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Tuesday, 24 December 2013

President Permitted to form govt in delhi

केजरीवाल की फेसबुक पर सफाई, कहा- कांग्रेस की भी होगी जांच
नई दिल्ली। दिल्ली में अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी की सरकार के गठन की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस बीच 'आप' ने अपनी ओर से शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए किसी को भी न्यौता भेजने से साफ इन्कार कर दिया है। इसके साथ ही यह भी कहा है कि उनके विधायक व परिजन वीआइपी पास नहीं लेंगे। वे जनता के बीच ही बैठेंगे। उधर, पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया ने कहा है कि कल मंत्रियों के नामों का ऐलान कर दिया जाएगा।
इस बीच 'आप' के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कांग्रेस से समर्थन पर फेसबुक पर दी सफाई देते हुए कहा कि हम अल्पमत में सरकार बना रहे है। कांग्रेस से उनका कोई लेना-देना नहीं है और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कांग्रेस के खिलाफ जांच भी करवाई जाएगी। हम सिर्फ आम आदमी के बारे में सोचते हैं और आम आदमी ही देश की तकदीर लिखेगा। वहीं, मंगलवार को एक बार फिर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने 'आप' को समर्थन दिए जाने के विरोध में प्रदेश कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और अरविंद केजरीवाल का पुतला फूंका।
जानकारी के अनुसार, 'आप' ने दिल्ली के मुख्य सचिव से कहा है कि वह किसी को आमंत्रण नहीं भेजेंगे, अगर वह चाहें तो अपनी तरफ से आमंत्रण भेज सकते हैं। इसके साथ ही पार्टी ने अपने विधायकों व उनके परिजनों को आम लोगों के साथ बैठने को कहा है। उन्हें शपथ ग्रहण समारोह के लिए वीआइपी पास नहीं दिया जाएगा।
मालूम हो कि पार्टी ने रामलीला मैदान में 26 दिसंबर को सरकार के शपथ ग्रहण की इच्छा जताई है। लेकिन इसका अंतिम फैसला उपराज्यपाल को करना है। अभी तारीख का ऐलान होना बाकी है।

Monday, 2 December 2013

A unique decision by Lok Adalat on live in

live in relation
खंडवा । मध्य प्रदेश के खंडवा में एक लोक अदालत ने बेहद अनोखा फैसला सुनाया है। अदालत ने याचिकाकर्ता व्यक्ति से पत्नी और लिव इन पार्टनर के साथ बराबर वक्त गुजारने को कहा है। इसके तहत अदालत ने कहा कि व्यक्ति को अपनी पत्नी और लिव इन के साथ 15-15 दिन व्यतीत करना चाहिए।
अपने आदेश में जज गंगा चरण दुबे ने शनिवार को कहा कि पत्नी, लिव इन पार्टनर समेत तीनों एक ही छत के नीचे रहें और व्यक्ति आपसी सहमति से 15-15 दिन इन दोनों के साथ समय व्यतीत करे।
ओंकारेश्वर स्थित प्रदेश बिजली विभाग से हाल ही में रिटायर हुए व्यक्ति के घर में तीन कमरे हैं। समझौते के अनुसार, वह बीच वाले कमरे में रहेगा और अगल-बगल के कमरों में उसकी पत्नी और महिला मित्र रहेंगी। साथ ही बीच वाले कमरे में उन दोनों के कमरे के दरवाजे खुलेंगे और उस व्यक्ति को अपनी पत्नी और लिव इन पार्टनर के साथ 15-15 दिन गुजारने होंगे। इसके अलावा व्यक्ति की चल और अचल दोनों संपत्तियों में दोनों का बराबर का हिस्सा भी होगा।
पत्नी ने लोक अदालत में अपने पति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। जिसमें उसने यह आरोप लगाया था कि उसका पति अपना ज्यादातर वक्त लिव इन पार्टनर के साथ गुजारता है और पिछले दो साल से वह उनके घर में ही रह रही है।
Source- Hindi News

Monday, 4 November 2013

Arvind is Honest, but not Capable to Change the Indian Politics

baba ramdev

रेवाड़ी, [महेश कुमार वैद्य]। एक वक्त था जब योग गुरु बाबा रामदेव खुद देश को नया विकल्प देकर उसका नेतृत्व करने को तैयार थे परंतु अब उनकी उम्मीदें मोदी (भाजपा पर नहीं) पर टिकी हुई हैं। उनसे जब इरादा बदलने के कारण पूछे गए तो उन्होंने कहा कि 'मैं एक नई आदर्श राजनीतिक व्यवस्था बनाने की जरूरत पर कायम हूं, परंतु बदले इरादे को अभी राज ही रखना चाहता हूं।'
वह यहां दीपावली मनाने आए थे और दैनिक जागरण से खास बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य सत्ता नहीं व्यवस्था परिवर्तन है। 'आप' के संस्थापक अरविंद केजरीवाल ईमानदार हैं, लेकिन व्यवस्था परिवर्तन में समर्थ नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब मोदी में ही (भाजपा में नहीं) अपने मुद्दों को पूरा होने की उम्मीद देख रहे हैं।

उन्होंने बताया कि उनकी शर्तो को मानने के लिए केवल मोदी ही तैयार हुए। देश के बाहर व भीतर का काला धन सरकारी खजाने में वापस लाने जैसी उनकी कई मांगे थीं। अपने पिछले एलान से पलटते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें संन्यासी का धर्म निभाते हुए खुद किसी राजनीतिक विकल्प का नेतृत्व नहीं करना है। यदि कांग्रेस उनकी बात मान लेती तो कांग्रेस से भी कोई विरोध नहीं होता।

उन्होंने बताया कि मोदी ने उनकी शत प्रतिशत बातें मानी है। लोक सभा चुनावों में भाजपा के घोषणापत्र में काला धन सहित उनके सभी मुद्दे शामिल होंगे। प्रदेश में भी एक नया गठबंधन सामने आ सकता है। 

यूपीए हो या एनडीए या फिर तीसरा मोर्चा की बात करने वाले राजनीतिक दल, जनता की कसौटी पर कोई भी राजनीतिक पार्टी खरी नहीं उतर पा रही है। यदि राजनीतिक दलों ने जल्दी ही कालेधन तथा भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर मजबूती नहीं दिखाई तो मैं देश को नया विकल्प देने की पहल करूंगा तथा खुद इस नए विकल्प का नेतृत्व करूंगा।'
-बाबा रामदेव (28 मई 2012 को))

Source- News in Hindi