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Tuesday, 12 November 2013

Woman lawyer not wanted action against former SC judge

Sexually harassed
जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के एक जज को कठघरे में खड़ा करने वाली महिला वकील कोलकाता की नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ ज्यूडिशियल साइंस से ग्रेजुएट करने के बाद एक समाजसेवी संगठन के लिए काम कर रही हैं। उन्होंने जर्नल ऑफ इंडियन लॉ एंड सोसाइटी के ब्लॉग में अपने साथ हुए यौन दु‌र्व्यवहार के बारे में लिखते हुए यह भी बयान किया है कि न्यायपालिका में यह समस्या आम है। इसके अलावा उन्होंने एक साक्षात्कार में यह भी कहा है कि इसी जज ने तीन अन्य लड़कियों के साथ यौन दु‌र्व्यवहार किया। इनमें दो लड़कियों से संपर्क कर उन्होंने अपनी बात कहने के लिए प्रेरित किया, लेकिन अपने करियर पर असर पड़ने के भय से वे आगे आने को तैयार नहीं हुई।

पीड़ित महिला वकील के अनुसार वह चार और ऐसी लड़कियों के बारे में जानती हैं जो दूसरे जजों के उत्पीड़न का शिकार बनीं। इनमें से ज्यादातर तब उत्पीड़ित हुई, जब वे जजों के चैंबर में थीं, इसलिए उनके साथ उतना बुरा नहीं हुआ, जितना उनके साथ। पीड़ित महिला वकील ने अपने मामले में जज के नाम का खुलासा न करने और रिपोर्ट दर्ज न कराने के कारणों को स्पष्ट करते हुए कहा है कि वह उनकी प्रतिष्ठा नहीं गिराना चाहतीं। उन्हें यह भी भरोसा नहीं कि उनके खिलाफ कोई कार्रवाई हो सकेगी। 

उन्होंने यह भी कहा है कि वह स्वेच्छा से होटल में जज के कमरे में गई थीं। जब बाहर निकलीं तो किसी से कुछ कहा भी नहीं। इसके अलावा कोई गवाह भी नहीं है। इसके बावजूद उन्होंने अपनी पीड़ा इसलिए बयान की, क्योंकि वह नहीं चाहतीं कि अन्य महिला वकील ऐसी स्थिति से दो-चार हों।

 Source- News in Hindi

Sunday, 10 November 2013

Domestic Help Arrested for Rape, Circulating MMS

Domestic help

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। ग्रेटर कैलाश में व्यवसायी के घर में काम करने वाले घरेलू सहायक द्वारा सहायिका के साथ दुष्कर्म कर एमएमएस बना उसे पोर्न साइट पर डाल देने का मामला प्रकाश में आया है। इसका खुलासा तब हुआ, जब पीड़ित युवती के भाई के एक दोस्त ने इंटरनेट पर उस वीडियो को देख लिया। पीड़िता की शिकायत पर ग्रेटर कैलाश थाना पुलिस ने आरोपी कार्तिक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसका मोबाइल भी जब्त कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक कार्तिक पश्चिम बंगाल का रहने वाला है। वह ग्रेटर कैलाश में व्यवसायी की कोठी में कई साल से नौकरी कर रहा था। उनकी कोठी में 22 वर्षीय पीड़ित युवती भी काम करती थी। बीते अपै्रल महीने में व्यवसायी परिवार के साथ किसी पार्टी में गए थे। तब कार्तिक ने नौकरानी के साथ दुष्कर्म किया और एमएमएस भी बना लिया था। 

पुलिस के मुताबिक घटना से युवती सहम गई थी। वह दो दिनों तक काम पर नहीं आई। बाद में वह एमएमएस को पोर्न साइड पर डाल देने की बात कह युवती को हवस का शिकार बनाता रहा। जब परेशान होकर युवती ने वहां से काम छोड़ दिया, तब कार्तिक ने एमएमएस को पोर्न साइट पर डाल दिया।

हरिद्वार में दो नाबालिग किशोरियों से दुष्कर्म
जागरण संवाददाता, हरिद्वार। हरिद्वार के कनखल और रानीपुर थाना क्षेत्रों में दो नाबालिगकिशोरियों के साथ दुष्कर्म के मामले सामने आए हैं। पुलिस ने एक मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली, जबकि दूसरे मामले में अभी पीड़िता के पिता का हरिद्वार पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस ने दोनों पीड़ितों को मेडिकल जांच के लिए भेज दिया है। 

पुलिस के अनुसार, पहली घटना थाना कनखल क्षेत्र की शिवपुरी कॉलोनी में रहने वाले अधेड़ व्यक्ति के घर पर हुई। आरोप है कि रिटायर्ड दंपति के घर पर पहाड़ के किसी गांव की 13 वर्षीय किशोरी बतौर नौकरानी काम करती है। शनिवार को अधेड़ ने घर में अकेले होने पर उसके साथ दुष्कर्म किया। शोर सुनकर पड़ोसियों ने उसके चुंगल से किशोरी को छुड़ाया तथा पुलिस को सूचना दी। थानाध्यक्ष महेश चंद्र ने बताया, बालिका का मेडिकल करा दिया है तथा उसके पिता को सूचित कर दिया गया है। रविवार की सुबह तक वह हरिद्वार पहुंचेंगे तब तहरीर लेकर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। 

दूसरी घटना में रानीपुर कोतवाली क्षेत्र की टिहरी विस्थापित कॉलोनी निवासी एक व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि इसी कॉलोनी के निवासी बसीर पुत्र अलफ 8 नवंबर को जबरदस्ती उनकी नाबालिग बेटी को सीआइसीएफ कैंप के पीछे जंगल में ले गया और वहां उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने दुष्कर्म की शिकार लड़की का मेडिकल कराने के बाद आरोपी की तलाश शुरू कर दी। एसपी सिटी एसएस पंवार ने बताया कि दोनों आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी कर ली जाएगी। 

पश्चिम बंगाल में जबरदस्ती शराब पिला छात्रा से दुष्कर्म
बैरकपुर (पश्चिम बंगाल)। एक छात्रा को जबरदस्ती शराब पिला उसके साथ दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में एक युवक को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में छापामारी कर रही है। 

टीटागढ़ थानांतर्गत बामनपुर की रहने वाली दसवीं की छात्रा ने बताया कि काली प्रतिमा विसर्जन की रात मुहल्ले के लिटन सरकार एवं गौर नामक दो युवक उसे बातचीत करने के बहाने एकांत में ले गए और उसे जबरदस्ती शराब पिलाई। इसके बाद दोनों ने उसके साथ दुष्कर्म किया।

घटना के बाद छात्रा ने परिजनों को सारी बात बताई, जिसके बाद उन्होंने टीटागढ़ थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी लिटन को तो गिरफ्तार कर लिया है। शुक्रवार को उसे कोर्ट में पेश किया गया। हालांकि गौर अभी उनकी पहुंच से दूर है।

छात्रा ने बताया कि शिकायत करने के बाद से उसे, उसकी मां व चाचा को जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। डीसी (डीडी) देवाशीष बेज ने कहा, शिकायत दर्ज कर ली गई है, जिसके आधार पर एक युवक को गिरफ्तार किया गया है।

Source- News in Hindi

Wednesday, 30 October 2013

Diwali resolutions introduced in US


Diwali resolutions

वाशिंगटन। अमेरिका में दोनों दलों की ओर से संसद के दोनों सदनों में दीपावली संबंधी दो अलग-अलग प्रस्ताव पेश किए गए हैं। इनमें इस पर्व के धार्मिक और एतिहासिक महत्व को मान्यता दी गई है।
ऊपरी सदन सीनेट में यह प्रस्ताव सीनेटर मार्क वार्नर और जॉन कॉर्निन ने प्रस्तुत किया। दोनों सीनेटर इंडिया कॉकस के सह अध्यक्ष हैं। दोनों ने भारत और अमेरिका की सरकारों और लोगों के बीच मजूबत संबंधों का समर्थन किया। पिछले सप्ताह सांसद जोए क्राउले और पीटर रोस्कमैन ने निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव में दीपावली संबंधी प्रस्ताव पेश किया था। दोनों कांग्रेसनल कॉकस ऑन इंडिया एंड इंडियन अमेरिकंस के सह अध्यक्ष हैं। प्रस्ताव में भारतीय मूल के अमेरिकी और दुनिया भर में रह रहे प्रवासी भारतीयों के प्रति गहरा सम्मान व्यक्त किया गया। इसमें भारत और अमेरिका में धार्मिक विविधता की सराहना की गई है। इस साल पहली बार कैपिटल हिल (अमेरिकी संसद) में दीपावली मनाई जाएगी। इसमें बड़ी संख्या में सांसदों के भाग लेने की संभावना है। क्राउले ने कहा कि दीपावली का लाखों भारतीयों और भारतीय मूल के अमेरिकियों के लिए बहुत महत्व है। मैं संसद में पहली बार मनाई जाने वाली दीपावली में शामिल होकर गौरवान्वित महसूस करूंगा। इसकेमाध्यम से सांसद, भारतीय मूल के विशिष्ट अमेरिकी और इस समुदाय के अन्य लोग एक दूसरे के नजदीक आ सकेंगे।

 Source: News in Hindi

Saturday, 26 October 2013

Officers fear from probe extend works


officers

नई दिल्ली [जयप्रकाश रंजन]। जांच एजेंसियों और कोर्ट की सक्रियता के चलते केंद्र सरकार के ज्यादातर मंत्रालयों के अफसर सहमे हुए हैं। नतीजतन मंत्रालयों के सामान्य कामकाज पर भी बुरा असर पड़ रहा है। पहले देश के प्रमुख उद्योगपति केएम बिड़ला व पूर्व कोयला सचिव के खिलाफ एफआइआर। फिर सुप्रीम कोर्ट का नीरा राडिया टेप मामले में टाटा समूह व रिलायंस समूह के खिलाफ नए सिरे से जांच का आदेश। इन मामलों का असर यह हुआ है कि ज्यादातर मंत्रालय जबरदस्त नीतिगित जड़ता का शिकार हो गए हैं। कोयला मंत्रालय, संचार मंत्रालय, पेट्रोलियम मंत्रालय सहित कुछ अन्य मंत्रालयों के अधिकारी सामान्य फैसले लेने से भी करता रहे हैं।
देश की एक प्रमुख दूरसंचार कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि संचार मंत्रालय में तो अब सामान्य तौर पर होने वाले फैसलों में भी देरी होने लगी है। मोबाइल टावर आयात का उदाहरण देते हुए अधिकारी ने बताया कि यह सामान्य फैसला भी नहीं लिया जा रहा। अफसर आशंकित हैं कि कहीं वे ज्यादा टावर आयात की मंजूरी देने के चक्कर में फंस न जाएं। शहरी विकास मंत्रालय का भी हाल कुछ ऐसा ही है। अगस्त, 2013 में कैबिनेट ने शहरों में नई सार्वजनिक बसें चलाने के लिए राज्यों को दस हजार नई बसें खरीदने के लिए केंद्रीय मदद का फैसला किया। कई राज्यों को नई बस खरीदने का प्रस्ताव भेजा गया। कुछ राज्यों की तरफ से प्रक्रिया भी शुरू की गई है, लेकिन इसी बीच सुप्रीम कोर्ट ने नीरा राडिया टेप कांड के संदर्भ में कई वर्ष पहले टाटा समूह की लो-फ्लोर बसें सार्वजनिक वाहन के तौर पर खरीदने में गड़बड़ी की जांच करने का निर्देश दे दिया। सीबीआइ ने पिछले हफ्ते इसकी जांच भी शुरू कर दी है। अब शहरी विकास मंत्रालय के अधिकारी जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण अभियान के तहत बस खरीद योजना को आगे बढ़ाने को तैयार नहीं। यही नहीं, बाल्को सहित कई सरकारी कंपनियों में विनिवेश की प्रक्रिया भी थम गई है।
नीतिगत जड़ता का जाल रक्षा मंत्रालय में भी फैल चुका है। रक्षा मंत्री के सबसे पसंदीदा मीडियम मल्टीरोल कॉम्बैट विमान (एमएमआरसी) की खरीद की तमाम तैयारियों पर पूर्णविराम लगा दिया गया है। इस बारे में दिसंबर, 2013 तक अंतिम फैसले की बात कही गई थी। देश में तोप संकट को दूर करने के लिए एम-777 तोपों की खरीद प्रक्रिया भी इसी वजह से ठप पड़ गई है। इसी तरह से तमाम तैयारियों के बावजूद कोयला ब्लॉकों की नीलामी शुरू करने पर कोयला मंत्रालय फैसला नहीं कर पा रहा है।

1. मोबाइल टावर आयात करने जैसे फैसलों में हो रही देरी
2. कोयला ब्लॉकों की नीलामी प्रक्रिया में भी अड़चन
3. गैस कीमत तय करने की नई नीति को लेकर असमंजस
4. लड़ाकू विमान व तोप खरीद की फाइलें भी हुई शिकार

Source: News in Hindi