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Wednesday, 15 January 2014

Binny Upsets with AAP's principles, Kejriwal replies back

  
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के विधायक विनोद कुमार बिन्नी की ओर से बगावती सुर सुनाई देने के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उनपर पलटवार करते हुए कहा कि बिन्नी को पार्टी ने लोकसभा टिकट देने से मना कर दिया है, इसलिए वे नाराजगी जता रहे हैं। 

केजरीवाल ने कहा कि सरकार गठन के समय बिन्नी मंत्री पद के लिए आए थे और आज लोकसभा टिकट के लिए आए थे, लेकिन पार्टी ने उन्हें टिकट देने से मना कर दिया है। 

गौरतलब है कि लक्ष्मीनगर से विधायक विनोद कुमार बिन्नी ने 'आप' पर आरोप लगाए हैं कि वह आम जनता से छल कर रही है। इस पर आप में हाल ही शामिल हुए टीवी पत्रकार आशुतोष ने पलटवार करते हुए कहा कि अब रूठने और मनाने का खेल बंद होना चाहिए। पार्टी में लालच और महत्वाकांक्षाओं से भरे लोगों की कोई जरूरत नहीं है।

बिन्नी ने कहा कि पार्टी मुद्दों से भटक रही है। वह अब जनता के हित के बारे में नहीं सोच रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने जनता से जो वादे किए थे वह उससे मुकर रही है। पार्टी अपने वादों से पीछे हट रही है। उन्होंने बताया कि कल वे इस मामले को लेकर एक प्रेस कांफ्रेंस भी करेंगे।

इससे पहले मंत्रीपद को लेकर पार्टी के साथ हुई खींचतान पर उन्होंने कहा कि वे कभी भी मंत्री बनने के लिए पार्टी में शामिल नहीं हुए थे। वे तो बस काम करने के लिए यहां आए थे। उन्होंने कहा कि 15 दिन पहले पार्टी की जो स्थिति थी वह आज भी है। सिर्फ कहने से बदलाव नहीं होते करना पड़ता है। 

गौरतलब है कि जब केजरीवाल सरकार का गठन हो रहा था उस वक्त भी बिन्नी के साथ पार्टी के मतभेद सामने आए थे। कहा गया था कि बिन्नी सरकार में मंत्रीपद नहीं मिलने पर वे नाराज हो गए थे। हालांकि बाद में बिन्नी ने साफ किया था कि ऐसा कुछ भी नहीं है।

Tuesday, 14 January 2014

I not with any political party And Jai ho is hardly related to politics

 
 मुंबई। सलमान खान ने खुद को हमेशा ही राजनीति से दूर रखा है, लेकिन उनकी अगली फिल्म 'जय हो' कहीं न कहीं मौजूदा राजनीतिक स्थिति से जुड़ी है। ऐसे में किसी भी कार्यक्रम में बार-बार राजनीति से जुड़े सवाल पूछे जाने पर सलमान कहते हैं कि उन्हें राजनीति में कोई दिलचस्पी नहीं है और वे किसी भी पार्टी (आम आदमी पार्टी) के साथ नहीं हैं। उन्होंने कहा कि एक जैसे सवालों से वे पक गए हैं।

सलमान इन दिनों अपनी फिल्म जय हो के प्रमोशन के लिए जहां भी जाते हैं, उन पर बस राजनीति से जुड़े सवालों की ही बारिश होती है। इन सवालों से परेशान होकर सलमान ने हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि उनकी इस फिल्म में आम आदमी का बस जिक्र ही किया गया है। फिल्म आम आदमी पार्टी से कतई जुड़ी नहीं है। उनसे पूछा गया कि क्या वे 'आप' के साथ हैं तो उन्होंने कहा कि वे किसी भी पार्टी के साथ नहीं हैं।

 बताया जाता है कि जय हो आम आदमी के ताकत की कहानी पर आधारित फिल्म है, ऐसे में स्वाभाविक है कि सलमान 'आप' से प्रभावित हैं। लेकिन सल्लू ने साफ कह दिया वे किसी के साथ नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कई राजनीतिक पार्टी हैं जो अच्छा काम कर रही हैं मैं उनके साथ हूं। 

जय हो 24 जनवरी को रिलीज हो रही है। फिल्म में डेजी शाह हैं। इससे पहले भी सलमान ने आप को आगाह किया था कि फिल्म के डायलॉग को राजनीति से न जोड़ें। 

Wednesday, 8 January 2014

Congress makes distance from Jairam Ramesh's remark on AAP

नई दिल्ली। दिल्ली में सरकार बनाने का करिश्मा दिखाने वाली आम आदमी पार्टी (आप) की केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश कई मौकों पर तारीफ कर चुके हैं। अब उन्होंने कहा है कि राजनीतिक दलों को आप का मखौल नहीं उड़ाना चाहिए। यह नौसिखिया पार्टी अनेक जायज मुद्दों को लेकर अपने कई रूप दिखा सकती है। यह दशावतार है। इसने भाजपा की नींद उड़ाकर रख दी है।

बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में जयराम ने कहा कि कांग्रेस आप को अनदेखा नहीं कर सकती क्योंकि इसने भ्रष्टाचार, राजनीति में शुचिता समेत अनेक मुद्दों के खिलाफ आवाज उठा कर जीत हासिल की है। कम्युनिस्ट पार्टी कहती है कि वह भी आम आदमी पार्टी है। पर भाजपा को इससे सबसे ज्यादा खतरा है। अगर आने वाले दिनों में भाजपा के सहयोग से पंजाब के मुख्यमंत्री बने अकाली नेता प्रकाश सिंह बादल अपने आप को नहीं बदलते हैं तो आम आदमी पार्टी उनका करियर खत्म कर देगी। अलग-अलग राज्यों में इस दल के अलग-अलग अवतार हैं। जयराम रमेश का यह बयान दो दिन पहले केंद्रीय सूचना व प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी द्वारा दिए गए बयान से पूरी तरह उलट है। तिवारी ने कहा था कि अन्य दलों को आप की सफलता से भयभीत और कुंठित होने की कोई आवश्यकता नहीं है। इस तरह के अनेक दल आकर इतिहास बन चुके हैं।

कांग्रेस ने झाड़ा पल्ला
कांग्रेस ने केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश के उस बयान से पल्ला झाड़ लिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर हमने दो साल पहले लोकपाल बिल पास कर दिया होता तो दिल्ली चुनाव में पार्टी की इतनी बुरी गति नहीं होती। पार्टी प्रवक्ता शकील अहमद ने कहा कि यह मंत्री का व्यक्तिगत विचार है। पार्टी का इससे कोई लेना-देना नहीं है।

Source: Hindi News

Thursday, 2 January 2014

Aamir says, AAP explains Meaning of Swaraj to Delhi

मुंबई (शुभा शेंट्टी शाहा)। बदलाव प्रकृति का दस्तूर है और अगर ये बदलाव विकास को गति देने के लिए हो तो जनता इसे दिल से स्वीकार करती है। जी हां, ऐसा ही कुछ दिल्ली की जनता के साथ हुआ है। लोगों ने बदलाव के लिए आवाज उठाई और 'अरविंद केजरीवाल' के नाम की लहर पूरी राजधानी में बह गई। अभिनेता आमिर खान ने केजरीवाल के इरादों को बल देते हुए कहा कि उन्होंने लोगों को 'स्वराज' यानी आजादी का असली मतलब समझाया है।

आमिर खान ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि केजरीवाल ने दिल्ली में बदलाव की जो आंधी लाई है, उससे लोगों में क्रांति की एक लहर बहती दिखाई दे रही है। लोगों ने इस परिवर्तन को दिल से स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि वे क्या पूरी देश की जनता इस फैसले से खुश है। आमिर ने अपने रियलिटी शो सत्यमेव जयते के संदर्भ में कहा कि पहले जब ये शो शुरू हुआ था, सबको डर लग रहा था कि लोग इसे अपना पाएंगे या नहीं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। जनता ने इसे पूरी तरह अपने जीवन से जोड़कर देखना शुरू कर दिया।

उन्होंने कहा कि जनता आगे आने लगी। वे इन मुद्दों पर चर्चा करने लगी। उनके खामोश लबों को जैसे जुबान मिल गई। वे रोजाना कोई न कोई सामाजिक समस्या की बातें करने लगे। उनके इस रवैये से ये तो साफ है कि वे अपने पूरे सोशल सिस्टम में बदलाव चाहते हैं। वे कुछ नया चाहते हैं और इसका ही नतीजा है कि आज दिल्ली की सत्ता पर इतने साल से काबिज कांग्रेस सरकार का सफाया हो गया है। जनता ने अपनी सरकार खुद चुनी है।

Kejriwal will use double duplex residence in Delhi

नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का पता शीघ्र ही बदलने जा रहा है। अब वो गाजियाबाद के कौशांबी से दिल्ली के लुटियंस जोन में आकर आम आदमी की तकलीफ को सुनेंगे और दूर करेंगे।

राजनीति से वीआइपी संस्कृति समाप्त करने पर जोर देने वाले मुख्यमंत्री केजरीवाल का नया पता भगवान दास रोड स्थित फ्लैट नंबर-7/6, 7/7 होगा। डीडीए के इस 10 कमरे के सरकारी फ्लैट में तेजी से काम चल रहा है। 9 हजार वर्गफुट जमीन पर बने इस मकान में पांच-पांच कमरे के दो फ्लैट हैं। इन दोनों फ्लैटों की दीवार को तोड़कर एक कर दिया गया है।

यहां छह हजार वर्गफुट में कारपेट एरिया है, जबकि तीन हजार वर्ग फुट में लॉन है। फ्लैट नंबर 7/6 में आप कार्यालय होगा, जहां से मुख्यमंत्री आप का कामकाज देखेंगे। जबकि 7/7 में वह अपने परिवार के सदस्यों के साथ रहेंगे। अभी केजरीवाल गाजियाबाद के कौशांबी स्थित गिरनार अपार्टमेंट में अपने माता-पिता, पत्‍‌नी व बच्चों के साथ रह रहे हैं।

मालूम हो कि सरकारी अधिकारियों ने केजरीवाल को मुख्यमंत्री आवास की पेशकश की थी, लेकिन उन्होंने इससे इन्कार करते हुए कहा था कि वह सरकारी बंगले में नहीं रहेंगे और न ही सुरक्षा लेंगे। 

लेकिन इसके बावजूद उन्हें सरकारी आवास और त्रिस्तरीय उच्च कोटि की सुरक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। केजरीवाल राजनीति में वीआइपी संस्कृति को खत्म करने के हिमायती हैं।

उधर, इस बाबत भाजपा नेता विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि केजरीवाल की शुरुआत से ही कथनी और करनी में अंतर रहा है। वह कहते कुछ हैं और करते कुछ हैं। उनका काम केवल जनता को भ्रमित करना है। यही उन्होंने बिजली और पानी के मुद्दे पर भी किया है। इनकी जल्द ही पोल खुल जाएगी।

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Tuesday, 31 December 2013

Veteran actor manoj kumar met with Delhi CM expecting justice





मुंबई। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सबके लिए जैसे मसीहा बन गए हैं। आपने अब तक आम लोगों को अपनी परेशानियां लेकर अरविंद जी के पास जाते सुना होगा, लेकिन अब बॉलीवुड अभिनेता मनोज कुमार भी अपनी समस्या का समाधान पाने के लिए केजरीवाल का दरवाजा खटखटाएंगे।

सूत्रों ने बताया कि मनोज कुमार ने हाल ही में सालों से दिल्ली सरकार के कब्जे में पड़ी अपनी जमीन के मुद्दे पर मुलाकात कर सकते हैं।

बताया जाता है कि साल 2005 से दिल्ली सरकार ने भारत कुमार के नाम से मशहूर मनोज कुमार की 45 एकड़ की जमीन अपने कब्जे में कर रखी है। या यूं कहें कि अपने नाम कर ली है। मनोज कुमार ने एक अंग्रेजी अखबार से बातचीत में कहा कि वे और उनका परिवार साल में एक दो बार दो-चार महीने के लिए वहां जाते हैं। उन्होंने कहा, 'ये कहां का इन्साफ है कि सरकार उनसे भले ही एक रुपये ले रही है, लेकिन उसे 100 रुपये में बिल्डरों को बेच रही है।' उन्होंने कहा कि अगर सरकार इसे सामाजिक विकास के काम में इस्तेमाल करना चाहती है, तो फिर ठीक है, लेकिन इस तरह से इसका गलत इस्तेमाल न करे। उन्होंने कहा कि अगर मुझसे बात नहीं बनती है तो मैं अपने बेटे को केजरीवाल के पास बातचीत के लिए भेजूंगा।

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Sunday, 29 December 2013

Delhi chief minister suffers from cold and fever




नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल बीमार पड़ गए हैं। केजरीवाल को करीब 102 डिग्री बुखार के साथ-साथ सर्दी-खांसी और डायरिया की भी शिकायत है। डॉक्टरों ने उन्हें आराम करने की सलाह दी है। बीमार पड़ने पर केजरीवाल ने कहा कि भगवान ने बहुत गलत समय पर उन्हें बीमार किया है। वे आज दफ्तर नहीं जा रहे हैं, जबकि आज दफ्तर जाना बहुत जरूरी था।

गौरतलब है कि चुनाव से लेकर सरकार बनने तक केजरीवाल को काफी भागमभाग करनी पड़ी थी और सरकार बनाने के पूर्व के जद्दोजहद और तैयारियों के समय भी उन्हें खांसी से ग्रस्त देखा गया था। मीडिया से मुखातिब होते समय उन्हें कई बार खांसी भी आ जाती थी। फिलहाल दिल्ली में ठंड काफी बढ़ गई है, जो सबको कंपा रही है, तो मुख्यमंत्री भी इससे अछूते नहीं रहे और उन्हें भी सर्दी-बुखार के साथ डायरिया हो गया है। 

उधर, दूसरी तरफ अनधिकृत कॉलोनियों पर आज बड़ा फैसला होने की संभावना है। कैबिनेट मंत्री मनीष सिसोदिया ने सभी विभागों की बैठक बुलाई है। इसके साथ ही शिक्षा पर भी बड़ा फैसला जल्द लिया जा सकता है। यही नहीं, मनीष सिसोदियो तो आज कर्मचारियों के दफ्तर पहुंचने से पहले ही पहुंच गए। 

इसके अलावा आज आम आदमी पार्टी (आप) की प्रमुख घोषणाओं में से एक दिल्ली के हर परिवार को प्रतिदिन 700 लीटर मुफ्त पानी देने की घोषणा हो सकती है, लेकिन केजरीवाल के बीमार होने के कारण इस घोषणा पर संशय बरकरार है। केजरीवाल ने इसके लिए जल बोर्ड की बैठक भी बुलाई है, लेकिन अब देखना यह है कि यह बैठक आज हो पाती है या नहीं। वहीं, सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री की गैरमौजूदगी में भी यह बैठक हो सकती है।
बोर्ड की ओर से बैठक का नोटिस रविवार शाम तक जल बोर्ड के सभी सदस्यों को भेज दिया गया है। हालांकि नोटिस के साथ कोई एजेंडा नहीं भेजा गया है, लेकिन जल बोर्ड के सूत्रों का कहना है कि सोमवार को होने वाली बैठक में 700 लीटर पानी मुफ्त देने की घोषणा कर दी जाएगी। 

शनिवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के समक्ष जल बोर्ड की ओर से कुछ आंकड़े रखे गए थे, जिसमें अधिकारियों ने उन्हें समझाने की कोशिश की कि 700 लीटर मुफ्त पानी देने से जल बोर्ड को नुकसान होगा। लेकिन मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया कि वह पहले ही कार्ययोजना तैयार कर चुके हैं और जानते हैं कि इससे कितना नुकसान होगा। बताया जाता है कि इसी के चलते उन्होंने जल बोर्ड की मुख्य कार्यकारी अधिकारी देवाश्री मुखर्जी का तबादला करने के आदेश दिए। 

जल बोर्ड के तीन सदस्यों को रविवार को पता चला कि वे जल बोर्ड के सदस्य हैं। हालांकि इन सदस्यों का मनोनयन जून में हो गया था, लेकिन दिल्ली सरकार के शहरी विकास विभाग ने ये पत्र जल बोर्ड को नहीं भेजे थे। नई सरकार के आने के बाद शनिवार देर शाम ये पत्र जारी किए गए और रविवार को सदस्यों को ये पत्र मिले। दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के भाजपा पार्षद पंकज सिंह ने बताया कि उन्हें रविवार को बोर्ड का सदस्य मनोनीत किए जाने की सूचना मिली। उसके कुछ देर बाद ही सोमवार को होने वाली बोर्ड बैठक की भी सूचना मिली। उनके अलावा निगम पार्षद मीरा अग्रवाल और जय गोपाल को भी बोर्ड का सदस्य मनोनीत किया गया है। 
जल बोर्ड के 16 दिसंबर, 2009 के आदेश के मुताबिक हर साल एक जनवरी से पानी की दरों में दस फीसद की वृद्धि हो जाएगी, इस वृद्धि के लिए बोर्ड को अपने सदस्यों से अनुमति लेने की जरूरत नहीं है। इस आदेश के कारण ही तीन साल से पानी की दरें बढ़ रही हैं। हालांकि इस साल पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के निर्देश के कारण यह वृद्धि नहीं हुई, परंतु सोमवार को हो रही जल बोर्ड की बैठक में इस पर भी कोई निर्णय लिया जा सकता है। हालांकि, बोर्ड सूत्रों के अनुसार शनिवार को अधिकारियों ने इस फैसले के बारे में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को कोई जानकारी नहीं दी। बावजूद इसके आप के घोषणा पत्र में इस वृद्धि को समाप्त करने का वादा किया गया था, इसलिए ऐसा अनुमान है कि सोमवार को इस वृद्धि को वापस लिया जा सकता है।

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Thursday, 26 December 2013

Who is threatening to Congress MLA's

नई दिल्ली, राज्य ब्यूरो। दिल्ली में नई सरकार के गठन के लिए आम आदमी पार्टी (आप) को समर्थन देने के मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी में घमासान जारी है। बुधवार देर रात एक बजे से तड़के चार बजे के बीच कांग्रेस के चार विधायकों पर यह दबाव बनाया जा रहा था कि वो यह लिखकर दे दें कि कांग्रेस को सरकार बनाने के लिए आप को समर्थन नहीं देना चाहिए। विधायकों को धमकाने वाले खुद को कांग्रेस हाईकमान से जुड़ा बता रहे थे। एक विधायक ने 100 नंबर पर फोन कर पुलिस को भी इसकी इत्तला दी। विधायकों के घर जाने वाले ये लोग सफेद रंग की फार्चुनर गाड़ी में सवार थे, जिसका नंबर एचआर11ई1168 बताया गया है।

सीलमपुर, मतीन अहमद:- सीलमपुर से कांग्रेस विधायक मतीन अहमद ने बताया कि बुधवार की रात करीब दो बजे तीन लोग उनके घर पहुंचे और दरवाजा खटखटाकर उन्हें जगाया। पहली मंजिल पर उनका कार्यालय है। एक व्यक्ति गाड़ी से उतरकर उनके साथ कार्यालय तक आया। उसका कहना था कि उसे हाईकमान ने भेजा है। विधायक ने बताया, उस व्यक्ति का कहना था कि मैं उसे लिखकर दे दूं कि मैं केजरीवाल को समर्थन देने के खिलाफ हूं। इस पर मैंने उन्हें कहा कि कांग्रेस पार्टी पहले ही अपना फैसला कर चुकी है आम आदमी पार्टी को सरकार बनाने के लिए समर्थन दिया जाएगा और पार्टी के सभी विधायक इस फैसले के साथ हैं। मतीन का कहना था कि संबंधित व्यक्ति ने बहुत कोशिश की कि मैं उसे लिखकर दे दूं लेकिन मैंने मना कर दिया। इसके बाद वह चला गया।

जामिया नगर,मोहम्मद आसिफ :- जामियानगर में रहने वाले ओखला विस सीट से कांग्रेस विधायक मोहम्मद आसिफ के घर पर भी सफेद रंग की फार्चुनर गाड़ी रात करीब सवा तीन बजे पहुंची। उनके घर का दरवाजा खटखटाया गया। विधायक ने उस व्यक्ति से पूछताछ की तो उसने अपना नाम सुनील बताया और कहा कि उसे पार्टी हाईकमान ने भेजा है। विधायक ने बताया कि उन्होंने 100 नंबर पर कॉल कर पुलिस को मामले की सूचना दी। लेकिन समय रहते जब पुलिस जिप्सी नहीं पहुंची तो उन्होंने स्थानीय थानाध्यक्ष को फोन कर पूरे मामले की सूचना दी। जब तक पुलिस पहुंचती, तब तक दो लोग फार्चुनर गाड़ी पर सवार होकर चल दिए। विधायक ने बताया कि उन्हें बाद में पुलिस से जानकारी मिली कि बाइक से पैट्रोलिंग करने वाले दो पुलिसकर्मियों ने फार्चुनर सवार इन दोनों लोगों से पूछताछ की थी और दोनों ने उन्हें बताया था कि वे विधायक से मिलने आए थे।

चांदनी चौक, प्रह्लाद साहनी :- फार्चुनर गाड़ी उसी रात करीब चार बजे चांदनी चौक से कांग्रेस के विधायक प्रह्लाद सिंह साहनी के घर पर भी गई थी। गाड़ी से उतरे एक व्यक्ति ने उनके गार्ड के फोन से उन्हें कॉल कर नीचे आने को कहा। पूछताछ करने पर उसने बताया कि उसे पार्टी हाईकमान ने भेजा है। इस पर अपने घर की बालकनी में आकर साहनी ने उन्हें कहा कि यदि हाईकमान को कुछ कहना होगा तो उसके अलग तरीके हैं। इसके बावजूद वह व्यक्ति नहीं माना और उसने गार्ड के फोन से दोबारा कॉल किया। लेकिन विधायक नीचे नहीं उतरे। बाद में गाड़ी चली गई। उनके घर पर लगे सीसीटीवी कैमरे में इस गाड़ी से आए लोगों की तस्वीर भी कैद है। विधायक ने बताया कि ये लोग हरियाणवी लहजे में बोल रहे थे।

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Monday, 18 November 2013

chaos at aap press conference, ink thrown at arvind kejriwal

delhi election
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल पर अब जनलोकपाल आंदोलन के दौरान इकट्ठा हुए फंड का चुनाव में इस्तेमाल करने का आरोप लग रहा है। इस संबंध में शिकायत मिलने पर अन्ना हजारे ने उन्हें पत्र लिखकर विरोध जताया है। इस पर केजरीवाल का कहना है कि अगर उन पर चंदे में हेराफेरी का आरोप साबित हुआ तो वह चुनाव मैदान छोड़ देंगे। इस दौरान प्रेसवार्ता में एक अन्ना समर्थक ने केजरीवाल पर काली स्याही फेंक अपना विरोध जताया।

कास्टीट्यूशन क्लब में सोमवार को आयोजित प्रेसवार्ता में केजरीवाल ने प्रस्ताव रखा कि जस्टिस संतोष हेगड़े या उन्हीं की जैसी छवि वाले किसी रिटायर्ड जज से प्राप्त चंदा तथा 'आप' के गठन के बाद दान के रूप में प्राप्त रुपये के इस्तेमाल की जांच कराई जाए। जांचकर्ता को जो भी सूचना चाहिए, हमलोग उपलब्ध कराएंगे।

अन्ना से निवेदन करते हुए केजरीवाल ने यह शर्त भी रखी कि अगर जांच में कोई गलती नहीं मिलती है तो उन्हें वादा करना होगा कि चुनाव के आखिरी दिनों में वह 'आप' का प्रचार करने दिल्ली आएंगे। उन्होंने बताया कि आंदोलन शुरू होने से पहले फंड में एक अप्रैल 2011 तक 54 लाख रुपये थे। आंदोलन खत्म होते ही यह घटकर 14 लाख रुपये रह गए थे।

इसके बाद आय-व्यय का विशेष ऑडिट करा एक नवंबर, 2011 को पूरी जानकारी वेबसाइट पर डाल दिया गया था। दूसरी तरफ, केजरीवाल पर काली स्याही फेंकने वाले व्यक्ति नचिकेता ने आरोप लगाया कि वह चुनाव प्रचार में बेवजह अन्ना के नाम का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस घटना से थोड़ी देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया। नचिकेता ने खुद को भाजपा कार्यकर्ता भी बताया। 

Sunday, 17 November 2013

BJP Declare its Manifesto in MP

भोपाल। भारतीय जनता पार्टी ने शनिवार को जनसंकल्प 2013 के तहत मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में अपना घोषणा पत्र जारी कर जनता को लोक-लुभावने वादे कर लुभाने की कोशिश की है। उनके निशाने पर राज्य के गरीबों के अलावा इस बार युवा वर्ग भी है, जिन्हें दोबारा सरकार में लौटने पर स्मार्ट फोन और लैपटॉप देने का वादा किया गया है। राज्य में 25 नवंबर को मतदान होना है।

भाजपा के घोषणा पत्र में मध्यप्रदेश में गरीबों को एक रुपये किलो चावल और गेंहू देने का भी वादा किया गया है। इसके अलावा इसमें कहा गया है कि यदि भाजपा दोबारा सत्ता में आती है तो वह राज्य के पिछड़े से पिछड़े इलाकों में बसे गांवों तक पक्की सड़कें बनवाएगी। इसके अलावा सरकार लोगों के 15 लाख सस्ते मकानों को भी निर्माण करवाएगी।

गौरतलब है कि इससे पहले कांग्रेस भी मध्यप्रदेश में गरीबों को 35 किलो मुफ्त राशन और किसानों को मुफ्त बिजली देने का वादा जनता से कर चुकी है। इसके अलावा सत्ता में आने पर कांग्रेस ने सब्सिडी वाले 12 गैस सिलेंडर देने का भी वादा जनता से किया है। 

 Source- Hindi News

Wednesday, 6 November 2013

Tawqeer SP in Uttar Pradesh, but he Support Aap in Delhi Assembly Election

Delhi Election

लखनऊ, जागरण ब्यूरो। बरेली के मौलाना और इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के मुखिया तौकीर रजा आम आदमी पार्टी [आप] के खुले समर्थन में आ गए हैं। 'आप' संयोजक अरविंद केजरीवाल तौकीर से मुलाकात कर भले ही सवालों में घिरे हों लेकिन मौलाना ने बुधवार को कहा कि वह 'आप' का नैतिक समर्थन करते हैं। यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में वह समाजवादी पार्टी के साथ हैं और दिल्ली में केजरीवाल को उनका समर्थन रहेगा।
पत्रकारों से बातचीत में तौकीर रजा ने कहा कि लोकसभा चुनाव में उनका समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन है। दिल्ली में सपा चुनावी मैदान में नहीं है लिहाजा वह तीसरी ताकत के साथ हैं। मालूम हो कि अरविंद केजरीवाल ने बरेली दरगाह में चादर चढ़ाने के दौरान तौकीर रजा से मुलाकात कर सब लोगों को एक साथ मिलकर देश में हो रहे भ्रष्टाचार को खत्म कर नाजुक दौर से गुजर रहे देश बचाने की अपील की थी। इस पर तौकीर ने केजरीवाल की पैरवी करते हुए उन्हें समर्थन देने की बात कही।
इस मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा ने केजरीवाल को आड़े हाथों लेते हुए कहा था कि वह एक सांप्रदायिक नेता से समर्थन मांग रहे हैं। गौरतलब है कि मौलाना तौकीर को उत्तर प्रदेश में राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त है।

Source- News in Hindi

Vijender Gupta Fight Election Against Sheila Dikshit from New Delhi Seat


Delhi Elections

राजू सजवान, नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के खिलाफ भाजपा ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बिजेंद्र गुप्ता को उतार कर यह साबित कर दिया है कि भाजपा शीला दीक्षित को वॉकओवर का मौका नहीं देना चाहती। इस सीट पर पहली बार चुनाव लड़ रही आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल के शीला के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरने की घोषणा से मुकाबला त्रिकोणीय होगा। 

पार्टी ने चार सीटें अकालियों को देने के साथ ही बुधवार को पार्टी के केवल 58 प्रत्याशियों की ही सूची जारी की है। इनमें 21 मौजूदा भाजपा विधायकों को टिकट दिया गया है। साथ ही भाजपा नेता विजय गोयल को लोकसभा चुनाव के लिए सुरक्षित रखा। मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार डॉक्टर हर्षवर्धन मौजूदा सीट कृष्णानगर से ही चुनाव लड़ेंगे। 

बिजेंद्र गुप्ता का नाम आने से पहले नई दिल्ली सीट पर भाजपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता मीनाक्षी लेखी को उतारा जा रहा था, लेकिन लेखी ने मना कर दिया। इसके बाद नुपूर शर्मा को टिकट देने की बात कही जा रही थी। इस नाम पर कई नेताओं में सहमति भी बन गई थी, लेकिन बुधवार को हुई केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में यह कहा गया कि इस सीट पर किसी नए चेहरे को लड़ा कर यह संदेश जा सकता है कि भाजपा मुख्यमंत्री की जीत का रास्ता आसान कर रही है। 

बिजेंद्र गुप्ता पूर्व प्रदेश अध्यक्ष होने के साथ-साथ पिछले लोकसभा चुनाव में चांदनी चौक से कपिल सिब्बल के खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं और प्रदेश की टीम में प्रथम श्रेणी के नेता माने जाते हैं। 

नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बिजेंद्र गुप्ता ने कहा कि यह चुनाव मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का आखिरी चुनाव होगा। जनता की अदालत में मेरे पक्ष में फैसला सुनाएगी, क्योंकि जनता शीला दीक्षित से तंग आ चुकी है। अब नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र पूरे दिल्ली चुनाव की दिशा तय करेगा। मुझे खुशी है कि पार्टी ने मुझ पर विश्वास जताया है।

तीन विधायकों के कटे टिकट
भाजपा ने एक विधायक का काट दिया तो दो वरिष्ठ विधायकों की बजाय उनके पुत्रों को टिकट दिया है। हरीनगर से हरचरण सिंह बल्ली का टिकट काटा गया है, जबकि विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय कुमार मल्होत्रा के पुत्र अजय मल्होत्रा और तिलक नगर से वरिष्ठ विधायक ओ.पी. बब्बर के पुत्र राजीव बब्बर को टिकट दी गई है। पार्टी ने इन तीन सीटों के अलावा सभी विधायकों को टिकट दे दी है। 

मल्होत्रा ग्रेटर कैलाश और बब्बर हरीनगर से चुनाव लड़ते हैं। हरीनगर के विधायक हरशरण सिंह बल्ली चार बार से विधायक रहे हैं और भाजपा सरकार में मंत्री भी रहे हैं। भाजपा ने जिन 58 टिकटों की घोषणा की है, उनमें से केवल पांच टिकटें ही महिलाओं को दी गई हैं। भाजपा अपने पहली सूची में केवल एक अल्पसंख्यक मोहम्मद निजामुद्दीन एडवोकेट को टिकट दे पाई है। 

Source- News in Hindi

Tuesday, 5 November 2013

Cleric who issued fatwa against Taslima Nasreen may campaign for Arvind Kejriwal


taslima nasreen

बरेली [जासं]। ऑल इंडिया इत् तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल और आम आदमी पार्टी (आप) के बीच सियासी रिश्ता जुड़ने से पहले ही तलाक की नौबत दिख रही है। भाजपा ने मौलाना तौकीर रजा खां पर 2010 में दंगे के आरोप में जेल जाने और बांग्लादेश की विवादास्पद लेखिका तसलीमा नसरीन का सिर कलम किए जाने संबंधी बयान को लेकर निशाना साधा है। इस मुद्दे पर मौलाना के साथ आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल की भी घेराबंदी हो रही है। दिल्ली में केजरीवाल तो बरेली में मौलाना ने सफाई दी है।

आप के संयोजक केजरीवाल पहली नवंबर को बरेली आए थे। उन्होंने मौलाना तौकीर रजा खां के दरगाह आला हजरत स्थित घर जाकर दिल्ली विधानसभा के चुनाव में उनका साथ मांगा था। मौलाना ने भी हां कर दी। अब आकर दोनों के बीच इस मुलाकात का मामला तूल पकड़ गया है। भाजपा की तरफ से तीखी प्रतिक्रिया आ रही है। 2010 के दंगे में जेल जाने को लेकर भाजपा उन्हें समाज विरोधी बताने की कोशिश में लग गई है। उसकी तरफ से यह भी बताने के प्रयास हो रहे हैं कि यह वही मौलाना हैं, जिन्होंने 2003 में बंगलादेश की लेखिका तसलीमा नसरीन का सिर कलम करके लाने वाले को इनाम की घोषणा की थी। रकम इतनी बड़ी थी कि उसको लेकर भी लोगों ने हैरानी जताई थी।

इन्हीं तमाम आरोपों पर केजरीवाल और मौलाना तौकीर को सफाई देने पर मजबूर कर दिया है। चूंकि आप पार्टी का यह पहला चुनाव है, जिसे बेईमानी-भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाकर बेदाग छवि के उम्मीदवारों के बूते लड़ा जा रहा है। ऐसे में मौलाना तौकीर और अरविंद केजरीवाल में सियासी रिश्ता कायम रह पाना मुश्किल होगा। कोई दोराय नहीं कि रिश्ता जुड़ने से पहले तलाक हो जाए।

मौलाना की सफाई
दंगे के इल्जाम में पुलिस ने मुल्जिम जरूर बनाया था, लेकिन बाद में धारा 169 के तहत बेगुनाह बताकर रिहा कर दिया था। रहा सवाल बांग्लादेश की विवादास्पद लेखिका तसलीमा नसरीन से जुड़े सवाल का तो यह फैसला मेरी अगुवाई में वाले पर्सनल लॉ बोर्ड का था। सभी ने इस बात पर नाराजगी जताई थी कि तसलीमा के लिए उसके अपने मुल्क के दरवाजे बंद हो चुके तो हिंदुस्तान में पनाह नहीं देना चाहिए। 

भाजपा पर बरसे
मौैलाना तौकीर रजा खां ने दंगे इत्यादि के आरोप को लेकर गुस्सा निकाला। उन्होंने मांग उठाई कि चुनाव आयोग को भाजपा पर पाबंदी लगा देना चाहिए इसलिए क्योंकि इस पार्टी की बदौलत मुल्क एक और बंटवारे की तरफ बढ़ रहा है। 

कौन हैं मौलाना
आला हजरत खानदान से ताल्लुक रखने वाले मौलाना तौकीर रजा खां ने आल इंडिया इत्तेहादे मिल्लत काउंसिल के नाम से अपनी पार्टी बना रखी है। पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी ने खाता भी खोला था। 2010 में ईदमिलादुन्नबी के जुलूस में बवाल के बाद भड़के दंगे में उन्हें जेल भेज दिया गया था। तसलीमा नसरीन से जुड़े बयान को लेकर भी विवादों में रहे।

Source- News in Hindi