Monday, 18 November 2013

chaos at aap press conference, ink thrown at arvind kejriwal

delhi election
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल पर अब जनलोकपाल आंदोलन के दौरान इकट्ठा हुए फंड का चुनाव में इस्तेमाल करने का आरोप लग रहा है। इस संबंध में शिकायत मिलने पर अन्ना हजारे ने उन्हें पत्र लिखकर विरोध जताया है। इस पर केजरीवाल का कहना है कि अगर उन पर चंदे में हेराफेरी का आरोप साबित हुआ तो वह चुनाव मैदान छोड़ देंगे। इस दौरान प्रेसवार्ता में एक अन्ना समर्थक ने केजरीवाल पर काली स्याही फेंक अपना विरोध जताया।

कास्टीट्यूशन क्लब में सोमवार को आयोजित प्रेसवार्ता में केजरीवाल ने प्रस्ताव रखा कि जस्टिस संतोष हेगड़े या उन्हीं की जैसी छवि वाले किसी रिटायर्ड जज से प्राप्त चंदा तथा 'आप' के गठन के बाद दान के रूप में प्राप्त रुपये के इस्तेमाल की जांच कराई जाए। जांचकर्ता को जो भी सूचना चाहिए, हमलोग उपलब्ध कराएंगे।

अन्ना से निवेदन करते हुए केजरीवाल ने यह शर्त भी रखी कि अगर जांच में कोई गलती नहीं मिलती है तो उन्हें वादा करना होगा कि चुनाव के आखिरी दिनों में वह 'आप' का प्रचार करने दिल्ली आएंगे। उन्होंने बताया कि आंदोलन शुरू होने से पहले फंड में एक अप्रैल 2011 तक 54 लाख रुपये थे। आंदोलन खत्म होते ही यह घटकर 14 लाख रुपये रह गए थे।

इसके बाद आय-व्यय का विशेष ऑडिट करा एक नवंबर, 2011 को पूरी जानकारी वेबसाइट पर डाल दिया गया था। दूसरी तरफ, केजरीवाल पर काली स्याही फेंकने वाले व्यक्ति नचिकेता ने आरोप लगाया कि वह चुनाव प्रचार में बेवजह अन्ना के नाम का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस घटना से थोड़ी देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया। नचिकेता ने खुद को भाजपा कार्यकर्ता भी बताया। 

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