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Saturday, 5 July 2014

Take action against Bhagana rape accused: Kejriwal to Sonia

Arvind Kejriwal
Kejriwal, in his two-page letter, said that no action has been taken against the accused who allegedly abducted four Dalit women and gang-raped them on March 23 this year.

"Victims along with their family members have been sitting on dharna at Jantar Mantar of Delhi since April 16, 2014. Victims have also requested CM of the state several times, but no arrest has been made so far," Kejriwal said in the letter.
  
The former Delhi chief minister has asked Sonia Gandhi to direct her party's state government to refer the case to the CBI and arrest the accused as soon as possible.
  
Kejriwal also asked Gandhi to ensure the rehabilitation of victims and their families.

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Wednesday, 15 January 2014

Binny Upsets with AAP's principles, Kejriwal replies back

  
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के विधायक विनोद कुमार बिन्नी की ओर से बगावती सुर सुनाई देने के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उनपर पलटवार करते हुए कहा कि बिन्नी को पार्टी ने लोकसभा टिकट देने से मना कर दिया है, इसलिए वे नाराजगी जता रहे हैं। 

केजरीवाल ने कहा कि सरकार गठन के समय बिन्नी मंत्री पद के लिए आए थे और आज लोकसभा टिकट के लिए आए थे, लेकिन पार्टी ने उन्हें टिकट देने से मना कर दिया है। 

गौरतलब है कि लक्ष्मीनगर से विधायक विनोद कुमार बिन्नी ने 'आप' पर आरोप लगाए हैं कि वह आम जनता से छल कर रही है। इस पर आप में हाल ही शामिल हुए टीवी पत्रकार आशुतोष ने पलटवार करते हुए कहा कि अब रूठने और मनाने का खेल बंद होना चाहिए। पार्टी में लालच और महत्वाकांक्षाओं से भरे लोगों की कोई जरूरत नहीं है।

बिन्नी ने कहा कि पार्टी मुद्दों से भटक रही है। वह अब जनता के हित के बारे में नहीं सोच रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने जनता से जो वादे किए थे वह उससे मुकर रही है। पार्टी अपने वादों से पीछे हट रही है। उन्होंने बताया कि कल वे इस मामले को लेकर एक प्रेस कांफ्रेंस भी करेंगे।

इससे पहले मंत्रीपद को लेकर पार्टी के साथ हुई खींचतान पर उन्होंने कहा कि वे कभी भी मंत्री बनने के लिए पार्टी में शामिल नहीं हुए थे। वे तो बस काम करने के लिए यहां आए थे। उन्होंने कहा कि 15 दिन पहले पार्टी की जो स्थिति थी वह आज भी है। सिर्फ कहने से बदलाव नहीं होते करना पड़ता है। 

गौरतलब है कि जब केजरीवाल सरकार का गठन हो रहा था उस वक्त भी बिन्नी के साथ पार्टी के मतभेद सामने आए थे। कहा गया था कि बिन्नी सरकार में मंत्रीपद नहीं मिलने पर वे नाराज हो गए थे। हालांकि बाद में बिन्नी ने साफ किया था कि ऐसा कुछ भी नहीं है।

HC rejects PIL for kejriwal's security

नई दिल्ली। सुरक्षा लेने का बार-बार आग्रह ठुकराने वाले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सुरक्षा लेने का निर्देश देने संबंधी याचिका को दिल्ली हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया।

कोर्ट ने बुधवार को केजरीवाल को सुरक्षा मुहैया कराए जाने संबंधी एक वकील की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए उसे खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि केजरीवाल वह व्यक्ति हैं जो सुरक्षा के महत्व को जानते हैं, सभी दिल्लीवासियों की सुरक्षा की उनकी जिम्मेदारी है.. वह सभी चीजों से वाकिफ हैं.. तो इस मामले में कोर्ट कैसे दखल दे सकता है।

गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस के बार-बार आग्रह के बावजूद केजरीवाल ने सुरक्षा लेने से इन्कार किया है। लेकिन उनके आस-पास सादी वर्दी में पुलिस वालों को लगाया गया है और उनके गाजियाबाद के कौशांबी स्थित आवास पर भी पुलिस बल तैनात किए गए हैं।

Monday, 13 January 2014

Kejriwal has security threat from water and contract mafia's

नई दिल्ली। भ्रष्टाचार से मुक्ति दिलाने के नाम पर दिल्ली की सत्ता पर हुए आप नेता व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की जान को खतरा है। आईबी रिपोर्ट के मुताबिक बार-बार सुरक्षा लेने से मना करने वाले केजरीवाल पानी और ठेका माफियाओं के निशाने पर हैं।

विधानसभा चुनाव में पानी और ठेका माफियाओं से जनता को निजात दिलाने का वादा करने वाले केजरीवाल ने सत्ता में आने के बाद ऐसे लोगों की दुकानें बंद कराने की शुरुआत कर दी है इसलिए वह अब उनके निशाने पर आ गए हैं। दिल्ली पुलिस को आईबी से मिली जानकारी के अनुसार, केजरीवाल की भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम से नाराज गुटों से उन्हें खतरा है। इसके बाद केजरीवाल के सुरक्षा घेरा को और मजबूत करने की तैयारी चल रही है।

सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, आईबी से मिले इनपुट के विश्लेषण के बाद इस निष्कर्ष पर पहुंचा गया कि मुख्यमंत्री को खासतौर पर पानी और ठेका माफियाओं से सबसे ज्यादा खतरा है। 

अधिकारी ने कहा कि केजरीवाल को नुकसान पहुंचाने के लिए दिल्ली के आसपास के अपराधियों की मदद ली जा सकती है। इसके मद्देनजर पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है। उनका आकलन है कि अगर मुख्यमंत्री को को कुछ भी होता है तो कानून व्यवस्था के लिए बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है। 

गौरतलब है कि केजरीवाल गाजियाबाद के कौशांबी स्थित गिरनार अपार्टमेंट में रहते हैं। हालांकि केजरीवाल कहते रहे हैं कि वह सुरक्षा नहीं लेंगे, लेकिन इसके बावजूद गृह मंत्रालय और यूपी सरकार उन्हें बिना कहे सुरक्षा दे रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि केजरीवाल सुरक्षा के लिए 'हां' करते हैं तो प्रशासन को ज्याद सुविधा होगी।

Jokes flows in twitter on kejriwal's honesty

नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव में जबरदस्त सफलता हासिल कर सत्ता पर काबिज होने वाले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल इन दिनों सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर छाए हुए हैं। ट्विटर पर उनके समर्थन और विरोध में खूब बातें हो रही हैं, लेकिन कुछ मजाकिया लोग उनकी सादगी और ईमानदारी को लेकर चुटकी लेने से भी नहीं चूक रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से 'योकेजरीवालसोऑनेस्ट' ट्रेंड में टॉप पर बना हुआ है। आइए पढ़ें केजरीवाल और उनकी आम आदमी पार्टी को लेकर हो रही टिप्पणियां :-

नैती अग्रवाल - ब्रेकिंग न्यूज ..अरविंद केजरीवाल ने अंडरवियर खरीदने से इन्कार कर दिया क्योंकि उस पर लिखा था-वीआईपी। 

नमो के दीवाने - केजरीवाल ने अपनी शादी में साली को गिरफ्तार करा दिया क्योंकि उसने उनके जूते चोरी किए थे।

दार्शिनी देव - उन्होंने अपनी ही पार्टी में 10 बजे के बाद पुलिस को बुला लिया।

सर रवींद्र जडेजा (फेक अकाउंट) - उन्होंने अपनी हार्ड डिस्क, मेमोरी कार्ड को गिरफ्तार करा दिया क्योंकि वह 'करप्ट' हो चुका था।

राजीव गुलाटी - इसकी कौन परवाह करता है कि अमेठी से राहुल गांधी जीतते हैं या कुमार विश्वास.. जो भी जीते सीट तो कांग्रेस के ही खाते में जाएगी।

जखोटिया - मोदी 'पावर जेनरेशन' में विश्वास करते हैं तो केजरीवाल उसे मुफ्त बांटने में.. केवल अमीरों को।

केपी प्रदीप - आप ग्लोबल हुई..अगला चुनाव वह अफगानिस्तान में लड़ेगी और उसका गठबंधन तालिबान से होगा।

जिंतू कलिता - सबसे संस्कारी समझे जाने वाले आलोक नाथ भी उनके आगे ईमानदारी में कहीं नहीं टिकते।

विद्युत - एक बार उन्होंने हलवाई पर इसलिए केस कर दिया था कि गुलाम जामुन में न तो गुलाब था और न ही जामुन।

हैश टैग - उन्होंने शोले नहीं देखी क्योंकि उन्हें यकीन था कि ठाकुर ने अपने हाथ गब्बर को नहीं दिए।

हार्दिक राजगोर - जब राजा हरिशचंद्र बच्चे थे तब उनके पिता उन्हें अरविंद केजरीवाल की कहानियां सुनाया करते थे।

अरविंद केजरीवाल (फेक अकाउंट) - मैं इतना ईमानदार हूं कि एक बार कौवे ने झूठ बोला तो मैंने उसे काट लिया।

एक्सपोज आप - नक्सलियों को आम आदमी पार्टी ज्वाइन करना चाहिए : प्रशांत भूषण

रजनीश सैनी - वह इतने ईमानदार हैं कि जब भी कहीं बम पाते हैं तो आतंकियों को लौटा देते हैं।

Wednesday, 8 January 2014

Kejriwal issues helpline number

नई दिल्ली। भ्रष्टाचार के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का वादा कर दिल्ली की सत्ता में आए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को भ्रष्टाचार के खिलाफ हेल्पलाइन नंबर जारी किया। हेल्पलाइन नं. है-011-27357169-केजरीवाल ने कहा कि यह हेल्पलाइन नंबर सुबह आठ बजे से रात दस बजे तक काम करेगा। हेल्पलाइन नंबर जारी करते हुए केजरीवाल ने कहा कि इसका उद्देश्य भ्रष्टाचारियों के मन में खौफ पैदा करना है तथा घूस लेने वालों के मन में खौफ हो कि उसकी गतिविधियों को कोई रिकार्ड कर रहा है। इसके साथ ही केजरीवाल ने इसका उपयोग कैसे करना है यह भी बताया।

Monday, 6 January 2014

New born baby dead body found in garbage in delhi hospital

नई दिल्ली। दिल्ली के एक अस्पताल में लापरवाही का वो मंजर देखने को मिला जिसे सुनकर सभी ने दांतों तले अंगुली रख ली। राजधानी के माता चानन देवी अस्पताल में एक नवजात की मौत के बाद उसके शव को कुछ देर के लिए शवदाह गृह में रखने के बजाए उसके शव को कूड़े में फैंक दिया। इसका पता लगने के बाद परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया। मामला सरकार के कानों में पहुंचा तो दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इसको बेहद निंदनीय करार देते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आदेश दे दिए। उन्होंने कहा है कि यह एक गंभीर मुद्दा है, दोषी चाहे सरकारी अस्पताल हो या प्राइवेट, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद अस्पताल ने भी जांच करने की बात कही है।

दरअसल जनकपुरी निवासी वर्षीय राजेश वर्मा की पत्नी नीतू वर्मा ने प्राइवेट नर्सिंग होम में रविवार को एक बच्ची को जन्म दिया। लेकिन बच्ची की तबीयत खराब होने के कारण उसे पास के माता चानन देवी अस्पताल में रेफर कर दिया गया। अस्पताल में डाक्टरों ने बच्ची के सिर में इंटरनल ब्लीडिंग की बात कही और इलाज शुरू कर दिया। लेकिन डॉक्टरों की सारी कोशिशें बेकार गई और नवजात की रात डेढ़ बजे बच्ची की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन से नवजात के शव को शवदाह गृह में रखने की बात कही। 

लेकिन अगले दिन जब परिजन अपनी बच्ची का शव लेने पहुंचे तो देखा कि बच्ची का शव कूड़ेदान में पड़ा था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल कर्मियों ने नवजात के शव को कूड़ेदान में से ही निकालकर दिया। परिजनों के कर्मियों से सवाल जवाब करने पर कर्मी पर भड़क गए। इसके बाद बाद परिजनों ने अस्पताल में जाकर हंगामा किया। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। 

अस्पताल में हंगामा बढ़ता देख वहां पर पुलिस ने पहुंचकर मामले को शांत कराया। पुलिस ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने भी मामले के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही है। 

नवजात को कचरे के डिब्बे में फेंके जाने के मामले में जब संवाददाताओं ने दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल से पूछा तो उन्होंने कहा कि यह मानवता के खिलाफ है। हमने जांच के आदेश दे दिए हैं। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। 

Sisodia suspends three employees after the sting of corruption charges

नई दिल्ली। दिल्ली सरकार के मंत्री मनीष सिसोदिया ने रिश्वत लेने के आरोप में तीन अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। एक कार्रवाई उन्होंने एक निजी चैनल द्वारा किए गए एक स्टिंग ऑपरेशन के बाद की है। इस स्टिंग में जल बोर्ड के एक अधिकारी, एक मीटर रीडर और रजिस्ट्रार ऑफिस के एक पटवारी को काम के एवज में रिश्वत लेते हुए दिखाया गया था। 

मनीष सिसोदिया ने इस खुलासे को करने वाले चैनल को धन्यवाद देते हुए कहा है कि इससे भ्रष्ट लोग बेनकाब होंगे। आज सस्पेंड किए गए तीन अधिकारियों के नाम मीटर रीडर अतुल प्रकाश, विनोद कुमार, चीफ वाटर एनालिस्ट, दिल्ली जल बोर्ड और सुनील कुमार शामिल हैं। हालांकि स्टिंग में पांच लोगों को रिश्वत लेते हुए दिखाया गया था, लेकिन सरकार ने अभी तीन के खिलाफ ही कार्रवाई की है। इसके अलावा दिल्ली सरकार ने स्टिंग में हुए खुलासे के बाद करीब आठ सौ कर्मियों का ट्रांसफर भी तुरंत प्रभाव से कर दिया है।

इससे पहले भी एक निजी चैनल ने दिल्ली जल बोर्ड में फैले भ्रष्टाचार का खुलासा किया था। इसमें खुद जल बोर्ड के पूर्व सीवीओ ने माना था कि विभाग में भ्रष्टाचार फैला है। इसके बाद जब अरविंद केजरीवाल के सत्ता पर काबिज हुए तो उन्होंने सबसे पहले कई वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले किए थे इसमें जल बोर्ड के सीवीओ भी शामिल थे। 

Source: Hindi News

Sunday, 5 January 2014

JDU MLA threats to withdraw support from AAP govt

नई दिल्ली। दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार को समर्थन दे रहे जनता दल (यूनाइटेड) के विधायक शोएब इकबाल ने समर्थन वापसी की धमकी दी है।

'आप' नेता कुमार विश्वास से नाराज शोएब इकबाल ने उनपर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह मामले को विधानसभा में उठाएंगे। उन्होंने कहा कि विश्वास अविलंब माफी मांगें। शोएब जदयू के एकमात्र विधायक हैं, जो सरकार को समर्थन दे रहे हैं। यदि वह समर्थन वापस भी लेते हैं तो सरकार की सेहत पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।

गौरतलब है कि कुमार विश्वास द्वारा इमाम हुसैन के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी वाली एक वीडियो वेबसाइट पर अपलोड की गई थी। जिसके बाद शिया नेताओं ने जमकर हंगामा किया था। बवाल बढ़ने पर विश्वास ने वीडियो से छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी। लेकिन बाद में उन्होंने सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली थी। इस बीच, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह मामला तीन-चार महीने पुराना है और इसके लिए विश्वास ने माफी भी मांगी थी। इसलिए इस मुद्दे को अब उठाना समझ से परे है।

इससे पहले, सरकार द्वारा विश्वास प्रस्ताव के दौरान राम मंदिर को लेकर शोएब की टिप्पणी पर भाजपा विधायकों से कहासुनी हो गई थी और उन्होंने विधानसभा में कोर्ट उतारकर विपक्ष को बेल में आकर लड़ने की चुनौती दे डाली थी।

Saturday, 4 January 2014

Focus on delivery of election promises:Omar to Kejriwal

श्रीनगर। जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि अरविंद केजरीवाल को चुनाव के दौरान किए गए वादों पर ध्यान देना चाहिए न कि सस्ती लोकप्रियता बटोरने के लिए सतही बातें करनी चाहिए। गौरतलब है कि काफी आलोचनाओं के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने आज 10 कमरों वाले सरकारी आवास को लेने से मना कर दिया। 

उमर अब्दुल्ला का कहना है कि अरविंद केजरीवाल को दिल्ली की जनता ने उन्हें शीला दीक्षित के खिलाफ इसलिए वोट नहीं दिया था कि वे सरकारी बंगले में रहती हैं। उमर अब्दुल्ला ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर लिखकर यह टिप्पणी की है। उमर को लगता है कि कोई इस बात की शिकायत नहीं करेगा कि वे 5 या 10 कमरों के घर में रहते हैं। बल्कि चुनाव के दौरान किए गए वादे अगर पूरे नहीं होंगे तो लोग उसकी शिकायत करेंगे। 

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After Delhi CM official house, Ministers gets Innova car

 

नई दिल्ली। 'आप' के मंत्रियों को अब सरकारी लग्जरी कार चाहिए। मंत्री पद संभालते ही उन्होंने इसे लेने में देरी नहीं की। शुक्रवार को दिल्ली के सभी मंत्रियों को सरकारी गाड़ियों के तौर पर टोयोटा की इनोवा कार दी गईं। मनीष सिसौदिया, राखी बिरला और सौरभ भारद्वाज समेत कई मंत्री सरकारी गाड़ियों से ही विधानसभा परिसर पहुंचे। हालांकि इसमें केजरीवाल शामिल नहीं थे।

इसके बाद विपक्ष ने केजरीवाल और उनके मंत्रियों को आड़ेहाथों लेना भी शुरू कर दिया है। हालांकि उनकी आलोचना पर सरकार के मंत्रियों के सुर भी बदले हुए हैं। खुद मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी ने यह कभी नहीं कहा कि उसके मंत्री सरकारी गाड़ियों का इस्तेमाल नहीं करेंगे। उन्होंने सफाई दी है कि पार्टी ने केवल लालबत्ती वाली कारें उपयोग नहीं करने की बात कही थी।

इनोवा कार मिलने के बाद परिवहन, खाद्य आपूर्ति और पर्यावरण मंत्री भारद्वाज ने कहा कि मेरी कार में पेट्रोल नहीं था और मैंने अपना एटीएम कार्ड पत्‍‌नी को दे दिया था। इसलिए मुझे सरकारी कार का उपयोग करना पड़ा। उन्होंने राखी बिरला के कार लेने का बचाव करते हुए कहा कि एम महिला मंत्री होने के नाते उन्हें रात को भी आना जाना पड़ता है।

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Thursday, 2 January 2014

Aamir says, AAP explains Meaning of Swaraj to Delhi

मुंबई (शुभा शेंट्टी शाहा)। बदलाव प्रकृति का दस्तूर है और अगर ये बदलाव विकास को गति देने के लिए हो तो जनता इसे दिल से स्वीकार करती है। जी हां, ऐसा ही कुछ दिल्ली की जनता के साथ हुआ है। लोगों ने बदलाव के लिए आवाज उठाई और 'अरविंद केजरीवाल' के नाम की लहर पूरी राजधानी में बह गई। अभिनेता आमिर खान ने केजरीवाल के इरादों को बल देते हुए कहा कि उन्होंने लोगों को 'स्वराज' यानी आजादी का असली मतलब समझाया है।

आमिर खान ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि केजरीवाल ने दिल्ली में बदलाव की जो आंधी लाई है, उससे लोगों में क्रांति की एक लहर बहती दिखाई दे रही है। लोगों ने इस परिवर्तन को दिल से स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि वे क्या पूरी देश की जनता इस फैसले से खुश है। आमिर ने अपने रियलिटी शो सत्यमेव जयते के संदर्भ में कहा कि पहले जब ये शो शुरू हुआ था, सबको डर लग रहा था कि लोग इसे अपना पाएंगे या नहीं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। जनता ने इसे पूरी तरह अपने जीवन से जोड़कर देखना शुरू कर दिया।

उन्होंने कहा कि जनता आगे आने लगी। वे इन मुद्दों पर चर्चा करने लगी। उनके खामोश लबों को जैसे जुबान मिल गई। वे रोजाना कोई न कोई सामाजिक समस्या की बातें करने लगे। उनके इस रवैये से ये तो साफ है कि वे अपने पूरे सोशल सिस्टम में बदलाव चाहते हैं। वे कुछ नया चाहते हैं और इसका ही नतीजा है कि आज दिल्ली की सत्ता पर इतने साल से काबिज कांग्रेस सरकार का सफाया हो गया है। जनता ने अपनी सरकार खुद चुनी है।

Kejriwal was speaking, all assembly was hearing

नई दिल्ली [अजय पांडेय]। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल बोलने के लिए खड़े हुए और सदन में सन्नाटा छा गया। केजरीवाल बोल रहे थे और पूरा सदन चुपचाप उन्हें सुन रहा था। सबकी आंखें मुख्यमंत्री के चेहरे पर मानो चस्पां हो गई थीं। कुछ देर पहले तक उन्हें निर्लज्ज, बच्चों की कसम खाकर उसे तोड़ने वाले, राजनीतिक नौटंकी करने वाले आदि तरह-तरह के आरोप लगाने वालों की जुबान पर मानो ताला जड़ दिया गया था।

लोक निर्माण मंत्री मनीष सिसोदिया द्वारा पेश किए गए विश्वास प्रस्ताव पर चली साढ़े चार घंटे की चर्चा का जवाब देने के लिए जैसे ही मुख्यमंत्री खड़े हुए आम आदमी पार्टी के सदस्यों ने जोरदार तरीके से मेजें थपथपाकर उनका स्वागत किया। दर्शक दीर्घा में पहुंचे पार्टी के समर्थक कायदे-कानून भूल ताली पीटने लगे। उसके बाद चारों ओर सन्नाटा छा गया। बीच-बीच में सिर्फ कैमरों के शटर की आवाज भर सुनाई दे रही थी। केजरीवाल के पूरे भाषण को सुनकर लगा कि किसी भी राजनेता को उत् तेजित कर देने वाले तमाम आरोपों को मानो उन्होंने सुना तक नहीं था। उन्होंने न तो किसी आरोप का जवाब दिया और न ही अपनी ओर से किसी पर कोई आरोप ही लगाया। बस वे अपनी धुन में बोल रहे थे।

किसी भ्रष्टाचारी को बख्शा नहीं जाएगा
मुख्यंमत्री ने कहा कि मैं सदन को यह विश्वास दिलाना चाहता हूं कि चाहे पिछली सरकार हो, एमसीडी हो अथवा आम आदमी पार्टी की सरकार हो, किसी भी भ्रष्टाचार करने वाले को नहीं बख्शा जाएगा।

क्या है आम आदमी की परिभाषा
केजरीवाल ने आम आदमी की परिभाषा भी बताई। भाजपा के साहब सिंह चौहान द्वारा रेहड़ी, पटरी वालों, छोले बेचने वालों, चाय बेचने वाले लोगों को आम आदमी बताए जाने का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं इन लोगों के साथ-साथ मध्यम वर्ग के लोगों को भी आम आदमी मानता हूं। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति आम आदमी है जो भ्रष्टाचार के खिलाफ है। जो बेईमानी चाहता है, वही खास आदमी है।

सरकार बचाने नहीं आया
केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी की किसी भी पार्टी से कोई दुश्मनी नहीं है। उन्होंने कहा कि मैं यहां सरकार बचाने नहीं आया। हम लोग छोटे लोग हैं, मामूली आदमी हैं। हमने कभी चुनाव लड़ने, जीतने और सरकार बनाने की नहीं सोची। उन्होंने कहा कि आम आदमी को आजादी के 65 साल बाद भी दो जून की रोटी, शिक्षा, स्वास्थ्यच् अच्छी न्याय व्यवस्था नहीं मिली। आज हम सबको मिलकर यह सोचने की जरूरत है।

आम आदमी को मत ललकारना
उन्होंने कहा कि गरीबों के कल्याण के लिए बहुत पैसा खर्च हुआ लेकिन वह कहां गया? उन्होंने कहा कि इस देश की राजनीति भ्रष्ट हो गई है। उन्होंने कहा कि यदि चारों ओर खराबी नजर आ रही है तो इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि इस देश की राजनीति भ्रष्ट हो गई है। उन्होंने कहा कि दो साल पहले देश के आम आदमी ने सड़क पर उतर कर नेताओं से भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त कानून बनाने की मांग की थी। लेकिन नेताओं ने हमें ललकारा। कहा कि खुद चुनाव लड़कर दिखाओ। उन्हें शायद यह मुगालता था कि आम आदमी भला कहां से चुनाव लड़ेगा लेकिन उन्होंने ऐसा कह कर जिंदगी की सबसे बड़ी भूल कर दी।

केजरीवाल के 17 मुद्दे :
अरविंद केजरीवाल ने बृहस्पतिवार को विधानसभा में 17 मुद्दों की चर्चा कर तमाम विधायकों से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर उनका समर्थन करने की अपील की।
1. वीआइपी कल्चर खत्म करना : नेता के लिए ट्रैफिक न रुके, सुरक्षा का तामझाम न हो।
2. जनलोकपाल बिल : ऐसा सख्त कानून पास हो कि भ्रष्टाचारियों की रूह कांप उठे।
3. स्वराज की कल्पना साकार हो : जनता का पैसा कहां खर्च हो यह जनता तय करे।
4. न्याय व्यवस्था अच्छी हो : अदालतों की संख्या बढ़े, जजों की संख्या बढ़ाई जाए।
5. दिल्ली को पूर्ण राच्य का दर्जा मिले।
6. बिजली कंपनियों के खातों की जांच कराई जाए।
7. बिजली के मीटरों की जांच कराई जाए।
8. शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
9. अनधिकृत कॉलोनियों की हालत सुधरे।
10. झुग्गी-झोंपड़ी बस्तियों की समस्याओं का समाधान हो।
11. ठेका पर कर्मचारी का चलन बंद हो, जो कर्मचारी ठेके पर हैं उन्हें नियमित किया जाए।
12. व्यापार उद्योग की हालत सुधरे। व्यापारियों को आराम से धंधा करने दिया जाए।
13. खुदरा बाजार में एफडीआइ का विरोध।
14. राजधानी के गांव-देहातों की हालत सुधरे।
15. शिक्षा की अच्छी व्यवस्था हो। सरकारी स्कूलों की हालत सुधरे, निजी स्कूलों के डोनेशन पर रोक लगे।
16. बेहर स्वास्थ्य सुविधाएं मिले।
17. महिलाओं की सुरक्षा के लिए महिला सुरक्षा दल बने।

Kejriwal will use double duplex residence in Delhi

नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का पता शीघ्र ही बदलने जा रहा है। अब वो गाजियाबाद के कौशांबी से दिल्ली के लुटियंस जोन में आकर आम आदमी की तकलीफ को सुनेंगे और दूर करेंगे।

राजनीति से वीआइपी संस्कृति समाप्त करने पर जोर देने वाले मुख्यमंत्री केजरीवाल का नया पता भगवान दास रोड स्थित फ्लैट नंबर-7/6, 7/7 होगा। डीडीए के इस 10 कमरे के सरकारी फ्लैट में तेजी से काम चल रहा है। 9 हजार वर्गफुट जमीन पर बने इस मकान में पांच-पांच कमरे के दो फ्लैट हैं। इन दोनों फ्लैटों की दीवार को तोड़कर एक कर दिया गया है।

यहां छह हजार वर्गफुट में कारपेट एरिया है, जबकि तीन हजार वर्ग फुट में लॉन है। फ्लैट नंबर 7/6 में आप कार्यालय होगा, जहां से मुख्यमंत्री आप का कामकाज देखेंगे। जबकि 7/7 में वह अपने परिवार के सदस्यों के साथ रहेंगे। अभी केजरीवाल गाजियाबाद के कौशांबी स्थित गिरनार अपार्टमेंट में अपने माता-पिता, पत्‍‌नी व बच्चों के साथ रह रहे हैं।

मालूम हो कि सरकारी अधिकारियों ने केजरीवाल को मुख्यमंत्री आवास की पेशकश की थी, लेकिन उन्होंने इससे इन्कार करते हुए कहा था कि वह सरकारी बंगले में नहीं रहेंगे और न ही सुरक्षा लेंगे। 

लेकिन इसके बावजूद उन्हें सरकारी आवास और त्रिस्तरीय उच्च कोटि की सुरक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। केजरीवाल राजनीति में वीआइपी संस्कृति को खत्म करने के हिमायती हैं।

उधर, इस बाबत भाजपा नेता विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि केजरीवाल की शुरुआत से ही कथनी और करनी में अंतर रहा है। वह कहते कुछ हैं और करते कुछ हैं। उनका काम केवल जनता को भ्रमित करना है। यही उन्होंने बिजली और पानी के मुद्दे पर भी किया है। इनकी जल्द ही पोल खुल जाएगी।

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Wednesday, 1 January 2014

Kejriwal government will face vote of confidence in Delhi Assembly



नई दिल्ली। दिल्ली में सरकार बनाकर नया इतिहास रचने वाली आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार को बृहस्पतिवार को दिल्ली विधानसभा में विश्वास मत हासिल करना है। कांग्रेस ने एक बार फिर दोहराया है कि वह 'आप' सरकार के समर्थन में वोट देगी। अब इसमें कोई संदेह नहीं रह गया है कि सरकार सदन में अपना बहुमत साबित कर देगी। इस बीच, भाजपा के वरिष्ठ नेता जगदीश मुखी ने स्पीकर पद के लिए नामांकन दाखिल किया है। भाजपा अपने सभी 31 विधायकों विश्वास मत के खिलाफ वोट करने के लिए व्हिप जारी करेगी।

आज दोपहर दो बजे 'आप' के विधायक मनीष सिसोदिया सदन में विश्वास प्रस्ताव रखेंगे और इस पर चर्चा के बाद वोटिंग कराई जाएगी। चर्चा में 'आप' के आठ विधायक भाग लेंगे। 

उधर, केजरीवाल द्वारा यह कहे जाने पर कि उनके पास वक्त कम बचा है, के अलग सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। उन्हें कहीं न कहीं विधानसभा में सरकार की हार का खतरा भी है। आखिर केजरीवाल को इस बात का डर क्यों है, आइए जानते हैं सदन के आंकड़ों के लिहाज से इसका जवाब :-

सदन के आंकड़े
अगर सदन के गणित की बात करें तो अकाली दल के साथ भाजपा के 32 विधायक हैं। इधर आप के 28 विधायक हैं और कांग्रेस के 8 विधायक सरकार को समर्थन कर रहे हैं। जनता दल यूनाइटेड के शोएब इकबाल ने भी आप को समर्थन दिया है। इस प्रकार सदन में सरकार के पक्ष में 37 विधायक हैं, जबकि बहुमत के लिए 36 विधायकों का समर्थन चाहिए।

कांग्रेस के एक विधायक मतीन अहमद को प्रोटेम स्पीकर बना दिया गया है। इसके बावजूद सरकार के पक्ष में 36 मत पड़ने चाहिए। यदि ऐसा ही होता है तो सरकार को कोई खतरा नहीं है। लेकिन कांग्रेस के जयकिशन और आप के दिनेश मोहनिया बुधवार को शपथ लेने सदन में नहीं पहुंचे। जाहिर तौर पर यदि वे बृहस्पतिवार को भी सदन में नहीं पहुंचे तो सत्ता पक्ष की संख्या घटकर 34 रह जाएगी। अगर, कांग्रेस के कुछ असंतुष्ट विधायक भी आप के खिलाफ चले जाते हैं तो सरकार को खतरा है, लेकिन देखने वाली बात यह है कि कांग्रेसी विधायक आलाकमान की ही बात मानेंगे।

उधर, यदि निर्दलीय विधायक रामवीर शौकीन भाजपा के पाले में वोट करते हैं तो विपक्ष के वोट 33 तक पहुंच जाएंगे। ऐसे में यदि सत्ता पक्ष के दो और विधायक सदन की बैठक से अनुपस्थित हो जाते हैं तो सरकार सदन में हार सकती है।

कांग्रेस के दिल्ली प्रभारी डॉ. शकील अहमद ने बुधवार को यह बयान दिया कि कांग्रेस तो आप की सरकार को समर्थन देने को तैयार है, लेकिन सत्ताधारी दल को अपने विधायकों की चिंता करनी चाहिए। वर्तमान सियासी माहौल में उनके इस बयान के गंभीर राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। दूसरी ओर मुख्यमंत्री द्वारा बार-बार कम वक्त होने की बात कहने से भी अनिश्चितता का माहौल बन रहा है।

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Congress has no other way to continue the support to Delhi government




[अजय पांडेय], नई दिल्ली। दिल्ली की सियासत का यह बेहद यादगार लम्हा है। बृहस्पतिवार का दिन सूबे में अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली आम आदमी पार्टी सरकार की किस्मत तय कर देगा। विपक्षी भाजपा चाहती है कि यह सरकार गिर जाए। खुद सत्ताधारी दल के हुक्मरानों को भी (आप के नेता बार-बार कांग्रेस पर आंखें तरेर रहे हैं) सरकार के गिर जाने की परवाह नहीं है। और कांग्रेस की बेबसी देखिए कि वह न चाहते हुए भी इस सरकार को एक प्रकार से अपने कंधों पर ढोने को विवश है। वह बिलकुल नहीं चाहती कि यह सरकार कम से कम इस वक्त गिरे। इस सरकार की जिंदगी वह अपने हिसाब से तय करना चाहती है।

मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली वालों को रोजाना 666 लीटर मुफ्त पानी देने का फैसला कर दिया। उन्होंने बिजली की कीमत को आधा करने का वादा भी निभा दिया। निजी बिजली कंपनियों की नाक में नकेल डालने का काम करते हुए उन्होंने इनके खातों की कैग से जांच कराने का आदेश भी जारी कर दिया। राजनीतिक फायदे नुकसान की बात करें तो उन्होंने अपना काम पूरा कर लिया है। उनका यह अनुमान बिलकुल सही लगता है कि यदि अगले कुछ महीनों में दिल्ली विधानसभा के फिर से चुनाव हुए तो उनकी पार्टी को पूर्ण बहुमत प्राप्त हो जाएगा।

दूसरी ओर सत्ता से चार कदम पीछे रह गई भाजपा भी चुनाव चाहती है। यदि यह सरकार गिर जाती है तो सियासी दृष्टि से भाजपा के रणनीतिकारों का खुश होना लाजिमी है। पार्टी की सोच यह है कि यदि सरकार गिर गई और चुनाव की नौबत आई तो थोड़े दिनों के राष्ट्रपति शासन के बाद लोकसभा चुनाव के साथ विधानसभा के भी चुनाव होंगे और पार्टी अपने प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता की लहर में दिल्ली का चुनाव भी जीत लेगी।

सियासी जानकारों की मानें तो एकमात्र कांग्रेस ही ऐसी पार्टी है जो कम से कम इस माहौल में चुनाव बिल्कुल नहीं चाहती। पार्टी के एक विधायक ने कहा कि इस वक्त हमने ऐसा क्या कर दिया है जिसे लेकर हम जनता के बीच जाएंगे। जाहिर है कि 15 साल की अपनी सत्ता गंवा चुकी पार्टी को फिलहाल चुनाव भारी घाटे का सौदा समझ में आ रहा है। शायद यही वजह है कि वह किसी भी कीमत पर अगले कुछ महीनों तक इस लंगड़ी सरकार की बैसाखी बने रहना चाहती है।

कांग्रेस के रणनीतिकारों का मानना है कि जून-जुलाई की गर्मियों में पानी-बिजली को लेकर मचने वाला हाहाकार केजरीवाल की लोकप्रियता की हवा निकाल देगा और तब हवा कांग्रेस के पक्ष में बहने लगेगी। उस समय न मोदी की लहर का खतरा होगा और न ही केजरीवाल का जादू काम करेगा। अब देखना यह है कि बृहस्पतिवार को सदन में किसकी किस्मत बुलंद होती है।

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Tuesday, 31 December 2013

Be careful if want free water in Delhi



नई दिल्ली [राज्य ब्यूरो]। बेशक केजरीवाल सरकार ने लोगों को हर महीने 20 हजार लीटर मुफ्त देने का एलान कर तो दिया है, लेकिन इस छूट को पाने के लिए लोगों को पानी की बूंद-बूंद का हिसाब रखना होगा। पांच लोगों के परिवार में अंदाजन एक व्यक्ति को 133 लीटर से अधिक पानी खर्च नहीं करना होगा, वरना उसको जल बोर्ड के महंगे बिलों का सामना करना पड़ सकता है। 

हालांकि आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने चुनाव से पहले हर परिवार को रोजाना 700 लीटर पानी मुफ्त देने का वादा किया था, लेकिन अब इसे घटा दिया गया है। एक परिवार को 20 हजार लीटर यानी 30 दिन के महीने में 666 लीटर और 31 दिन के महीने में 645 लीटर पानी ही खर्च करना होगा।

बकाया पर 30 फीसद छूट बरकरार :
दिल्ली जलबोर्ड ने बकाया राशि के भुगतान पर 30 फीसद छूट देने की अवधि तीन महीने के लिए बढ़ा दी है। यह अवधि 31 दिसंबर को खत्म हो रही थी, लेकिन सोमवार को हुई बैठक में यह अवधि बढ़ा दी गई है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस फैसले पर मुहर लगाई गई। यह छूट देर से किए गए बकाया भुगतान पर लगने वाले सरचार्ज पर दी जाती है।
ऐसे करें खर्च :
पीने का पानी 3 लीटर
खाने में 4 लीटर
नहाने में 20 लीटर
टॉयलेट फ्लशिंग 40 लीटर
कपड़े धोने में 25 लीटर
बर्तन धोने में 20 लीटर
बागबानी में 23 लीटर
कुल- 135 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन
[नोट : सेंट्रल पब्लिक हेल्थ एंड एन्वायरमेंटल इंजीनियरिंग आर्गेनाइजेशन के मैनुअल के अनुसार एक व्यक्ति को इतने पानी की जरूरत होती है] 


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Veteran actor manoj kumar met with Delhi CM expecting justice





मुंबई। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सबके लिए जैसे मसीहा बन गए हैं। आपने अब तक आम लोगों को अपनी परेशानियां लेकर अरविंद जी के पास जाते सुना होगा, लेकिन अब बॉलीवुड अभिनेता मनोज कुमार भी अपनी समस्या का समाधान पाने के लिए केजरीवाल का दरवाजा खटखटाएंगे।

सूत्रों ने बताया कि मनोज कुमार ने हाल ही में सालों से दिल्ली सरकार के कब्जे में पड़ी अपनी जमीन के मुद्दे पर मुलाकात कर सकते हैं।

बताया जाता है कि साल 2005 से दिल्ली सरकार ने भारत कुमार के नाम से मशहूर मनोज कुमार की 45 एकड़ की जमीन अपने कब्जे में कर रखी है। या यूं कहें कि अपने नाम कर ली है। मनोज कुमार ने एक अंग्रेजी अखबार से बातचीत में कहा कि वे और उनका परिवार साल में एक दो बार दो-चार महीने के लिए वहां जाते हैं। उन्होंने कहा, 'ये कहां का इन्साफ है कि सरकार उनसे भले ही एक रुपये ले रही है, लेकिन उसे 100 रुपये में बिल्डरों को बेच रही है।' उन्होंने कहा कि अगर सरकार इसे सामाजिक विकास के काम में इस्तेमाल करना चाहती है, तो फिर ठीक है, लेकिन इस तरह से इसका गलत इस्तेमाल न करे। उन्होंने कहा कि अगर मुझसे बात नहीं बनती है तो मैं अपने बेटे को केजरीवाल के पास बातचीत के लिए भेजूंगा।

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Sunday, 29 December 2013

... when Doctors asked to call Kejriwal

नई दिल्ली [जासं]। दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार भले ही बन गई हो, मगर अस्पतालों में डॉक्टरों का रवैया अभी नहीं बदला है। दिल्ली गेट स्थित लोकनायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल (एलएनजेपी) में जब डॉक्टर एक नेत्रहीन छात्र को बगैर इलाज किए ही अस्पताल से बाहर निकालने लगे तो उसने आप नेताओं को बुलाने की बात कही। इससे डॉक्टर भड़क गए और उन्होंने गुस्से में कहा कि 'बुला ले केजरीवाल को। पहले वह बिस्तर बढ़वाएं, फिर हम तुम्हें भी अस्पताल में भर्ती कर लेंगे।'

रोहिणी के अंधमहाविद्यालय का छात्र रवींद्र चौहान किसी काम से सुबह कनॉट प्लेस के लिए निकला था। रास्ते में माइग्रेन का दर्द उठने पर उसने सौ नंबर पर फोन किया और पुलिस उसे एलएनजेपी अस्पताल ले आई। पुलिस ने उसे अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती करा दिया। मगर डॉक्टरों ने रवींद्र का इलाज नहीं किया। दर्द बंद न होने पर उसने डॉक्टरों से इलाज करने को कहा। रवींद्र ने चेतावनी दी कि अगर डॉक्टर उसकी बात नहीं सुनेंगे तो वह आप के नेताओं को बुलाएगा। वह मुख्यमंत्री केजरीवाल से इस बात की शिकायत करेगा। इससे डॉक्टर नाराज हो गए और उन्होंने उसे इमरजेंसी से बाहर निकाल दिया। गौरतलब है शनिवार को शपथ लेने के बाद स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र कुमार जैन ने शाम को एलएनजेपी अस्पताल का औचक निरीक्षण किया था। अक्सर यहां डॉक्टरों की लापरवाही सामने आती रहती हैं।

Delhi chief minister suffers from cold and fever




नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल बीमार पड़ गए हैं। केजरीवाल को करीब 102 डिग्री बुखार के साथ-साथ सर्दी-खांसी और डायरिया की भी शिकायत है। डॉक्टरों ने उन्हें आराम करने की सलाह दी है। बीमार पड़ने पर केजरीवाल ने कहा कि भगवान ने बहुत गलत समय पर उन्हें बीमार किया है। वे आज दफ्तर नहीं जा रहे हैं, जबकि आज दफ्तर जाना बहुत जरूरी था।

गौरतलब है कि चुनाव से लेकर सरकार बनने तक केजरीवाल को काफी भागमभाग करनी पड़ी थी और सरकार बनाने के पूर्व के जद्दोजहद और तैयारियों के समय भी उन्हें खांसी से ग्रस्त देखा गया था। मीडिया से मुखातिब होते समय उन्हें कई बार खांसी भी आ जाती थी। फिलहाल दिल्ली में ठंड काफी बढ़ गई है, जो सबको कंपा रही है, तो मुख्यमंत्री भी इससे अछूते नहीं रहे और उन्हें भी सर्दी-बुखार के साथ डायरिया हो गया है। 

उधर, दूसरी तरफ अनधिकृत कॉलोनियों पर आज बड़ा फैसला होने की संभावना है। कैबिनेट मंत्री मनीष सिसोदिया ने सभी विभागों की बैठक बुलाई है। इसके साथ ही शिक्षा पर भी बड़ा फैसला जल्द लिया जा सकता है। यही नहीं, मनीष सिसोदियो तो आज कर्मचारियों के दफ्तर पहुंचने से पहले ही पहुंच गए। 

इसके अलावा आज आम आदमी पार्टी (आप) की प्रमुख घोषणाओं में से एक दिल्ली के हर परिवार को प्रतिदिन 700 लीटर मुफ्त पानी देने की घोषणा हो सकती है, लेकिन केजरीवाल के बीमार होने के कारण इस घोषणा पर संशय बरकरार है। केजरीवाल ने इसके लिए जल बोर्ड की बैठक भी बुलाई है, लेकिन अब देखना यह है कि यह बैठक आज हो पाती है या नहीं। वहीं, सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री की गैरमौजूदगी में भी यह बैठक हो सकती है।
बोर्ड की ओर से बैठक का नोटिस रविवार शाम तक जल बोर्ड के सभी सदस्यों को भेज दिया गया है। हालांकि नोटिस के साथ कोई एजेंडा नहीं भेजा गया है, लेकिन जल बोर्ड के सूत्रों का कहना है कि सोमवार को होने वाली बैठक में 700 लीटर पानी मुफ्त देने की घोषणा कर दी जाएगी। 

शनिवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के समक्ष जल बोर्ड की ओर से कुछ आंकड़े रखे गए थे, जिसमें अधिकारियों ने उन्हें समझाने की कोशिश की कि 700 लीटर मुफ्त पानी देने से जल बोर्ड को नुकसान होगा। लेकिन मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया कि वह पहले ही कार्ययोजना तैयार कर चुके हैं और जानते हैं कि इससे कितना नुकसान होगा। बताया जाता है कि इसी के चलते उन्होंने जल बोर्ड की मुख्य कार्यकारी अधिकारी देवाश्री मुखर्जी का तबादला करने के आदेश दिए। 

जल बोर्ड के तीन सदस्यों को रविवार को पता चला कि वे जल बोर्ड के सदस्य हैं। हालांकि इन सदस्यों का मनोनयन जून में हो गया था, लेकिन दिल्ली सरकार के शहरी विकास विभाग ने ये पत्र जल बोर्ड को नहीं भेजे थे। नई सरकार के आने के बाद शनिवार देर शाम ये पत्र जारी किए गए और रविवार को सदस्यों को ये पत्र मिले। दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के भाजपा पार्षद पंकज सिंह ने बताया कि उन्हें रविवार को बोर्ड का सदस्य मनोनीत किए जाने की सूचना मिली। उसके कुछ देर बाद ही सोमवार को होने वाली बोर्ड बैठक की भी सूचना मिली। उनके अलावा निगम पार्षद मीरा अग्रवाल और जय गोपाल को भी बोर्ड का सदस्य मनोनीत किया गया है। 
जल बोर्ड के 16 दिसंबर, 2009 के आदेश के मुताबिक हर साल एक जनवरी से पानी की दरों में दस फीसद की वृद्धि हो जाएगी, इस वृद्धि के लिए बोर्ड को अपने सदस्यों से अनुमति लेने की जरूरत नहीं है। इस आदेश के कारण ही तीन साल से पानी की दरें बढ़ रही हैं। हालांकि इस साल पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के निर्देश के कारण यह वृद्धि नहीं हुई, परंतु सोमवार को हो रही जल बोर्ड की बैठक में इस पर भी कोई निर्णय लिया जा सकता है। हालांकि, बोर्ड सूत्रों के अनुसार शनिवार को अधिकारियों ने इस फैसले के बारे में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को कोई जानकारी नहीं दी। बावजूद इसके आप के घोषणा पत्र में इस वृद्धि को समाप्त करने का वादा किया गया था, इसलिए ऐसा अनुमान है कि सोमवार को इस वृद्धि को वापस लिया जा सकता है।

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