रेवाड़ी, [महेश कुमार वैद्य]। एक वक्त था जब योग गुरु बाबा रामदेव खुद देश को नया विकल्प देकर उसका नेतृत्व करने को तैयार थे परंतु अब उनकी उम्मीदें मोदी (भाजपा पर नहीं) पर टिकी हुई हैं। उनसे जब इरादा बदलने के कारण पूछे गए तो उन्होंने कहा कि 'मैं एक नई आदर्श राजनीतिक व्यवस्था बनाने की जरूरत पर कायम हूं, परंतु बदले इरादे को अभी राज ही रखना चाहता हूं।'
वह यहां दीपावली मनाने आए थे और दैनिक जागरण से खास बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य सत्ता नहीं व्यवस्था परिवर्तन है। 'आप' के संस्थापक अरविंद केजरीवाल ईमानदार हैं, लेकिन व्यवस्था परिवर्तन में समर्थ नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब मोदी में ही (भाजपा में नहीं) अपने मुद्दों को पूरा होने की उम्मीद देख रहे हैं।
उन्होंने बताया कि उनकी शर्तो को मानने के लिए केवल मोदी ही तैयार हुए। देश के बाहर व भीतर का काला धन सरकारी खजाने में वापस लाने जैसी उनकी कई मांगे थीं। अपने पिछले एलान से पलटते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें संन्यासी का धर्म निभाते हुए खुद किसी राजनीतिक विकल्प का नेतृत्व नहीं करना है। यदि कांग्रेस उनकी बात मान लेती तो कांग्रेस से भी कोई विरोध नहीं होता।
उन्होंने बताया कि मोदी ने उनकी शत प्रतिशत बातें मानी है। लोक सभा चुनावों में भाजपा के घोषणापत्र में काला धन सहित उनके सभी मुद्दे शामिल होंगे। प्रदेश में भी एक नया गठबंधन सामने आ सकता है।
यूपीए हो या एनडीए या फिर तीसरा मोर्चा की बात करने वाले राजनीतिक दल, जनता की कसौटी पर कोई भी राजनीतिक पार्टी खरी नहीं उतर पा रही है। यदि राजनीतिक दलों ने जल्दी ही कालेधन तथा भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर मजबूती नहीं दिखाई तो मैं देश को नया विकल्प देने की पहल करूंगा तथा खुद इस नए विकल्प का नेतृत्व करूंगा।'
-बाबा रामदेव (28 मई 2012 को))
Source- News in Hindi
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