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Wednesday, 6 November 2013

None like Sachin 10846016

India vs West Indies Test Series

नौ नवंबर, 2009 की वह शाम मेरे जीवन में अविस्मरणीय बन गई। जब पहली बार मेरा सामना क्रिकेट के 'भगवान' सचिन तेंदुलकर से हुआ। बचपन से उन्हें पास से देखने की हसरत मुंबई में एक पुरस्कार समारोह में पूरी हुई। मेरी न केवल उनसे मुलाकात हुई, बल्कि मुझे उनके हाथों से पुरस्कार लेने का सौभाग्य भी मिला। मेरे पैर जमीं पर नहीं थे। ऐसा लग रहा था मानो सारे जहां की खुशियां मुझे मिल गई हों। दुनिया भर के गेंदबाजों के छक्के छुड़ाने वाले मास्टर ब्लास्टर के साथ मंच साझा कर मैं खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा था।
सचिन ने लगाया गले
सचिन जी के साथ मेरी यह पहली मुलाकात थी, लेकिन अपने व्यवहार से उन्होंने मुझे यह महसूस ही नहीं होने दिया। वह मुझसे ऐसे मिले मानो बरसों से हम एक-दूसरे को जानते हैं। उन्होंने मुझे गले लगाते हुए कहा 'वेल डन सुशील, भारतीय कुश्ती को विश्व में नई पहचान दिलाने के लिए। देशवासियों को तुम पर नाज है। इस लौ को बुझने मत देना।' उनके यह शब्द मेरे लिए हमेशा प्रेरणा का काम करते हैं। इसके बाद से तो मुलाकातों का सिलसिला जारी है।

खलेगी मास्टर की कमी
भारतीय क्रिकेट को सचिन की कमी हमेशा खलती रहेगी। युवा अपना प्रेरणास्त्रोत खो देंगे। वे सचिन जैसे महान खिलाड़ी के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करने का मौका गंवा देंगे। आज नहीं कल उनकी जगह तो कोई ले लेगा लेकिन सचिन जैसा दूसरा कोई नहीं होगा। दर्शकों की निगाहें हमेशा मैदान में उन्हें ढूंढती रहेंगी।
शतक लगा लें विदाई
मेरी दिली तमन्ना है कि सचिन भाई विदाई मैच में शतक लगाकर अपने ऐतिहासिक सफर का समापन करें। अगर दोहरा या तिहरा शतक लगाए तो यह उनके प्रशंसकों के लिए अनूठा तोहफा होगा। गुड लक सचिन भाई।

[ओलंपियन पहलवान सुशील कुमार की राजीव शर्मा से बातचीत पर आधारित]

Monday, 4 November 2013

No one can take position fo Sachin Tendulkar

Cricket

मुंबई [दिनेश मोंगिया]। सचिन तेंदुलकर के बाद भारतीय क्रिकेट को दोबारा अपनी छवि बनानी पड़ेगी। यह जिम्मेदारी चाहे महेंद्र सिंह धौनी उठाएं या कोई और। फिलहाल भारतीय क्रिकेट का नाम सचिन के साथ जुड़ा हुआ है। उदाहरण के तौर पर शेन वार्न, स्टीव वॉ और ग्लेन मैकग्रा के बाद ऑस्ट्रेलिया की टीम कुछ और नजर आती है। ठीक वैसे ही सचिन के संन्यास लेने के बाद उनकी खाली हुई जगह की भरपाई करने में बहुत समय लग जाएगा।

पहली मुलाकात :
मेरी सचिन से पहली मुलाकात 2001 में चेन्नई में चैलेंजर ट्रॉफी के दौरान हुई थी। वह मेरी टीम के कप्तान थे। उस टूर्नामेंट में मैंने 100 और 94 रनों की पारी खेली थी। जिसके बाद उन्होंने मेरे प्रदर्शन को सराहा था, साथ ही मुझे भारतीय टीम में आने के लिए काफी प्रेरित किया था। खास बात यह रही कि उसी वर्ष मेरा चयन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम में हुआ था। 

अनुभव साझा करते थे :
सचिन हर विदेश दौरे का अपना पिछला अनुभव साझा किया करते थे, जिससे हम सभी को काफी मदद मिलती थी। 2002 में इंग्लैंड दौरे से पूर्व उन्होंने हमें वहां की परिस्थितियों के बारे में बताया था। कई बार ऐसा हुआ कि जब मैं अपनी बल्लेबाजी फॉर्म को लेकर संघर्ष कर रहा था तो वह अक्सर नेट्स पर ले जाकर मेरी कमियों के बारे में बताया करते थे। 

वह वाकई भगवान हैं :
2003 विश्व कप में सेंचुरियन में पाकिस्तान के खिलाफ उनकी 98 रनों की पारी मेरे जेहन में आज भी ताजा है। मैं पवेलियन में बैठा हुआ था। पाकिस्तान के खिलाफ उस अहम मैच में पूरी टीम पर जीत का बेहद दबाव था। मेरी नजर में उनकी यह एक खास पारी थी। उन्होंने जिस तरह से हर गेंद का सामना किया उसे देखकर मुंह से निकल गया कि वह वाकई में भगवान हैं। रावलपिंडी एक्सप्रेस शोएब अंख्तर की तो उन्होंने उस मैच में जबर्दस्त पिटाई खी थी। मैं खुद को भाग्यशाली मानता हू कि मुझे उनके साथ ड्रेसिंग रूम शेयर करने का मौका मिल सका। 

बीसीसीआइ की उनकी सेवाएं ले :
मेरी राय में सचिन के संन्यास के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड [बीसीसीआइ] को भविष्य में उनकी मदद लेनी चाहिए। इससे भारतीय क्रिकेट और खिलाड़ियों को काफी मदद मिलेगी। आखिर उन्होंने अपनी जिंदगी के 25 वर्ष भारतीय क्रिकेट को दिए हैं।
[पूर्व वनडे क्रिकेटर दिनेश मोंगिया की अमित गौतम से बातचीत पर आधारित] 

Amid farewell frenzy, calm Tendulkar trains at Eden

Sachin Tendulkar

कोलकाता। वेस्टइंडीज के खिलाफ एक सौ निन्यानवे वें टेस्ट मैच की तैयारियों को लेकर मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ईडन गार्डेन मैदान में सोमवार को अभ्यास के लिए उतरे। उन्होंने अभ्यास सत्र के दौरान 52 मिनट तक बल्लेबाजी की।

मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर सोमवार की सुबह साढ़े दस बजे ईडन गार्डेन में अभ्यास के लिए पहुंचे जहां उनका स्वागत फुलों की बौछार कर किया गया। इस दौरान तेंदुलकर भारतीय क्रिकेट टीम के कोच डंकन फ्लेचर के पास गए और उनसे लंबी चर्चा की। मुरली विजय और शिखर धवन ने नेट पर बल्लेबाजी करने की वजह से मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर को अपनी बारी की प्रतिक्षा करनी पड़ी। सचिन तेंदुलकर ने पेसर और स्पिनरों को खेला। 

तेंदुलकर ने भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धौनी के साथ नेट पर इशांत शर्मा, उमेश यादव, और स्थानीय गेंदबाजों की गेंदे खेंली। मास्टर ब्लास्टर ने कैचिंग प्रैक्टिस के साथ ही अभ्यास सत्र का समापन किया। ढ़ाई घंटे तक चले अभ्यास सत्र के दौरान कोच डंकन फ्लेचर ने शिखर धवन की बल्लेबाजी को बारीकी से देखा और उन्हें सुझाव भी दिए।

Sachin Tendulkar reaches city of joy, Carnival Starts

Cricket

कोलकाता [जाब्यू]। सिटी ऑफ जॉय क्रिकेट के भगवान के 199वें टेस्ट मैच को यादगार बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। रविवार को मास्टर ब्लास्टर के कोलकाता पहुंचने के बाद से ही महानगर सचिनमय हो चुका है। इस बार कालीपूजा के विभिन्न पंडालों में सचिन की फोटो भी लगाई गई थी। ईडन और धर्मतल्ला इलाके का क्या कहना। वहां सचिन के बड़े-बड़े कटआउट लगाए गए हैं। इस साल बंगाल में दीपावली नहीं, सचिन पर्व की धूम देखी गई। राज्य भर में मास्टर ब्लास्टर तेंदुलकर के नाम के पटाखे जलाए गए।

शहर से लेकर ईडन गार्डेंस के कोने-कोने में सचिन के क्रिकेट करियर से जुड़ी चीजों को जगह दी गई है। टेस्ट मैच के टिकटों पर मास्टर ब्लास्टर की तस्वीर है, जबकि इस मौके के लिए खास तौर पर संगीत तैयार किया गया है। यहां छह से 10 नवंबर तक वेस्टइंडीज और भारत के बीच खेले जाने वाला पहला टेस्ट सचिन के करियर का 199वां टेस्ट है। 

सचिन के स्वागत में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन [सीएबी] ने पांच फुट, चार इंच लंबी सचिन की मोम की मूर्ति ड्रेसिंग रूम के प्रवेश द्वार पर ही लगाई है। जब भारतीय टीम की बस स्टेडियम पहुंची तो मुख्य द्वार से लेकर ड्रेसिंग रूम तक सैकड़ों युवा मानव श्रृंखला बनाकर खड़े थे। 

चखें सचिन के बेस्ट शॉट्स का स्वाद : तेंदुलकर का आखिरी टेस्ट जैसे-जैसे करीब आ रहा है, उनके चाहने वाले उनके लिए अपना प्यार और सम्मान दिखाने के नए-नए तरीके लेकर सामने आ रहे हैं। सचिन अब टीम होटल में अपने ही लेग ग्लांस या स्क्वायर कट का स्वाद चख सकेंगे। सचिन की बल्लेबाजी से प्रभावित होकर उनके सम्मान में कोलकाता के होटल ने अपने विशेष व्यंजनों का नाम उनके बेहतरीन शॉट्स के आधार पर रखा है। इसी होटल ताज बंगाल में भारतीय और वेस्टइंडीज दोनों ही टीमें ठहरी हुई हैं।
ताज बंगाल के रेस्तरां में बिहाइंड द स्टंप, लेग ग्लांस, बाउंड्री जैसे व्यंजन उपलब्ध कराए जाएंगे। ये विशेष व्यंजन 10 नवंबर तक उपलब्ध होंगे। इटैलियन और मैक्सिकन व्यंजनों के नाम स्क्वायर कट, ओवर द स्क्वायर लेग, लेग हुक, लेट कट आदि रखे गए हैं। 

200 स्क्रीन लगाने की योजना : तेंदुलकर के मुरीदों के मैच देखने के लिए खेल विभाग ने राज्य भर में करीब 200 स्क्रीन लगाने की योजना बनाई है। खेल मंत्री मदन मित्रा ने बताया कि उन्होंने ईस्ट बंगाल, मोहन बागान, मोहम्मडन स्पोर्टिंग क्लब आदि से उनके परिसर में स्क्रीन लगवाने अनुमति मांगी है। साउथ सिटी मॉल और अन्य जगहों पर भी बड़े स्क्रीन लगवाने की योजना बनाई जा रही है।