Wednesday, 6 November 2013

Kolkata test: Shami thrash Windies, Sachin Takes a Wicket Too

Sachin Tendulkar

विशाल श्रेष्ठ, कोलकाता। तेज गेंदबाज मुहम्मद शमी ने अपने पदार्पण टेस्ट मैच में जबर्दस्त गेंदबाजी कर मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर की शानदार विदाई की नींव रख दी। बंगाल के शेर ने चार विकेट चटकाए, जिनमें तीन क्लीन बोल्ड शामिल हैं। कैरेबियाई टीम पहले टेस्ट मैच के पहले ही दिन 234 रनों पर ढेर हो गई। मार्लोन सैमुअल्स (65) के अलावा मेहमान टीम का कोई बल्लेबाज 50 का आंकड़ा पार नहीं कर पाया। बुधवार को खेल खत्म होने तक टीम इंडिया ने बिना कोई विकेट गंवाए 37 रन बना लिए। सलामी बल्लेबाज शिखर धवन 21 और मुरली विजय 16 रन पर खेल रहे हैं। भारतीय टीम 197 रन पीछे है लेकिन उसके सभी विकेट सुरक्षित हैं।
धवन को यह साबित करना है कि वह वनडे के साथ-साथ टेस्ट में भी भारत के भरोसेमंद सलामी बल्लेबाज हैं। धवन ने अपने करियर का पहला टेस्ट इस साल मार्च में मोहाली में खेला था। उस मैच में उन्होंने 187 रनों की शानदार पारी खेली थी, लेकिन उसी टेस्ट के दौरान वह चोटिल हो गए थे। धवन ने भारत के लिए पर्दापण करते हुए सबसे तेज शतक लगाया था।
कैरेबियाई टीम के कप्तान डेरेन सैमी ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। उनकी शुरुआत अच्छी नहीं रही। भुवनेश्वर कुमार ने खतरनाक रुख अख्तियार कर रहे क्रिस गेल (18) को मुरली विजय के हाथों लपकवाकर पहली सफलता दिलाई। दूसरे सलामी बल्लेबाज कीरेन पावेल (28) भी ज्यादा देर टिक नहीं पाए और शमी की गेंद पर भुवनेश्वर कुमार को कैच थमाकर पवेलियन लौट गए। इसके बाद मार्लोन सैमुअल्स ने डेंरेन ब्रावो के साथ पारी को संभाला और लंच तक स्कोर को 100 के पार ले गए। लंच के बाद शमी ने घातक गेंदबाजी कर मेहमान टीम की रीढ़ ऐसी तोड़ी कि वह दोबारा जुड़ नहीं पाई। शमी ने क्रीज पर जम चुके मार्लोन (65) को क्लीन बोल्ड कर दिया। इसके बाद शानदार क्षेत्ररक्षण कर ब्रावो (23) को भी विकेट के पीछे मुस्तैद खड़े

धौनी के हाथों रन आउट करवा दिया।
शमी ने एक बार फिर कहर बरपाते हुए विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश रामदीन (4) की गिल्लियां उड़ा दीं। इसके बाद नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे। कप्तान डेरेन सैमी (16) प्रज्ञान ओझा की गेंद पर गैरजिम्मेदाराना शॉट लगाकर भुवनेश्वर कुमार को कैच दे बैठे। चायकाल से ठीक पहले ओवर में सचिन ने शेन शिलिंगफोर्ड (5) को पगबाधा आउट कर पवेलियन की राह दिखा दी। वीरासामी परमॉल (14) को आर अश्विन ने अपनी ही गेंद पर लपक लिया। अपना 149वां टेस्ट खेल रहे शिवनारायण चंद्रपॉल (36) ने एक छोर पर बने रहकर पारी संभालने की कोशिश की, लेकिन आखिरकार वह अश्विन की फिरकी का शिकार बन गए। अश्विन ने उन्हें बोल्ड किया। पहला टेस्ट खेलने उतरे एस कॉट्रेल को शमी ने बिना खाता खोले ही भेज दिया। टीनो बेस्ट 14 रन पर नाबाद रहे। अश्विन ने दो और भुवनेश्वर कुमार, प्रज्ञान ओझा व सचिन तेंदुलकर ने एक-एक विकेट लिया।

सचिन ने दिखाया गेंदबाजी में कमाल
सचिन तेंदुलकर ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उन्हें 'मैन विद द गोल्डन ऑर्म' क्यों कहा जाता है। इसी मैदान पर 20 साल पहले हीरो कप के सेमीफाइनल मैच के बाद उन्हें ये खिताब मिला था। पहले टेस्ट मैच के पहले दिन चाय से पहले आखिरी ओवर में कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने गेंद क्रिकेट के गोल्डन ब्वाय को थमा दी। सचिन ने भी उन्हें निराश नहीं किया और ओवर की चौथी ही गेंद पर शेन शिलिंगफोर्ड को पगबाधा आउट कर पवेलियन की राह दिखा दी। सचिन का टेस्ट क्रिकेट में यह 46वां विकेट है। उन्होंने वनडे में 154 विकेट चटकाए हैं। टी-20 में भी सचिन के नाम एक विकेट है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सचिन के नाम कुल 201 विकेट हैं। सचिन ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हीरो कप के सेमीफाइनल में शानदार गेंदबाजी कर सबसे पहले अपनी इस खूबी से दुनिया को वाकिफ कराया था। उन्होंने बेहद तनावपूर्ण परिस्थिति में सूझ-बूझ से गेंदबाजी कर अपनी टीम को जीत दिलाई थी। अंतिम ओवर में छह रन की जरूरत थी, लेकिन उन्होंने सिर्फ तीन रन ही दिए थे।

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