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Monday, 23 June 2014

BL Joshi has military guard of honor

बीएल जोशी को सेना ने दिया गार्ड ऑफ ऑनर
उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल बीएल जोशी को लखनऊ में भारतीय सेना ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। यूपी के गवर्नर रहे जोशी ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, उन्होंने अपना इस्तीफा केंद्रीय गृह मंत्रालय को सौंप दिया है।
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Tuesday, 17 June 2014

Parents of runaway kid worried she has again fled to UP

The parents of Shamim Anwar Sheikh are still waiting for her return. It has been two months since the 15-year-old escaped from a remand home in Andheri. Sadly, this is not the first time that Shamim has run away.

In January, she had fled with 22-year-old Sunil Tiwari. Tiwari and Shamim, who worked together in Bandra, were in a relationship. “We tried to stop the girl from meeting him, but she would not listen to us.

They ran away to Tiwari’s hometown in Uttar Pradesh. We even registered a complaint of kidnapping against Tiwari at Nirmal Nagar police station,” recounted Liyakat Sheikh, a family relative. Shamim did call her parents from time to time, and while they asked her to come back, she insisted that she was happy with him.

In February, after hearing the news that her mother was ill, the 15-year-old returned to meet her. She was then taken to the police station where she said that she did not want to stay with her parents. As she was a minor, the cops sent her to a remand house in Dongri.

The report on the girl stated that she was progressing well, learning English and was repenting her previous actions. Shamim was soon transferred to Catherine Home in Veera Desai road in Andheri. On April 7, she wrote a letter addressed to her parents, ‘I want to study and I hope that you forgive me for my past,’ the letter stated.

However, two days later, Shamim ran away from the remand house. “We had repeatedly told her parents that she didn’t want to stay here and wanted to go back to UP,” said an official from the remand home. Sheikh said, “We just want her to come back. We are worried how she would be surviving there.”

Source: Hindi News

From Mid-Day News

Monday, 16 June 2014

Violent protests erupt in UP after cops shot dead on duty

Violent protests erupt in UP
Several persons, including a DIG of police, were injured after the protestors turned violent. Angry protesters blocked a major highway in the district and are demanding immediate arrest of those involved in the killing of the two constables last night at Sailai road.
  
DIG (range) Vijay Singh Meena was among those injured as the irate crowd resorted to brick-batting. Several shops and vehicles were damaged by the angry mob which also blocked the road and set a police vehicle on fire.
  
According to police, two constables were shot dead by unidentified miscreants during a chase in the Ramgarh area.
  
The incident took place when the constables, identified as Dinesh Pratap Singh and Giriraj Kishore Gujjar, aged between 30-32 years, were chasing a group of miscreants last night.

The duo had gone to intervene as they learnt that some miscreants were fleeing after carrying out a loot.
  
While Giriraj died on the spot after being shot, Dinesh was rushed to a hospital, where he succumbed during treatment.
  
Following the incident, SO Ramgarh Ajay Kumar Yadav and Sub-Inspector Omar Farooq have been suspended, DIG Meena said...

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Thursday, 12 June 2014

महिला आयोग ने मांगा अखिलेश यादव का इस्तीफा

यूपी में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ममता शर्मा ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का इस्तीफा मांगा।
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Thursday, 13 February 2014

Tarun sagar maharaj discourse


कड़वे प्रवचनों के लिए विख्यात राष्ट्र संत तरुण सागर महाराज ने बुधवार को कड़वी बातों में नसीहतें दीं। उन्होंने धन के पीछे नहीं भागने, इच्छाओं पर नियंत्रण करने और तपस्या में समस्या का समाधान छुपा होने की बात कही। राष्ट्र संत के प्रवचन सुनने के लिए भीड़ उमड़ी। खचाखच भरे पंडाल में तरुण सागर महाराज की जय-जयकार होती रही।

एमडी जैन इंटर कॉलेज के प्रांगण में प्रवचन करते हुए मुनिश्री ने कहा कि जीवन में परिवर्तन के लिए संवर्धन के लिए यह बात मान लो, सुख का संबंध केवल मन से है। जो तुम्हारे पास है, उसी में सुखी रहो। जो तुम्हारे पास नहीं है, उसके पीछे मत भागो। पैसे से सुविधाएं तो मिलेंगी, मगर सुख नहीं। उन्होंने कहा कि हर आदमी के सामने समस्याएं हैं। गरीब के आगे भूख लगे तो क्या खाए और अमीर के सामने समस्या यह है कि क्या खाए जो भूख लगे। सभी समस्याओं का समाधान तपस्या में है। जीवन में अनुकूलता आने पर भजन करने का इंतजार मत करो। भजन करना है तो तुरंत कर लेना। जब तक जीवन है, समस्याओं का अंत नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि जबान पर संयम रखो। परिवार में झगड़े इसी वजह से होते हैं। कुछ लोग वाणी की वजह से दिलों में उतर जाते हैं और कुछ दिल से उतर जाते हैं। ऐसा बोलो कि दिल बाग-बाग हो जाए। इससे पूर्व मुनिश्री की सात भागों में प्रकाशित हुई पुस्तक कड़वे प्रवचन के लोकार्पण के लिए बोलियां लगाई गई। पाद प्रक्षालन शिखरचंद्र जैन परिवार और गुरु पूजन जैन जागृति महिला मंच और पुलक जनचेतना मंच ने किया। मुनिश्री को शास्त्र भेंट अजय कुमार व अनंत कुमार परिवार ने किया।

इन्होंने किया मुनिश्री का स्वागत

स्वरूपचंद जैन, भोलानाथ जैन, चंदाबाबू जैन, पारसबाबू जैन, विमल कुमार, महेंद्र कुमार, अशोक जैन, आगरा दिगंबर जैन परिषद के अध्यक्ष अशोक जैन, नवीन जैन, उमेश जैन नॉटी, डॉ. राजीव जैन, अतुल बंसल, राजकुमार जैन, अखिल बरौल्या, अतुल बंसल, आशीष जैन ने मुनिश्री को श्रीफल भेंट कर उनका स्वागत किया। संचालन ब्रह्मचारी भैया सचिन और सतीश व मनोज ने किया।

चैन नहीं, इसलिए हुआ चेन्नई

राष्ट्र संत ने शहरों के नाम बदलने पर कहा कि मद्रास अच्छा नाम था मगर, उसे चेन्नई कर दिया। मैंने चिंतन किया तो समझ में आया कि ऐसा क्यों हुआ। वहां लोग लुंगी पहनते हैं और उसमें चैन नहीं होती। लुंगी में चैन नहीं इसलिए कर दिया चेन्नई।

राष्ट्र संत ने कहा कि आज देखने के लिए टीवी सेट, बैठने के लिए सोफा सेट, पीने के लिए टी सेट, पहनने के लिए डायमंड सेट है। मगर, फिर भी माइंड अपसेट है। यह जिंदगी की हकीकत है।

बड़ी चोरियां करने वाले बने संसद में

राष्ट्र संत ने कहा कि चोरी करने वाला, माता पिता की सेवा नहीं करने वाला, अतिथि की सेवा नहीं करने वाला, दूसरों का हक मारने वाला, भिखारी को धक्के मारकर घर से बाहर निकालने वाला चोर है। आज टुच्चे-मुच्चे चोर तो जेल में बंद हैं और बड़ी चोरियां करने वाले संसद और विधानसभा में पहुंच गए हैं।

खड़े-खड़े घर छोड़ने वाला संत

मुनिश्री ने कहा कि घर दो तरह से छोड़ा जाता है। पड़े-पड़े जो घर छोड़े वह मुर्दा और जो खड़े-खड़े घर छोड़े वह संत है।

राष्ट्र संत के कड़वे बोल

* बड़े-बड़े वैज्ञानिक मंगल पर जीवन की चिंता कर रहे हैं, मगर जीवन में मंगल की चिंता किसी को नहीं।

* गरीब शुगर के लिए कंट्रोल और अमीर शुगर कंट्रोल को डॉक्टर की दौड़ लगा रहे हैं।

* यह 21वीं शताब्दी का प्रभाव है। पहले अभाव में भी खुशियां थीं और आज खुशियों का ही अभाव है।

* कल तक जिंदगी मौन से चलती थी, आज लोन से चल रही है। लोन की किश्तें चुकाते-चुकाते आदमी एक दिन स्वयं चुक जाता है।

* जो शमशान तक चले वो तुम्हारे साथ नहीं, शमशान से आगे जो साथ जाए वह तुम्हारा है।

* इच्छाएं अनंत हैं, उन्हें समेटो। जेब में 90 रुपये हैं, तो 100 के फेर में मत पड़िए।

* पत्नी वह जो रहे पति से तनी-तनी, खत्म कर दे मनी।

* मौन व्रत रखें, घर में शांति आ जाएगी।


Monday, 13 January 2014

Acid attack on girl in UP

लखनऊ। सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद भी पुलिस व प्रशासन की लापरवाही से जानलेवा तेजाब शहर ही नहीं गांव व कस्बों में भी धड़ल्ले से बिक रहा है। बरेली के नवाबगंज में दोस्ती से इन्कार करने पर सिरफिरे युवक ने रविवार को पड़ोस की किशोरी पर तेजाब फेंक दिया। घटना में किशोरी का बायां हिस्सा झुलस गया। उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। पुलिस ने सिरफिरे को धर दबोच लिया है।

नवाबगंज के रिछोला किफायतुल्ला गांव का कारचोबी कारीगर निजामुद्दीन घर के सामने रहने वाली किशोरी से एकतरफा प्यार करता था। वह जब तब किशोरी को परेशान भी करता था। किशोरी के घरवाले की निजामुद्दीन को कई दफा फटकार भी लगा चुके थे। पिछले दिनों उसने किशोरी के साथ जबरदस्ती की कोशिश की, लेकिन पीड़िता बदनामी के डर से इसको दबा गई। मुहब्बत में नाकाम रहने पर बौखलाया युवक बदला लेने की फिराक में जुट गया। रविवार सुबह मौका मिलते ही निजामुद्दीन ने उस पर तेजाब फेंक दिया। उस समय किशोरी घर के बाहर सफाई की रही थी।

पीड़िता की मां ने बताया कि निजामुद्दीन एक कटोरी में तेजाब भरकर लाया और लड़की के चेहरे पर उड़ेल दिया। तेजाब गिरते ही लड़की का बायां गाल और हाथ झुलस गया। साथ ही कपड़े भी जल गए। लड़की के भाई उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उपचार की औपचारिकता कर उसे घर भेज दिया। इस बीच आरोपी युवक के परिजन घर छोड़कर फरार हो गए। पीड़िता के परिजनों ने आरोपी युवक के खिलाफ थाना नवाबगंज में मामला दर्ज कराया तो पुलिस भी हरकत में आ गई। आरोपी कस्बा छोड़कर भागने की फिराक में था, लेकिन पुलिस ने उसे बस स्टैंड से धर दबोचा। 

कंबल के कारण हो गया बचाव
गनीमत ये रही कि पीड़िता कंबल ओढ़े हुए थी जिसके चलते तेजाब की कुछ बूंदें ही चेहरे तक पहुंच सकीं। 

दोनों परिवारों में पुरानी है रंजिश
हमले के आरोपी और पीड़ित परिवार की रंजिश पुरानी है। पांच साल पहले भी दोनों परिवारों में जमकर मारपीट हो चुकी है। मामला थाने तक भी पहुंचा था लेकिन लोगों ने समझौता करा दिया था। आशिक निजामुद्दीन भले ही पीड़िता से एक तरफा मुहब्बत करता हो लेकिन उसके परिवार से खासी अदावत मानता था। पांच साल पहले भी उसने भाई कुतुबुद्दीन के साथ मिलकर पीड़िता के परिवार पर हमला किया था। जिसमें पीड़िता के मां-बाप व भाई गंभीर रूप से घायल हो गए थे। निजामुद्दीन का पिता बसरुद्दीन पीड़िता की मां को बहन मानता था। इसी रिश्ते की दुहाई देकर लोगों ने दोनों पक्षों में जैसे-तैसे समझौता कराया था। इसके बाद दोनों परिवारों के रिश्ते न सिर्फ खत्म हो गए थे बल्कि आमने-सामने रहने के बावजूद बोल चाल तक बंद हो गई थी। इसके बाद निजामुद्दीन के पिता ने उसे कारचोबी का काम करने दिल्ली भेज दिया। जब वापस लौटा तो पीड़िता को देख उससे एकतरफा मुहब्बत हो गई। दोनों परिवारों में पुरानी रंजिश चल रही थी इसलिए निजामुद्दीन डरता भी था। पीड़िता का पिता ठेके पर मकान बनाने का काम करता है। कुछ महीने पहले उसे पीलीभीत में बड़ा ठेका मिला तो वो वहां चला गया। पिता की गैर मौजूदगी में मौका देख निजामुद्दीन ने किशोरी से अपने इश्क का इजहार कर डाला लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद निजामुद्दीन जब भी मौका देखता किशोरी को छेड़ने लगता। छेड़छाड़ से तंग आकर पीड़िता ने कुछ दिनों पहले ही निजामुद्दीन को लताड़ा था। मुहब्बत में नाकाम होता देख निजामुद्दीन बदला लेने की फिराक में जुट गया। जब कुछ समझ नहीं आया तो घर में रखी बैटरी से तेजाब निकाला और रविवार की सुबह किशोरी के चेहरे पर फेंक दिया। 

फूंक-फूंक कर रखा पुलिस ने कदम
एक पखवाड़े के भीतर नवाबगंज थाने में तेजाबी हमले की ये दूसरी घटना थी। पिछली बार अपने हाथ जला चुकी पुलिस ने इस बार फूंक-फूंक कर कदम रखा। घटना की जानकारी मिलते ही न सिर्फ पीड़िता का मेडिकल कराया बल्कि आरोपी की तलाश में कई जगह छापे भी मारे।

Friday, 10 January 2014

AAP worker express anger with Kumar Vishwas, Comman man Desperate from Kejriwal


गाजियाबाद [जासं]। वसुंधरा 13 स्थित रामलीला मैदान में बृहस्पतिवार शाम को हुई आप नेता कुमार विश्वास की जनसभा के कुछ घंटे बाद ही विरोध के स्वर फूट पड़े। आप कार्यकर्ता देर रात वसुंधरा स्थित विश्वास के घर पहुंचे और विरोध जताया। 

कार्यकर्ताओं ने कहा कि एक लाख रुपये खर्च कर जनसभा का आयोजन किया गया। विश्वास का सभा में हीरो की तरह आना और जाना कार्यकर्ताओं को खूब अखरा। ठा. देवेंद्र सिंह की अगुवाई में दर्जनों कार्यकर्ता विश्वास के वसुंधरा सेक्टर-तीन स्थित घर पहुंचे। कार्यकर्ताओं का कहना था कि जनसभा में कुमार को रुकना चाहिए था।

भाषण समाप्ति के बाद भगदड़: कुमार विश्वास का भाषण समाप्त होते ही लोगों में भगदड़ मच गई। मंच पर मौजूद लोगों के बुलाने पर भी टोपीधारी कार्यकर्ता व जनता नहीं रुकी। 

जाम की स्थिति बनी: कुमार विश्वास के निकलते ही जनता मैदान से बाहर आकर सड़क पर जमा हो गई। इससे अटल चौक पर जाम की अराजकता उत्पन्न हो गई। मौके पर मौजूद पुलिस बल की कड़ी मशक्कत के बाद करीब 15 मिनट बाद जाम खुल सका। 

'अब आम नहीं खास हो गए मुख्यमंत्री'
कौशांबी स्थित गिरनार टावर में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मिलने की चाहत में फरियादियों के आने का सिलसिला जारी है। बृहस्पतिवार को भी दिल्ली के कई संगठनों के सदस्य अपनी समस्या को लेकर यहां पहुंचे। वे समस्याओं से संबंधित ज्ञापन चलती कार में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सौंपा। कुछ फरियादी भीड़ की वजह से अपनी बात उन तक नहीं पहुंचा पाए। आशाओं व उम्मीदों को परवान न चढ़ते देख कुछ लोगों ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद केजरीवाल में बदलाव आ रहा है।

करीब पौने दस बजे अरविंद केजरीवाल आवास से निकल कर कार में बैठ दिल्ली के लिए रवाना हो गए। उनके इंतजार में खड़े लोगों को उनकी झलक तो मिली लेकिन बात नहीं हो सकी। मौके पर दिल्ली से पहुंचे ऑल गेस्ट टीचर एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने कहा कि अब आम आदमी के लिए न तो मुख्यमंत्री और न ही मंत्रियों के पास समय है। दिल्ली में करीब दस हजार गेस्ट टीचर हैं, इनको स्थायी करने की घोषणा की गई थी, लेकिन पिछले चार दिनों से वह सचिवालय एवं कौशांबी के चक्कर काट रहे हैं। उनके साथ डॉ. रचना, भूपेंद्र चौधरी, नितिन घोष, अनूप चौधरी, जितेंद्र समेत अन्य लोग शामिल रहे।

दिल्ली से ही आए वोकेशनल टीचर्स एसो. के अध्यक्ष जेडी शर्मा ने कहा कि अब आम आदमी पार्टी खास नजर आने लगी है। संगठन के लोग दिल्ली व गुड़गांव से सुबह ही आ गए। लेकिन मुख्यमंत्री कार में बैठकर चले गए। इससे लोगों को निराशा हुई है। संगठन के सदानंद भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली में गत 25 वर्षो से वोकेशनल शिक्षक संघर्ष कर हैं। संगठन के पदाधिकारियों की मांग थी कि उनको पीजीटी वोकेशनल के पदों पर विनियमित किया जाए। 

Source: Hindi News

Thursday, 9 January 2014

UP police was beaten overnight during Saifai mahostav

इटावा, [जासं]। सैफई में स्टार नाइट के दौरान बुधवार को पूरी रात पुलिस पिटी। मंच पर फिल्मी सितारों की प्रस्तुति के दौरान दर्शक दीर्घा में पीछे हुड़दंग शुरू हो गया। वीवीआइपी सुरक्षा में लगे सिपाहियों ने लोगों पर सख्ती की तो उन पर कुर्सियां फेंकी गई और पीटा भी गया। पंडाल में दो बार बिजली गई तो युवाओं ने मौका पाकर पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया।

जवानों ने इस बारे में वरिष्ठ अधिकारियों को भी बताया पर मुख्यमंत्री का गांव होने के कारण उन्होंने भी सख्ती न दिखाने और शांत रहने की ताकीद की। रात ग्यारह बजे जब फिर हुड़दंग शुरू हुआ तो मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्ती के निर्देश दिए। फिर पुलिस ने हुड़दंगियों को दौड़ाकर पीटा। 

सरकार ने पूरे वक्त दी हाजिरीउत्तर प्रदेश सरकार के 'घर' सैफई में महोत्सव का भव्य मेला सितारों के धमाल के साथ खत्म हो गया। 14 दिन तक मेले में पूरी सरकार की हाजिरी लगी, जहां इस छोटे से गांव में समाजवाद की नई परिभाषा को आकार लेते देखा गया। सरकारी ऐश्वर्य को देख घर वाले (सैफई) निहाल हुए हों, लेकिन इसके लिए तंगहाली की दुहाई देने वाली सरकार ने 300 करोड़ रुपये खर्च कर डाले। 26 दिसंबर को सैफई में शुरू हुए जश्न में हर दिन कोई न कोई सेलेब्रिटी या वीआईपी पहुंचा। चार जनवरी को कवि सम्मेलन में लगभग पूरी सरकार ही सैफई में मौजूद थी, जबकि समापन पर हुई स्टार नाइट में सरकार के अलावा दूसरे प्रदेश के लोगों का भी जमावड़ा रहा। फिल्म स्टार सलमान खान, माधुरी दीक्षित, रनबीर सिंह और मल्लिका सहरावत भी महोत्सव की शान बढ़ाने के लिए पहुंचे।

100 करोड़ स्टार नाइट पर खर्च
स्टार नाइट में सुरक्षा के लिए बरेली, आगरा, कानपुर और झांसी मंडल से पुलिस बल बुलाया गया था। पंडाल की सुरक्षा में आठ कंपनी पैरामिलिट्री फोर्स थी। एक कंपनी फोर्स में 132 व्यक्तियों के हिसाब से 1055 लोगों पर वेतन, टीए और डीए पर एक हजार रुपये, 400 से अधिक सीओ व एसडीएम से लेकर आईजी स्तर तक के अधिकारियों के अलावा 1000 वीवीआईपी के लिए की गई व्यवस्था व मुंबई से बुलाए कलाकारों का करीब 30 करोड़ रुपये का मेहनताना व अन्य खर्च, करोड़ों रुपये का स्टेज और अन्य खर्च मिलाया जाए तो सिर्फ स्टार नाइट पर ही 100 करोड़ से ऊपर का खर्च किया गया। 

सात दर्जन से अधिक बार उतरे हेलीकॉप्टर
महोत्सव की शुरुआत से समापन तक मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, सपा प्रमुख मुलायम सिंह, लोक निर्माण मंत्री शिवपाल सिंह व अन्य वीवीआईपी को लेकर आए हेलीकॉप्टर सात दर्जन से अधिक बार सैफई व इटावा में उतरे। समापन वाले दिन ही मुलायम, उनके पुत्र प्रतीक, प्रोटोकाल मंत्री अभिषेक मिश्रा अलग-अलग हेलीकॉप्टर से आए। फिल्मी कलाकारों को लेकर आए नौ जहाज हवाई पट्टी पर उतारे गए। इनके ईधन व किराए पर ही सौ करोड़ से ऊपर का खर्च आया है। 

सलमान-माधुरी ने दिए 25 लाख
मुंबई। सैफई में स्टार नाइट में भाग लेने आए फिल्मी कलाकार सलमान खान और माधुरी दीक्षित ने सोशल नेटवर्किग साइट व मीडिया पर आई आलोचनाओं की बाढ़ को देखते हुए सफाई दी है। यह आलोचना मुजफ्फरनगर दंगा पीड़ितों के प्रति बरती गई लापरवाही को लेकर है। सलमान ने कहा है कि वह जहां कहीं भी कार्यक्रम देने जाते हैं, वहां की जनता के स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए दान करना नहीं भूलते। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के दो सौ नन्हें बच्चों के हृदय ऑपरेशन में सहायता के लिए फिल्मी कलाकारों ने अपनी आय से 25 लाख रुपये दिए हैं। माधुरी दीक्षित के अनुसार इन ऑपरेशनों के लिए उपकरणों की खरीद के वास्ते यह धनराशि दी गई।

Source: Hindi News

Wednesday, 8 January 2014

Uttar Pradesh bans telecast of Madhuri Dixit-Salman Khan's Saifai event

इटावा [जासं]। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के गांव में बुधवार को बॉलीवुड सितारों का जमावड़ा रहा। लगभग एक दर्जन फिल्मी सितारों संग दबंग फिल्म स्टार सलमान खान व धक-धक गर्ल माधुरी दीक्षित का जादू सिर चढ़कर बोला। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व लोकनिर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। गणेश वंदना गणपति बप्पा मोरया, गया बप्पा मोरया के साथ जरीन खान ने कार्यक्रम की शुरुआत की। करिश्मा तन्ना ने नागिन नृत्य कर युवाओं के दिलों की धड़कनों को बढ़ा दिया। हास्य कलाकार गुत्थी की गुत्थी पर पंडाल में जमकर ठहाके गूंजे।

सबने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर खूब चुटकियां लीं और उन्हें सेक्सी बताते हुए एक्टिंग के गुर सीखने को कहा। फिल्म अभिनेत्री सना खान ने राम चाहे लीला, लीला चाहे राम.. गीत पर जमकर ठुमके लगाये। वरुण धवल ने हा हा ही हू हू मेरा दिल न तोड़ो.., मैं तो रास्ते पे जा रहा था पर जोरदार नृत्य किया।

फिल्म अभिनेत्री आलिया भट्ट ने ओ राधा तेरी चुनरी, ओ राधा तेरी पायल पर नृत्य कर लोगों को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया।

इसके बाद जैसे ही 'दबंग' फिल्म स्टार सलमान खान मंच पर उतरे युवाओं में जोश भर गया। सलमान की एक झलक पाने को युवा आतुर दिखे। सलमान खान ने फिल्म दबंग के गीत हुड़ हुड़ दबंग दबंग व पांडेय जी सीटी बजावें पर अपने ही अंदाज में जोरदार नृत्य किया। युवाओं ने जमकर सीटियां बजायीं। सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव की बहू अपर्णा यादव ने मंच पर साजिद के साथ गाना गया। अपर्णा ने नेता जी को दिल्ली पहुंचाना है का गाना गया। उनके साथ मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व अपर्णा के पति प्रतीक यादव भी मंच पर पहुंचे।

Monday, 6 January 2014

Muzaffarnagar riot: no evidence in sting against azam khan

रामपुर, जागरण संवाददाता। यूपी के कैबिनेट मंत्री आजम खां ने कहा है कि उन्हे फांसी या उम्रकैद की सजा हो सकती है। मुजफ्फरनगर दंगे को लेकर उन्हें सुप्रीम कोर्ट से सात नोटिस मिले हैं। उन्हें फांसी मंजूर है, लेकिन गलत को सही नहीं कह सकते। 

जौहर यूनिवर्सिटी में लैपटॉप वितरण समारोह में आजम ने कहा कि जुल्म करवाने वाली ताकतों ने अदालतों का सहारा लिया है, हम मुजफ्फरनगर गए नहीं, किसी को छुड़ाने की सिफारिश नहीं की। फिर भी हम पर तमाम आरोप लगाए गए। हमें सुप्रीम कोर्ट से नोटिस मिले हैं। वह इससे घबराने वाले नहीं हैं। इसका मुकाबला करेंगे, उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। 

भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी पर इशारा करते हुए कहा कि इंसानियत के सौदागर और हत्यारे को देश नहीं दिया जा सकता। चाय बेचने की बात कह कर लोगों की हमदर्दी लेने की कोशिश की जा रही है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर प्रहार करते हुए कहा कि अब दिल्ली वाले भी झाड़ू ले आए हैं। बसपा प्रमुख मायावती पर निशाना साधते हुए बोले, हमने पत्थरों के हाथी नहीं बनवाए हैं। 

जांच समिति ने आजम को आरोपित करने वाले स्टिंग के रॉ फुटेज को देखा

लखनऊ, जागरण ब्यूरो। विधानसभा की जांच समिति ने सोमवार को मुजफ्फरनगर दंगे में नगर विकास मंत्री आजम खां को आरोपित करने वाले स्टिंग आपरेशन के रॉ फुटेज को देखा। हालांकि चार से पांच घंटे अवधि के इस रॉ फुटेज के अवलोकन की कार्यवाही सोमवार को पूरी नहीं हो सकी। अगली बैठक के लिए समिति ने वैसे तो कोई तारीख तय नहीं की है, लेकिन माह के आखिरी सप्ताह में यह बैठक होने की संभावना है। रॉ फुटेज के अवलोकन में जुटी समिति को प्रथम दृष्टया आजम खां पर लगे आरोपों की पुष्टि नहीं हुई।

बताया जाता है कि रॉ फुटेज का जितना भी अंश सोमवार को देखा गया, उसके आधार पर प्रथम दृष्टया यही प्रतीत हुआ कि इसमें दिखाए गए किसी भी शख्स ने साफ तौर पर आजम खां का नाम नहीं लिया। मिली जानकारी के अनुसार समिति की बैठक में यह तय हुआ है कि एक बार रॉ फुटेज बारीकी से देखने के बाद स्टिंग आपरेशन में शामिल सभी लोगों को तलब किया जाएगा। जिन पुलिस अधिकारियों से हुई बातचीत को दिखाया गया है, उन्हें व आपरेशन को अंजाम देने वाले सभी को कमेटी के समक्ष आकर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा। 

बैठक में शामिल एक सदस्य के अनुसार समिति इस बात को लेकर पूरी सावधानी बरत रही है कि इसकी कार्यवाही ऐसी हो कि नैसर्गिक न्याय के सिद्धांत का पूरी तरह अनुपालन हो। वैसे समिति ने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि स्टिंग आपरेशन करने वाला न्यूज चैनल अब जांच में सहयोग कर रहा है। 

Bollywood stars will perform in Mulayam's Parental home

मुंबई। समाजवादी पार्टी के मुखिया और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के पैतृक गांव सैफई में बॉलीवुड सितारों का जमावड़ा लगने वाला है। खबर है कि बुधवार को सैफई महोत्सव के मद्देनजर यहां दबंग खान और धक-धक गर्ल माधुरी दीक्षित अपना जलवा बिखेरेंगे। यही नहीं इनके अलावा कई और हस्तियां हैं जो यहां डांस परफॉरमेंस देंगी।

वार्षिक मेले सैफई महोत्सव के आयोजकों ने बताया कि शाम को सोहा अली खान और रणवीर सिंह जैसे कलाकार भी नजर स्टेज पर दिखेंगे। इटावा, मैनपुरी, फिरोजाबाद, शिकोहाबाद और आगरा जैसे क्षेत्रों के लोगों का प्रमुख आकर्षण बने इस कार्यक्रम में दर्जन भर छोटे-बड़े कलाकार भी परफॉर्म करेंगे।

गौरतलब है कि यह समारोह हर साल मुलायम सिंह यादव के भतीजे की याद में किया जाता है। इस समारोह में फिल्मी सितारे, राजनेता, कॉरपोरेटे घराने, मंत्री और अधिकारी भाग लेते हैं।

इस साल म्यूजिक कम्पोजर जोड़ी साजिद-वाजिद अपने गानों से माहौल खुशनुमा करने को तैयार हैं। फिल्मी कलाकारों और विशिष्ट व्यक्तियों के लिए चार्टर्ड विमानों की व्यवस्था की गई है। पिछले साल रितिक रोशन ने इस आयोजन में परफॉर्म किया था। (नई दुनिया)

Source: Bollywood News in Hindi

Thursday, 26 December 2013

UP Home Secretary absurd statement ... So no one live in Siberia




लखनऊ। मुजफ्फरनगर जिले में भड़की सांप्रदायिक हिंसा के बाद बनाए गए राहत शिविरों में हुई मौतों पर उत्तर प्रदेश के गृहसचिव ए के गुप्ता ने शुक्रवार को सरकार की ओर से रिपोर्ट पेश करते हुए बेतुका बयान देकर चर्चा में आ गए हैं। गुप्ता ने कहा कि राहत शिविरों में 7 सितंबर से लेकर 20 दिसंबर तक केवल 34 मौतें हुई हैं, जिनमें 10 से 12 बच्चे शामिल है। उन्होंने कहा कि इनमें से किसी के भी मौत का कारण सर्दी नहीं है। अगर ऐसा होता तो साइबेरिया में कोई नहीं जिंदा नहीं रहता।
मालूम हो कि मुजफ्फरनगर के राहत शिविरों में सर्दी के कारण हुई करीब 50 बच्चों की मौत की खबरें मीडिया में आने के बाद यूपी सरकार ने अपने बचाव के लिए मेरठ मंडल के कमिश्नर के नेतृत्व में एक जांच कमिटी का गठन किया था। जिसने बृहस्पतिवार को अपनी रिपोर्ट सार्वजानिक की है। इसके मुताबिक शिविरों में मरने वालों की संख्या 34 है। इसके साथ ही कमेटी द्वारा पेश की गई रिपोर्ट में प्रत्येक मृतक के नाम के साथ उसकी मौत के कारणों को स्पष्ट किया गया है। गृह सचिव ने इस रिपोर्ट को सार्वजनिक करते हुए यह बयान दिया।

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Saina Nehwal became obsessed with Taj Mahal




जागरण संवाददाता, आगरा। एक तरफ सौंदर्य का प्रतिमान विश्व का सातवां अजूबा ताज था, तो दूसरी ओर देश की नंबर एक बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल। बगैर किसी प्रोग्राम के अचानक ताजमहल देखने की इच्छा पूरी होने की खुशी उनके चेहरे पर साफ नजर आ रही थी। गुरुवार को एक घंटे तक ताज की खूबसूरती निहारने के बाद वह सैफई रवाना हो गई।

सैफई महोत्सव में प्रदेश सरकार द्वारा ओलंपिक के पदक विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया जा रहा है। इसमें भाग लेने के लिए देश की नंबर एक बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल बुधवार देर रात आगरा पहुंची थीं। रात को वह होटल आइटीसी मुगल में रुकीं। गुरुवार सुबह करीब सात बजे ताजमहल देखने पहुंचीं। स्मारक में प्रवेश करने के बाद वह ताज के सौंदर्य से अभिभूत नजर आई। करीब एक घंटे तक ताज के इतिहास और उसकी पच्चीकारी में दिलचस्पी दिखाई। उन्होंने डायना बेंच और कई अन्य जगहों से ताज के साथ फोटो भी खिंचाए।

ताज के भ्रमण के बाद साइना ने कहा कि लंबे समय से ताजमहल देखने की उनकी इच्छा थी, लेकिन व्यस्तताओं के चलते वह यहां नहीं आ पा रही थीं। उन्होंने तो सोचा भी नहीं था कि बिना किसी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के इस तरह ताज देखने की हसरत पूरी होगी। भ्रमण के दौरान उन्हें देसी-विदेशी पर्यटकों से परेशानी न हो, इसके लिए सुरक्षाकर्मी उनके साथ चल रहे थे। हालांकि बहुत से पर्यटकों ने उन्हें पहचान लिया और साथ में फोटो कराने और ऑटोग्राफ देने की मांग की, लेकिन सुरक्षा कर्मियों के चलते उन्हें निराशा हाथ लगी। ताज में उत्तार प्रदेश ओलंपिक संघ के महासचिव आनंदेश्वर पांडे उनके साथ रहे।

Jayaprada to fight election on congress ticket from Rampur


मुरादाबाद [ज्ञानेंद्र त्रिपाठी]। फिल्मी दुनिया से आकर आजम खां के शहर रामपुर की सियासी फिल्म बदलने का माद्दा रखने वाली सांसद जयाप्रदा की तीसरी सियासी फिल्म का ट्रेलर अब दिखने लगा है। कल तक आजम द्वारा नवाबी दौर की तोड़ी गई इमारतों का जो मुद्दा आजम और नवेद के बीच था उसे अब जयाप्रदा ने हथिया लिया है। उनकी नजर नवेद की मां की कांग्रेसी सीट पर भी है, जिनको साइकिल पर सवार होकर दो बार जयाप्रदा मात दे चुकी हैं। अब साइकिल नहीं है। सो, कांग्रेस के हाथ का साथ पा कर नई पारी खेलना चाहती हैं और कांग्रेसी सुर में सुर मिलाने लगी हैं।

रामपुर की संसदीय सीट पर अर्से तक नवाबी खानदान के साथ कांग्रेसी कब्जा रहा है तो विधानसभा की सीट पर आजम का दबदबा। पर, वर्ष 2004 के संसदीय चुनाव में यहां की हवा ही बदल गई। अमर सिंह के साथ फिल्मी दुनिया से जयाप्रदा आईं और आजम के नेतृत्व में चुनाव लड़ नवाबी सीट पर काबिज हो गई।
राजनीति की इस दोतरफा की जमीन पर पहली दफा तीसरे चेहरे का उदय हुआ। यहां पर तीसरी पार्टी भाजपा थी, लेकिन उसमें उतनी धार नहीं। पर, 2009 के संसदीय चुनाव में आजम खां ने जयाप्रदा का विरोध किया, लेकिन सपा ने आजम को ही बाहर कर दिया और जयाप्रदा ने आजम खां के विरोध के बावजूद नूरबानो को लगातार दूसरी बार पराजित कर सीट पर कब्जा जमा लिया। 

इस तरह जयाप्रदा ने एक बार आजम के साथ तो दूसरी दफा उनके विरोध के बावजूद अपना राजनीतिक रसूख बनाए रखा, लेकिन दोनों बार सपा साथ थी। अब उनके विरोधी आजम हैं, लेकिन उनके साथ कोई पार्टी नहीं है, क्योंकि सपा ने उन्हें निकाल दिया है। ऐसे में जयाप्रदा ने अपनी नई सियासी फिल्म के लिए बैनर खोजना शुरू कर दिया, जिसका संकेत पिछले दिनों तब मिला जब वह रामपुर आईं और राहुल गांधी का गुणगान कर गईं।
नतीजा यह रहा कि राहुल रैली में आए तो कांग्रेस नेत्री के रूप में जयाप्रदा का बैनर भी लगा। इस पर किसी ने कोई विरोध दर्ज नहीं कराया। हां, यह बात फैलने लगी कि इस बार नूरबानो की जगह जयाप्रदा कांग्रेस से चुनाव लड़ेंगी। इसे बल तब मिला जब लोकसभा चुनाव के लिए मुरादाबाद से कांग्रेस प्रत्याशियों के नाम के पैनल में नूरबानो का नाम भेजा गया, जो रामपुर से लड़ती रही हैं। 

बुधवार को रामपुर पहुंची जयाप्रदा ने एक बार फिर खुद इस कयास को पूरा बल दे दिया। उन्होंने घोषणा की कि आजम द्वारा तुड़वाए गए नवाबी दौर के गेट को वह सांसद निधि से बनवाएंगी। अब तक गेट की विधिक व उच्चस्तरीय लड़ाई नूरबानो के बेटे नवेद लड़ते रहे हैं, जो आजम के साथ साथ जयाप्रदा के भी विरोधी रहे हैं। पर, अब इस पूरे मामले को जयाप्रदा भी राष्ट्रपति तक ले जाने व दोषियों को दण्डित कराने की कसम खा रही हैं, जो वैचारिक रूप में सही आजम के विरोधी और आपस में भी सियासी विरोधी नवाब खानदान और जयाप्रदा को एक मंच पर ला दिया है। फिर, जयाप्रदा का यह कहना कि वह रामपुर से ही चुनाव लड़ेंगी और किसी पार्टी से लड़ेंगी, इस बात का साफ संकेत हैं कि सबकुछ ठीक रहा तो जयाप्रदा की तीसरी सियासी फिल्म कांग्रेस के पर्दे पर ही प्रदर्शित होगी, क्योंकि सपा में उनकी राह में आजम रोड़ा हैं तो भाजपा से कोई नजदीकी अभी नहीं दिख रही है। 

साथ ही आजम से पार पाने को उनसे अधिक कहीं नवाब खानदान बेचैन है। दोनों ही इस समय एक सुर से आजम पर निशाना साधे हुए हैं, जो दोनों के बीच सियासी समझौते के संकेत दे रहा है, जिसपर जयाप्रदा हां तो नहीं कहती हैं, लेकिन ना भी नहीं बोलती हैं, जिसे आजम खां के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है।

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Monday, 2 December 2013

Lucknow mahotsav on his last end

Lucknow mahotsav
राज्यपाल ने किया लखनऊ महोत्सव का औपचारिक समापन
लखनऊ। लखनऊ महोत्सव की दसवीं शाम खासी रंगीन और गहमागहमी से भरी रही। सोमवार को भी यहां रविवार जैसी ही रंगत थी। सांस्कृतिक संध्या से पहले राज्यपाल के परंपरागत समापन संबोधन के लिए एक तरफ सरकारी अमला पंडाल में जमा था तो वहीं से कुछ दूर गेट के पास रंगारंग आतिशबाजी का लुत्फ ले रहे नागरिकों के चेहरों पर उत्सव का उल्लास चमक रहा था।
शाम 6:35 बजे जैसे ही राज्यपाल बीएल जोशी महोत्सव के सांस्कृतिक पंडाल में पहुंचे, दस दिवसीय समारोह के औपचारिक समापन की शुरुआत हो गई। दीप प्रज्ज्वलन व स्मृति चिह्न भेंट करने की रस्म अदायगी के बाद राज्यपाल ने लखनऊ को लाजवाब और अद्वितीय शहर बताया। विद्यार्थी जीवन की यादों में लौटते हुए उन्होंने कहा कि जब वे यहां पहली बार आए थे, तब भूलभुलैया गए थे और वहां खो भी गए थे। राज्यपाल ने कहा कि लखनऊ महोत्सव टूरिस्ट मैप पर स्थान बना रहा है। हर वर्ष इसमें कुछ नया हो रहा है। 'जश्न-ए-विरासत' की थीम पर आयोजित समारोह के बाद राज्यपाल ने ऐतिहासिक इमारतों के संरक्षण को सभी नागरिकों की जिम्मेदारी बताया।
पर्यटन मंत्री ओमप्रकाश सिंह ने महोत्सव में करीब पांच लाख लोगों की सहभागिता की बदौलत इसे बुलंदी पर पहुंचता बताया। पर्यटन मंत्री ने कमोबेश वही बातें दोहराईं, जो उन्होंने महोत्सव की पहली शाम के उद्घाटन समारोह में कही थीं। गंगा महोत्सव, देव-दीपावली और गंगा दशहरा का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि पर्यटन बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री लगातार प्रयासरत हैं। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अभिषेक मिश्र व मंडलायुक्त संजीव सरन ने आयोजन में शामिल सभी व्यक्तियों का आभार प्रकट किया।
राज्यपाल की सिफारिश : महोत्सव में औपचारिक समापन संध्या पर राज्यपाल बीएल जोशी के संबोधन से ठीक पहले पर्यटन मंत्री ओमप्रकाश सिंह ने यह कहते हुए तालियां बजाने की अपील की, कि राज्यपाल आपके सामने बैठे हैं। मंत्री ने कहा- राज्यपाल को पता लगना चाहिए कि प्रदेश के लोग स्वस्थ हैं। इसी के तुरंत बाद माइक पर आए राज्यपाल ने मंत्री को तालियों की सिफारिश करने के लिए चुटीले अंदाज में धन्यवाद दिया तो पंडाल तालियों के साथ ठहाके से भी गूंज उठा।
दो दिन बढ़ा महोत्सव : देर रात जिलाधिकारी अनुराग यादव ने लखनऊ महोत्सव को दो दिन और बढ़ाने की जानकारी दी। दोनों दिन महोत्सव में स्टॉल पहले की तरह लगे रहेंगे और शाम को सांस्कृतिक आयोजन भी होंगे। प्रवेश शुल्क भी पूर्ववत लगेगा। मंगलवार की शाम सांस्कृतिक पंडाल में सनी नियाजी व अंकुर गुप्ता का कार्यक्रम होगा, जबकि चार दिसंबर की शाम परमानंद यादव की प्रस्तुति के साथ ही लोग तृष्णा बैंड के संगीत का आनंद ले सकेंगे।

Wednesday, 20 November 2013

Modi's Agra Rally : BJP to Felicitate Som and Other Two

narendra modi
आगरा, जागरण संवाददाता। मुजफ्फरनगर हिंसा में जेल जाने वाले दो भाजपा विधायकों समेत तीन लोगों का गुरुवार को मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में सम्मानित किया जाएगा। ये तीनों 'थ्री एस' हैं। तीनों का नाम 'स' से शुरू होता है। तीसरा नाम संजीव बालियान का जुड़ा है। मुजफ्फरनगर दंगे में आरोपी भाजपा विधायकों सुरेश राणा व संगीत सोम की गिरफ्तारी से बहुसंख्यक वर्ग के गुस्से को भाजपा भुनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती है।

एडवाइजरी बोर्ड में भाजपा के दोनों विधायकों पर रासुका खारिज होने के बाद भाजपा सरकार के खिलाफ आक्रामक भूमिका में भी है। रैली में भाजपा विधायकों सुरेश राणा व संगीत सोम को सम्मानित करने की घोषणा से विपक्षी खेमों में हलचल बढ़ गई है। पहले ठाकुर बिरादरी के दोनों विधायकों को मंच पर सम्मानित करने की घोषणा थी, इससे विपक्षियों के साथ पार्टी की अंदरूनी सियासत गरमा गई।

इस बीच पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने बुधवार को भाजपा नेता डा. संजीव बालियान को भी विधायकों के साथ सम्मान देने का एलान कर न सिर्फ पार्टी के अंदर की हलचल शांत कर दी है, बल्कि जाट मतदाताओं को आश्वस्त भी कर दिया है कि भाजपा उनका पूरा ध्यान रख रही है। अब नरेंद्र मोदी की रैली में सुरेश राणा, संगीत सोम व संजीव बालियान को सम्मानित किया जाएगा।

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Friday, 15 November 2013

Shobhan Sarkar's Claim, Treasury will Out

Unnao
जागरण संवाददाता, उन्नाव। संत शोभन सरकार ने राजा राव रामबख्श सिंह के किले में खजाने की खोज के सिलसिले में अब केंद्र व उत्तर प्रदेश सरकार से कहा है कि सभी को वहां से हटा लें और अड़तालीस घंटे का समय दें। अपने संसाधनों से खजाना निकालकर देंगे। इस काम में किसी की साझेदारी मान्य नहीं है। किले में दबे खजाने को निकालने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण अब आगे खोदाई करेगा या नहीं, इसे लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है।

शुक्रवार को बक्सर आश्रम में पत्रकारों को बुलाकर संत शोभन सरकार ने कहा, सरकार को यह खजाना नहीं मिलेगा। विदेशी लोग ऋषियों के इस देश को साधु-संपेरों का देश कहते हैं। सोना निकाल विदेशी आंखों में लगा विज्ञान का चश्मा हटाना है। यह पता होना चाहिए कि विज्ञान जहां से खत्म होता है, अध्यात्म वहीं से शुरू। संत ने इस बात का भी खुलासा किया कि भारत सरकार के राज्य मंत्री चरणदास महंत के निजी सचिव विवेक कुमार देवांगन के माध्यम से शासन से फिर बात हुई है। हालांकि किसने उनसे बात की इसकी जानकारी उन्होंने नहीं दी।

संत ने कहा इस क्षेत्र में उनके गुरुओं ने भिक्षा पाकर रोटी खाई है। गुरु की उस एक रोटी के बदले इस क्षेत्र को खुशहाल करना चाह रहे हैं। इस कारण खजाने का 20 फीसद हिस्सा यहां खर्च के लिए दिया जाए। खजाने के लिए सरकार उनको मौका दे। जो तारीख बताएं-उस दिन कोई भी अधिकारी जिसे प्रतिनिधि बनाकर भेज दें। मीडिया की मौजूदगी जरूरी है। एक प्रयोग उनको करने का मौका दिया जाए। यहां सफल हो जाएं तो फिर आगे मौका दिया जाए। हम खजाना निकालते जाएंगे, उसे देश के रिजर्व बैंक में पहुंचाते जाओ।

Source- Hindi News

Thursday, 14 November 2013

Unnao Gold Hunt: Calls off Digging!


Unnao
उन्नाव, जागरण संवाददाता। डौंड़ियाखेड़ा में राजा राव रामबख्श सिंह के किले में हो रही खुदाई का काम 24 वें दिन रुक-रुक कर हुआ। बृहस्पतिवार को सामान्य दिनों की अपेक्षा एक घंटे पहले ही काम बंद कर दिया गया। लेकिन अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है कि आगे खुदाई होगी या नहीं।

एसडीएम विजय शंकर दुबे ने बताया कि खुदाई 6.10 मीटर तक पूरी कर ली गई है। उन्होंने बताया कि तीन दिन छुट्टी के चलते खोदाई का काम नहीं होगा। जिसमें एक दिन मुहर्रम के साथ ही दो दिन कार्तिक पूर्णिमा का अवकाश है। अवकाश के बाद खुदाई होगी या नहीं इस पर निर्णय भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) को करना है। खुदाई में अभी तक खजाने के दीदार नहीं हो सके हैं। खुदाई बंद होने का अनुमान लगाया जा रहा है, लेकिन स्थानीय अधिकारी अभी इसकी सटीक जानकारी नहीं दे रहे हैं। जबकि एएसआइ के निदेशक जमाल हसन एक प्वाइंट में खुदाई बंद होने की बात पहले ही कह चुके हैं।

Source- News in Hindi

Wednesday, 13 November 2013

Kidnapping Case: FIR was Registered after 50 Days

Kidnapping Case
गाजियाबाद, जागरण संवाददाता। लोनी थाने से मई, 2008 में लापता हुई एक किशोरी के मामले में पुलिस के रवैये पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को जो आदेश दिया है, उससे न जाने कितने पीड़ितों को राहत मिलेगी। शीर्ष अदालत ने संज्ञेय अपराधों पर पुलिस को तुरंत मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। यह मामला एक पीड़िता पिता की लाचारी भरी दास्तां है। उसकी पुत्री का अपहरण किया गया था। जब उसने पुलिस से मदद मांगी तो उसके साथ अमानवीय बर्ताव किया गया। अंत में थक हारकर उसे सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर उसकी बेटी को बरामद कर लिया था।

लोनी के मलिन बस्ती निवासी 52 वर्षीय एक व्यक्ति पास की कॉलोनी में चौकीदारी करता था। वह पत्नी व चार बच्चों के साथ रहता था। उसने अपना व पत्नी का पेट काटकर बच्चों की बेहतर परवरिश की। उनके पालन-पोषण और शिक्षा में कोई कसर नहीं छोड़ी। पूरा परिवार मिल-जुलकर रह रहा था। मई 2008 में परिवार पर पहाड़ टूट पड़ा। उसकी 14 वर्षीय सबसे छोटी पुत्री को पड़ोस का ही एक युवक बहला-फुसलाकर ले भगा। जब उसे इसकी जानकारी हुई तो वह पुत्री को तलाशने की अर्जी लेकर थाने पहुंचा। यहां पुलिस ने उसे लताड़ा और थाने से भगा दिया। वह लगातार चौकी, थाने व बड़े अधिकारियों के कार्यालय में गुहार लगाता हुआ चप्पल घिसता रहा, लेकिन उसकी सुनने वाला कोई नहीं था। अंतत: उसने सुप्रीम कोर्ट को अपना दुखड़ा सुनाया। कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए गाजियाबाद के एसएसपी को कार्रवाई के आदेश दिए। इसके बाद पुलिस हरकत में आई और आनन-फानन में रिपोर्ट दर्ज कर किशोरी की तलाश में जुट गई। लापता होने के 50 दिन के बाद पुलिस ने उसे साहिबाबाद क्षेत्र से बरामद कर लिया।

इस दौरान पिता ने थाने, चौकी, वकील और पुलिस अधिकारियों के यहां सैकड़ों चक्कर लगाए। वह एक दिन भी काम पर नहीं गया। पूरा समय वह अपनी पुत्री की तलाश में लगा रहा। पुत्री मिलने के बाद दो वर्ष तक उसने उसकी पढ़ाई कराई। इसके बाद वर्ष 2010 में उसकी शादी बिहार में एक युवक के साथ कर दी। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा सुनाए गए आदेश के बाद पिता ने खुशी जाहिर की है। उसका कहना है कि जो परेशानी उसे झेलनी पड़ी और परिवार को जिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, कम से कम अब कोई पिता-परिवार यह नहीं सहेगा। पुलिस को हरहाल में पीड़ित की सुनवाई करनी ही पड़ेगी। 

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Azam says, 'Yes, I was behind riots'

Muzaffarnagar riots
लखनऊ, जागरण ब्यूरो। अपनी हरकतों से लगातार सरकार और पार्टी को मुश्किलों में डालने वाले कद्दावर मंत्री आजम खां ने बुधवार को खुद को 'बैड मैन' दर्शाते हुए कहा कि वह दुनिया के सबसे बुरे आदमी हैं। उन्होंने अपने विरोधियों पर तीर चलाने के साथ ही मीडिया व नौकरशाही पर भी जमकर हमले किए।
स्थानीय निकाय अध्यक्षों के सम्मेलन में बोलते हुए आजम ने अपने ऊपर लगने वाले आरोपों के लिए मीडिया को जिम्मेदार ठहराया और खूब तंज कसे। फिर बारी आई अफसरों की, जिन्हें सरकार योजनाओं को अमली जामा न पहनाने के लिए उन्होंने जिम्मेदार ठहराया। दिलचस्प यह रहा कि लगे हाथ आजम ने मंच पर बैठे राज्य नगरीय विकास अभिकरण (सूडा) के निदेशक जेपी सिंह पर बैट्री चालित रिक्शा खरीद योजना पर कुंडली मार कर बैठने का आरोप भी जड़ दिया। कहा, 'यह तो माशाअल्लाह हैं, गरीबों के रिक्शा खरीद के लिए 350 करोड़ रुपये दबाए बैठे हैं लेकिन इन पर तो मैं कार्रवाई भी नहीं कर सकता।' अफसरों द्वारा बजट जारी करने के लिए रिश्वत मांगे जाने और नहीं देने पर योजनाएं अटकाने के आरोप पर आजम ने निकायों के अध्यक्षों से एकजुट होकर रिश्वत का विरोध करने का भी आह्वान किया। निकाय अध्यक्षों ने जिलों में डीएम, एडीएम, एसडीएम से लेकर तहसीलदार के खिलाफ गंभीर आरोप भी लगाए। आजम ने अध्यक्षों को भी अदब में लेते हुए कहा कि 'आप हमारी लाज रखो, हम आपकी लाज रखेंगे'।

आजम के बोल
'मीडिया की नजर में दुनिया की सारी बुराई हममें है। हम कामचोर हैं, देशद्रोही हैं, हम दंगाई हैं। दंगा कराते हैं, हम मंत्री होते हुए प्रदेश और देश की जनता पर बोझ हैं, ईमानदारी से कुतुबमीनार और ताजमहल भी बनवा दे तब भी लोग उसमें कमियां निकाल कर बेईमान ठहरा देंगे।.. सोशल मीडिया की आड़ में अफसर भी मुझे बेईमान ठहराने में जुटे हैं।' आजम ने अपनी सफाई में अभिनेता दिलीप कुमार, लता मंगेशकर से लेकर सचिन तेंदुलकर जैसे कई हस्तियों को जोड़कर तमाम बातें कहीं।

अध्यक्षों ने कहा
निकायों का विकास कैसे करें। एडीएम, एसडीएम से लेकर तहसीलदार तक योजना स्वीकृत करने के लिए रिश्वत मांगते हैं। नहीं देने पर कोई न कोई पेंच फंसाकर योजना को अटका देते हैं। -जगदीश सिंह इंदौलिया, नगर पंचायत, किरावली, आगरा

निकायों में अफसरों की तैनाती में सरकार भेदभाव कर रही है। सपा समर्थक निकायों में ईओ की तैनाती की जाती है जबकि अन्य दलों से जुड़े निकायों में एसडीएम, एडीएम और तहसीलदारों को तैनात कर अवैध वसूली को बढ़ावा दिया जा रहा है। सभी निकायों में ईओ की तैनाती की जाए। -छट्ठे लाल निगम, नगर पंचायत रुद्रपुर, देवरिया

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