Wednesday, 13 November 2013

Congress MP shares dais with BJP leaders in Amethi

Congress MP Sanjay Singh
नई दिल्ली [आशुतोष झा]। गांधी परिवार के गढ़ में सेंध लगाने के लिए भाजपा ने कांग्रेस का ही मोहरा चुना है। भाजपा की रणनीति सटीक बैठी तो अमेठी से राहुल गांधी के खिलाफ इस बार कांग्रेस के सुल्तानपुर के सांसद संजय सिंह बतौर भाजपा प्रत्याशी खम ठोकेंगे। संजय सिंह कभी गांधी परिवार के वफादार सतीश शर्मा को इसी सीट से हरा चुके हैं और खुद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ भी एक लाख से ज्यादा वोट तक जुटाने में सफल रहे थे।

मिशन 272 का लक्ष्य लेकर चली भाजपा इस बार हर सीट को लेकर गंभीर दिखना चाहती है। यही कारण है कि कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोलने को तैयार दिख रहे कांग्रेस सांसद संजय सिंह को राहुल के खिलाफ उतारने की रणनीति है। सूत्रों की मानें तो सांसद बनने के बाद से ही कांग्रेस में घुटन महसूस कर रहे संजय सिंह ने भी इसकी सहमति दे दी है, हालांकि उनकी ओर से कुछ शर्ते भी रखी गई। मसलन वह चाहते हैं कि यहां से हारने के एवज में उन्हें राज्यसभा में भेजा जाए। लेकिन वह अब तक अपनी मुराद पूरी नहीं करवा पाए हैं। भाजपा नेतृत्व की ओर से उन्हें इस बाबत कोई आश्वासन नहीं दिया गया है।

सूत्रों के मुताबिक पार्टी के सामने संजय से बड़ा कोई उम्मीदवार नहीं है और न ही संजय के पास कोई दूसरा विकल्प। दरअसल 1998 में संजय कैप्टन सतीश शर्मा को इस सीट पर हरा चुके हैं। जबकि 1999 में सोनिया गांधी के खिलाफ चुनाव लड़कर भी वह तकरीबन एक लाख वोट पाने में सफल रहे थे। संजय की मुसीबत यह है कि वह अब कांग्रेस में रहने को तैयार नहीं है। भाजपा की ओर से उन्हें सिर्फ यह आश्वासन मिला है कि केंद्र में सरकार बनी तो उन्हें कोई जगह दी जाएगी। 

लोकसभा के पिछले चुनाव में संजय सिंह कांग्रेस की टिकट पर अमेठी के बगल की सीट सुल्तानपुर से सांसद तो बन गए लेकिन पार्टी में वह हमेशा अछूत बने रहे। कांग्रेस ने उन्हें कितना तवज्जो दिया उसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सुल्तानपुर से टिकट का वादा करने के बाद भी कांग्रेस ने अपनी पहली सूची में उनका नाम काट दिया था। जब टिकट मिला भी तो दिल्ली में पार्टी के शीर्ष नेताओं से जुड़े कांग्रेसियों ने चुनाव जीतने में उन्हें नाको चने चबवा दिए। उन्हें उम्मीद थी कि केंद्र में सरकार बनने पर वह मंत्री बनेंगे, लेकिन पार्टी ने उन्हें किसी पद लायक नहीं समझा। इन स्थितियों में खुद ही से लड़ रहे संजय सुल्तानपुर संसदीय सीट के मतदाताओं से भी कट गए। लिहाजा इस सीट से अपनी हार तय देख संजय सिंह इस बार भाजपा का दामन थामने जा रहे हैं।

Source- News in Hindi

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