram


rape case

नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। यौन उत्पीड़न के आरोप में जेल में बंद आसाराम को शुक्रवार को एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट से निराशा ही हाथ लगी। आसाराम की ओर से दलील दी गई मीडिया कवरेज में उन्हें बच्चों का रक्त पीने वाले ड्रैकुला के रूप में पेश किया जा रहा है, लेकिन अदालत ने मीडिया कवरेज पर रोक लगाने की उनकी मांग खारिज कर दी। 

मुख्य न्यायाधीश पी. सतशिवम की पीठ ने आसाराम के बारे में मीडिया को खबर चलाने से रोकने का आदेश देने से इन्कार करते हुए कहा कि उन्होंने मीडिया में रिपोर्ट किए गये हर शब्द को देखा है और उन्हें उसमें दखल देने का कोई कारण नजर नहीं आता। पीठ का कहना था कि अदालत मीडिया को क्यों रोके? जब पुलिस और अन्य लोगों से वे सूचनाएं हासिल कर रहे हैं तो हम उन्हें कैसे रोक सकते हैं। 

इससे पहले आसाराम के वकील ने मीडिया पर आरोप लगाया कि वह उनके बारे में बढ़ा-चढ़ा कर खबरें दिखा रहा है। देश में इतने अखबार और चैनल हैं। वे किस-किस के खिलाफ मामला दाखिल करें, लेकिन पीठ इन दलीलों से प्रभावित नहीं हुई और मामले में दखल देने से इन्कार करते हुए कहा कि उनके पास और भी विकल्प हैं। इससे पहले भी एक बार कोर्ट मीडिया कवरेज पर रोक लगाने की आसाराम की मांग ठुकरा चुका है।

Source- News in Hindi