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Thursday, 14 November 2013

CBI Director Ranjit Sinha responds to NCW Notice

rape
नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। दुष्कर्म वाले अपने विवादित बयान पर सार्वजनिक रूप से खेद जता चुके सीबीआइ निदेशक रंजीत सिन्हा ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय महिला आयोग को जवाब भेज दिया है। जवाब में उन्होंने बयान पर खेद जताते हुए सफाई दी है।

सीबीआइ निदेशक ने कहा कि वे महिलाओं का सम्मान करते हैं और महिलाओं से जुड़े मुद्दों के प्रति प्रतिबद्ध हैं। लेकिन गलती से उन्होंने बहस के बीच एक कहावत से तुलना करते हुए 'रेप नहीं रोक पाने की स्थिति में उसका मजा लेना चाहिए' कह दिया। उनके कहने का मतलब ऐसा कतई नहीं था। देखना यह है कि राष्ट्रीय महिला आयोग रंजीत सिन्हा की सफाई से संतुष्ट होता है या नहीं।

सिन्हा ने बुधवार को भी अपने बयान पर सार्वजनिक रूप से खेद जताया था। लेकिन उनके खेद से असंतुष्ट राष्ट्रीय महिला आयोग ने नोटिस भेजकर 24 घंटे के भीतर जबाव-तलब कर लिया था। आयोग की निर्मला सामंत प्रभावलकर ने कहा कि 'यह उनकी बीमार मानसिकता को दर्शाता है और जबाव मिलने के बाद जरूरत पड़ने पर हम सरकार से उन्हें पद से हटाने की सिफारिश भी कर सकते हैं। लगातार तीन दिन छुंट्टी होने के कारण महिला आयोग अब सोमवार को सिन्हा की सफाई पर विचार करेगा।

Source- Hindi News

Wednesday, 13 November 2013

CBI Director Ranjit Sinha's U-Turn 'rape' Remark

CBI
नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। दुष्कर्म को लेकर विवादित बयान देकर फंसे सीबीआइ निदेशक रंजीत सिन्हा ने खेद जताया है, लेकिन उनके खिलाफ लोगों को गुस्सा बढ़ता ही जा रहा है। सीबीआइ निदेशक के खेद से असंतुष्ट राष्ट्रीय महिला आयोग ने उनसे जवाब-तलब किया है। वहीं भाजपा और माकपा ने इस बयान के बाद रंजीत सिन्हा के इस्तीफे की मांग की है।

मंगलवार को खेलों में भ्रष्टाचार रोकने के लिए कानून बनाने की जरूरत विषय पर चर्चा के दौरान रंजीत सिन्हा ने कह दिया था कि यदि दुष्कर्म नहीं रोक सकते, तो उसका मजा लेना चाहिए। इस बयान पर चौतरफा आलोचनाओं से घिरे रंजीत सिन्हा ने पहले तो स्पष्टीकरण जारी कर विवाद शांत करने की कोशिश की। उनके अनुसार चर्चा के दौरान उन्होंने खेलों में संट्टेबाजी को इजाजत देने के कानून बनाने का समर्थन यह कहते हुए किया था कि कानून लागू करने में कठिनाई का मतलब यह नहीं है कि उसे बनाया ही नहीं जाना चाहिए। 'ऐसा करना उसी तरह भ्रामक होगा, जैसा कि यह कहना कि रेप नहीं रोक पाने की स्थिति में किसी को उसका मजा लेना चाहिए।' लेकिन चौतरफा इस पर तीखी प्रतिक्रिया से घबराए रंजीत सिन्हा ने सामने आकर बयान पर खेद जताया।

रंजीत सिन्हा की सफाई से असंतुष्ट राष्ट्रीय महिला आयोग ने नोटिस भेजकर 24 घंटे के भीतर सफाई मांगी है। आयोग की सदस्य निर्मला सामंत प्रभावलकर ने सख्त नाराजगी जताते हुए कहा कि हम इस मामले में पूरी कार्रवाई करेंगे। लेकिन रंजीत सिन्हा की सफाई के बाद सरकार मामले को ज्यादा तूल देने के मूड में नहीं है। सूचना व प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि सिन्हा के खेद व्यक्त करने के बाद किसी कार्रवाई की जरूरत नहीं रह गई है। पर विपक्षी दल रंजीत सिन्हा के इस्तीफे की मांग पर अड़े हैं। भाजपा के पूर्व अध्यक्ष नितिन गडकरी ने कहा कि वह सीबीआइ के निदेशक पद पर रहने के लायक नहीं हैं। भाजपा की तरह माकपा नेता वृंदा करात ने भी रंजीत सिन्हा के इस्तीफे की मांग की है।
::मंगलवार को दिया बयान::
'दुष्कर्म नहीं रोक पाने की स्थिति में, उसका मजा लेना चाहिए।'
::बुधवार को दी सफाई:::
'मैं महिलाओं के सम्मान के प्रति प्रतिबद्ध हूं, अनजाने में मेरे बयान से किसी को ठेस पहुंची हो तो मैं खेद जताता हूं।'
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'यह उनकी बीमार मानसिकता को दर्शाता है और जवाब मिलने के बाद जरूरत पड़ने पर हम सरकार से उन्हें पद से हटाने की सिफारिश भी कर सकते हैं।'
निर्मला सामंत प्रभावलकर, सदस्य राष्ट्रीय महिला आयोग

Source- News in Hindi

Tuesday, 12 November 2013

CBI Director Ranjit Sinha's 'Rape' Remark Sparks Outrage

CBI

नई दिल्ली। देश में सीबीआई को लेकर लगातार बयानबाजी चल रही है। अब तक सीबीआई पर लोग बयान दे रहे थे और अब सीबीआई प्रमुख खुद विवादित बयान देने लगे हैं। सीबीआई के निदेशक रंजीत सिन्हा एक बयान देकर मुश्किल में फंस गए हैं। खेल में सट्टेबाजी को कानूनी मान्यता देने की वकालत करते वक्त सीबीआई के निदेशक ने एक विवादास्पद बयान दे दिया। उन्होंने उदाहरण देते हुए यहां तक कह डाला, 'अगर आप सट्टेबाजी पर प्रतिबंध नहीं लगा सकते तो इसका मतलब यही हुआ जैसे आप बलात्कार को रोक नहीं सकते तो उसे आनंद करते हैं।'
सिन्हा ने यह बयान दिल्ली में जारी सीबीआई सम्मेलन के दूसरे दिन के कार्यक्रम के दौरान दिया। सिन्हा ने सट्टेबाजी की तुलना रेप से की और कहा कि रेप पर रोक नहीं लगा सकते तो इसे 'इंज्वॉय' करते हैं। अगर सट्टेबाजी नहीं रोकी सकती तो उसे कानूनी रूप दे देना चाहिए। सिन्हा के इस बयान की जबर्दस्त आलोचना हो रही है। पूर्व आईपीएस अधिकारी किरन बेदी ने कहा कि रंजीत सिन्हा का यह बयान किसी भी तरह मंजूर करने लायक नहीं है। उन्होंने हैरानी जताई कि इतने बड़े पद पर बैठा व्यक्ति इस तरह का बयान कैसे दे सकता है। बीजेपी की स्मृति ईरानी ने भी रंजीत सिन्हा के इस बयान की आलोचना की।

सट्टेबाजी को कानूनी रूप देने के बारे में उनके विचार पूछे जाने पर सिन्हा ने वरिष्ठ संपादक शेखर गुप्ता से कहा कि देश में सट्टेबाजी को कानूनी रूप देने में कोई नुकसान नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि राच्यों में लॉटरी चल सकती है, यदि हमारे होलीडे रिसार्ट में कसीनो हो सकते हैं यदि सरकार काला धन के स्वैच्छिक खुलासे की योजना की घोषणा कर सकती है तो सट्टेबाजी को कानूनी रूप देने में क्या नुकसान है। जबकि आपके पास इस पर नजर रखने के लिए प्रवर्तन एजेंसियां हैं। बाद में सीबीआई प्रवक्ता ने एक स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि सिन्हा ने जिस संदर्भ में बयान दिया है वह सट्टेबाजी को कानूनी रूप देने का विचार है।

Source- News in Hindi