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Monday, 13 January 2014

Delhi jal board issued notices to install faulty water meter

नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जल बोर्ड की ओर से पानी के पुराने मीटर को लगाने के लिए भेजे जा रहे नोटिस को गंभीरता से लेते हुए सोमवार को जांच के आदेश दे दिए है। इससे पहले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल एवं उनकी टीम ने पिछले साल 28 अप्रैल को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करके पानी के पुराने मीटर को फॉल्टी बताया था। आप की टीम ने इसपर सवाल उठाते हुए कहा था कि इस मीटर में पानी के साथ हवा का भी बिल आता है। 

हालांकि अब दिल्ली में आप की सरकार बनने और जल बोर्ड खुद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पास होने के बावजूद इसी फॉल्टी मीटर को लगाया जा रहा है। जल बोर्ड की ओर से पुराने मीटर को ही फिर से लगाए जाने के लिए जारी किए गए नोटिस को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि वह इस मामले की जांच करायेंगे। उन्होंने कहा कि मीडिया के जरिये उन्हें इस नोटिस के बारे में जानकारी मिली है। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री ने जल बोर्ड की बैठक भी बुलाई है। 

उल्लेखनीय है कि एक समाचार पत्र में छपी खबर के मुताबिक राजधानी में कई आरडब्ल्यूए को जल बोर्ड की तरफ से और पानी के पुराने मीटर लगाने वाली कंपनी की तरफ से नोटिस आ रहे हैं। उत्तरी दिल्ली के एक आरडब्ल्यूए प्रतिनिधि की मानें तो उन्हें कंपनी की तरफ से 4 जनवरी को मीटर बदलने का नोटिस मिला। इसके साथ ही जल बोर्ड की तरफ से 2 जनवरी को जारी नोटिस की कॉपी भी लगी है। इसमें पुराने मीटर को बदले जाने में मदद करने की अपील की गई है। जल बोर्ड सभी मीटरों को चेंज करने का काम पिछले साल से ही कर रहा है। पिछले साल भी इसी तरह के नोटिस जारी किए गए थे।

अब नई सरकार बनने के बाद वैसा ही नोटिस फिर आया है। इस नोटिस में कहा गया है कि जल बोर्ड प्रभावी व्यवस्था बनाने के लिए सभी मीटरों को बदलने के फैसले पर अमल कर रहा है ताकि नॉन रेवेन्यू वॉटर [ऐसा पानी, जिसका पैसा नहीं देना होता] कम किया जा सके। यह भी कहा गया है कि मीटर बदलना अनिवार्य है। नोटिस में लिखा है कि मीटर लगाने का खर्चा जल बोर्ड उठाएगा। कंपनी ही सात साल तक इनकी देखरेख का जिम्मा देखेगी। 

Source: Hindi News

Wednesday, 1 January 2014

Congress has no other way to continue the support to Delhi government




[अजय पांडेय], नई दिल्ली। दिल्ली की सियासत का यह बेहद यादगार लम्हा है। बृहस्पतिवार का दिन सूबे में अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली आम आदमी पार्टी सरकार की किस्मत तय कर देगा। विपक्षी भाजपा चाहती है कि यह सरकार गिर जाए। खुद सत्ताधारी दल के हुक्मरानों को भी (आप के नेता बार-बार कांग्रेस पर आंखें तरेर रहे हैं) सरकार के गिर जाने की परवाह नहीं है। और कांग्रेस की बेबसी देखिए कि वह न चाहते हुए भी इस सरकार को एक प्रकार से अपने कंधों पर ढोने को विवश है। वह बिलकुल नहीं चाहती कि यह सरकार कम से कम इस वक्त गिरे। इस सरकार की जिंदगी वह अपने हिसाब से तय करना चाहती है।

मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली वालों को रोजाना 666 लीटर मुफ्त पानी देने का फैसला कर दिया। उन्होंने बिजली की कीमत को आधा करने का वादा भी निभा दिया। निजी बिजली कंपनियों की नाक में नकेल डालने का काम करते हुए उन्होंने इनके खातों की कैग से जांच कराने का आदेश भी जारी कर दिया। राजनीतिक फायदे नुकसान की बात करें तो उन्होंने अपना काम पूरा कर लिया है। उनका यह अनुमान बिलकुल सही लगता है कि यदि अगले कुछ महीनों में दिल्ली विधानसभा के फिर से चुनाव हुए तो उनकी पार्टी को पूर्ण बहुमत प्राप्त हो जाएगा।

दूसरी ओर सत्ता से चार कदम पीछे रह गई भाजपा भी चुनाव चाहती है। यदि यह सरकार गिर जाती है तो सियासी दृष्टि से भाजपा के रणनीतिकारों का खुश होना लाजिमी है। पार्टी की सोच यह है कि यदि सरकार गिर गई और चुनाव की नौबत आई तो थोड़े दिनों के राष्ट्रपति शासन के बाद लोकसभा चुनाव के साथ विधानसभा के भी चुनाव होंगे और पार्टी अपने प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता की लहर में दिल्ली का चुनाव भी जीत लेगी।

सियासी जानकारों की मानें तो एकमात्र कांग्रेस ही ऐसी पार्टी है जो कम से कम इस माहौल में चुनाव बिल्कुल नहीं चाहती। पार्टी के एक विधायक ने कहा कि इस वक्त हमने ऐसा क्या कर दिया है जिसे लेकर हम जनता के बीच जाएंगे। जाहिर है कि 15 साल की अपनी सत्ता गंवा चुकी पार्टी को फिलहाल चुनाव भारी घाटे का सौदा समझ में आ रहा है। शायद यही वजह है कि वह किसी भी कीमत पर अगले कुछ महीनों तक इस लंगड़ी सरकार की बैसाखी बने रहना चाहती है।

कांग्रेस के रणनीतिकारों का मानना है कि जून-जुलाई की गर्मियों में पानी-बिजली को लेकर मचने वाला हाहाकार केजरीवाल की लोकप्रियता की हवा निकाल देगा और तब हवा कांग्रेस के पक्ष में बहने लगेगी। उस समय न मोदी की लहर का खतरा होगा और न ही केजरीवाल का जादू काम करेगा। अब देखना यह है कि बृहस्पतिवार को सदन में किसकी किस्मत बुलंद होती है।

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Tuesday, 31 December 2013

Veteran actor manoj kumar met with Delhi CM expecting justice





मुंबई। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सबके लिए जैसे मसीहा बन गए हैं। आपने अब तक आम लोगों को अपनी परेशानियां लेकर अरविंद जी के पास जाते सुना होगा, लेकिन अब बॉलीवुड अभिनेता मनोज कुमार भी अपनी समस्या का समाधान पाने के लिए केजरीवाल का दरवाजा खटखटाएंगे।

सूत्रों ने बताया कि मनोज कुमार ने हाल ही में सालों से दिल्ली सरकार के कब्जे में पड़ी अपनी जमीन के मुद्दे पर मुलाकात कर सकते हैं।

बताया जाता है कि साल 2005 से दिल्ली सरकार ने भारत कुमार के नाम से मशहूर मनोज कुमार की 45 एकड़ की जमीन अपने कब्जे में कर रखी है। या यूं कहें कि अपने नाम कर ली है। मनोज कुमार ने एक अंग्रेजी अखबार से बातचीत में कहा कि वे और उनका परिवार साल में एक दो बार दो-चार महीने के लिए वहां जाते हैं। उन्होंने कहा, 'ये कहां का इन्साफ है कि सरकार उनसे भले ही एक रुपये ले रही है, लेकिन उसे 100 रुपये में बिल्डरों को बेच रही है।' उन्होंने कहा कि अगर सरकार इसे सामाजिक विकास के काम में इस्तेमाल करना चाहती है, तो फिर ठीक है, लेकिन इस तरह से इसका गलत इस्तेमाल न करे। उन्होंने कहा कि अगर मुझसे बात नहीं बनती है तो मैं अपने बेटे को केजरीवाल के पास बातचीत के लिए भेजूंगा।

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Sunday, 29 December 2013

... when Doctors asked to call Kejriwal

नई दिल्ली [जासं]। दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार भले ही बन गई हो, मगर अस्पतालों में डॉक्टरों का रवैया अभी नहीं बदला है। दिल्ली गेट स्थित लोकनायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल (एलएनजेपी) में जब डॉक्टर एक नेत्रहीन छात्र को बगैर इलाज किए ही अस्पताल से बाहर निकालने लगे तो उसने आप नेताओं को बुलाने की बात कही। इससे डॉक्टर भड़क गए और उन्होंने गुस्से में कहा कि 'बुला ले केजरीवाल को। पहले वह बिस्तर बढ़वाएं, फिर हम तुम्हें भी अस्पताल में भर्ती कर लेंगे।'

रोहिणी के अंधमहाविद्यालय का छात्र रवींद्र चौहान किसी काम से सुबह कनॉट प्लेस के लिए निकला था। रास्ते में माइग्रेन का दर्द उठने पर उसने सौ नंबर पर फोन किया और पुलिस उसे एलएनजेपी अस्पताल ले आई। पुलिस ने उसे अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती करा दिया। मगर डॉक्टरों ने रवींद्र का इलाज नहीं किया। दर्द बंद न होने पर उसने डॉक्टरों से इलाज करने को कहा। रवींद्र ने चेतावनी दी कि अगर डॉक्टर उसकी बात नहीं सुनेंगे तो वह आप के नेताओं को बुलाएगा। वह मुख्यमंत्री केजरीवाल से इस बात की शिकायत करेगा। इससे डॉक्टर नाराज हो गए और उन्होंने उसे इमरजेंसी से बाहर निकाल दिया। गौरतलब है शनिवार को शपथ लेने के बाद स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र कुमार जैन ने शाम को एलएनजेपी अस्पताल का औचक निरीक्षण किया था। अक्सर यहां डॉक्टरों की लापरवाही सामने आती रहती हैं।

Thursday, 26 December 2013

AAP slams BJP for changing stand on Delhi govt formation



नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी आप के दिल्ली में सरकार बनाने के फैसले के बाद सुर बदलने वाली भाजपा पर गुरुवार को आप के नेता योगेंद्र यादव ने तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार बनाने को लेकर भाजपा ने सबसे पहले उन्हें जनता के प्रति विश्वासघात करने वाला और जिम्मेदारियों से पीछे हटने वाली पार्टी बताया था। लेकिन जैसे ही उन्होंने सरकार बनाने का फैसला लिया तो अब भाजपा उसका कांग्रेस से तालमेल होने का दुष्प्रचार कर रही है। 

यादव ने कहा कि दरअसल भाजपा को यह डर सताने लगा है कि जिस तरह से आप ने कुछ समय में दिल्ली की सत्ता से कांग्रेस को बेदखल कर दिया है वही हाल वह उनके पीएम प्रत्याशी और गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी का भी कर सकती है। उन्होंने कहा कि भाजपा को अब मोदी की गाड़ी पिंक्चर होने का डर सता रहा है, तभी वह अनर्गल बातें कर रही है। 

आप नेता के मुताबिक भाजपा आप की लोकप्रियता से घबराकर इस तरह की बयानबाजी कर रही है। वह समझ गई है कि आप मोदी की गाड़ी को आसानी से बेपटरी कर मोदी की लहर को बर्बाद कर सकती है। योगेंद्र यादव ने कहा कि भाजपा मोदी को एक लहर बताती रही है। यदि वह सचमुच एक लहर हैं तो भाजपा को कुछ दिन पुरानी पार्टी से नहीं घबराना चाहिए। 

यादव ने माना कि मोदी को एक लहर की संज्ञा देना अभी बहुत जल्दबाजी होगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद भाजपा नेता अरुण जेटली और शाहनवाज हुसैन हर जगह कह रहे थे कि आप को अपनी जिम्मेदारी दिखाते हुए सरकार बनानी चाहिए। लेकिन सरकार बनाने की बात के तीन दिन बाद भाजपा आप के इस कदम को गैर मर्यादित बताते हुए उसे ही भ्रष्ट बताने पर तुली है। उन्होंने भाजपा से पूछा कि आखिर दस दिन के अंदर उसके रुख में इस तरह का बदलाव कैसे आ गया है।

यादव ने साफ किया कि आप ने कांग्रेस से किसी तरह का कोई भी गठबंधन नहीं किया है। उन्होंने कहा कि आप अपने ही 28 विधायकों के साथ सरकार बनाने जा रही है। यह भी फैसला जनता की राय जानने के बाद लिया गया है। योगेंद्र ने कहा कि जनता ने जो जिम्मेदारी उन्हें सौंपी है अब उसको पूरा किया जाएगा। 

Kejriwal terror: officers destroy papers and some other wants transfer

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल शनिवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री पद पर आसीन हो जाएंगे। इसके साथ ही कई दिनों से सरकार को लेकर चल रही उहापोह की स्थिति को पूर्णविराम लग जाएगा। लेकिन केजरीवाल के सत्ता संभालने से पहले ही दिल्ली सरकार के अफसरों में खौफ देखा जा रहा है। एक निजी टीवी चैनल ने अपने स्टिंग के जरिए इस बात का खुलासा किया है कि केजरीवाल के सीएम पद ग्रहण करने से पहले ही अफसर किस तरह से ट्रांसफर ले रहे हैं। 

चैनल के स्टिंग में पूर्व मंत्री अरविंदर सिंह लवली के ओएसडी के सामने ही उनके कर्मचारियों को फाइलों से कागज निकालकर फाड़ते हुए दिखाया गया है। इतना ही नहीं पत्रकार के पूछने पर ओएसडी ने किसी तरह के भी कागजात फाड़ने से साफ इंकार कर दिया। दूसरी और स्टिंग में दिल्ली जल बोर्ड को लेकर भी कुछ खुलासे किए गए हैं। 

इस स्टिंग में दिल्ली जल बोर्ड के मुख्य सतर्कता अधिकारी सीवीओ ने माना है कि जल बोर्ड में कई अधिकारी और कर्मचारी भ्रष्टाचार की गिरफ्त में हैं। सीवीओ के पीए के मुताबिक दिल्ली जल बोर्ड ने महज मीटिंग के दौरान हुए लंच पर ही करोड़ों रुपये खर्च कर दिए हैं। पीए ने खुलासा किया है कि दिल्ली जल बोर्ड के निचले दर्जे के कर्मचारियों के पास भी महंगी महंगी कारें हैं जो सिर्फ भ्रष्टाचार का नतीजा है। 

इस स्टिंग में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि किस तरह से अधिकारी केजरीवाल से खौफजदा होकर अपना ट्रांसफर करवाने में लगे हैं। कुछ का ट्रांसफर तो हो भी गया है। 

गौरतलब है कि अरविंद केजरीवाल पहले ही यह साफ कर चुके हैं कि उनकी सरकार बनने के बाद किसी भी भ्रष्ट अधिकारी को बक्शा नहीं जाएगा। इसको लेकर भ्रष्ट अधिकारियों के माथे पर केजरीवाल के नाम की शिकन आनी लाजमी ही है। 

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Who is threatening to Congress MLA's

नई दिल्ली, राज्य ब्यूरो। दिल्ली में नई सरकार के गठन के लिए आम आदमी पार्टी (आप) को समर्थन देने के मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी में घमासान जारी है। बुधवार देर रात एक बजे से तड़के चार बजे के बीच कांग्रेस के चार विधायकों पर यह दबाव बनाया जा रहा था कि वो यह लिखकर दे दें कि कांग्रेस को सरकार बनाने के लिए आप को समर्थन नहीं देना चाहिए। विधायकों को धमकाने वाले खुद को कांग्रेस हाईकमान से जुड़ा बता रहे थे। एक विधायक ने 100 नंबर पर फोन कर पुलिस को भी इसकी इत्तला दी। विधायकों के घर जाने वाले ये लोग सफेद रंग की फार्चुनर गाड़ी में सवार थे, जिसका नंबर एचआर11ई1168 बताया गया है।

सीलमपुर, मतीन अहमद:- सीलमपुर से कांग्रेस विधायक मतीन अहमद ने बताया कि बुधवार की रात करीब दो बजे तीन लोग उनके घर पहुंचे और दरवाजा खटखटाकर उन्हें जगाया। पहली मंजिल पर उनका कार्यालय है। एक व्यक्ति गाड़ी से उतरकर उनके साथ कार्यालय तक आया। उसका कहना था कि उसे हाईकमान ने भेजा है। विधायक ने बताया, उस व्यक्ति का कहना था कि मैं उसे लिखकर दे दूं कि मैं केजरीवाल को समर्थन देने के खिलाफ हूं। इस पर मैंने उन्हें कहा कि कांग्रेस पार्टी पहले ही अपना फैसला कर चुकी है आम आदमी पार्टी को सरकार बनाने के लिए समर्थन दिया जाएगा और पार्टी के सभी विधायक इस फैसले के साथ हैं। मतीन का कहना था कि संबंधित व्यक्ति ने बहुत कोशिश की कि मैं उसे लिखकर दे दूं लेकिन मैंने मना कर दिया। इसके बाद वह चला गया।

जामिया नगर,मोहम्मद आसिफ :- जामियानगर में रहने वाले ओखला विस सीट से कांग्रेस विधायक मोहम्मद आसिफ के घर पर भी सफेद रंग की फार्चुनर गाड़ी रात करीब सवा तीन बजे पहुंची। उनके घर का दरवाजा खटखटाया गया। विधायक ने उस व्यक्ति से पूछताछ की तो उसने अपना नाम सुनील बताया और कहा कि उसे पार्टी हाईकमान ने भेजा है। विधायक ने बताया कि उन्होंने 100 नंबर पर कॉल कर पुलिस को मामले की सूचना दी। लेकिन समय रहते जब पुलिस जिप्सी नहीं पहुंची तो उन्होंने स्थानीय थानाध्यक्ष को फोन कर पूरे मामले की सूचना दी। जब तक पुलिस पहुंचती, तब तक दो लोग फार्चुनर गाड़ी पर सवार होकर चल दिए। विधायक ने बताया कि उन्हें बाद में पुलिस से जानकारी मिली कि बाइक से पैट्रोलिंग करने वाले दो पुलिसकर्मियों ने फार्चुनर सवार इन दोनों लोगों से पूछताछ की थी और दोनों ने उन्हें बताया था कि वे विधायक से मिलने आए थे।

चांदनी चौक, प्रह्लाद साहनी :- फार्चुनर गाड़ी उसी रात करीब चार बजे चांदनी चौक से कांग्रेस के विधायक प्रह्लाद सिंह साहनी के घर पर भी गई थी। गाड़ी से उतरे एक व्यक्ति ने उनके गार्ड के फोन से उन्हें कॉल कर नीचे आने को कहा। पूछताछ करने पर उसने बताया कि उसे पार्टी हाईकमान ने भेजा है। इस पर अपने घर की बालकनी में आकर साहनी ने उन्हें कहा कि यदि हाईकमान को कुछ कहना होगा तो उसके अलग तरीके हैं। इसके बावजूद वह व्यक्ति नहीं माना और उसने गार्ड के फोन से दोबारा कॉल किया। लेकिन विधायक नीचे नहीं उतरे। बाद में गाड़ी चली गई। उनके घर पर लगे सीसीटीवी कैमरे में इस गाड़ी से आए लोगों की तस्वीर भी कैद है। विधायक ने बताया कि ये लोग हरियाणवी लहजे में बोल रहे थे।

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Tuesday, 5 November 2013

ASI move, we will Remove Gold


ASI

डौंडियाखेड़ा (उन्नाव)। किले में सोना नहीं मिलने को लेकर उठ रहे सवालों पर संत शोभन सरकार ने फिर दावा किया है कि खजाना मिलेगा लेकिन विज्ञान के अहं में नहीं। जो एजेंसी काम कर रही है, वह स्थान छोड़े। मीडिया के सामने बड़े नेता यहां आ जाएं। खोदाई का पूरा खर्च हम खुद उठाएंगे और दो घंटे में सोना निकालकर देश को देंगे। कहा कि अब तो आधुनिक विज्ञान और आध्यात्मिक विज्ञान के बीच लड़ाई है।


पत्रकारों से बातचीत में संत ने कहा कि एएसआइ खजाना खोजेगी तो म्यूजियम में रखेगी जबकि उनके गुरुओं की कृपा देश को आर्थिक लाभ देने की है। आखिर एक बार उनकी अपील पर विचार करने में हर्ज क्या है। खजाना न मिलने पर कानून सम्मत सजा भुगतने को वह तैयार हैं। जीएसआइ की रिपोर्ट का हवाला देते हुए एसएसआइ को चुनौती देते हुए कहा कि किले में नॉन मैग्नेटिक धातु मौजूद है, लेकिन वह उसे क्यों नहीं निकाल पा रही। खोदाई से संत और उनकी चिट्ठी से मतलब नहीं होने की बात कहने वाले अधिकारियों को जवाब देते हुए संत ने कहा, एएसआइ को अगर जानकारी थी तो पहले खोदाई क्यों नहीं करा ली। 

सड़कों पर उतरने को तैयार लोग : क्षेत्र के विकास को लेकर उत्सुक लोगों के बीच प्रशासन और सरकार के प्रति संत शोभन सरकार के उठाए सवालों पर बहस शुरू हो चुकी है। लोगों की भावनाएं उग्र हो रही हैं और संत की बातें मनवाने को प्रशासन पर दबाव बढ़ाने के लिए किसी भी समय सड़क पर उतर सकते हैं। संत शोभन सरकार ने अब तक खजाना नहीं मिलने के कारणों को लेकर क्षेत्र के लोगों से मुलाकात कर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। अब क्षेत्रीय लोग भी उनके सुर में सुर मिलाते हुए कह रहे हैं कि जिस तरह से संत कह रहे हैं, वैसे खोदाई क्यों नहीं करायी जा रही। संत के एक शिष्य राजेंद्र तिवारी बताते हैं शोभन सरकार की नहीं सुने जाने से लोगों में गुस्सा है। अब तो उनके आदेश का इंतजार है। लोग सड़कों पर आ जाएंगे। एक बार बाजार बंद कर लोगों ने आंदोलनात्मक रुख का संकेत दे दिया है, लेकिन प्रशासन व सरकार समझ नहीं रही है। 

खोदाई शुरू, मिल रहे टूटे हैं खपरैल : दीपावली के दो दिन अवकाश से लौटे मजदूरों ने किले में फिर खोदाई शुरू की। जिस प्वाइंट पर चट्टान पर मिली थी, वहां काम केवल 18 सेंटीमीटर ही बढ़ा। दूसरे प्वाइंट पर पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने तेजी से रफ्तार बढ़ाते हुए 94 सेमी खोदाई कराई है। यहां 1.54 मीटर गहराई तक जाने पर टूटे मिट्टी के बर्तन जैसी वस्तुएं मिल रही हैं। इस दौरान संत के प्रतिनिधि भी अंदर कार्य प्रगति देखने के लिए गए। 

चट्टान टूटने के बाद खजाना न मिलने पर आगे खोदाई जारी रहेगी या फिर नहीं, इस सवाल पर एसडीएम विजय शंकर ने कहा कि यह एएसआइ का विषय है। अगर खोदाई एएसआइ बंद रखेगी तो इसकी जानकारी दे दी जाएगी। फिलहाल उनके पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है।

Source- News in Hindi