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Thursday, 2 January 2014

Kejriwal is taking 'right steps': Anna Hazare

रालेगणसिद्धी। दिल्ली विधानसभा में विश्वास मत हासिल करने पर अन्ना हजारे ने अपने पुराने सहयोगी अरविंद को बधाई दी है। अन्ना ने कहा कि केजरीवाल सही राह पर हैं, लेकिन उनकी आम आदमी पार्टी (आप) को अभी लंबा सफर तय करना है।

अपने गांव रालेगणसिद्धी में पत्रकारों से बातचीत में अन्ना ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी आप को शुभकामना दी। अन्ना ने उम्मीद जताई कि भ्रष्टाचार से निपटने के लिए सभी राज्य लोकायुक्त कानून को अपनाएंगे। अरविंद भी इस पर ध्यान देंगे। आप नेता कुमार विश्वास के कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र अमेठी से चुनाव लड़ने की घोषणा पर अन्ना ने टिप्पणी से इन्कार कर दिया। अन्ना का मानना है कि लोकपाल कानून के बाद अब हमें राइट टु रिजेक्ट और राइट टु रिकॉल जैसे कानूनों के लिए भी संघर्ष करना होगा। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लोगों को जागरूक करने के लिए वह जल्द ही देशभर के दौरे पर निकलेंगे।

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Monday, 18 November 2013

chaos at aap press conference, ink thrown at arvind kejriwal

delhi election
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल पर अब जनलोकपाल आंदोलन के दौरान इकट्ठा हुए फंड का चुनाव में इस्तेमाल करने का आरोप लग रहा है। इस संबंध में शिकायत मिलने पर अन्ना हजारे ने उन्हें पत्र लिखकर विरोध जताया है। इस पर केजरीवाल का कहना है कि अगर उन पर चंदे में हेराफेरी का आरोप साबित हुआ तो वह चुनाव मैदान छोड़ देंगे। इस दौरान प्रेसवार्ता में एक अन्ना समर्थक ने केजरीवाल पर काली स्याही फेंक अपना विरोध जताया।

कास्टीट्यूशन क्लब में सोमवार को आयोजित प्रेसवार्ता में केजरीवाल ने प्रस्ताव रखा कि जस्टिस संतोष हेगड़े या उन्हीं की जैसी छवि वाले किसी रिटायर्ड जज से प्राप्त चंदा तथा 'आप' के गठन के बाद दान के रूप में प्राप्त रुपये के इस्तेमाल की जांच कराई जाए। जांचकर्ता को जो भी सूचना चाहिए, हमलोग उपलब्ध कराएंगे।

अन्ना से निवेदन करते हुए केजरीवाल ने यह शर्त भी रखी कि अगर जांच में कोई गलती नहीं मिलती है तो उन्हें वादा करना होगा कि चुनाव के आखिरी दिनों में वह 'आप' का प्रचार करने दिल्ली आएंगे। उन्होंने बताया कि आंदोलन शुरू होने से पहले फंड में एक अप्रैल 2011 तक 54 लाख रुपये थे। आंदोलन खत्म होते ही यह घटकर 14 लाख रुपये रह गए थे।

इसके बाद आय-व्यय का विशेष ऑडिट करा एक नवंबर, 2011 को पूरी जानकारी वेबसाइट पर डाल दिया गया था। दूसरी तरफ, केजरीवाल पर काली स्याही फेंकने वाले व्यक्ति नचिकेता ने आरोप लगाया कि वह चुनाव प्रचार में बेवजह अन्ना के नाम का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस घटना से थोड़ी देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया। नचिकेता ने खुद को भाजपा कार्यकर्ता भी बताया। 

Sunday, 17 November 2013

BJP Declare its Manifesto in MP

भोपाल। भारतीय जनता पार्टी ने शनिवार को जनसंकल्प 2013 के तहत मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में अपना घोषणा पत्र जारी कर जनता को लोक-लुभावने वादे कर लुभाने की कोशिश की है। उनके निशाने पर राज्य के गरीबों के अलावा इस बार युवा वर्ग भी है, जिन्हें दोबारा सरकार में लौटने पर स्मार्ट फोन और लैपटॉप देने का वादा किया गया है। राज्य में 25 नवंबर को मतदान होना है।

भाजपा के घोषणा पत्र में मध्यप्रदेश में गरीबों को एक रुपये किलो चावल और गेंहू देने का भी वादा किया गया है। इसके अलावा इसमें कहा गया है कि यदि भाजपा दोबारा सत्ता में आती है तो वह राज्य के पिछड़े से पिछड़े इलाकों में बसे गांवों तक पक्की सड़कें बनवाएगी। इसके अलावा सरकार लोगों के 15 लाख सस्ते मकानों को भी निर्माण करवाएगी।

गौरतलब है कि इससे पहले कांग्रेस भी मध्यप्रदेश में गरीबों को 35 किलो मुफ्त राशन और किसानों को मुफ्त बिजली देने का वादा जनता से कर चुकी है। इसके अलावा सत्ता में आने पर कांग्रेस ने सब्सिडी वाले 12 गैस सिलेंडर देने का भी वादा जनता से किया है। 

 Source- Hindi News

Monday, 4 November 2013

Arvind is Honest, but not Capable to Change the Indian Politics

baba ramdev

रेवाड़ी, [महेश कुमार वैद्य]। एक वक्त था जब योग गुरु बाबा रामदेव खुद देश को नया विकल्प देकर उसका नेतृत्व करने को तैयार थे परंतु अब उनकी उम्मीदें मोदी (भाजपा पर नहीं) पर टिकी हुई हैं। उनसे जब इरादा बदलने के कारण पूछे गए तो उन्होंने कहा कि 'मैं एक नई आदर्श राजनीतिक व्यवस्था बनाने की जरूरत पर कायम हूं, परंतु बदले इरादे को अभी राज ही रखना चाहता हूं।'
वह यहां दीपावली मनाने आए थे और दैनिक जागरण से खास बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य सत्ता नहीं व्यवस्था परिवर्तन है। 'आप' के संस्थापक अरविंद केजरीवाल ईमानदार हैं, लेकिन व्यवस्था परिवर्तन में समर्थ नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब मोदी में ही (भाजपा में नहीं) अपने मुद्दों को पूरा होने की उम्मीद देख रहे हैं।

उन्होंने बताया कि उनकी शर्तो को मानने के लिए केवल मोदी ही तैयार हुए। देश के बाहर व भीतर का काला धन सरकारी खजाने में वापस लाने जैसी उनकी कई मांगे थीं। अपने पिछले एलान से पलटते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें संन्यासी का धर्म निभाते हुए खुद किसी राजनीतिक विकल्प का नेतृत्व नहीं करना है। यदि कांग्रेस उनकी बात मान लेती तो कांग्रेस से भी कोई विरोध नहीं होता।

उन्होंने बताया कि मोदी ने उनकी शत प्रतिशत बातें मानी है। लोक सभा चुनावों में भाजपा के घोषणापत्र में काला धन सहित उनके सभी मुद्दे शामिल होंगे। प्रदेश में भी एक नया गठबंधन सामने आ सकता है। 

यूपीए हो या एनडीए या फिर तीसरा मोर्चा की बात करने वाले राजनीतिक दल, जनता की कसौटी पर कोई भी राजनीतिक पार्टी खरी नहीं उतर पा रही है। यदि राजनीतिक दलों ने जल्दी ही कालेधन तथा भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर मजबूती नहीं दिखाई तो मैं देश को नया विकल्प देने की पहल करूंगा तथा खुद इस नए विकल्प का नेतृत्व करूंगा।'
-बाबा रामदेव (28 मई 2012 को))

Source- News in Hindi