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Thursday, 7 November 2013

Shami and Rohit New Test Talent, Fade Sachin Retirement Hype

Sachin Tendulkar

(शिवम् अवस्थी), नई दिल्ली। ईडन गार्डन में वेस्टइंडीज के खिलाफ चल रहा सीरीज का पहला व सचिन के करियर का 199वां टेस्ट बेशक भारतीय फैंस के लिए एक भावनात्मक लम्हा है। इस सीरीज का रंग-रूप सिर्फ सचिन के इर्द-गिर्द ही तैयार किया गया है और जाहिर है कि जिस खिलाड़ी ने तकरीबन 25 साल इस खेल को दिए हों तो इतना सम्मान बनता ही है लेकिन..क्या कोलकाता टेस्ट फैंस को सिर्फ सचिन के लिए आंसू बहाने को मजबूर कर रहा है? क्या विदाई से एख कदम दूर यह टेस्ट हमको सिर्फ मायूसी दे रहा है?..जी नहीं, यहां गौर से देखने पर खुशी की एक लहर भी दिखती है, और इस खुशी की लहर का कारण बने हैं दो युवा भारतीय खिलाड़ी। मोहम्मद शमी और रोहित शर्मा..दोनों ने कोलकाता टेस्ट से अपने टेस्ट करियर का आगाज किया, और जबरदस्त आगाज किया। आप फैसला करें कि सचिन के जाने का दुख ज्यादा है या फिर इनके आने की खुशी..
यह दो नाम हैं, मोहम्मद शमी और रोहित शर्मा...टीम इंडिया से द्रविड़, गांगुली व लक्ष्मण के संन्यास और सहवाग-गंभीर जैसे खिलाड़ियों के अचानक गायब हो जाने के बाद से यह गम पसरा हुआ था कि क्या भारतीय क्रिकेट टीम कभी ट्रैक पर लौट पाएगी..जब सचिन ने वनडे छोड़ा तो लगा वनडे में ढलना तय है लेकिन चैंपियंस ट्रॉफी से लेकर ऑस्ट्रेलिया सीरीज तक भारतीय युवा ब्रिगेड ने जो दम दिखाया उसने विचारधारा बदल डाली। अब टेस्ट में भी शायद फैंस को नजरिया बदलना होगा, सचिन एक सुनहरी याद हमेशा रहेंगे लेकिन भविष्य की क्रिकेट टीम आज की पीढ़ी को तैयार करनी है और मोहम्मद शमी व रोहित शर्मा का जोरदार आगाज इस बात की तस्दीक करता है कि बेशक दिग्गजों के जाने से टीम पर असर पड़ेगा लेकिन ट्रैक पर वापस लौटना कोई बड़ा काम नहीं है। 

मोहम्मद शमी:
शमी अहमद ने पहली पारी में कैरेबियाई बैटिंग ऑर्डर की जिस कदर धज्जियां उड़ाई उसने कहीं से भी भारतीय टीम को जहीर की कमी नहीं खलने दी। उनकी अंदर आती गेंदें बार-बार कैरेबियाई बल्लेबाजों पर भारी पड़ीं और नतीजतन अपने पहले ही टेस्ट की पहली पारी में दबाव के बावजूद इस गेंदबाज ने 4 विकेट झटके। 

रोहित शर्मा:
वहीं, हाल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज में एक रिकॉर्ड दोहरा शतक, एक शतक व एक अर्धशतक लगाकर धूम मचाने वाले रोहित शर्मा ने ना सिर्फ टेस्ट टीम में जगह हासिल की बल्कि चयनकर्ताओं व कप्तान के भरोसे व फैसले का सम्मान भी रखा। पहली पारी में रोहित ही वह एंकर, व स्तंभ साबित हुए जिसने डूबते भारतीय बल्लेबाजी क्रम को किनारा दिखाया। रोहित ने अपने टेस्ट डेब्यू पर धमाकेदार शतक जड़ा है और दूसरे दिन के अंत तक वो 127 रन पर नाबाद रहे। पहले धौनी के साथ साझेदारी और उसके बाद अश्विन के साथ उनकी साझेदारी ने ही टीम इंडिया को नया रुख दिया। अब इस टेस्ट के बाद फैंस को तय करना होगा कि आखिर वह सचिन की विदाई के गम में टेस्ट क्रिकेट से दूर जाना बेहतर समझते हैं या फिर इस नई उभरती हुई टीम के साथ एक नए जश्न का हिस्सा बनेंगे।

Sachin Tendulkar Becomes Mahabharat's Arjun in Friend's Painting

Sachin Tendulkar

कोलकाता। सचिन तेंदुलकर की मैदान पर एकाग्रता से प्रेरित होकर उनके दोस्त और कलाकार सनातन डिंडा ने इस स्टार क्रिकेटर की एक पेंटिंग तैयार की है जिसमें उन्हें महाभारत के मशहूर पात्र अर्जुन के रूप में दिखाया गया है। वेस्टइंडीज के खिलाफ ईडन गार्डेस में अपना 199वां टेस्ट मैच खेल रहे तेंदुलकर को इस तैलचित्र में भूरे रंग से रंगा गया है, जबकि उनके माथे पर नीले रंग के पैच हैं जो आसमान छूने के उनके सपनों और महत्वाकांक्षा के प्रतीक हैं। ईडन टेस्ट शुरू होने से दो दिन पहले स्केच तैयार करने वाले डिंडा ने कहा कि उनके दिमाग में अचानक ही यह चित्र बनाने का विचार आया। इससे पहले तेंदुलकर को अपनी पांच अन्य पेंटिंग को उपहार देने वाले डिंडा ने कहा कि मैं इसे बेचूंगा नहीं और यदि सचिन भी इसे चाहेंगे तो मैं उन्हें भी न कह दूंगा। मैं इसे अपने निजी संग्रहालय में रखना चाहता हूं।
तेंदुलकर के नाम वाले सामान की मांग 
कोलकाता। सचिन तेंदुलकर की विदाई सीरीज को लेकर स्टेडियम के भीतर तो सचिन ही सचिन दिख रहे हैं। पर, बाहर का नजारा भी कुछ कम नहीं है। कोलकाता के खेल की दुकानों पर इस महान खिलाड़ी से जुड़े सामानों की जबरदस्त बिक्री हो रही है। सचिन के नाम वाले हैट, हेड बैंड, टीशर्ट और आर्मबैंड की जबरदस्त मांग है। ईडन के आसपास के इलाकों में सैकड़ों विक्रेता सामान बेचते देखे जा सकते हैं। यह अलग बात है कि ये सामान ब्रांडेड नहीं हैं। इसके बावजूद लोगों को ये पसंद आ रहे हैं। 

सचिन की दूसरी पारी देखने को शाहरुख बेकरार
कोलकाता। वेस्ट इंडीज के खिलाफ खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच में मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर की दूसरी पारी देखने के लिए सुपरस्टार शाहरुख खान बेकरार हैं। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में सुरक्षाकर्मियों से हाथापाई के बाद शाहरुख के प्रवेश पर प्रतिबंध है। इसलिए वह कोशिश करेंगे कि ईडन गार्डस में मास्टर ब्लास्टर के बल्ले का कमाल देख सकें। शाहरुख ने कहा, 'मैं एक फिल्म महोत्सव के सिलसिले में कोलकाता जा रहा हूं और कोशिश करूंगा कि वहां टेस्ट मैच देख सकूं। मैं पूरी कोशिश करूंगा कि वहां जा जाकर उन्हें (सचिन को) शुभकामनाएं दे सकूं।' शाहरुख ने कहा कि उन्होंने क्रिकेट के लिए बहुत कुछ किया है। उन्हें अब आराम और अनुकूल माहौल चाहिए, ताकि वह अपने परिवार के साथ खुशहाल समय बिता सकें

तेंदुलकर पर पवेलियन का नाम रखेगा एमआइजी क्लब
मुंबई। बांद्रा के एमआइजी क्रिकेट क्लब ने अपने ड्रेसिंग रूम सहित अपने पवेलियन का नाम महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के नाम पर रखने का फैसला किया है। एमआइजी क्रिकेट क्लब के सचिव आशीष पटनाकर ने कहा कि छह से आठ महीने पहले उनसे बात की और उन्होंने इस पर सहमति जताई थी। पटनाकर ने कहा कि वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज समाप्त होने के बाद तेंदुलकर इस पवेलियन का उदं्घाटन करेंगे। क्लब अपनी आगे की दीवार पर इस सीनियर क्रिकेटर की 24 फुट लंबी और 12 चौड़ी पेंटिंग बनवाएगा। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि यह पेंटिंग दस नवंबर तक पूरी हो जाएगी। मैं मुंबई टेस्ट से पहले उन्हें यह पेंटिंग देखने के लिए आमंत्रित करूंगा।

Shah Rukh to Watch Sachin's Kolkata Test Match

Shahrukh Khan
मुंबई। शाहरुख खान सचिन तेंदुलकर के आखिरी टेस्ट के गवाह तो नहीं बन सकते क्योंकि मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में उनकी एंट्री बैन है। हां, वे कोलकाता में सचिन के 199वें टेस्ट मैच का हिस्सा बनने का प्लान जरूर बना रहे हैं।
शाहरुख ने बताया, 'मैं 10 नवंबर को कोलकाता जा रहा हूं। मैं वहां फिल्म फेस्टिवल के लिए जा रहा हूं, लेकिन मैच में शामिल होने की कोशिश जरूर करूंगा। अगर मैं वहां पहुंच पाया तो मैच जरूर देखूंगा और उन्हें शुभकामनाएं दूंगा।'
शाहरुख सचिन के 199वें टेस्ट मैच का हिस्सा तभी बन पाएंगे, जब यह मैच पांचवें दिन तक चलेगा। शाहरुख ने वानखेड़े स्टेडियम का नाम लिए बगैर कहा कि ऐसी कुछ जगह हैं, जहां वे शाहरुख खान तक को जाने की इजाजत नहीं देते। आज मेरे लिए तीन घंटे तक इंतजार कर सकते हो, लेकिन कुछ लोग ऐसे हैं, जो मुझे नहीं चाहते। 

किंग खान ने सचिन के रिटारयमेंट पर भी अफसोस जताया। उन्होंने बताया कि उन्हें सचिन के रिटायरमेंट की खबर ऑस्ट्रेलिया में मिली थी और उन्हें यह खबर सुनने के बार बुरा लगा था।

Kolkata Test: Rohit and Ashwin Tons thrash Windies Bowlers

Sachin Tendulkar

कोलकाता। ईडन गार्डन स्टेडियम पर सचिन के विदाई टेस्ट में बेशक अब तक फैंस को मास्टर का जलवा देखने को ना मिला हो लेकिन दूसरे दिन ढहती हुई टीम इंडिया को अचानक सातवें विकेट पर एक ऐसी साझेदारी नसीब हुई जो ना सिर्फ लगातार रिकॉर्ड तोड़ती जा रही बल्कि एक नया इतिहास रचने की ओर अग्रसर है। यह जोड़ी है अपने करियर का आगाज कर रहे रोहित शर्मा और ऑलराउंडर रविचंद्रन अश्विन की। दोनों खिलाड़ी अब तक तकरीबन 250 रनों की साझेदारी कर चुके हैं। समाचार लिखे जाने तक भारत ने 6 विकेट के नुकसान पर 400 का आंकड़ा पार कर लिया है और अब उनकी बढ़त 150 पार हो गई है।
जहां दूसरे दिन का अंत रोहित शर्मा के बेहतरीन शतक के साथ हुआ था वहीं, तीसरे दिन की शुरुआत रविचंद्रन अश्विन के दूसरे टेस्ट शतक के साथ हुई। अश्विन 159 गेंदों में अपना सैंकड़ा पूरा किया। इससे पहले उनके नाम टेस्ट क्रिकेट में एक और शतक है और वो भी उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ ही बनाया था। यह सातवें विकेट के लिए भारत की तरफ से दूसरे नंबर की सबसे बड़ी साझेदारी है और इस मामले में टॉप रिकॉर्ड को तोड़ने की ओर दोनों बल्लेबाज अग्रसर हैं। रोहित शर्मा ने भी अपने 150 रन पूरे कर लिए हैं और वो भी बेहद मजबूत नजर आ रहे हैं।
गौरतलब है कि पहले दिन भारतीय गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए वेस्टइंडीज टीम को 234 के स्कोर के अंदर समेट दिया था। जवाब में उतरे भारतीय बल्लेबाज कैरेबियाई स्पिनर शिलिंगफोर्ड के आगे बेबस दिखाई दिए और पूरा टॉप ऑर्डर ताश के पत्तों की तरह बिखरता चला गया। आलम यह था कि 83 रन पर भारत के 5 बल्लेबाज पवेलियन लौट गए थे। इसके बाद धौनी (42) ने रोहित शर्मा के साथ अर्धशतकीय साझेदारी को अंजाम देकर स्कोर को थोड़ी गति दी और धौनी के आउट होने के बाद अश्विन ने रोहित के साथ ऐसा खूंटा गाड़ा कि दूसरे दिन हावी होने वाले कैरेबियाई गेंदबाज दिन के अंत होते-होते संघर्ष करते नजर आए।

Wednesday, 6 November 2013

None like Sachin 10846016

India vs West Indies Test Series

नौ नवंबर, 2009 की वह शाम मेरे जीवन में अविस्मरणीय बन गई। जब पहली बार मेरा सामना क्रिकेट के 'भगवान' सचिन तेंदुलकर से हुआ। बचपन से उन्हें पास से देखने की हसरत मुंबई में एक पुरस्कार समारोह में पूरी हुई। मेरी न केवल उनसे मुलाकात हुई, बल्कि मुझे उनके हाथों से पुरस्कार लेने का सौभाग्य भी मिला। मेरे पैर जमीं पर नहीं थे। ऐसा लग रहा था मानो सारे जहां की खुशियां मुझे मिल गई हों। दुनिया भर के गेंदबाजों के छक्के छुड़ाने वाले मास्टर ब्लास्टर के साथ मंच साझा कर मैं खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा था।
सचिन ने लगाया गले
सचिन जी के साथ मेरी यह पहली मुलाकात थी, लेकिन अपने व्यवहार से उन्होंने मुझे यह महसूस ही नहीं होने दिया। वह मुझसे ऐसे मिले मानो बरसों से हम एक-दूसरे को जानते हैं। उन्होंने मुझे गले लगाते हुए कहा 'वेल डन सुशील, भारतीय कुश्ती को विश्व में नई पहचान दिलाने के लिए। देशवासियों को तुम पर नाज है। इस लौ को बुझने मत देना।' उनके यह शब्द मेरे लिए हमेशा प्रेरणा का काम करते हैं। इसके बाद से तो मुलाकातों का सिलसिला जारी है।

खलेगी मास्टर की कमी
भारतीय क्रिकेट को सचिन की कमी हमेशा खलती रहेगी। युवा अपना प्रेरणास्त्रोत खो देंगे। वे सचिन जैसे महान खिलाड़ी के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करने का मौका गंवा देंगे। आज नहीं कल उनकी जगह तो कोई ले लेगा लेकिन सचिन जैसा दूसरा कोई नहीं होगा। दर्शकों की निगाहें हमेशा मैदान में उन्हें ढूंढती रहेंगी।
शतक लगा लें विदाई
मेरी दिली तमन्ना है कि सचिन भाई विदाई मैच में शतक लगाकर अपने ऐतिहासिक सफर का समापन करें। अगर दोहरा या तिहरा शतक लगाए तो यह उनके प्रशंसकों के लिए अनूठा तोहफा होगा। गुड लक सचिन भाई।

[ओलंपियन पहलवान सुशील कुमार की राजीव शर्मा से बातचीत पर आधारित]

Kolkata test: Shami thrash Windies, Sachin Takes a Wicket Too

Sachin Tendulkar

विशाल श्रेष्ठ, कोलकाता। तेज गेंदबाज मुहम्मद शमी ने अपने पदार्पण टेस्ट मैच में जबर्दस्त गेंदबाजी कर मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर की शानदार विदाई की नींव रख दी। बंगाल के शेर ने चार विकेट चटकाए, जिनमें तीन क्लीन बोल्ड शामिल हैं। कैरेबियाई टीम पहले टेस्ट मैच के पहले ही दिन 234 रनों पर ढेर हो गई। मार्लोन सैमुअल्स (65) के अलावा मेहमान टीम का कोई बल्लेबाज 50 का आंकड़ा पार नहीं कर पाया। बुधवार को खेल खत्म होने तक टीम इंडिया ने बिना कोई विकेट गंवाए 37 रन बना लिए। सलामी बल्लेबाज शिखर धवन 21 और मुरली विजय 16 रन पर खेल रहे हैं। भारतीय टीम 197 रन पीछे है लेकिन उसके सभी विकेट सुरक्षित हैं।
धवन को यह साबित करना है कि वह वनडे के साथ-साथ टेस्ट में भी भारत के भरोसेमंद सलामी बल्लेबाज हैं। धवन ने अपने करियर का पहला टेस्ट इस साल मार्च में मोहाली में खेला था। उस मैच में उन्होंने 187 रनों की शानदार पारी खेली थी, लेकिन उसी टेस्ट के दौरान वह चोटिल हो गए थे। धवन ने भारत के लिए पर्दापण करते हुए सबसे तेज शतक लगाया था।
कैरेबियाई टीम के कप्तान डेरेन सैमी ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। उनकी शुरुआत अच्छी नहीं रही। भुवनेश्वर कुमार ने खतरनाक रुख अख्तियार कर रहे क्रिस गेल (18) को मुरली विजय के हाथों लपकवाकर पहली सफलता दिलाई। दूसरे सलामी बल्लेबाज कीरेन पावेल (28) भी ज्यादा देर टिक नहीं पाए और शमी की गेंद पर भुवनेश्वर कुमार को कैच थमाकर पवेलियन लौट गए। इसके बाद मार्लोन सैमुअल्स ने डेंरेन ब्रावो के साथ पारी को संभाला और लंच तक स्कोर को 100 के पार ले गए। लंच के बाद शमी ने घातक गेंदबाजी कर मेहमान टीम की रीढ़ ऐसी तोड़ी कि वह दोबारा जुड़ नहीं पाई। शमी ने क्रीज पर जम चुके मार्लोन (65) को क्लीन बोल्ड कर दिया। इसके बाद शानदार क्षेत्ररक्षण कर ब्रावो (23) को भी विकेट के पीछे मुस्तैद खड़े

धौनी के हाथों रन आउट करवा दिया।
शमी ने एक बार फिर कहर बरपाते हुए विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश रामदीन (4) की गिल्लियां उड़ा दीं। इसके बाद नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे। कप्तान डेरेन सैमी (16) प्रज्ञान ओझा की गेंद पर गैरजिम्मेदाराना शॉट लगाकर भुवनेश्वर कुमार को कैच दे बैठे। चायकाल से ठीक पहले ओवर में सचिन ने शेन शिलिंगफोर्ड (5) को पगबाधा आउट कर पवेलियन की राह दिखा दी। वीरासामी परमॉल (14) को आर अश्विन ने अपनी ही गेंद पर लपक लिया। अपना 149वां टेस्ट खेल रहे शिवनारायण चंद्रपॉल (36) ने एक छोर पर बने रहकर पारी संभालने की कोशिश की, लेकिन आखिरकार वह अश्विन की फिरकी का शिकार बन गए। अश्विन ने उन्हें बोल्ड किया। पहला टेस्ट खेलने उतरे एस कॉट्रेल को शमी ने बिना खाता खोले ही भेज दिया। टीनो बेस्ट 14 रन पर नाबाद रहे। अश्विन ने दो और भुवनेश्वर कुमार, प्रज्ञान ओझा व सचिन तेंदुलकर ने एक-एक विकेट लिया।

सचिन ने दिखाया गेंदबाजी में कमाल
सचिन तेंदुलकर ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उन्हें 'मैन विद द गोल्डन ऑर्म' क्यों कहा जाता है। इसी मैदान पर 20 साल पहले हीरो कप के सेमीफाइनल मैच के बाद उन्हें ये खिताब मिला था। पहले टेस्ट मैच के पहले दिन चाय से पहले आखिरी ओवर में कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने गेंद क्रिकेट के गोल्डन ब्वाय को थमा दी। सचिन ने भी उन्हें निराश नहीं किया और ओवर की चौथी ही गेंद पर शेन शिलिंगफोर्ड को पगबाधा आउट कर पवेलियन की राह दिखा दी। सचिन का टेस्ट क्रिकेट में यह 46वां विकेट है। उन्होंने वनडे में 154 विकेट चटकाए हैं। टी-20 में भी सचिन के नाम एक विकेट है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सचिन के नाम कुल 201 विकेट हैं। सचिन ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हीरो कप के सेमीफाइनल में शानदार गेंदबाजी कर सबसे पहले अपनी इस खूबी से दुनिया को वाकिफ कराया था। उन्होंने बेहद तनावपूर्ण परिस्थिति में सूझ-बूझ से गेंदबाजी कर अपनी टीम को जीत दिलाई थी। अंतिम ओवर में छह रन की जरूरत थी, लेकिन उन्होंने सिर्फ तीन रन ही दिए थे।

Monday, 4 November 2013

No one can take position fo Sachin Tendulkar

Cricket

मुंबई [दिनेश मोंगिया]। सचिन तेंदुलकर के बाद भारतीय क्रिकेट को दोबारा अपनी छवि बनानी पड़ेगी। यह जिम्मेदारी चाहे महेंद्र सिंह धौनी उठाएं या कोई और। फिलहाल भारतीय क्रिकेट का नाम सचिन के साथ जुड़ा हुआ है। उदाहरण के तौर पर शेन वार्न, स्टीव वॉ और ग्लेन मैकग्रा के बाद ऑस्ट्रेलिया की टीम कुछ और नजर आती है। ठीक वैसे ही सचिन के संन्यास लेने के बाद उनकी खाली हुई जगह की भरपाई करने में बहुत समय लग जाएगा।

पहली मुलाकात :
मेरी सचिन से पहली मुलाकात 2001 में चेन्नई में चैलेंजर ट्रॉफी के दौरान हुई थी। वह मेरी टीम के कप्तान थे। उस टूर्नामेंट में मैंने 100 और 94 रनों की पारी खेली थी। जिसके बाद उन्होंने मेरे प्रदर्शन को सराहा था, साथ ही मुझे भारतीय टीम में आने के लिए काफी प्रेरित किया था। खास बात यह रही कि उसी वर्ष मेरा चयन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम में हुआ था। 

अनुभव साझा करते थे :
सचिन हर विदेश दौरे का अपना पिछला अनुभव साझा किया करते थे, जिससे हम सभी को काफी मदद मिलती थी। 2002 में इंग्लैंड दौरे से पूर्व उन्होंने हमें वहां की परिस्थितियों के बारे में बताया था। कई बार ऐसा हुआ कि जब मैं अपनी बल्लेबाजी फॉर्म को लेकर संघर्ष कर रहा था तो वह अक्सर नेट्स पर ले जाकर मेरी कमियों के बारे में बताया करते थे। 

वह वाकई भगवान हैं :
2003 विश्व कप में सेंचुरियन में पाकिस्तान के खिलाफ उनकी 98 रनों की पारी मेरे जेहन में आज भी ताजा है। मैं पवेलियन में बैठा हुआ था। पाकिस्तान के खिलाफ उस अहम मैच में पूरी टीम पर जीत का बेहद दबाव था। मेरी नजर में उनकी यह एक खास पारी थी। उन्होंने जिस तरह से हर गेंद का सामना किया उसे देखकर मुंह से निकल गया कि वह वाकई में भगवान हैं। रावलपिंडी एक्सप्रेस शोएब अंख्तर की तो उन्होंने उस मैच में जबर्दस्त पिटाई खी थी। मैं खुद को भाग्यशाली मानता हू कि मुझे उनके साथ ड्रेसिंग रूम शेयर करने का मौका मिल सका। 

बीसीसीआइ की उनकी सेवाएं ले :
मेरी राय में सचिन के संन्यास के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड [बीसीसीआइ] को भविष्य में उनकी मदद लेनी चाहिए। इससे भारतीय क्रिकेट और खिलाड़ियों को काफी मदद मिलेगी। आखिर उन्होंने अपनी जिंदगी के 25 वर्ष भारतीय क्रिकेट को दिए हैं।
[पूर्व वनडे क्रिकेटर दिनेश मोंगिया की अमित गौतम से बातचीत पर आधारित] 

Amid farewell frenzy, calm Tendulkar trains at Eden

Sachin Tendulkar

कोलकाता। वेस्टइंडीज के खिलाफ एक सौ निन्यानवे वें टेस्ट मैच की तैयारियों को लेकर मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ईडन गार्डेन मैदान में सोमवार को अभ्यास के लिए उतरे। उन्होंने अभ्यास सत्र के दौरान 52 मिनट तक बल्लेबाजी की।

मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर सोमवार की सुबह साढ़े दस बजे ईडन गार्डेन में अभ्यास के लिए पहुंचे जहां उनका स्वागत फुलों की बौछार कर किया गया। इस दौरान तेंदुलकर भारतीय क्रिकेट टीम के कोच डंकन फ्लेचर के पास गए और उनसे लंबी चर्चा की। मुरली विजय और शिखर धवन ने नेट पर बल्लेबाजी करने की वजह से मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर को अपनी बारी की प्रतिक्षा करनी पड़ी। सचिन तेंदुलकर ने पेसर और स्पिनरों को खेला। 

तेंदुलकर ने भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धौनी के साथ नेट पर इशांत शर्मा, उमेश यादव, और स्थानीय गेंदबाजों की गेंदे खेंली। मास्टर ब्लास्टर ने कैचिंग प्रैक्टिस के साथ ही अभ्यास सत्र का समापन किया। ढ़ाई घंटे तक चले अभ्यास सत्र के दौरान कोच डंकन फ्लेचर ने शिखर धवन की बल्लेबाजी को बारीकी से देखा और उन्हें सुझाव भी दिए।

Sachin Tendulkar reaches city of joy, Carnival Starts

Cricket

कोलकाता [जाब्यू]। सिटी ऑफ जॉय क्रिकेट के भगवान के 199वें टेस्ट मैच को यादगार बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। रविवार को मास्टर ब्लास्टर के कोलकाता पहुंचने के बाद से ही महानगर सचिनमय हो चुका है। इस बार कालीपूजा के विभिन्न पंडालों में सचिन की फोटो भी लगाई गई थी। ईडन और धर्मतल्ला इलाके का क्या कहना। वहां सचिन के बड़े-बड़े कटआउट लगाए गए हैं। इस साल बंगाल में दीपावली नहीं, सचिन पर्व की धूम देखी गई। राज्य भर में मास्टर ब्लास्टर तेंदुलकर के नाम के पटाखे जलाए गए।

शहर से लेकर ईडन गार्डेंस के कोने-कोने में सचिन के क्रिकेट करियर से जुड़ी चीजों को जगह दी गई है। टेस्ट मैच के टिकटों पर मास्टर ब्लास्टर की तस्वीर है, जबकि इस मौके के लिए खास तौर पर संगीत तैयार किया गया है। यहां छह से 10 नवंबर तक वेस्टइंडीज और भारत के बीच खेले जाने वाला पहला टेस्ट सचिन के करियर का 199वां टेस्ट है। 

सचिन के स्वागत में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन [सीएबी] ने पांच फुट, चार इंच लंबी सचिन की मोम की मूर्ति ड्रेसिंग रूम के प्रवेश द्वार पर ही लगाई है। जब भारतीय टीम की बस स्टेडियम पहुंची तो मुख्य द्वार से लेकर ड्रेसिंग रूम तक सैकड़ों युवा मानव श्रृंखला बनाकर खड़े थे। 

चखें सचिन के बेस्ट शॉट्स का स्वाद : तेंदुलकर का आखिरी टेस्ट जैसे-जैसे करीब आ रहा है, उनके चाहने वाले उनके लिए अपना प्यार और सम्मान दिखाने के नए-नए तरीके लेकर सामने आ रहे हैं। सचिन अब टीम होटल में अपने ही लेग ग्लांस या स्क्वायर कट का स्वाद चख सकेंगे। सचिन की बल्लेबाजी से प्रभावित होकर उनके सम्मान में कोलकाता के होटल ने अपने विशेष व्यंजनों का नाम उनके बेहतरीन शॉट्स के आधार पर रखा है। इसी होटल ताज बंगाल में भारतीय और वेस्टइंडीज दोनों ही टीमें ठहरी हुई हैं।
ताज बंगाल के रेस्तरां में बिहाइंड द स्टंप, लेग ग्लांस, बाउंड्री जैसे व्यंजन उपलब्ध कराए जाएंगे। ये विशेष व्यंजन 10 नवंबर तक उपलब्ध होंगे। इटैलियन और मैक्सिकन व्यंजनों के नाम स्क्वायर कट, ओवर द स्क्वायर लेग, लेग हुक, लेट कट आदि रखे गए हैं। 

200 स्क्रीन लगाने की योजना : तेंदुलकर के मुरीदों के मैच देखने के लिए खेल विभाग ने राज्य भर में करीब 200 स्क्रीन लगाने की योजना बनाई है। खेल मंत्री मदन मित्रा ने बताया कि उन्होंने ईस्ट बंगाल, मोहन बागान, मोहम्मडन स्पोर्टिंग क्लब आदि से उनके परिसर में स्क्रीन लगवाने अनुमति मांगी है। साउथ सिटी मॉल और अन्य जगहों पर भी बड़े स्क्रीन लगवाने की योजना बनाई जा रही है।