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Friday, 15 November 2013

Modi Aide Amit Shah Accused of Illegal Snooping of Woman at "Saheb's" Behest

Gujarat
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री पद के भाजपा प्रत्याशी व गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी और गुजरात के पूर्व गृह राज्यमंत्री अमित शाह पर शुक्रवार को वर्ष दो हजार नौ में पुलिस तंत्र का दुरुपयोग करके एक युवती की जासूसी कराने का आरोप लगाया गया। मामले में मोदी को भी घसीटने की कोशिश की गई, जबकि युवती के पिता ने इस छोटी घटना को मीडिया में ले जाने के निहित स्वार्थी तत्वों के प्रयास पर दुख जताया।

इस बारे में हुए संवाददाता सम्मेलन में राष्ट्रीय सलाहकार परिषद (एनएसी) की सदस्य अरुणा राय, वकील प्रशांत भूषण और पूर्व नौसेना प्रमुख एल रामदास भी मौजूद थे। इसमें टेलीफोन वार्ता के टेप को जारी किए गए जिसे शाह व प्रदेश के आइपीएस अधिकारी जीएल सिंघल का बताया गया।

दो खोजी पोर्टलों कोबरा पोस्ट और गुलैल ने दावा किया है कि उन्होंने इस टेप को इशरत जहां हत्याकांड में सीबीआइ के पास जमा किया है। इनका दावा है कि मोदी इस युवती से मिले थे जो बेंगलूर की एक आर्टिटेक्ट थी।

युवती के पिता ने एक बयान में कहा है कि उनकी बेटी मां के ऑपरेशन के समय अहमदाबाद आई थी। उसे देर रात अस्पताल और जिस होटल में ठहरी थी वहां आना-जाना पड़ता था। इसलिए उन्होंने मोदी से उसकी देखरेख का आग्रह किया था।

Source- Hindi News

Wednesday, 13 November 2013

Congress MP shares dais with BJP leaders in Amethi

Congress MP Sanjay Singh
नई दिल्ली [आशुतोष झा]। गांधी परिवार के गढ़ में सेंध लगाने के लिए भाजपा ने कांग्रेस का ही मोहरा चुना है। भाजपा की रणनीति सटीक बैठी तो अमेठी से राहुल गांधी के खिलाफ इस बार कांग्रेस के सुल्तानपुर के सांसद संजय सिंह बतौर भाजपा प्रत्याशी खम ठोकेंगे। संजय सिंह कभी गांधी परिवार के वफादार सतीश शर्मा को इसी सीट से हरा चुके हैं और खुद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ भी एक लाख से ज्यादा वोट तक जुटाने में सफल रहे थे।

मिशन 272 का लक्ष्य लेकर चली भाजपा इस बार हर सीट को लेकर गंभीर दिखना चाहती है। यही कारण है कि कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोलने को तैयार दिख रहे कांग्रेस सांसद संजय सिंह को राहुल के खिलाफ उतारने की रणनीति है। सूत्रों की मानें तो सांसद बनने के बाद से ही कांग्रेस में घुटन महसूस कर रहे संजय सिंह ने भी इसकी सहमति दे दी है, हालांकि उनकी ओर से कुछ शर्ते भी रखी गई। मसलन वह चाहते हैं कि यहां से हारने के एवज में उन्हें राज्यसभा में भेजा जाए। लेकिन वह अब तक अपनी मुराद पूरी नहीं करवा पाए हैं। भाजपा नेतृत्व की ओर से उन्हें इस बाबत कोई आश्वासन नहीं दिया गया है।

सूत्रों के मुताबिक पार्टी के सामने संजय से बड़ा कोई उम्मीदवार नहीं है और न ही संजय के पास कोई दूसरा विकल्प। दरअसल 1998 में संजय कैप्टन सतीश शर्मा को इस सीट पर हरा चुके हैं। जबकि 1999 में सोनिया गांधी के खिलाफ चुनाव लड़कर भी वह तकरीबन एक लाख वोट पाने में सफल रहे थे। संजय की मुसीबत यह है कि वह अब कांग्रेस में रहने को तैयार नहीं है। भाजपा की ओर से उन्हें सिर्फ यह आश्वासन मिला है कि केंद्र में सरकार बनी तो उन्हें कोई जगह दी जाएगी। 

लोकसभा के पिछले चुनाव में संजय सिंह कांग्रेस की टिकट पर अमेठी के बगल की सीट सुल्तानपुर से सांसद तो बन गए लेकिन पार्टी में वह हमेशा अछूत बने रहे। कांग्रेस ने उन्हें कितना तवज्जो दिया उसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सुल्तानपुर से टिकट का वादा करने के बाद भी कांग्रेस ने अपनी पहली सूची में उनका नाम काट दिया था। जब टिकट मिला भी तो दिल्ली में पार्टी के शीर्ष नेताओं से जुड़े कांग्रेसियों ने चुनाव जीतने में उन्हें नाको चने चबवा दिए। उन्हें उम्मीद थी कि केंद्र में सरकार बनने पर वह मंत्री बनेंगे, लेकिन पार्टी ने उन्हें किसी पद लायक नहीं समझा। इन स्थितियों में खुद ही से लड़ रहे संजय सुल्तानपुर संसदीय सीट के मतदाताओं से भी कट गए। लिहाजा इस सीट से अपनी हार तय देख संजय सिंह इस बार भाजपा का दामन थामने जा रहे हैं।

Source- News in Hindi

Ravindra Jain Support's Narendra Modi

BJP
जागरण संवाददाता, किशनगंज। स्वर साम्राज्ञी लता मंगेशकर के बाद मशहूर संगीतकार रवींद्र जैन ने भी भाजपा के प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी नरेंद्र मोदी का खुलकर समर्थन किया है। उन्होंने बुधवार को कहा कि देश में मोदी की लहर चल रही है। जब किसी की लहर और हवा चलती है तो उसमें सभी बह जाते हैं।

हिंदी समेत विभिन्न भाषाओं की दो सौ से अधिक फिल्मों में संगीत देने वाले जैन ने 'जागरण' से कहा कि वह मोदी से कई बार मिल चुके हैं। देश में अपराध, भ्रष्टाचार व आतंक का बोलबाला बढ़ा है। ऐसे में सभी को साथ लेकर चलने और देश के विकास के लिए काम करने वाले व्यक्ति को ही देश की कमान सौंपनी चाहिए। 

भाजपा में पहले अटल बिहारी वाजपेयी सर्वमान्य नेता थे। फिलहाल मोदी ही लोगों की पसंद हैं, हालांकि गोधरा कांड के बाद से उन्हें मुसलमानों का पर्याप्त समर्थन नही मिल रहा है। 

Source- News in Hindi

Sunday, 10 November 2013

Modi Attack on Manmohan Singh

narendra modi
खेड़ा [गुजरात]। देश के इतिहास, भूगोल से खिलवाड़ करने का आरोप भाजपा के सिर मढ़ कर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आफत मोल ले ली है। इससे भड़के भाजपा के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने उन पर करारा हमला बोला है। नमो ने सीधे मनमोहन से सवाल किया है, 'प्रधानमंत्री जी, जिस गांव में आप पैदा हुए थे, उस समय वह हिंदुस्तान का हिस्सा था, लेकिन आज नहीं है। लोग जानना चाहते हैं कि देश का भूगोल किसने बदला। किसने इस देश को टुकड़ों में बांटा।'

मोदी यहीं नहीं रुके। वह यहां तक कह गए कि कांग्रेस ने देश बांटने का पाप किया है। गुजरात के मुख्यमंत्री का कहना था, 'बंटवारा स्वीकार कर कांग्रेस ने देश का भूगोल बदला है और राष्ट्रीय नायकों की अनदेखी कर इतिहास से छेड़छाड़ की है।'

ध्यान रहे कि मनमोहन सिंह का जन्म 26 सितंबर, 1932 को गाह गांव में हुआ था। वर्तमान में यह गांव पाकिस्तान के पंजाब प्रांत का हिस्सा है।
रविवार को खेड़ा जिले में अल्पसंख्यक समुदाय द्वारा संचालित एक अस्पताल का उद्घाटन करते हुए मोदी इसी गांव का जिक्र कर रहे थे। प्रधानमंत्री सीधे मुखातिब नमो ने कहा, 'आप कहते हैं कि हम देश का भूगोल बदल रहे हैं। लेकिन हमारी सीमा पर चीन आए दिन समस्याएं खड़ी करता रहता है। उसने हमारे सैकड़ों वर्ग किलोमीटर क्षेत्र पर कब्जा कर रखा है। किसने यह भूगोल बदला है। यह सब कांग्रेस राज में हुआ है।' उन्होंने नमक सत्याग्रह के दौरान दांडी मार्च के लिए महात्मा गांधी द्वारा अख्तियार किए गए मार्ग के मूल स्वरूप से भी छेड़छाड़ करने का केंद्र पर आरोप लगाया। मोदी के अनुसार, 'छह महीना पहले पीएमओ ने पत्र भेज कर मुझे बताया है कि सरकार ऐतिहासिक साबरमती-दांडी हेरिटेज रोड 30 किमी दूर करना चाहती है।

आप (मनमोहन) पहले ही गांधी का परित्याग कर चुके हैं और अब आप उनके रास्ते को से भी दूर होना चाहते हैं।' इतिहास के सवाल पर नमो ने प्रधानमंत्री को घेरा। उन्होंने पूछा कि सरदार पटेल को उनके निधन के 41 वर्ष बाद राजीव गांधी के साथ भारत रत्‍‌न क्यों दिया गया? जबकि जवाहर लाल नेहरू और इंदिरा गांधी को उनके जीवन काल में ही यह सम्मान प्रदान कर दिया गया।

मोदी ने डॉ. अंबेडकर को भी भारत रत्‍‌न देने में देरी का मुद्दा उठाकर सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने पूछा, 'ऐसा क्यों किया गया। क्या यह इतिहास से खिलवाड़ नहीं है। यह किसने किया।' ध्यान रहे कि शनिवार को रायपुर (छत्तीसगढ़) की अपनी चुनावी रैली में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भाजपा और मोदी पर करारा हमला किया था।

Source- News in Hindi