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Wednesday, 15 January 2014

Rahul Vs Vishwas: Challenge to Congress in Amethi are not easy for AAP

अमेठी [दिलीप सिंह]। कांग्रेस के अभेद दुर्ग 'अमेठी' में पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी से पार पाना आम आदमी पार्टी [आप] के नेता कुमार विश्वास के लिए आसान नहीं होगा। गांधी-नेहरू परिवार का यहां के लोगों से खास रिश्ता है जो वीवीआइपी व आम आदमी के बीच लंबी दीवार के बाद भी मजबूत डोर में बंधा है। इसके पीछे जरूरतमंदों की मदद को बढ़ने वाला 'हाथ' अहम कारण हैं। यही वजह है कि अमेठी का हाथ, कांग्रेस के साथ होता है। दो दिन से यहां की गलियों में घूम रहे कुमार विश्वास को यह तिलिस्म तोड़ने के लिए कड़ी मशक्कत करनी होगी। 

यहां से 1977 में पहली बार चुनावी समर में उतरे संजय गांधी को भले ही इमरजेंसी की कीमत पर शिकस्त मिली हो, लेकिन उसके बाद से अमेठी इनके परिवार की होकर रही है। इस रिश्ते के पीछे के सच काफी दिलचस्प है। गौरीगंज में राहुल के केंद्रीय कार्यालय में हर दिन दर्जनों लोग इस उम्मीद से पहुंचते हैं कि राहुल उनके बेटे की पढ़ाई में मदद करेंगे तो बूढ़े मां-बाप के इलाज की व्यवस्था भी। अब कार्यालय में बैठे लोग भी केवल नाम व पता जान कर जरूरी मदद के लिए पत्र लिखते हैं। अमेठी के संजय गांधी अस्पताल में इलाज करवाया जाता है। बीमारी गंभीर होने पर उन्हें दिल्ली भेजने की व्यवस्था की जाती है।

पिछले एक साल में राहुल के कार्यालय से छह हजार लोगों का नि:शुल्क इलाज कराया गया। कैंसर, हृदय रोग जैसी बीमारी से जूझ रहे नौ सौ लोगों के जीवन में खुशहाली आई। 27 लोगों की किडनी राहुल की दखल पर दिल्ली में बदली गई। राजीव गांधी सचल स्वास्थ्य सेवा की दस बसें प्रतिदिन अमेठी के गांव में नि:शुल्क इलाज के लिए पहुंचती हैं। 16 राजीव गांधी आरोग्य केंद्रों पर इलाज की नि:शुल्क व्यवस्था है। 

Source: Hindi News

Monday, 13 January 2014

Sarabhai asked to vishwas, why praise modi

नई दिल्ली। अमेठी में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को चुनौती देने वाले आम आदमी पार्टी के नेता कुमार विश्वास का पार्टी के भीतर ही विरोध शुरू हो गया है। हाल ही में आप में शामिल हुई वैज्ञानिक विक्रम साराभाई की बेटी व नृत्यांगना मल्लिका साराभाई ने विश्वास से पूछा है कि किन परिस्थितियों में उन्होंने मोदी की तारीफ की।

साराभाई ने कहा कि कुमार विश्वास ने मोदी की तुलना भगवान शिव से की, क्या ऐसा उन्होंने पैसे लेकर किए थे। साराभाई ने विश्वास की पुरानी विवादित वीडियो देखकर यह भी कहा कि विश्वास के महिलाओं, समलैंगिकता और अल्पसंख्यकों को लेकर जो विचार हैं, वह बर्दाश्त नहीं किए जा सकते हैं। साराभाई ने पिछली बार गांधीनगर से लालकृष्ण आडवाणी के खिलाफ चुनाव लड़ा था।

इसके अलावा विश्वास पर पार्टी सिद्धांत के खिलाफ जातिवादी राजनीति करने का आरोप भी लग रहा है। मालूम हो कि वह अमेठी में सुनीता कोरी नामक दलित महिला के घर गए, जिसके घर पांच साल पहले राहुल गांधी गए थे और उसे बहन मानते हुए मदद का भरोसा दिलाया था। उनके साथ मीडियाकर्मी भी थे।

गौरतलब है कि रविवार को ही विश्वास ने एक रैली में राहुल गांधी की यह कहते हुए आलोचना की थी वह दलितों के घर खाना खाने जाते हैं और साथ में मीडिया को ले जाते हैं।

इसके साथ ही विश्वास ने रैली में लोगों को खुद के ब्राह्माण होने का खूब एहसास कराया। उन्होंने कहा, 'मैं चाणक्य और चंद बरदाई का वंशज हूं। इन दोनों ने बड़े-बड़े साम्राज्यों को मिट्टी में मिला दिया। मैंने अपनी नौकरी छोड़ दी क्योंकि मैं ब्राह्मण हूं..पंडित पांच हजार साल से भीख मांगकर जीवन जीना जानते हैं। जब आप राजवंशों को खत्म कर देंगे तो ये लोग स्विस बैंकों में जमा पैसों से जिंदगी जी लेंगे।'

विश्वास ने कहा, 'टीवी पर दिखने वाले बंटी और बबली एक ताकतवर परिवार से ताल्लुक रखते हैं। लेकिन मैं भी चंद बरदाई का वंशज हूं। लोग मुझसे पूछते हैं कि मेरे जैसा गरीब ब्राह्मण ऐसे ताकतवर लोगों को चुनौती क्यों दे रहा है। लेकिन मैं यहां लोगों को इतिहास याद दिलाना चाहता हूं कि कई गरीब ब्राह्मणों ने बड़े-बड़े साम्राज्यों को खत्म कर दिया है।' 

Source: Hindi News

Sunday, 5 January 2014

JDU MLA threats to withdraw support from AAP govt

नई दिल्ली। दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार को समर्थन दे रहे जनता दल (यूनाइटेड) के विधायक शोएब इकबाल ने समर्थन वापसी की धमकी दी है।

'आप' नेता कुमार विश्वास से नाराज शोएब इकबाल ने उनपर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह मामले को विधानसभा में उठाएंगे। उन्होंने कहा कि विश्वास अविलंब माफी मांगें। शोएब जदयू के एकमात्र विधायक हैं, जो सरकार को समर्थन दे रहे हैं। यदि वह समर्थन वापस भी लेते हैं तो सरकार की सेहत पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।

गौरतलब है कि कुमार विश्वास द्वारा इमाम हुसैन के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी वाली एक वीडियो वेबसाइट पर अपलोड की गई थी। जिसके बाद शिया नेताओं ने जमकर हंगामा किया था। बवाल बढ़ने पर विश्वास ने वीडियो से छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी। लेकिन बाद में उन्होंने सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली थी। इस बीच, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह मामला तीन-चार महीने पुराना है और इसके लिए विश्वास ने माफी भी मांगी थी। इसलिए इस मुद्दे को अब उठाना समझ से परे है।

इससे पहले, सरकार द्वारा विश्वास प्रस्ताव के दौरान राम मंदिर को लेकर शोएब की टिप्पणी पर भाजपा विधायकों से कहासुनी हो गई थी और उन्होंने विधानसभा में कोर्ट उतारकर विपक्ष को बेल में आकर लड़ने की चुनौती दे डाली थी।