डौंडियाखेड़ा (उन्नाव)। किले में सोना नहीं मिलने को लेकर उठ रहे सवालों पर संत शोभन सरकार ने फिर दावा किया है कि खजाना मिलेगा लेकिन विज्ञान के अहं में नहीं। जो एजेंसी काम कर रही है, वह स्थान छोड़े। मीडिया के सामने बड़े नेता यहां आ जाएं। खोदाई का पूरा खर्च हम खुद उठाएंगे और दो घंटे में सोना निकालकर देश को देंगे। कहा कि अब तो आधुनिक विज्ञान और आध्यात्मिक विज्ञान के बीच लड़ाई है।
पत्रकारों से बातचीत में संत ने कहा कि एएसआइ खजाना खोजेगी तो म्यूजियम में रखेगी जबकि उनके गुरुओं की कृपा देश को आर्थिक लाभ देने की है। आखिर एक बार उनकी अपील पर विचार करने में हर्ज क्या है। खजाना न मिलने पर कानून सम्मत सजा भुगतने को वह तैयार हैं। जीएसआइ की रिपोर्ट का हवाला देते हुए एसएसआइ को चुनौती देते हुए कहा कि किले में नॉन मैग्नेटिक धातु मौजूद है, लेकिन वह उसे क्यों नहीं निकाल पा रही। खोदाई से संत और उनकी चिट्ठी से मतलब नहीं होने की बात कहने वाले अधिकारियों को जवाब देते हुए संत ने कहा, एएसआइ को अगर जानकारी थी तो पहले खोदाई क्यों नहीं करा ली।
सड़कों पर उतरने को तैयार लोग : क्षेत्र के विकास को लेकर उत्सुक लोगों के बीच प्रशासन और सरकार के प्रति संत शोभन सरकार के उठाए सवालों पर बहस शुरू हो चुकी है। लोगों की भावनाएं उग्र हो रही हैं और संत की बातें मनवाने को प्रशासन पर दबाव बढ़ाने के लिए किसी भी समय सड़क पर उतर सकते हैं। संत शोभन सरकार ने अब तक खजाना नहीं मिलने के कारणों को लेकर क्षेत्र के लोगों से मुलाकात कर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। अब क्षेत्रीय लोग भी उनके सुर में सुर मिलाते हुए कह रहे हैं कि जिस तरह से संत कह रहे हैं, वैसे खोदाई क्यों नहीं करायी जा रही। संत के एक शिष्य राजेंद्र तिवारी बताते हैं शोभन सरकार की नहीं सुने जाने से लोगों में गुस्सा है। अब तो उनके आदेश का इंतजार है। लोग सड़कों पर आ जाएंगे। एक बार बाजार बंद कर लोगों ने आंदोलनात्मक रुख का संकेत दे दिया है, लेकिन प्रशासन व सरकार समझ नहीं रही है।
खोदाई शुरू, मिल रहे टूटे हैं खपरैल : दीपावली के दो दिन अवकाश से लौटे मजदूरों ने किले में फिर खोदाई शुरू की। जिस प्वाइंट पर चट्टान पर मिली थी, वहां काम केवल 18 सेंटीमीटर ही बढ़ा। दूसरे प्वाइंट पर पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने तेजी से रफ्तार बढ़ाते हुए 94 सेमी खोदाई कराई है। यहां 1.54 मीटर गहराई तक जाने पर टूटे मिट्टी के बर्तन जैसी वस्तुएं मिल रही हैं। इस दौरान संत के प्रतिनिधि भी अंदर कार्य प्रगति देखने के लिए गए।
चट्टान टूटने के बाद खजाना न मिलने पर आगे खोदाई जारी रहेगी या फिर नहीं, इस सवाल पर एसडीएम विजय शंकर ने कहा कि यह एएसआइ का विषय है। अगर खोदाई एएसआइ बंद रखेगी तो इसकी जानकारी दे दी जाएगी। फिलहाल उनके पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है।
Source- News in Hindi
No comments:
Post a Comment