Wednesday, 13 November 2013

CBI Director Ranjit Sinha's U-Turn 'rape' Remark

CBI
नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। दुष्कर्म को लेकर विवादित बयान देकर फंसे सीबीआइ निदेशक रंजीत सिन्हा ने खेद जताया है, लेकिन उनके खिलाफ लोगों को गुस्सा बढ़ता ही जा रहा है। सीबीआइ निदेशक के खेद से असंतुष्ट राष्ट्रीय महिला आयोग ने उनसे जवाब-तलब किया है। वहीं भाजपा और माकपा ने इस बयान के बाद रंजीत सिन्हा के इस्तीफे की मांग की है।

मंगलवार को खेलों में भ्रष्टाचार रोकने के लिए कानून बनाने की जरूरत विषय पर चर्चा के दौरान रंजीत सिन्हा ने कह दिया था कि यदि दुष्कर्म नहीं रोक सकते, तो उसका मजा लेना चाहिए। इस बयान पर चौतरफा आलोचनाओं से घिरे रंजीत सिन्हा ने पहले तो स्पष्टीकरण जारी कर विवाद शांत करने की कोशिश की। उनके अनुसार चर्चा के दौरान उन्होंने खेलों में संट्टेबाजी को इजाजत देने के कानून बनाने का समर्थन यह कहते हुए किया था कि कानून लागू करने में कठिनाई का मतलब यह नहीं है कि उसे बनाया ही नहीं जाना चाहिए। 'ऐसा करना उसी तरह भ्रामक होगा, जैसा कि यह कहना कि रेप नहीं रोक पाने की स्थिति में किसी को उसका मजा लेना चाहिए।' लेकिन चौतरफा इस पर तीखी प्रतिक्रिया से घबराए रंजीत सिन्हा ने सामने आकर बयान पर खेद जताया।

रंजीत सिन्हा की सफाई से असंतुष्ट राष्ट्रीय महिला आयोग ने नोटिस भेजकर 24 घंटे के भीतर सफाई मांगी है। आयोग की सदस्य निर्मला सामंत प्रभावलकर ने सख्त नाराजगी जताते हुए कहा कि हम इस मामले में पूरी कार्रवाई करेंगे। लेकिन रंजीत सिन्हा की सफाई के बाद सरकार मामले को ज्यादा तूल देने के मूड में नहीं है। सूचना व प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि सिन्हा के खेद व्यक्त करने के बाद किसी कार्रवाई की जरूरत नहीं रह गई है। पर विपक्षी दल रंजीत सिन्हा के इस्तीफे की मांग पर अड़े हैं। भाजपा के पूर्व अध्यक्ष नितिन गडकरी ने कहा कि वह सीबीआइ के निदेशक पद पर रहने के लायक नहीं हैं। भाजपा की तरह माकपा नेता वृंदा करात ने भी रंजीत सिन्हा के इस्तीफे की मांग की है।
::मंगलवार को दिया बयान::
'दुष्कर्म नहीं रोक पाने की स्थिति में, उसका मजा लेना चाहिए।'
::बुधवार को दी सफाई:::
'मैं महिलाओं के सम्मान के प्रति प्रतिबद्ध हूं, अनजाने में मेरे बयान से किसी को ठेस पहुंची हो तो मैं खेद जताता हूं।'
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'यह उनकी बीमार मानसिकता को दर्शाता है और जवाब मिलने के बाद जरूरत पड़ने पर हम सरकार से उन्हें पद से हटाने की सिफारिश भी कर सकते हैं।'
निर्मला सामंत प्रभावलकर, सदस्य राष्ट्रीय महिला आयोग

Source- News in Hindi

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